हॉट पुसी फक स्टोरी में मेरी बहन बहुत चालू माल है. उनके घर एक किरायेदार रहता था. दीदी ने लुंगी में उसके बड़े लंड का अंदाजा लगा लिया और उसे पटाने लगी.
जीजी के घर में एक और किराएदार था जिसका नाम नवीन था।
वह आंध्र प्रदेश से आया हुआ एक कुंवारा लड़का था।
उसकी लंबाई 5 फीट 8 इंच थी।
उसका शरीर सुडौल था।
वह सांवला और सुंदर था।
जीजी अक्सर उसे घूरा करती थी तो उसे जीजी की सेक्स की चाहत का पता चल गया था और वह भी जीजी को चोदना चाहता था।
यह हॉट पुसी फक स्टोरी तब शुरू हुई जब गर्मियों के दिन थे और एक दिन दोपहर में जीजी नल पर पानी भर रही थी।
पूरे घर में कोई नहीं था।
नवीन ने यह देखा और पानी भरने का नाटक करते हुए अपनी बाल्टी लेकर नल के पास आया।
वह जीजी को देखकर वह मुस्कुराया और नमस्ते किया।
उसने सिर्फ लुंगी और बनियान पहना हुआ था।
उसने अंडरवियर नहीं पहना था इसलिए उसके लंड की रूपरेखा दिखाई दे रही थी।
उसकी छाती और बगल पर घने बाल थे।
वह जीजी की चूचियों और उसकी गहरी नाभि और टाइट चूतड़ों को देख रहा था।
जीजी उसकी लुंगी में उसके लंड को देख रही थी और दिल ही दिल में उस लंड को अपनी चूत में लेने का प्लान बना रही थी।
जीजी नवीन की लुंगी में तने हुए लंड को देखकर मुस्कुराई।
नवीन को देखते हुए धीरे से साड़ी के ऊपर से अपनी चूत को दबाया।
नवीन यह देखकर अपने होठों को चूमे जैसे गोल किया और जीजी की तरफ देखा, आँख मारी अपने लंड को लुंगी के ऊपर से मसलने लगा जीजी को दिखाते हुए।
जीजी शर्मा कर मुस्कुरा दी जैसे वो 30 साल की औरत नहीं बल्कि 18 साल की अनचूदी जवान लड़की हो।
जवाब में जीजी ने भी आंख मारी और शर्मा कर इधर उधर देखने लगी कि कोई देख तो नहीं रहा।
जीजी बोली, “क्या हुआ? तुम्हारी लुंगी में क्यों खुजा रहे हो?”
नवीन बोला, “लगता है किसी कीड़े ने काटा है!”
जीजी बोली, “बहुत काटा है या उसे कहीं जाना है किसी के अंदर!”
कहकर हंस दी और फिर बोली, “तुम बहुत बदमाश हो!”
नवीन बोला, “अंदर चलो बताता हूं!”
और फिर एक बार अपने लंड को रगड़ा जो अब पूरा तन गया था।
जब जीजी की बाल्टी भर गई तो वह उसे उसके कमरे में ले जाकर उसकी मदद करना चाहता था।
इसलिए उसने अपना हाथ बाल्टी पर रख दिया जिसे जीजी पकड़ रही थी।
उसका हाथ जीजी के हाथ पर था।
उसने धीरे से दबाया और कहा, “मैं इसे आपके कमरे में ले चलता हूं। इस तरह मैं तुमसे अकेले में बात कर सकता हूं।”
जीजी बोली, “कोई देख लेगा हमें!”
नवीन बोला, “यहां कोई नहीं है! अंदर चलो!”
नवीन ने बाल्टी उठाई और जीजी के पीछे उनके कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।
जीजी मुस्कुराते हुए बोली, “दरवाजा क्यों बंद किया?”
नवीन बोला, “मैं जो बोलने वाला हूं और करने वाला हूं उसके लिए दरवाजा बंद होना जरूरी है!”
