न्यू गर्ल Xxx कहानी में मेरे ऑफिस में एक नई लड़की आई. उससे मेरी दोस्ती हो गयी. एक दिन मैं उसको अपने दोस्त के घर ले गया, वहां उसने मेरा लंड चूसा.
सभी चूत और लौड़ों को जींद के लड़के का लंड पकड़ कर सलाम!
मैं अंतरवासना 2006 से पढ़ रहा हूँ। आज मुझे लगा कि मुझे भी अपने जीवन की सच्ची घटना आप तक पहुँचानी चाहिए।
मेरा नाम दीपक है और मैं जींद, हरियाणा से हूँ।
मेरा शरीर काफी गठीला है और मेरे औज़ार का साइज 7 इंच है।
अब मैं आपको ज्यादा बोर न करते हुए अपनी न्यू गर्ल Xxx कहानी पर आता हूँ।
मैं जींद की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूँ। ये बात 2009 की है।
मेरे सहकर्मी के पास निशा नाम की लड़की इंटरव्यू के लिए आई।
वो मुझे बड़े प्यार से देख रही थी पर मेरा दोस्त उसकी जॉइनिंग करवाने में असफल रहा।
तब उसने मुझे बोला- तुम ही निशा का इंटरव्यू करवा दो।
मैंने उसकी बात मान ली।
अगले दिन मैंने अपने दोस्त से उसका नंबर लेकर फोन किया और वो आने को तैयार हो गई।
मैं उसका इंटरव्यू ले रहा था कि तभी मेरे बॉस भी वहाँ आ गए।
मैंने अपने बॉस से उसका इंट्रोडक्शन करवाया।
बॉस ने उसे रखने की हाँ कर दी और मुझे उसकी जॉइनिंग फॉर्मेलिटीज़ करवाने की बात कही।
मैं अपने केबिन में उसके कागज़ पूरे करवा रहा था कि अचानक मुझे क्या हुआ, मैंने उससे पूछा, “तुम्हें कुछ प्रॉब्लम है, सच-सच बताओ!”
तब मेरे ज़ोर देने पर वो रोते हुए बोली, “मेरे पति मर्चेंट नेवी में थे, बहुत ज्यादा शराब पीने के कारण उन्हें वहाँ से निकाल दिया गया!”
अब वो रोने लगी।
मैंने उसे हग किया और एक किस किया, तो वो और ज्यादा ज़ोर से रोने लगी।
मैंने उसे बड़ी मुश्किल से चुप करवाया.
फिर वो चली गई।
मैंने एक वीक तक उससे कोई बात नहीं की।
एक दिन अचानक वो मुझे बोली, “आई एम सॉरी!”
मैंने बोला, “किस लिए?”
तो वो बोली, “उस दिन ना मैं तैयार थी और आपने भी जल्दी कर दी!”
मैंने पूछा- मैंने क्या जल्दी कर दी?
वो बोली- किस करने में!
मुझे लगा कि शायद मेरा काम बन गया।
मैं अगले दिन एक कस्टमर से मिलवाने के बहाने उसे अपने दोस्त के रूम पर ले गया।
वहाँ मैंने लैपटॉप पर एक पोर्न मूवी चला दी।
मैंने उसे कपड़े उतारने को कहा.
तब वो बोली, “मैं कपड़े उतार दूँगी पर सेक्स नहीं करेंगे!”
मैंने बोला, “ठीक है!”
पहले उसने अपनी शर्ट उतारी, फिर ब्रा।
मैं तो उसके बूब्स देखकर दीवाना हो गया; एकदम टाइट बूब्स थे निशा के!
फिर मैंने उसे अपनी जींस उतारने को कहा तो उसने मना किया।
ज्यादा ज़ोर देने पर वो बोली, “सर, आज मेरी डेट आई हुई है!”
मैंने बोला, “कोई बात नहीं!”
मैंने उसे बोला, “आपको सकिंग करनी आती है?”
इस पर वो बोली, “शक़ तो आज तक मैंने अपने हस्बैंड पर भी नहीं किया!”
आपको बता दूँ कि वो मैरिड है और उसके 2 बच्चे भी हैं।
फिर मैंने उसे पोर्न मूवी में दिखाया कि सकिंग कैसे करते हैं, तो वो मान गई।
मेरे 7 इंच के लंड को वो प्यार से चूमने लगी और आगे-पीछे करने लगी।
मैं उसके बूब्स दबा रहा था, उसे भी मज़ा आ रहा था।
धीरे-धीरे अब वो मेरा पूरा लंड मुँह में लेने लगी।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
काफी देर बाद मेरा डिस्चार्ज होने को था तो मैं बोला, “कहाँ निकालूँ?”
