आंटी Xxx कहानी में मेरे घर के सामने एक आंटी को मैं चची बोलता था. मस्त माल थी वो. मैं उनको देखता था. उनको भी पता था. मैंने उनको कैसे सेट करके चोदा?
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम विक्की है।
मैं मुंबई का रहने वाला हूँ।
आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी सुना रहा हूँ।
मेरी हाइट 5’6 इंच है, मेरा रंग गोरा है और मेरे औजार का साइज 6 इंच है।
अब आंटी Xxx कहानी पर आते हैं।
मेरे घर के सामने एक परिवार रहता है।
अंकल को मैं ‘चाचा’ बोलता हूँ और उनकी वाइफ का नाम शालिनी है।
उनके दो बच्चे हैं, दोनों लड़कियाँ हैं।
मुझे शालिनी चाची बहुत पसंद थीं।
उनका फिगर इतना मस्त है कि जब भी उन्हें देखता था, तो मेरा खड़ा हो जाता था।
चाची अक्सर मेरे घर आती थीं अपनी मम्मी से मिलने।
मैं बस उन्हें देखता रहता था और कुछ नहीं करता था।
यह बात उन्हें पता चल चुकी थी।
ऐसे ही दिन बीत रहे थे, पर हो कुछ नहीं रहा था।
एक दिन हुआ यूँ कि चाची को स्कूटी चलाना सीखना था।
उन्होंने मुझसे पूछा और मैंने खुशी-खुशी हाँ बोल दिया।
वे मेरा नंबर लेकर गईं।
फिर सुबह 5 बजे उन्होंने फोन किया और मैं उन्हें सिखाने निकल गया।
जब उन्हें देखा, तो देखता ही रह गया।
जब सिखाना शुरू किया, तो वह मुझसे एकदम चिपकी हुई थीं।
मैं उनके बदन की खुशबू ले रहा था।
सिखाने के दौरान मैं किसी न किसी बहाने से उन्हें छू लेता था।
उन्हें ऑफिस जाना होता था इसलिए हम जल्दी वापस आ गए।
आने के बाद मैं बस उनके बारे में ही सोच रहा था।
मेरा एकदम टाइट हो गया था इसलिए उनका नाम लेकर मैंने मुठ मारी।
मैं आराम ही कर रहा था कि उनका मैसेज आया- हाय!
मैंने उनसे बात करना शुरू किया।
पहले मुझे डर लग रहा था.
फिर उन्होंने पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?
तब मेरा डर थोड़ा कम हुआ।
“मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है!” मैंने कहा।
“क्यों?” उन्होंने पूछा।
“कोई पसंद ही नहीं है। और जो पसंद है, वह बन नहीं सकती!” मैंने जवाब दिया।
“कौन है वह?” उन्होंने फिर पूछा।
मैंने हिम्मत करके बोल दिया, “आप हो!”
“मैं क्यों? मैं तो शादीशुदा हूँ और यह सब करना गलत है। कोई और देख लो!” वह बोलीं।
“नहीं, मुझे कोई और नहीं देखनी है!” मैंने कहा और उनकी तारीफ करना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ती गईं।
फिर उन्होंने ‘बाय’ बोला।
हमने सारी रात बात की, मैं आपको बोर नहीं करना चाहता।
अगली सुबह मैं फिर स्कूटी सिखाने गया।
अब अहसास अलग था, जैसे वह खुद भी कुछ चाह रही हों।
वह मुझसे एकदम चिपकी हुई थीं और उनकी मोटी गांड मेरे लंड से टच हो रही थी।
ऐसे ही 3 दिन निकल गए।
एक रात हम बात कर रहे थे.
तो मैंने पूछा, “चाचा सो गए हैं क्या?”
“हाँ, वे जल्दी सो जाते हैं!” उन्होंने कहा।
“क्या आदमी है! इतनी खूबसूरत वाइफ हो तो कौन सोता है?” मैंने चुटकी ली।
“मतलब?” उन्होंने पूछा।
“मतलब यह कि बिना कुछ करे कौन सो सकता है!” मैंने साफ-साफ कहा।
“क्या किए बिना?” वह जानबूझकर अनजान बनीं।
“आप ऐसे बोल रही हो जैसे समझ ही नहीं रही हो। सेक्स किए बिना कौन सोएगा!” मैंने बोल दिया।
“अब उतना हॉट नहीं रहा, जब से दोनों लड़कियाँ हुई हैं!” उन्होंने बताया।
“आपका मन नहीं करता है?” मैंने पूछा।
“करता है! पर क्या ही करें?” उन्होंने आह भरी।
“आपका मन नहीं करता है?” उन्होंने मुझसे पूछा।
“करता है! इसलिए हिला लेता हूँ!” मैंने हँसने वाला इमोजी भेजा।
“शादी कर लो!” वह बोलीं।
“आपसे हो चुकी है, अब किससे करूँ?” मैंने जवाब दिया।
बातें बढ़ती रहीं और मैंने उन्हें प्रपोज कर दिया।
उन्होंने कुछ नहीं बोला और ‘गुड नाईट’ बोलकर सो गईं।
अगली सुबह जब हम मिले तो मुझे डर लग रहा था.
पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
वह खुद मस्ती करने लगीं।
मस्ती-मस्ती में हम करीब आ गए।
हमने एक जगह गाड़ी रोकी।
मेरी हिम्मत बढ़ी, मैंने उनका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींचा और उनके लिप्स पे किस करने लगा!
पहले तो उन्होंने थोड़े नखरे किए, पर बाद में वह भी साथ देने लगीं।
तकरीबन 10 मिनट हुए थे कि बाइक की आवाज ने हमें दूर कर दिया।
हम घर के लिए निकले.