जब जीजी को पता चल गया कि नवीन उसको चोदने वाला है।
जब नवीन ने जीजी के हाथ को छुआ तो जीजी की चूत पानी छोड़ने लगी, उसकी सांस तेज हो गई, धड़कन बढ़ गई।
जीजी को महसूस हुआ और नवीन का लंड सख्त हो गया जो उसकी लुंगी के अंदर उसके लंड ने तंबू बना लिया था जो दिखाई दे रहा था।
उसने अंडरवियर नहीं पहना था।
जीजी ने तीन महीने से चूत नहीं मरवाई थी, उसको लंड की भूख लगी थी।
उसने बाल्टी नीचे रख दी और उसे देखते हुए पूछा, “तुम मुझसे अकेले में क्या बात करना चाहते हो और क्या करना चाहते हो?”
नवीन का सांप जैसा काला 8 इंच लंबा 3 इंच मोटा लंड फनफना रहा था।
नवीन ने कहा, “तुम्हारा पति बेवकूफ है, चूतिया है! जो इतनी खूबसूरत, जवान, सेक्सी औरत है उसे चोदना छोड़कर एक बूढ़ी औरत जिसकी चूत भोसड़ा बन गई को चोद रहा है! अगर तुम मेरी बीवी होती तो मैं तुम्हें हर रोज 10 बार चोदता!”
नवीन ने अचानक जीजी का कंधा पकड़ लिया और खींचकर अपने सीने से लगा लिया जिससे जीजी की चूचियां नवीन के सीने से चिपक गईं।
जीजी की नंगी पीठ पर हाथ रखकर उसने चूतड़ को अपने लंड पर दबा दिया और कहा, “मैं तुझसे प्यार करता हूं और तुझको चाहता हूं और तेरी चूत को चोदना चाहता हूं! तेरी हर जरूरत पूरी कर सकता हूं! मैं तुम्हें कब से चोदना चाह रहा हूं! जब भी तुझे देखता हूं मेरा लंड तन जाता है! मैंने कई बार तुम्हें सोचकर, याद करके कि मैं तेरी चूचियां दबा रहा हूं, होंठ चूस रहा हूं और तुझे चोद रहा हूं सोचकर तुम्हारे नाम की मुठ मारकर मेरा माल गिराया! अभी भी देख! तुझे देखते ही मेरा लौड़ा कैसे तन गया है!”
इतना कहकर नवीन ने अपनी लुंगी सामने से हटाकर अपना विकराल लंड बाहर निकाला।
वो 8 इंच लंबा था.
उसने कहा, “ये देखो! तुम्हारे पास रहने से ही मेरा लंड सख्त हो गया है और तुझे चाहता है!”
जीजी जीजा से बड़ा और लंबा लंड देखकर रोमांचित हो गई और नवीन के लंड को अपनी चूत में लेने के लिए बेचैन हो गई।
जीजी बोली, “मैं भी तुम्हें जब भी देखती थी मुझे तुमसे चुदवाने का बहुत मन करता है! मैं तुम्हारा लंड अपनी चूत में लेने के लिए तड़पती हूं! लेकिन एक औरत होने के नाते मैं पहली बार ऐसा नहीं कर सकती थी! आज जब तुमने अपने दिल की बात खोलकर कहा तो मुझे बहुत खुशी हुई!”
जीजी ने नवीन का मोटा लंड अपने हाथ में लिया और कहा, “क्या भारी लंड है तेरा! मुझे तेरा लौड़ा बहुत पसंद आया! मैं इसे अपनी चूत में लेना चाहती हूं! बोल चोदेगा मुझे? मुझे तेरा लंड रोज चाहिए! लेकिन इस बात का हमारे चुदाई के बारे में किसी को पता नहीं चलना चाहिए!”
जीजी ने कहा, “क्या तू जब मैं कहूं मुझे मेरे दिल भरके चोदेगा! अपना लंड चुसवाएगा!”
नवीन बोला, “हां मेरी रंडी! मैं तुझे तू जब कहेगी तब तेरी चूत फटने तक चोदूंगा! अपना लंड चूसूंगा और लंड की मलाई खिलाऊंगा!”
