प्यासी चूत - 1

Views: 1 Category: First Time Sex By RaatKiBaat Published: May 07, 2026

हेल्लो दोस्तो मेरा नाम रितिका सैनी है और मैं दसवीं कक्षा की छात्र हू । मेरा फिगर बिल्कुल मस्त है किसी का भी लंड खड़ा हो जाएं ।


फिगर :- 34 की चुचियाँ , 28 की कमर और 36 की गांड । ** की उम्र थी ।गांड पूरी बाहर निकली हुई।चलते हुए जब मेरी गांड ऊपर नीचे होती है तो किसी बूढ़े के मुंह में भी पानी आ जाएं।

मैं अपने फैमिली के बार मे आपको बता दू की मेरे घर मे मैं,मेरी मम्मी और पापा रहते है।


दोस्तो ये कहानी मेरी है उस समय जवानी का नया नया जोश था । चूत में खुजली शुरू होने लगी थी और झाटे भी आ चुकी थी पर मुझे चिकनी चूत ज्यादा पसंद है तो मैं अपनी चूत पंद्रह से बीस दिन में साफ करती रहती थी।


स्कूल में काफी सहेलियों के बॉयफ्रेंड भी थे और कई सहेलियों के तो कॉलेज के बॉयफ्रेंड थे और ज्यादातर ने जावानी के मज़े ले लिए थे। वह डेली अपनी कहानी बताती की कल मैंने अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया । मुझे उनकी बाते सुनकर जलन होती थी और मज़ा भी आता था।


नोवि कक्षा से अभी दसवीं में ही आयी थी । काफी बच्चे नए आये थे । जिसमें एक सौरव नाम का लड़का बहुत ही अच्छा लगा मुझे मैं उस से बात करना चाहती थी ।


वह काफी हैंडसम और इंटेलीजेंट लड़का था । मैंने उसे देखते ही सोच लिया था की चुदना तो इसी से है। एक दिन मैडम ने उसको कुछ काम बताया और मैडम ने कहा की सब बच्चो को भी बता दे और कह दे कि कल याद और लिख के लाना है ऐसा कह कर मैडम चली गई ।

उसने बच्चो को काम बता दिया पर मेरी बुक सेकंड हैंड होने से उसमे कुछ लेसन नही थे । वही लेसन मैडम ने दिया था । मैंने खड़ी होकर सौरव के पास गई और उस से पूछने लगी कि मेरी बुक में तो ये नही है । तो उसने मेरे हाथ से बुक लेकर देखा और बोला हा आपकी बुक में नही है ।

मेरे दिमाग मे आईडिया आया मैंने उस से कहा अगर मैं कल ये काम नही करके आई तो मैडम बहुत मारेगी। तो मैंने कहा कि तुम मेरा व्हाट्सएप्प नंबर लेलो और मुझे ये फोटो सेंड कर देना । उसने मुझे एक बार देखा और कहा ठीक है मैंने उसे अपना नंबर दे दिया । मैंने उसको नंबर दिया तो बच्चे देख रहे थे।

मैं आराम से आकर सीट पर बैठ गई। मेरी दो चार सहेलियाँ भी आ गई और बोली की क्या चकर चल रहा है तेरे और सौरव के बीच मैंने मजाक में कह दिया मेरा नंबर मांग रहा था मैंने दे दिया । मेरी सहेलियाँ भी खुश हुई और मैं भी हँसने लगी ।
जब घर पहुँची तो मोबाइल देखा व्हाट्सएप्प पर किसी का मैसेज नही आया था। मैं दुखी हो गई और इंतज़ार करने लगी । शाम पांच बजे के आसपास उसका मैसेज आया हेल्लो मैं सौरव और फ़ोटो भेज दी मैं खुश हुई उसकी प्रोफाइल देखी और स्टेटस देखा तो ##सिंगल लिखा था मैं खुश हुई ।


सोचा अपना जादू इस्पे कैसे चलाऊ।


जो उसने फ़ोटो भेजी थी मैंने फ़ोटो डाउनलोड किये और उनको याद करने लगी।


याद करते करते शाम हो गईं । और खाना खाकर मोबाइल चलाने लगी । व्हाट्सएप्प पर देखा तो सौरव ऑनलाइन था । मैंने मैसेज किया खाना खा लिया तो उसने हम्म कहा और मैं उसे वैसे ही नॉर्मल बाते करने लगी।