तब वो बोली, “सर, मुँह में मत छोड़ना!”
उसने मेरा माल अपनी ब्रा पर छुड़वाया।
उस दिन ज्यादा कुछ नहीं हुआ.
अपनी सहकर्मी निशा को सकिंग करवाए कई दिन गुज़र गए, मैं हमेशा इंतज़ार में रहता कि एक बार निशा मेरा लंड ले ले।
एक दिन मौका आया।
मैं उसे बाहर घूमने के बहाने एक अच्छे होटल में ले गया।
उसने मुझसे पूछा, “हम यहाँ क्यों आए हैं?”
मैंने कहा, “मेरी जानेमन! आज मुझे लंबे समय तक अपना लंड चुसाना है!”
वो मना करने लगी.
पर मेरे ज्यादा ज़ोर देने पर वो मान गई।
मैंने होटल में कमरा लिया और उसे वहाँ ले गया।
जाते ही उसने पैंट के ऊपर से मेरा लौड़ा हिलाना शुरू कर दिया।
फिर मैंने अपने कपड़े निकाले और पूरा लंड उसके हाथ में थमा दिया।
वो पूरा लंड चूस रही थी, मुझे मज़ा आ रहा था।
मैंने उससे बोला, “मुझे भी तुम्हारी चूत का रस पीना है!”
तो वो बोली, “आ जाओ मेरे राजा!”
मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया।
आज वो अपनी चूत साफ़ करके आई थी।
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।
मैं उसके दाने को चाट रहा था तो वो भी मेरा पूरा लंड मुँह में ले रही थी।
10 मिनट बाद मैंने उससे बोला, “यार, एक बार चूत दे दो ना!”
वो बोली, “नहीं!”
मैंने उसे दोबारा कहा तो वो मान गई।
मेरा लौड़ा अब उसकी चूत में जाने को तैयार था।
जैसे ही मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत से लगाया, उसने बोला, “आप क्रीम लगा लो!”
मैंने थूक लगाया और अंदर डालने लगा।
मेरे लंड का कुछ ही हिस्सा अंदर गया था कि वो रोने लगी।
मैंने पूछा, “तुम दो बच्चों की माँ हो, फिर भी तुम्हें दर्द हो रहा है?!”
इस पर वो बोली, “मेरे पति का आपसे आधा है! दूसरे ब.च्चे के जन्म के बाद मैंने टाँके लगवा लिए थे!”
मैंने धीरे-धीरे अंदर डालना शुरू किया।
थोड़ी मेहनत के बाद पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतर गया।
वो रोने लगी और बोली, “बाहर निकाल लो, बहुत दर्द हो रहा है!”
पर मैं नहीं माना।
अपने हरियाणवी स्टाइल में उसकी टाँग अपने कंधे पर रखी और ताबड़तोड़ झटके लगाने लगा!
अब वो चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी।
फिर मैंने उसे घोड़ी बना कर चोदा।
इस बीच वो 3 बार झड़ चुकी थी।
मैं तो मैदान में डटा हुआ था।
पेलम-पेल चल रही थी; लग रहा था कि आज मैं इसकी चूत का भुरता बनाऊँगा!
5 मिनट ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मेरा माल निकलने वाला था।
मैंने पूछा, “कहाँ निकालूँ?”
वो बोली, “मुझे तुम्हारा माल पीना है!”
मैं उसके मुँह में 2 मिनट तक झड़ता रहा।
उसके चेहरे से संतुष्टि साफ़ नज़र आ रही थी।
फिर हमने कपड़े पहने और चलने की तैयारी करने लगे।
वो बोली, “मैं आपसे कुछ माँगना चाहती हूँ!”
मैं बोला, “बोलो!”
वो बोली, “पहले आप प्रॉमिस करो कि मना नहीं करोगे!”
मैंने कहा, “ठीक है!”
वो बोली, “मेरी एक ननद है, जो यहाँ-वहाँ मुँह मारती फिरती है!”
तो मैं बोला, “इसमें मैं क्या कर सकता हूँ?”
तब वो बोली, “मैं चाहती हूँ कि आप उसकी सील अपने लंड से तोड़ें!”
मैं बोला, “उसको कौन मनाएगा?”
इस पर वो बोली, “ये काम मेरा है, सिर्फ आप हाँ बोलो!”
मैंने कहा, “ठीक है! अपना क्या जाता है, दो-दो चूत एक साथ मिल रही हैं!”
