हॉट चूत चूत कहानी में मेरे भी की नई शादी के बाद उसे लन्दन जाना पड़ा. भाभी बिना लंड के परेशान हो गयी. उन्होंने मुझे खुलकर अपनी समस्या बताई.
दोस्तो, मैं राहुल चौहान (बदला हुआ नाम) हूँ।
सन् 2022 की बात है जब मेरे भाई की शादी हुई.
मैं और मेरी भाभी दोनों हमउम्र थे।
मेरी भाभी का नाम नेहा है।
वो कोई 25 साल की है।
उनका गोरा बदन गदराया हुआ, बड़ा ही मस्त है।
मैं जब देखता हूँ तो मन करता है भाभी की दूधों पर उनके शरीर पर ऐसे लिपट जाऊँ जैसे चंदन पर साँप लिपटा होता है।
सच में यार, कड़क एकदम चिकना आइटम है मेरी भाभी!
हॉट चूत चूत कहानी तब शुरू हुई जब भैया मेरे लंदन गए हुए थे कंपनी के काम में।
वो फरवरी में गए थे और तीन महीने बाद यानी मई में आने वाले थे।
तब ही मैंने देखा कि मेरी भाभी भैया के जाने के बाद कुछ अकेलापन सा महसूस करती थी।
मैंने कई बार पूछा तो कहा- क्या कहूँ, हमारी नई-नई शादी हुई है और तुम्हारे भैया तो अपने काम में मस्त हैं पर मैं क्या करूँ? मुझे भी तो कुछ चाहिए!
मैंने कहा, “कुछ क्या चाहिए आपको? बताओ मैं दे दूँगा लाकर!”
वो बोली, “तुम मुझे क्या दे सकते हो?”
मैंने कहा, “जो चाहो सो दिला सकता हूँ।”
तो वो कुछ मुस्कुरा कर कमरे में चली गई।
मैं भी उनके पीछे-पीछे गया।
मैंने कहा, “क्या हुआ भाभी? आप ऐसे अंदर क्यों आईं?”
वो बोली, “बहुत दिन हो गए हैं। अब मुझसे रहा नहीं जाता!”
मैंने कहा, “मतलब?”
वो बोली, “मुझे तुम्हारा वो चाहिए!”
भाभी ने इशारा करके कहा।
ये बात सुनते ही मेरा लंड तनफना कर खड़ा हो गया।
फिर कुछ देर हमने ड्रिंकिंग की और सिगरेट भी पी।
हमें कुछ-कुछ नशा सा हो गया था।
तो भाभी का पल्लू धीरे से नीचे गिर गया।
वो उठाने लगी तो मैंने कहा, “अब क्यों उठाती हो पल्लू?”
मेरा मन उनकी चिकनी कमर और मोटे-मोटे बोब्स देखकर मेरी नियत बिगड़ गई।
मैंने भाभी की ब्रा खोलने लगा।
तब वो बोली, “नहीं राहुल! ये क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “जो आप कह रही थीं वही!”
मैंने उनकी ब्रा खोल दी तो उनके मस्त छोटे-छोटे मम्मों को दबाने लगा।
कुछ-कुछ वो भी मस्त होने लगी।
धीरे-धीरे मैंने उनकी गर्दन से कमर तक किस किया।
मैं उनकी नाभि को किस करता जा रहा था और वो मस्त होती जा रही थीं।
वो धीरे-धीरे सिसकारियाँ भी ले रही थीं।
फिर धीरे से उनकी चूत की ओर उँगली बढ़ाने लगा।
पहले 1 फिर 2 फिर 3 उँगली डालकर चूत में आगे-पीछे करने लगा।
यह सिलसिला 20 मिनट तक चलता रहा।
फिर 20 मिनट बाद मैंने कहा, “भाभी आप जरा खड़ी हो जाओ। मुझे आपकी साड़ी उतारनी है।”
वो खड़ी हुई। मैंने साड़ी निकाली। फिर मैंने देखा भाभी की चूत-गांड ऐसे लग रही थी जैसे मखमल के बने हों। बड़ी ही प्यारी मस्त चूत अपना मुँह खोले हुए मेरे लंड का इंतजार कर रही थी।
तब ही वो बोली, “तुम्हारे कपड़े मैं उतारूँगी!”