अगले दिन स्कूल में भी मैं उस से बाते करने लगी । काफी दिन हो गए बाते करते करते ।


हम अच्छे दोस्त बन गए थे। और अब वो मुझसे सारी बाते शेयर करने लगा था कभी जोक भेज देता व्हाट्सएप्प पर और कभी फ़ोन पर भी मजाक करता था । एक दिन मैंने उससे ऐसे ही पूछ लिया ।


मैं :- तुम्हारी गर्लफ्रैंड कैसी है ।


सौरव :- बोला मेरी गर्लफ्रैंड तो है ही नही ।


मैं :- झूट मत बोलो इतने हैंडसम हो और कोई गर्लफ्रैंड नही है।


सौरव :- हाँ सच मे कोई नही है और कहा वैसे ढूंढ तो रहा था कोई हो तो बताना ओर एक स्माइल का इमोजी भेजा।


मैंने कहाँ ठीक है।


वो मजाक करने लगा और मैं भी ।


वो बाद में मुझे फ़्लर्ट करने लगा कुछ कुछ पूछने लगा । अगले दिन उसका मेसेज आया कि तुम्हारे कितने बॉयफ्रेंड है ।


मैं :- कितने का मतलब क्या एक होता है और फिलहाल मैं अभी सिंगल हू और मजाक में लिख दिया की तुम्हारे जैसे ढूंढ तो रही थी मिला नही लगता है अब मिल गया है। ओर एक नॉटी सी इमोजी भेज दी।


वो बोला क्या सच ।


मैंने कहा :- नही वैसे ही बोल रही थी ।


वो बोला :- वैसे मेरे में क्या कमी है।


मैंने बोला :- कमी तो कुछ नही है ।


तो उसने बोला आप भी सिंगल हो ओर मैं भी क्यो न आप ओर मैं । बस उसने इतना ही लिखा मैंने मैसेज देखा और कुछ रिप्लाई नही किया उसका भी कोई रिप्लाई नही आया ।


थोड़ी देर बाद उसका मैसेज आया अगर बुरा लगा हो तो सॉरी मैंने कुछ रिप्लाई नही दिया और मोबाइल साइड में रख के सोचने लगी ।


फिर उसका रात को करीब 1 बजे मैसेज आया ई लव यू मैं खुश हो गई ।


मैंने फिर भी कुछ रिप्लाई नही दिया और उसके बारे में सोचते सोचते नींद आ गयी।


सुबह स्कूल में आते ही उसने मुझे देखा मैंने उसे स्माइल दी उसने भी मुझे स्माइल दी और मेरे पास आकर बात करने लगा।


मैंने और उसने कल वाली बात पर कोई बात नही की और ऐसे ही सिंपल बाते करने लगी ।


अब हम फ़ोन पर काफी देर तक बाते करते थे । लेकिन मैंने उसके ई लव यू का कोई रिप्लाई नही दिया था । एक दिन स्कूल में फंक्शन था । मैं अकेली खड़ी थी। उसका एक दोस्त मेरे पास भागा हुआ आया और बोला कि रितिका सौरव आप को सेकंड फ्लोर पर बुला रहा है । सभी बच्चे बाहर थे । बस जिन्होंने फंक्शन में भाग लिया था वह अंदर थे क्लास में कपड़े चेंज करने के लिए । मैं सेकंड फ्लोर पर गई ।


मैं उसको ढूंढ रही थी की उसने मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया और अपना लंड मेरी गांड पर हल्का सा लगा दिया । मैं डर गई उसने मेरे मुँह पर हाथ रखा और बोला रितिका मैं हू सौरव और हाथ हटा लिया । मैंने बिना मुड़े और बिना उसकी पकड़ से छूटे कहा की ठीक है पर तुमने मुझे यहाँ बुलाया क्यो हैं और मुझे ऐसे क्यो पकड़ा हुआ है।


तो उसने कहा ई लव यू मैंने कुछ नही कहा। उसने मेरे खुले बालो को गर्दन के एक साइड से हटाते हुए अपनी गरदन रख दी। में कहा की क्या कर रहे हो पर मुझे भी मज़ा आ रहा था इसलिए मैं उसका कोई विरोद नही कर रही थी ।