निशा ने अपनी ननद नीलम की चूत मेरे लंड से खुलवाने का प्लान बनाया।
मैंने हामी भर दी।
दो-तीन दिन बाद निशा ने मुझे फोन किया, “सर, आज शाम को घर आ जाओ! नीलम अकेली है, मैंने उसे तैयार कर दिया है!”
मैं शाम को उनके घर पहुँचा।
निशा ने दरवाजा खोला और मुस्कुराते हुए मुझे अंदर ले गई।
नीलम सोफे पर बैठी थी।
उम्र करीब 20 साल, गोरी, मोटी-मोटी जांघें, भारी गांड और ऊपर 34 साइज के चुच्चे!
पहली नजर में ही लंड खड़ा हो गया।
निशा ने कहा, “नीलम, ये दीपक सर हैं, जिनकी मैंने बात की थी!”
नीलम शरमाते हुए नीचे देखने लगी।
निशा ने मुझे इशारा किया और बोली, “मैं बाहर बाजार जा रही हूँ, एक घंटा लगेगा!”
जैसे ही निशा गई, मैं नीलम के पास बैठ गया।
उसका हाथ पकड़कर अपनी जांघ पर रख दिया।
वो काँप रही थी।
मैंने धीरे से पूछा, “डर रही हो?”
उसने सिर हिलाया।
मैंने उसकी ठोड़ी उठाई और बोला, “डरो मत, मजा आएगा!”
फिर मैंने उसे चूम लिया।
पहले हल्का, फिर गहरी फ्रेंच किस।
उसके मुँह में जीभ डालते ही वो गर्म हो गई।
मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल दिए।
ब्रा के अंदर से भारी-भारी बूब्स बाहर निकले।
मैंने एक चूस लिया तो नीलम के मुँह से गहरी “आह्ह!” निकल गई।
मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींचा।
पैंटी गीली हो चुकी थी।
मैंने उंगली डाली तो वो सिकुड़ गई।
“सर… पहली बार है…” वो फुसफुसाई।
“पता है! आज मैं तुम्हारी सील तोड़ूँगा!”
मैंने उसे पूरी तरह नंगी किया।
उसकी एकदम साफ और गुलाबी चूत थी।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया, उसकी टाँगें फैलाईं और चूत चाटने लगा।
नीलम पागल हो गई, “आह्ह सर… क्या कर रहे हो… उफ्फ़!”
जब वो काफी गीली हो गई तब मैंने अपना 7 इंच का लंड निकाला।
उसने मेरा लंड देखा तो उसकी आँखें फट गईं, “इतना बड़ा… नहीं जाएगा…”
“जाएगा, धीरे-धीरे!”
मैंने थूक लगाया, लंड की नोक चूत पर रखी और धीरे से दबाया।
सिर्फ सिरा ही अंदर गया कि नीलम चीख पड़ी, “आआ आह्ह्ह! दर्द हो रहा है सर!”
मैं रुका नहीं।
धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी कसी हुई चूत में उतार दिया।
उसकी बुर से खू.न की हल्की धार निकली।
मैंने उसे चूमकर चुप कराया और धीमी गति से चोदना शुरू किया।
5 मिनट बाद नीलम का दर्द मजे में बदल गया।
वो अब खुद अपनी गांड उठा-उठाकर मेरे झटकों का जवाब दे रही थी।
मैंने उसे घोड़ी बनाया।
उसकी मोटी गांड पकड़कर जोर-जोर से ठोके लगाने लगा।
कमरा “पच-पच-पच” की आवाज से भर गया।
“हाँ सर… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह!”
न्यू गर्ल Xxx करके दो बार झड़ चुकी थी।
मैंने आखिर में उसे मिशनरी में करके तेजी से चोदा और अपना पूरा माल उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
नीलम थककर लेट गई।
उसकी चूत से मेरा और उसका खू.न-वीर्य मिश्रित रस निकल रहा था।
उसके बाद हम तीनों (मैं, निशा और नीलम) कई बार साथ में मजे कर चुके हैं।
अब मेरी जिंदगी में तीन चूतें हैं – निशा, नीलम और कभी-कभी उनकी एक सहेली भी।
दोस्तो, ये थी मेरी असली कहानी।
अगर आपको न्यू गर्ल Xxx कहानी पसंद आई हो तो कमेंट में “जीन्द का लौड़ा” लिखना।
अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी ऑफिस की बॉस की बेटी को भी चोदा।
आपका जींद वाला दीपक।
बाय-बाय!
जय हरियाणा!
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