वर्जिन गर्ल सेक्स डिजायर स्टोरी में मैंने घर के सामने रहने वाली लड़की को अपना लंड दिखाकर उत्तेजित किया और उसकी चूत चटाई करके उसे संतुष्ट किया … फिर बाद में उसे दबाकर चोदा भी.
फ्रेंड्स, मेरी प्यारी भाभियों और सुंदरियों को मेरा बहुत सारा प्यार.
मेरा नाम यशवंत चौहान है और मैं जोधपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ.
मैं 28 साल का बहुत ही सिम्पल और शालीन स्वभाव का लड़का हूँ.
मैं दिखने में काफी स्मार्ट हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच की है.
प्यारी प्यारी पाठिकाओं की जानकारी के लिए लिखना जरूरी है कि मेरी तीसरी टांग यानि लंड की लंबाई नॉर्मल ही है और ये 6 इंच का है.
मेरे घर में मुझे मिला कर मेरी माँ और दो बहनें हैं.
बहनों की शादी कुछ महीने पहले ही हो गई है.
मेरे पापा अपने काम से ज़्यादातर बाहर ही रहते हैं.
घर में ज्यादातर समय हम दो ही लोग रहते हैं.
मैं यहां अपने सच्चे अनुभव को साझा करने आया हूँ.
ये वर्जिन गर्ल सेक्स डिजायर स्टोरी मेरे घर के सामने रहने वाली एक बहुत ही सुंदर ओर हुस्न की मालकिन अंकिता (बदला हुआ नाम) की है.
अंकिता एक 23 साल की मदमस्त लौंडिया है, हाईट 5 फुट 5 इंच की है.
उसका रंग हल्का सांवला सा है पर शरीर की बनावट उसने बड़ी ही मस्त मेंटन की हुई है.
उसे देख कर हर उम्र के मर्द उसको देखते ही रह जाते हैं.
कुल मिला कर वह किसी को भी पहली नज़र में अपना दीवाना बना देती है और मर्दों के दिमाग में चुदाई के ख्याल पैदा कर देती है.
मैं जब भी उसको देखता हूँ, तो उसे बस अपना बना कर … खूब प्यार करने का और पूरे दिन चोदते रहने का मन करता है.
पर पहले जैसे आपको मैंने बताया कि मैं शालीन स्वभाव का लड़का हूँ तो मुझे उसे अपने प्यार का इजहार करने में डर लगता है.
अपने इसी फ़ट्टूपने के चक्कर में बस उसके बारे में सोच कर मुठ मार कर रह जाता हूँ.
पर ये अब बहुत ही जल्द खत्म होने वाला था क्योंकि मुझे एक आशा की किरण दिख गई थी.
हुआ यूं था कि हमेशा की तरह मैं ऑफिस से आ जाने के बाद अपने घर की छत पर खड़ा था.
मैं उसी के घर के सामने उसकी एक झलक पाने के लिए देख रहा था कि तभी वह और उसके पापा मेरे घर की तरफ आते दिखाई दिए.
उस दिन उसने ब्लैक जींस और ग्रीन टी-शर्ट पहनी हुई थी जिसमें वह कयामत ढहा रही थी और उसके बूब्स गजब उभार मार रहे थे.
उसकी चुस्त टी-शर्ट से उसके दूध मानो बाहर आने को हो रहे थे.
मैं तो उसे देखता ही रह गया और मन ही मन उसे पकड़ कर चोदने का सोचने लगा.
उसके पापा साथ होने के कारण मैं अपने मन को शांत करते हुए कहीं और देखने लगा.
एक बार तो लगा कि वे लोग कहीं और जा रहे हैं.
पर अंकल मेरे घर के सामने आकर मुझे बुलाने लगे.
मैं ऊपर से ही उन्हें देखते हुए बोला- हां अंकल, बोलिए क्या हुआ?
अंकल- कुछ अर्जेंट काम है, मेरी हेल्प कर देगा?
मैं- क्यों नहीं अंकल, इसमें पूछने की क्या बात है, जरूर करूंगा. मैं अभी नीचे आता हूँ.
यह बोल कर मैं जल्दी जल्दी नीचे चला गया और मन ही मन उसे अपने सामने देखने की खुशी मना रहा था.