उसने फिर से ई लव यू कहा और मेरी गर्दन पर किस करने लगा मुझे मज़ा आ रहा था मैं चुप खड़ी मज़े ले रही थी । उसने मुझे गुमाया ओर मुझे दीवार से लगा दिया और मेरे लिप्स पर किस करने लगा मेरा ये पहला किस था ।


मुझे काफी मज़ा आ रहा था । मैंने सौरव को दूर करते हुए कहा की ई लव यू टू वह खुश हो गया और फिर से मुझे किस करने लगा और दोनों हाथों से मेरे चुचे दबाने लगा ।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था । दस मिंट बाद वह अपने कपड़े निकालने लगा मैंने उसे मना कर दिया और दूर हट गई कि अभी नही बाद में यह सही जगह नही है कभी ओर करेंगे। उसने भी कुछ नही कहा और फिरसे मुझे किस करने लगा और मेरे चुचे दबाने लगा और फिर हम नीचे आ गए फंक्शन खतम हुआ । मैं अपने घर चली गई और फिर घर पहंचते ही सौरव का फ़ोन आया । और मुझसे पूछने लगा कि कैसा लगा । मैने कहा बहुत मज़ा आया । थोड़ी देर और बात करने के बाद मैंने फ़ोन रख दिया ।
थोड़े दिन बाद गर्मी की छुटियाँ होने वाली थी।


गर्मियों की छुटियों में सब मामा या नाना के घर जाते है तो मैं भी अपनी मम्मी के साथ अपनी मामा के घर चली गई और रोज सौरव से बात करने लगी । मुझे सौरव से मिलने का मन कर रहा था तो मैं अकेली ही मम्मी से पूछ कर घर आ गई पापा सुबह जाते थे ओर शाम को आते थे। मैंने सोचा क्यों न सौरव को अपने घर बुला कर मज़े लू । मैंने ये बात फ़ोन करके सौरव को बता दी ।

सौरव बड़ा खुश हुआ और अगले दिन मैंने पापा के जाते ही सौरव को फ़ोन किया । सौरव को मेरा घर पता था क्योंकि अब मुझे वह घर के पीछे तक छोड़ने आता था । मैं उसका इंतज़ार कर रही थी । वह गली वालो की नज़र से बचते हुए मेरे घर आया । मैं उसको देख के बहुत खुश हुई और गेट बंद कर दिया । और अंदर उसको अपने बेडरूम में ले गई और उसको पानी के लिए पूछा उसने एक स्माइल दी और हाँ कहा और उसको वही बैठने के लिए कहा और पानी लेने चली गई ।


पीछे से सौरव ने आकर मुझे पकड़ लिया और मेरी निप्पल को दबाने लगा। ओर मेरे गालो को चूमते हुए बोला ई लव यू रितिका मैंने उसको ई लव यू टू कहा और सौरव को पानी देने लगी । सौरव ने मेरे हाथों से पानी लेते हुए पीने लगा और गिलास मुझे पकड़ाते हुए मुझे फिर से पकड़ लिया और मुझे गोद मे उठा कर बैडरूम ले गया और आराम से लिटा दिया और मेरे ऊपर आकर किस करने लगा मैं भी उसको ज़ोर से किस करने लगी । उसने एक हाथ से मेरे चुचे दबाने लगा और फिर वह नीचे लेट गया और मुझे अपने ऊपर आने को कहा मैं भी बिल्कुल चुदने के मूड में थी और उसके ऊपर लेट कर किस करने लगी । वह अपना एक हाथ मेरी कमर पर ओर दूसरा हाथ मेरी गांड पर घुमा रहा था। मुझे काफी मज़ा आ रहा था ।


उसने अपने शर्ट उतार दी और मेरी भी शर्ट उतारने लगा मैंने भी कुछ नही कहा मैने नीचे रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी जो मेरे गोर बदन पर कहर ढा रही थी । उसने ब्रा के ऊपर से ही मेरे चुचे चूसना स्टार्ट कर दिया । थोड़ी देर बाद अपने दोनों हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा भी खोल दी अब उसके सामने मेरे कबूतर आजाद हो गए थे । और वह मेरे ऊपर लेट कर मेरे चुचे दबाने ओर निप्पल को चूसने ओर काटने लगा ।मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ।