मैंने कहा, “अच्छा!”
तो उन्होंने मेरे कपड़े उतारे।
फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी।
करीब 10 मिनट चूसने के बाद मेरा पानी निकल गया।
मैंने फिर भाभी के मम्मे दबाने शुरू कर दिए।
20 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
फिर मैंने लंड को उनकी चूत पर सेट किया और फिर धीरे-धीरे चुदाई शुरू कर दी।
उस रात मैंने 4 बार रात भर चोदा।
इस तरह मैंने उन्हें 10 दिन तक लगातार चोदा, चूत का भोसड़ा बना दिया था मैंने।
फिर होली आ गई।
तो हमने भैया से पूछा- तुम कब आ रहे हो?
वो बोले, “मैं नहीं आ पाऊँगा। तुम अपनी भाभी को लेकर उसके मायके चले जाना। फिर होली के बाद वापस भी ले आना।”
तब हम लोग भाभी के मायके चले गए।
होली वाले दिन मैं भाभी को उनकी बहन जिसका नाम राधिका है, रंग लगा-लगा कर मजे ले रहे थे।
फिर शाम 5 बजे हम लोग नहा-धो कर तैयार हो गए।
राधिका ने भाभी से कहा, “दीदी मुझे बाजार जाना है तो क्या मैं तुम्हारे देवर राहुल के साथ चली जाऊँ?”
उन्होंने कहा, “चली जाओ!”
फिर मैं और राधिका बाजार निकल गए।
वहाँ से राधिका ने खरीदारी की।
फिर 8 बजे घर वापस आ गए।
रास्ते में मेरा और राधिका का प्लान चुदाई का बन गया था।
शाम को हमारे घर वाले रिश्तेदारों में मिलने चले गए।
वो लोग 12 बजे पहले नहीं आने वाले थे।
हमने इसी बात का फायदा उठाया।
फिर हम लोग एक कमरे में आ गए।
पहले राधिका ने मेरे कपड़े उतारे और लंड चूसने लगी।
तब ही अचानक से पता नहीं मेरी भाभी कहाँ से आ गई।
उन्होंने हमें देख लिया।
पहले तो वो हमें घूरती रहीं, फिर बोली, “ये सब क्या चल रहा है राहुल? तुम इसी लिए यहाँ मेरे साथ आए थे? मेरी बहन को चोदने के लिए?”
ये बात सुनकर राधिका तो अपनी बहन से नजरें भी मिला पा रही थी।
भाभी बोली, “राधिका, मैं जानती हूँ अब तुम भी बड़ी हो गई हो और अब तुम्हें भी लंड चाहिए। न कोई बात नहीं। राहुल राधिका के कपड़े उतारो!”
ये बात सुनकर मैं तो दंग रह गया और उनका मुँह देखने लगा।
भाभी बोली, “अबे साले ज्यादा टाइम नहीं है हमारे पास!”
तब ही मैंने फट से राधिका के कपड़े उतारे और चूत चाटने लगा।
राधिका सिसकारियाँ ले रही थी।
तो मेरी भाभी नेहा अपनी बहन की सिसकारियाँ सुनकर रह नहीं गई।
वो भी अपनी साड़ी उतार दी और मेरे लंड को राधिका से लेकर चूसने लगी।
मैंने 1-1 बार दोनों के मुँह में अपना पानी छोड़ा।
फिर चुदाई का मामला शुरू हो गया।
मैंने दोनों बहनों को घोड़ी बनाकर खूब चोदा।
12 बजे हम लोग चुदाई बंद करके खाना खा कर सोने चले गए और 1 बजे सो गए।
मेरी हॉट चूत चूत कहानी अच्छी लगी होगी.
लाइक जरूर करना.
ओके बाय दोस्तो।
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