मैं नीचे गया, तब तक माँ ने गेट खोल कर उन्हें गेस्ट रूम में बैठा दिया था.
मैंने अंकल को नमस्कार किया और अंकिता को देख कर हैलो बोला.
मैं उसे छुपी नजरों से देखने लगा … क्या माल दिख रही थी वह!
फिर मैंने उन्हें पानी पिलाया और अंकल से मुखातिब हुआ- हां अंकल बोलिए क्या काम है?
अंकल- मुझे कुछ अपने काम के हिसाब के लिए एक्सेल फ़ाइल बनवानी है, तो तू बना देगा क्या?
मैं- जरूर अंकल, आप अपने पेपर दिखा दो तो मैं देख कर बता देता हूँ कि मैं बना पाऊंगा या नहीं!
अंकल ने अपने काम के जरूरी पेपर और किस तरह से तैयार करना है, वह सब बताया.
तो मैंने देख कर बोल दिया कि हां मैं कर दूंगा.
मेरे मुँह से यह सुन कर अंकल खुश हो गए.
फिर मैंने कहा- इसे पूरा करने में मुझे थोड़ा टाइम लगेगा.
अंकल- कोई बात नहीं, फिनिश करके मुझे कॉल कर देना, मैं लेने आ जाऊंगा.
तभी अंकल का मोबाइल बज उठा और उन्हें किसी का कॉल आ गया था.
तो वे अंकिता को कुछ देर मेरे पास ही रुकने का कह कर काम देखने का कह कर चले गए.
मैं ये देख कर बहुत ही खुश हो गया और कुछ होने का सोच कर मन ही मन में उसे चोदने के ख़्याल आने लगे.
अंकिता मुझे देख कर बोली- क्या हुआ, किस सोच में पड़ गए हो?
मैं बोला- कुछ नहीं, ऐसे ही.
फिर मैंने उसे ऊपर अपने रूम में चल कर आराम से बैठ कर काम करने का बोला.
उसने हामी भर दी तो मैं उसे अपने साथ लेकर ऊपर अपने कमरे में आ गया.
कमरे में जाते वक्त मैंने देखा कि माँ किचन का काम कर रही थीं तो किसी प्रकार का डिस्टर्ब नहीं होने वाला था.
हम दोनों ऊपर मेरे रूम में आ गए.
मैंने लाइट और फ़ैन चलाया और खुद बेड के एक साइड में बैठ गया.
मेरे पास लैपटॉप है तो उसे अपने सामने रख कर ऑन किया.
तब तक अंकिता मेरे पास में आकर मुझसे कुछ दूरी बना कर बैठ गयी.
उस टाइम पर मैंने जींस और टी-शर्ट पहनी हुई थी और मुझे उसे अपनी तरफ आकर्षित करना था ताकि वह मुझसे चुदने के लिए मचल उठे.
मैंने उससे बोला- यार, मैं चेंज करके आता हूँ, मुझसे सही से बैठा नहीं जा रहा है.
यह कह कर मैंने अपना घुटनों से थोड़ा ऊपर तक आने वाला पतले कपड़े वाला चड्डा लिया और बाथरूम में चला गया.
मैंने जल्दी जल्दी अपनी पैंट ओर अंडरवियर भी निकाल दी और उस चड्डा को पहन लिया ताकि मैं उस लड़की को अपने लंड का उभार दिखा सकूँ और उसे भी गर्म कर सकूँ.
कपड़े बदल लेने के बाद मैं वापस कमरे में आ गया और बेड पर बैठ गया.
इतनी देर में लैपटॉप ऑन हो गया था.
मैंने पेपर लेकर काम करना स्टार्ट कर दिया और साथ साथ में अंकिता से बातें भी करने लगा.
मैंने अंकिता से पूछा- तुम्हारा कॉलेज कैसा चल रहा है?
अंकिता- अभी तक तो अच्छा चल रहा है … पर …
मैं- पर क्या?
अंकिता- कुछ नहीं कुछ नहीं …
मैं- अरे शर्मा क्यों रही हो? मुझे अपना अच्छा दोस्त ही समझो … जो भी बोलना चाहती हो आराम से बेझिझक बोल सकती हो.
अंकिता- अरे यार, कॉलेज में लड़के लड़कियां पढ़ाई कम साथ में चक्कर ज्यादा चलाते हैं और इसके अलावा भी बहुत कुछ करते हैं.