मैं पीछे से उसके बालों में हाथ फिरा रही थी ओर वह मेरे पेट से ऊपर सारे शरीर को चूसने लगा था । अब नीचे आते हुए उसने मेरी स्कर्ट का बटन भी खोल दिया था और मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चिकनी गोरी छूट को चाटने लगा मेरे पानी से मेरी पेंटी पूरी गीली हो गई थी ।


कुछ देर बाद उसने मेरी पेंटी उतार दी और मेरी दोनों टांगे आपने कंधे पर रख कर मेरी चूत में अपनी जीभ चलाने लगा मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं आपको स्टोरी में लिख के नही बता सकती।


फिर सौरव उठा और अपने कपड़े निकालने लगा । अब वह सिर्फ अपने अंडरवियर में था और उसका तना हुआ लंड देख के मेरे मुंह मे पानी आ गया और मैं उसको देख के मुस्कराई उसने कहा अब आपकी बारी मैंने जल्दी से उसका अंडरवियर नीचे किया उसका लंड बिल्कुल गोरा था । मैंने पहली बार किसी का लंड देखा था । करीब 6 इंच का लंड था ओर मैंने दो चार बार लंड ऊपर नीचे करते हुए उसको अपने मुंह मे ले लिया । उसका टेस्ट कुछ अजीब था । मैं जल्दी जल्दी उसका लंड अपने मुंह मे लेने लगी । फिर उसने मुझे सीधी लेटने के लिए कहा अब यह वो समय था जिसका मैं काफी टाइम से इंतज़ार कर रही थी। मैं नीचे लेट गई उसका लंड मेरे मुंह मे ओर मेरी चूत उसके चाटने से गीली हो चुकी थी ।


उसने देर न करते हुए अपना लंड मेरे चूत पर रखकर एक हल्का सा धक्का मारा की मेरी आँखों मे से आँसू आने लगे और जैसे ही मेरी चीख निकलने वाली थी कि वो मेरे ऊपर लेट कर मेरे लिप्स को चूसने लगा मेरी चीख मुह में ही रह गई। उसकी भी आंखों में से आंसु आने लगे । मुझे ऐसे अहसास हो रहा था जैसे मेरी चूत में किसी ने गरम लोहा करके डाल दिया हो।


बहुत दर्द हो रहा था। कुछ देर मेरे लिप्स चूसने के बाद एक ओर धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया था । कुछ देर ओर एक दूसरे के ऊपर लेटे रहने से ओर एक दूसरे के लिप्स चूसने के बाद हम सही हुए फिर सौरव धीरे धीरे धक्के मारने लगा । अब मुझे भी मज़ा आने लगा वह मेरी कभी लिप्स चूसता कभी मेरे निपल चूसता । मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा था ।

कुछ देर की चुदाई के बाद उसका छूटने को हुआ तो उसने अपना लंड जैसे ही निकाला उसका वीर्य मेरे पेट पर गिरने लगा उसके लंड पर मेरा ओर उसका खून लगा था। उसका वीर्य बहुत गर्म था । एक के बाद एक धार उसके वीर्य की मेरे पेट पर गिर रही थी । उसके बाद वह उठा और मेरे माथे पर एक किस करके बाथरूम में चला गया जो मेरे बेडरूम में ही था और फिर मेरे को भी उठा कर टॉयलेट में ले गया और चूत को साफ करने में मेरी मदद की ओर फिर मैन टाइम देखा तो 11 बजे थे ।

मुझे खाना बनाना नही आता था और भूख भी लग रही थी तो वह बाहर से खाना ले आया और हमने मिल कर खाना खाया और ऐसे ही बिना कपड़े के मैं उसके ऊपर लेटी हुई थी हम दोनों का बाते करते करते फिर से मूड बन गया।
पर चूत में बहुत दर्द हो रहा था । उसने मुझे कहा की वह मेरी गांड का दीवाना है और मेरी गांड मारना चाहता है । मैने मना कर दिया । उसने मुझे काफी फ़ोर्स किया । अगले पार्ट में मैं आपको बताउंगी की कैसे सौरव ने मेरी गांड मारी ओर फिर कई सालों तक मैं उस से चुदी और मैं रंडी कैसे बनी ।
 

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