इतना कहकर जीजी ने नवीन की लुंगी निकाल दी और लंड को पकड़ लिया।
उसने नवीन की बनियान हटा दी और उसके बालों वाले भाग छाती को गले लग गई।
उसने अपना सिर उसकी छाती पर रखा और अपनी उंगलियां उसकी छाती के घने बालों और बगल में घुमाना शुरू कर दिया, छाती निप्पल्स को चूमने चूसने लगी।
उसने नवीन की छाती, बगल, पेट से लेकर लुंगी तक रगड़ना शुरू कर दिया।
वह चूमने और चूसने शुरू कर दिया।
उसने उसके निप्पलों को चूसना और उन्हें काटना शुरू कर दिया।
नवीन ने जीजी का चेहरा उठाया और उसके मुंह पर एक गहरा चुम्बन दिया, अपनी जीभ जीजी के मुंह में डालकर किस करने लगा।
फिर जीजी के बालों में उंगली फिरते हुए बोला, “मेरी रानी! आज से तू मेरी बीवी है! आज के बाद तू तेरे पति को तुझे चोदने मत देना! मैं आज से तेरा मर्द हूं और सिर्फ तुझे चोदूंगा! मैं तुझे चोद चोदकर तेरी सारी गर्मी निकाल दूंगा! और तू जब भी कहेगी तुझे पटक के चोद डालूंगा! तेरी चूत पियूंगा और अपना लंड चुसवाऊँगा! मेरी जान! मैं तुझे पीरियड्स में भी चोदूंगा! और अपने लंड को तेरे खू.न से रंग लूंगा! मैं हर तरह से तुझे साथ दूंगा! मैं तुझे प्यार दूंगा और तेरी चूत चूसकर तुम्हारी यौन जरूरतों को पूरी तरह से संतुष्ट करूंगा! और जब तक तू चाहोगी तब तक तुझे रोजाना चोदूंगा!”
नवीन ने उसका सिर अपनी छाती पर रखा और कहा, “डार्लिंग, मेरे निप्पलों को काटो!”
जीजी ने उसके निप्पलों को काटना शुरू कर दिया और फिर उसके बालों वाले बगल को सूंघा और उन्हें चाटा।
वे पसीने के कारण नमकीन थे और उनमें से सेक्स की गंध आ रही थी।
उसने उन्हें लंबे समय तक चाटा।
नवीन ने जीजी की चूत को उसकी साड़ी के ऊपर से रगड़ना शुरू कर दिया और उसे अपने हाथ में पकड़कर जोर से चुटकी काट ली।
इससे जीजी खुशी से पागल हो गई और वह तुरंत नवीन का लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी।
वह उसके लंड से खेलने लगी और अपनी उंगली उसकी चूतड़ों और उसकी गांड में अपनी उंगली धकेल दी, रगड़ते हुए उसकी गांड के छेद को छूने लगी।
जीजी ने उससे कहा, “तू कितना हैंडसम हो! जवान हो! तुम्हारा शरीर कितना हार्ड है और तुम्हारा लंड कितना शानदार और बड़ा है! तेरे बदन की सेक्सी खुशबू मुझे दीवाना बना रही है! तेरे पसीने की महक और नमकीन स्वाद मुझे मदहोश बना दे! मेरी जान मेरी प्यास बुझा दे राजा! मुझे मां बना दे! चोद मुझे! खूब चोद और मुझे खूब रोज चोद! मुझे अपनी रखैल बना ले! रंडी बना दे! चोद मेरी जान! मेरी चूत का भोसड़ा बना दे! खूब चोद!”