पर आज वह एकदम चिपक कर बैठी थीं।
जाते समय वह शाम को मिलने का बोलकर गईं।
मैं बहुत खुश था।
शाम को हम एक गार्डन में जाकर बैठ गए।
“विक्की, प्लीज किसी से कुछ मत बोलना!” उन्होंने मुझसे कहा।
“मैंने किसी से कुछ नहीं बोला है और न बोलूँगा!” इतना कहते ही मैंने उनके लिप्स को चूमना शुरू कर दिया।
वह भी मेरा साथ देने लगीं।
मेरे हाथ उनके बूब्स पर गए।
मैं उन्हें जोर-जोर से दबाने लगा।
ब्लाउज के ऊपर से ही सब करने लगा।
मैं उनके पेट को चूमने लगा।
जब मैंने उनकी साड़ी ऊपर करनी चाही, तो उन्होंने रोक दिया।
“नहीं! कोई देख लेगा!” वह बोलीं।
मैंने उनकी बात मान ली।
अगली सुबह फिर हमने वही सब किया—किस करना, बूब्स दबाना और गांड सहलाना, पर सेक्स का मौका नहीं मिल पा रहा था।
रात को वीडियो कॉल किया, चाची भी पूरे मूड में थीं।
मैंने जिद करके उनके बूब्स देखे और अपना लंड दिखाया।
वीडियो कॉल पर ही मैं हिलाने लगा और उन्होंने चड्डी के अंदर हाथ डालकर उंगली करना शुरू कर दिया।
मेरी रिक्वेस्ट पर उन्होंने अपनी चूत भी दिखाई।
अगली सुबह जब हम मिले तो मैंने उनकी चूत में उंगली कर दी।
उन्होंने भी मेरा लंड पकड़ लिया और आगे-पीछे करने लगीं।
मैंने उंगली तेज की और उनका पानी गिर गया।
मैंने उंगली अपने मुँह में डालकर चूसना शुरू किया, तो वह हँसने लगीं।
दोपहर 3 बजे उन्होंने कॉल किया, “तुम और मैं शनिवार और रविवार को नासिक जाएंगे। तुम भी छुट्टी ले लो!”
मैं बहुत खुश हो गया।
सुबह 5 बजे हम कार से निकल गए।
उनके साथ में उनकी 5 साल की छोटी बेटी भी थी।
जैसे ही ठाणे पार हुआ, उनकी बेटी सो गई और मैंने अपनी हरकतें चालू कर दीं; कभी उनकी चूची दबाना, तो कभी जांघ चूमना।
मैंने उनकी साड़ी ऊपर करके चूत में उंगली करना शुरू कर दिया, अपना पैंट खोलकर लंड उनके हाथ में दे दिया।
कार चलाते वक्त ही मैंने उन्हें मुँह में लेने के लिए बोला।
जैसे वे इसी का इंतजार कर रही थीं!
उन्होंने तुरंत मुँह में ले लिया और चूसने लगीं।
मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था।
मैंने कसारा घाट से पहले कार साइड में लगाई और सीट पीछे करके उन्हें चूमने लगा।
उन्होंने मुझे दूर किया और मेरा लंड चूसने लगीं।
मेरा पानी गिर गया और वे पूरा पानी पी गईं!
हम नासिक न जाकर इगतपुरी गए।
हमने 2 दिन के लिए एक रूम रेंट पर लिया।
थोड़ा घूमने के बाद जब बेटी सो गई तो मैंने उन्हें पकड़कर किस करना शुरू किया।
कभी लिप्स पे, तो कभी गर्दन पे।
मैं उनकी साड़ी उतारने लगा।
ब्लाउज निकाला और उनकी लाल रंग की ब्रा फाड़ दी!
मैं उनके बूब्स चूसने लगा, फिर पेट और फिर साड़ी-साया हटाकर उनकी चूत चाटने लगा।
वह मेरा मुँह अपनी चूत पर दबाने लगीं।
मैंने तब तक चाटा जब तक उनका पानी नहीं गिर गया।
पानी गिरने के बाद मैंने उसे पी लिया।
फिर मैंने खुद के कपड़े उतारे।
वे मेरा लंड मुँह में लेकर चाटने लगीं।
5 मिनट बाद मैंने उन्हें दूर किया और उनकी चूत पर लंड लगाकर अंदर घुसा दिया!
“आह्ह्ह! मेरी चूत फट गई.” वह जोर से चिल्लाईं।
हमारी चुदाई शुरू हो गई।
चाची बोल रही थीं, “आह… ई… आ… तूने मेरी चूत चोद दी विक्की, बहुत दिन से प्यासी हूँ! चोद और जोर से! आह विक्की, फाड़ डाल चूत को!”
मैंने पोजीशन चेंज की और उन्हें घोड़ी बनाकर पीछे से चोदने लगा।
मैंने कहा, “चाची, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो। मेरा सपना था आपको चोदना!”
“हाँ विक्की, चोदो मुझे! जब मन करे तब लेना मेरी! आह… हाँ!”
उनका दो बार पानी गिर गया।
कुछ समय बाद मेरा भी पानी उनकी चूत के अंदर गिर गया।
हम वहां 2 दिन थे और उन 2 दिनों में मैंने उन्हें 7 से 8 बार चोद लिया।
दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है।
अगर कोई गलती हुई हो तो क्षमा करना।
अगर आप आगे भी जानना चाहते हैं कि हम कैसे चुदाई करते थे, आंटी की गांड मैंने कब और कैसे मारी, तो आप मुझे मेल कर सकते हैं।
आंटी Xxx कहानी पर अपने विचार मुझे बताएं.
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