मुझे उसकी इन बातों से पता चल गया कि ये कहना क्या चाहती है.
फिर भी मैंने नादान बनते हुए उससे कहा- क्यों तुम्हारा कोई दोस्त (बॉयफ्रेंड) नहीं बना क्या अभी तक?
अंकिता- नहीं, मुझे अभी तक आपके जैसा कोई स्मार्ट लड़का नहीं मिला.
मैंने मन में खुश होकर पूछा- मेरे जैसा मतलब?
तो इस पर वह बोली- आप दिखने में स्मार्ट … होशियार, समझदार, सिम्पल और सीधे दिखते हो जो एक लड़की के लिए काफी होता है.
मैं हंस कर बोला- तो मुझे ही अपना बॉयफ्रेंड बना लो!
हम दोनों हंस पड़े.
तब मुझे उसकी तरफ से अपना बनाने की कुछ आस साफ साफ नज़र आने लगी और मन ही मन में उसे चोदने के ख़्याल आने लगे, जिस कारण मेरा हीरो अपने असली रूप में आने लगा और उभार लेने लगा.
मैं खुद उसे साफ साफ नादान बन कर दिखाने लगा ताकि वह ये देखे और मेरा लंड लेने के लिए रेडी हो जाए.
तभी उसने बोला- आप ये फ़ाइल कैसे बना रहे हो? मुझे साफ साफ नहीं दिख रहा है!
मैंने उससे थोड़ा पास में आने का बोला, तो वह एकदम से पास आई और थोड़ा झुक कर लैपटॉप देखने लगी.
मैंने ये देखा, तो वह लैपटॉप की ओर देखने का बहाना करके मेरे हीरो के उभार को देख रही थी.
मुझे उसकी गर्म गर्म सांसें महसूस हो रही थीं.
उस वजह से मैं कुछ ज़्यादा ही उत्तेजित होने लगा और मेरा लंड पहले से और बड़े रूप में आ गया.
तभी अंकिता बोली- मुझे पानी पीना है.
मैंने पास में रखी बोतल लेकर दी तो वह बस मेरे लंड को देखने लगी जो अब एकदम साफ साफ दिख रहा है.
उसकी प्यासी नजरों को देख कर मैं समझ गया कि ये अब आराम से सैट हो जाएगी क्योंकि उसकी आंखों में वासना साफ दिखाई दे रही थी.
मैंने नादान बनते हुए पूछा- क्या देख रही हो?
वह झट से बोली- कुछ नहीं, कुछ नहीं!
वह जल्दी जल्दी पानी पीने लगी तो कुछ पानी उसके कड़क मम्मों पर गिर गया.
मैं देखने लगा और बोला- अरे आराम से यार, सब गिर रहा है.
वह चुपचाप पानी पीती रही और मुझे बोतल देकर बोली- लो, ले लो!
मुझे लगा कि ये कह रही है कि लो मेरी ले लो!
वह लैपटॉप में देखने लगी.
मैं भी पानी पीने लगा ओर नजर टेड़ी करके देखा तो वह नजर चुराती हुई मेरे लंड को देख रही थी.
मैंने पानी पी कर बोतल रखी और वापस उसको देखते हुए लैपटॉप पर काम करने लगा.
एक मिनट बाद वह मेरे और पास में आ गई और उसने अचानक से अपने हाथ को मेरे लौड़े पर रख दिया और लंड दबाने लगी.
मुझे तो जैसे मज़ा ही आ गया और उसे तड़फाने के लिए उठ कर खड़ा हो गया.
मैं बोला- अरे ये क्या कर रही हो?
वह बोली- यार, अब रहा नहीं जा रहा, मैं इसको देखते देखते पागल हो रही हूँ … प्लीज मुझे इसको पकड़ना है.
अंकिता मेरे पास आई और खड़ी होकर मुझसे चिपक गयी.
मैं अभी कुछ समझ पाता कि उसने अपने रसीले होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया और ज़ोर ज़ोर से किस करने लगी.
मैं भी देरी ना करते हुए उसका भरपूर साथ देने लगा.
उसने मेरा चड्डा नीचे कर दिया ओर लंड को ज़ोर से पकड़ के आगे पीछे करने लगी.