उसने उसे रगड़ना शुरू कर दिया और नवीन का लंड उसके हाथों के नीचे बड़ा और सख्त हो गया।
अब नवीन ने जीजी की साड़ी और ब्लाउज पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया।
नवीन ने ब्रा हटा दी और चूत के सामने पैंटी फाड़ दी जिससे जीजी की गीली टपकती झांटों वाली चूत उजागर हो गई।
अब नवीन जीजी की नंगी चूत को छेड़ रहा था और उनकी झांटों के ऊपर से उनकी चूत में उंगली से चुदाई कर रहा था और उसकी चूचियों से खेलने और उसकी चूचियों को चूसने लगा।
जीजी ने काफी समय से अपनी चूत और बगल को शेव नहीं किया था इसलिए उसकी चूत और बगल पर घने बाल उग आए थे।
उसने उसकी बगल को सूंघा और उन्हें चाटा।
जीजी पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और नवीन का लंड को अपनी चूत में डालना चाहती थी।
दोनों पूरी तरह से नंगे थे और एक दूसरे के शरीर को चूम रहे थे।
नवीन जीजी की चूचियां, उसकी नाभि, उसके बगल और उसकी जांघों को चूम रहा था।
जीजी नवीन के निप्पलों, उसकी नाभि, उसकी बालों वाली जांघों और घने बगल को चूस रही थी।
अब जीजी इंतजार नहीं कर सकती थी।
वह 3 महीने से नहीं चुदी थी इसलिए उसने कहा, “नवीन प्रिय! पहले मेरी चूत चोदो! फिर मैं जो भी तुम बताओ मैं क्या करूंगी! मैं तुम्हारा लंड चूसूंगी, पेलूंगी और तुम्हारी गांड चाटूंगी! लेकिन पहले मुझे चोदो और मेरी चूत को अपने गाढ़े मलाईदार वीर्य से भर दो!”
नवीन जीजी से अलग होकर बोला, “जानू मुझे पेशाब आ रहा है!”
जीजी बोली, “अब तू नंगा है बाहर कैसे जाएगा! यहीं मेरे मुंह में पेशाब कर दे! मैं तेरा पेशाब पी लूंगी दे!”
इतना कहकर जीजी नवीन के आगे बैठ गई और उसका लंड पकड़कर बोली, “अब कर पेशाब मेरे मुंह में!”
नवीन ने अपना लंड जीजी के मुंह के पास लाकर पेशाब करने लगा।
पेशाब की तेज गरम धार जीजी के मुंह में गिरने लगी जिसे जीजी गटागट पीने लगी।
नवीन का पेशाब जीजी के चेहरे पर, चूचियों पर, पेट से होते हुए चूत पर बह रहा था।
जीजी नवीन के पेशाब में भीग गई।
जब नवीन का पेशाब रुका और कुछ बूंद टपक रही थी तो जीजी ने लंड को मुंह में लेकर अच्छी तरह निचोड़कर साफ कर दिया।
“डार्लिंग पहले मुझे चोदो!”
नवीन ने कहा, “मैं तुम्हें चोदूंगा लेकिन पहले कुछ मिनट के लिए मेरा लंड चूसो!”
जीजी ने कहा, “मैं वो सब करूंगी जो तुम चाहते हो! लेकिन प्लीज मेरे साथ चोदो!”
नवीन ने कहा, “डार्लिंग मैं तुम्हें आधे घंटे तक चोदूंगा! लेकिन पहले तुम मेरे लंड को अपने थूक से गीला करो! फिर यह आसानी से तुम्हारी चूत में प्रवेश करेगा!”
जीजी ने कहा, “मेरी चूत पहले से ही गीली है! तुम्हें बस अपना लंड अंदर धकेलना है और यह आसानी से प्रवेश करेगा!”
लेकिन नवीन इस बात पर अड़ा था कि जीजी पहले उसका लंड चूसे।
जीजी ने कहा, “ठीक है मेरे प्यार! अपना लंड मुझे दो! मैं इसे चूसूंगी!”
वह उसकी जांघों के बीच घुटनों के बल बैठ गई और उसका लंड चूसने लगी और ढेर सारा थूक लगा कर उसे नवीन का लंड चूसना अच्छा लग रहा था।
5 मिनट के बाद नवीन ने अपना लंड जीजी के मुंह से बाहर निकाला और कहा, “ठीक है डार्लिंग! बिस्तर पर लेट जाओ और अपनी जांघें फैलाओ! और मेरा लंड अपनी खूबसूरत चूत में ले लो!”
फिर नवीन जीजी की जांघों के बीच में आ गया और अपना लंड उसकी चूत के होंठों पर रगड़ने लगा।
जीजी परेशान हो गई।
उसने कहा, “मुझे मत छेड़ो! अपना लंड मेरी चूत में डालो और अब मुझे चोदो!”