मैं जिस लड़की को न जाने कब से चोदने के सपने देख रहा था, वह लड़की आज खुद मुझे ये सुख देने को आतुर को रही थी.
दस मिनट तक लगातार रसीले होंठों को चूसने के बाद वह घुटनों के बल नीचे बैठ गई और मेरे लौड़े को पकड़ लिया.
मेरा लंड लोहे की भांति एकदम कड़क गर्म हो चुका था.
उसने मेरे चड्डे को नीचे किया और लंड को अपने मुँह में भर लिया.
मैं आह आह करने लगा और वह लंड को लॉलीपॉप समझ कर चूसने लगी.
उसकी चूसने की कला देख कर लग रहा था.
जैसे कोई छोटा ब.च्चा पहली बार में लॉलीपॉप मिलने पर कैसे पूरे तन-मन से अपनी जीभ घुमा-घुमा कर चूसता है, ठीक वैसे ही वह मेरे लंड को चूसने लगी थी.
और साथ में कहती भी जा रही थी- यार तुम्हारा लंड तो बहुत मस्त लग रहा है … मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा है.
मैं बस अपनी आंखें बंद करके इस कामुक कर देने वाले पलों का अहसास कर रहा था.
मुझे ऐसे लग रहा था जैसे मैं हवा में उड़ रहा हूँ.
बीच बीच में मैं खुद अपनी कमर को हिलाकर उसके मुँह को ही चोदने लगा.
करीब दस मिनट तक लंड को चूसने के बाद वह खड़ी हो गई और वापस किस करने लगी.
मैंने भी अब उसके दोनों बूब्स को ऊपर से ही दबाने स्टार्ट कर दिए.
उसके बूब्स ऊपर से ही इतने सॉफ्ट लग रहे थे कि मेरा मन करने लगा था कि जल्दी से इसकी टी-शर्ट को उतार कर इसके दूध चूसना चालू कर दूँ.
मेरे दबाने से उसके निप्पल कड़क होने लगे, जिनको मैं बाहर से ही महसूस कर रहा था.
बूब्स दबाते दबाते मैंने एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी पैंट का बटन खोल दिया और पैंट नीचे करने लगा.
उसने खुद जल्दी से अपनी पैंट पूरी उतार दी.
मैंने देखा उसने लाल कलर की पैंटी पहनी है, जिसके ऊप की तरफ जालीनुमा डिजाइन थी.
उसकी पैंटी कुछ कुछ गीली लग रही थी और मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी.
मैंने देरी ना करते हुए पैंटी में हाथ डाल दिया और उसकी चूत का मुआयना करना चालू कर दिया.
मुझे उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल होने का अनुभव हुआ और साफ समझ आया कि चूत धीरे धीरे पानी छोड़ रही थी.
मुझे उसकी चूत गर्मी का आभास करा रही थी.
मैंने उसकी पैंटी उतार दी और नीचे बैठ गया.
उसकी चूत पर छोटे छोटे बालों में उसका पानी लगा हुआ था और चमक रहा था. उसकी चुत एकदम पिंक थी और रो रही थी.
मैं तो उसकी चूत पर फिदा ही हो गया और बस निहारने लगा.
तभी वह मेरे सर पर हाथ फेरती हुई बोली- कहां खो गए?
मैंने कहा- कहीं नहीं, बस तुम्हारी इस फूली हुई चूत को देख कर फिदा हो गया हूँ!
उसने हंस कर कहा- अब देख लिया हो, तो कुछ कर भी दो …. मैं पागल हुई जा रही हूँ!
मैंने उसकी चुत को जीभ से चाट तो वह सिसकार उठी.
मैंने उसे दीवार के पास करते हुए उसका एक पैर मेरे कंधे पर रख दिया ताकि वह पीछे को न सरक सके. फिर उसकी चूत के पास मुँह ले जाकर पहले चूत की खुशबू अपनी नाक में भर ली.
आह … मैं पागल हो गया और एकदम से पड़ोसन की कुंवारी चूत के पिंक पिंक लिप्स को मुँह में ले कर चूसने लगा.
वह आह आह करती हुई वासना रूपी तालाब में गोते लगाने लगी और मादकता भरी आवाजें निकालने लगी.
मुझे चूत चूसने में बहुत मज़ा आता है या आप यह भी कह सकते हैं कि मैं इसमें एक्सपर्ट हूँ.
मैं चूत को चूसने का सबसे ज़्यादा दीवाना हूँ और उस वक्त मैं अपना यही काम कर रहा था.
अंकिता- चूसो चूसो… बहुत मज़ा आ रहा है. तुम बहुत मस्त चूस रहे हो. ऐसे ही चूसते रहो आआह आह ऊई और ज़ोर से ज़ोर से … आआह ऐसे ही करो करो!
ये बोलते बोलते वह अपनी चूत को दबा दबा कर मेरे मुँह पर रगड़ रही थी.
जिससे साफ समझ आ रहा था कि चुत चुसाई का काम उसको कुछ ज़्यादा ही उत्तेजित कर रहा था.
मैंने उसका पैर नीचे हटा कर रखा और दूसरा पैर अपने कंधे पर रख दिया.
मैंने उसकी चुत चाटने का अपना काम चालू रखा.
कुछ मिनट बाद वह दबाव डालती हुई मेरे चहरे पर ही झड़ गयी और मैं उसका नमकीन पानी का चटखारा लेते हुए पी गया.
मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और कहा- अब मेरी बारी है अपने हीरो को अपनी हीरोइन से मिलाने की!
वह हंस दी.
मैंने देरी ना करते हुए लंड को उसकी चूत की दरार पर लगा दिया और रगड़ने लगा.
वह बोली- अब डाल भी दो न यार … तड़पाओ मत!
मैंने उसकी गुलाबी चूत की फांक को एक बार चूमा और उस पर लंड को सैट करके पोज बना लिया.
फिर मैंने उसके होंठों को चूमते हुए कमर को धक्का दिया, तो मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया.
उसकी चुत आग की भट्टी से भी ज़्यादा गर्म थी.
उस धधकती हुई चुत में मैं धीरे धीरे लंड पेलता गया और जैसे ही सुपारे के अलावा एक इंच लंड ने चुत में जगह बनाई, मैंने अचानक से तेज झटका दे दिया.
उसकी चीख निकल गयी, पर मैं उसे पहले से ही किस कर रहा था तो उसकी आवाज़ दब गयी.
मैंने 7-8 तेज झटके दिए ही थे कि माँ ने खाना खाने के लिए बुला लिया.
मैंने रुक कर आवाज देते हुए बोल दिया कि अभी 5 मिनट में आया काम खत्म करके.
बस मैं तेज तेज फुल स्पीड से उसे चोदने लगा.
मैंने कहा- मजा आ रहा है न?
वह बोली- हां बहुत मजा आ रहा है.
मैंने कहा- मैं तो कब से तुम्हें चोदना चाहता था!
वह बोली- हां लगते तो तुम भी मुझे बहुत अच्छे थे, लेकिन आज जब तुम्हारा मोटा लंड देखा तो बस रह ही न पाई और तुम्हारे लंड को पकड़ लिया.
हम दोनों मस्ती से सेक्स का मजा लेने लगे थे.
अंकिता भी इस टाइम को अपनी कामुक आवाजें निकालती हुई चुदने लगी.
मैं पांच मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई करता रहा और वह अलग अलग आवाजें निकालती रही.
अब वह बोली- यार अब लेट हो रहा है, जल्दी निकालो अपना माल!
कुछ देर बाद मेरा निकलने को हुआ तो मैंने स्पीड तेज कर दी और पूछा- कहां निकालूं?
वह बोली- बाहर पेट पर निकालना!
मैंने ओके कहा और 6-7 तेज तेज झटके देते हुए जल्दी से लंड को बाहर निकालते हुए उसके पेट पर झड़ गया.
मेरा माल इतना तेज निकला कि कुछ धार उसके मुँह पर भी चली गयी ओर बाकी वीर्य पेट पर ही गिर गया.
अंकिता बोली- यार ये तो बहुत गर्म है, मज़ा आ गया … आज तो तुमने तो मुझे चोद कर खुश कर दिया. अब तुम ही मेरे बॉयफ्रेंड और पति दोनों हो!
फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और आस पास सफाई करके नीचे आ गए.
मैं खाना खाने आ गया और अंकिता अपने घर चली गयी.
आपको मेरी ये प्यारी सी वर्जिन गर्ल सेक्स डिजायर स्टोरी कैसी लगी?
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