नवीन ने जीजी के ऊपर आकर चूचियों को चूमा और जीजी के दोनों टांगें उठाकर जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया।
नवीन ने जीजी के दोनों पैर पकड़ रखे थे और अपनी कमर के झटके देते हुए जीजी की चूत चोद रहा था।
उसका लंड अंदर बाहर चूत को रगड़ते हुए चोद रहा था।
जीजी अपनी गांड उठाकर नवीन के लंड को अपनी चूत में ले रही थी।
दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे।
फिर नवीन ने जीजी से कहा, “जान तुम अपने पैर उठाकर रखो! मुझे तुम्हारी चूचियां चूसना हैं!”
जीजी नवीन को अपनी प्यारी सी चूचियां चूसवाने लगी।
नवीन ने अपना लंड जीजी की चूत से खींचकर निकाल लिया।
जीजी सरप्राइज हुई कि इसने क्यों अपना लंड बाहर निकाल लिया।
नवीन से पूछने पर उसने बताया, “मैं तुझे दूसरे पोजीशन में चोदना चाहता हूं!”
जीजी ने पूछा, “कौन सी?”
तो नवीन बोला, “कुतिया और कुत्ते की पोजीशन!”
जीजी समझ गई।
वो बोली, “तू मुझे कुतिया बनाएगा!”
इतना कहकर वो पलंग से उतरी और पलंग के किनारे झुककर कुतिया का पोज बनाकर खड़ी हो गई।
उसने उसकी कमर पकड़ ली और अपना लंड जीजी की चूत में धकेल दिया और उसे ऐसे चोदना शुरू कर दिया जैसे कि वह जीजी को गांड मार रहा हो।
जीजी भी इस पोजीशन का आनंद ले रही थी और उसने नवीन की चूतड़ों को दोनों हाथ पकड़ रखा था ताकि वह उसकी चूत में गहराई तक प्रवेश कर सके।
नवीन का लंड अब जीजी की बचदानी को छू रहा था और उसे ठोकर मार रहा था।
जीजी सातवें आसमान पर थी।
उसके सारे शरीर में एक मस्ती की लहर उठ रही थी।
जब भी नवीन का तगड़ा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ उसकी बचदानी को लगता था।
जीजी अपनी चूत को अंदर से भींचकर नवीन के लंड को पकड़ रही थी।
नवीन की रफ्तार तेज होती गई।
वह जोर-जोर से धक्के दे रहा था।
जीजी चीख रही थी, “आह! नवीन! और जोर से! फाड़ दो मेरी चूत! हां! ऐसे ही! तेरे लौड़े ने मेरी चूत को स्वर्ग बना दिया!”
नवीन ने जीजी के बाल पकड़कर खींचे और तेज तेज हॉट पुसी फक करने लगा।
कुछ देर बाद नवीन ने कहा, “मैं आने वाला हूं!”
जीजी बोली, “अंदर ही डाल दो! मेरी चूत भर दो अपने गाढ़े वीर्य से!”
नवीन ने जोर का आखिरी झटका मारा और जीजी की चूत के अंदर अपना गर्म वीर्य उछाल दिया।
दोनों एक साथ चरम पर पहुंच गए।
थोड़ी देर आराम करने के बाद नवीन फिर से तैयार हो गया।
उसने जीजी को चारों तरफ से चोदा – मिशनरी, कुतिया, घोड़ी, और स्टैंडिंग पोजीशन में भी।
जीजी ने भी नवीन का लंड खूब चूसा, उसके अंडकोष चाटे, और गांड भी चाटी।
दोपहर भर दोनों एक-दूसरे को चोदते रहे।
नवीन ने जीजी को तीन बार वीर्य दिया।
शाम होने तक दोनों थककर चूर हो गए लेकिन संतुष्ट थे।
नवीन ने जीजी को चूमते हुए कहा, “अब से रोज यही होगा मेरी रानी! तू मेरी है!”
जीजी मुस्कुराई और बोली, “हां मेरे राजा! तू मेरा मर्द है! जब चाहे चोद लेना!”
और इस तरह उनका गुप्त यौन संबंध शुरू हो गया।
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