बाईसेक्सुअल गर्ल हॉट स्टोरी में लड़की अपने पति के साथ रोज चुदाई का मजा लेती थी. लेकिन दिन में वह अपनी सहेली के साथ लेस्बियन सेक्स का भी मजा ले रही थी.
कहानी के दूसरे भाग
पहले चूत चुदाई फिर शादी की बात
में आपने पढ़ा कि सीमा को सेक्स की लत सी लग गयी थी. पहले वह अपनी चचेरी बहन से लेस्बो होती, फिर एक लड़के से चुदी. उसके बाद उसकी एक सहेली बनी ऋचा. उसके साथ समलिंगी सेक्स का मजा लिया.
फिर उसने पास वाले फ्लैट में रहने वाले लड़के से अपनी चूत चुदवा कर मजा लिया.
अब आगे बाईसेक्सुअल गर्ल हॉट स्टोरी:
सीमा ने दिखावे को अगले दिन ऑफ ले लिया.
अमित ने भी उससे दिन में कई बार फोन करके हाल चाल पूछा.
सीमा ने कराहते हुए कहा- दर्द बहुत है.
जबकि वो तो मजे से पूरे कपड़े उतार कर आराम कर रही थी.
अगले हफ्ते ही अमित ने अपने माँ पिताजी से सीमा की पेरेंट्स की मुलाक़ात करवा दी.
रिश्ता तय हो गया और जल्दी की शादी की तारीख तय हो गयी.
सीमा की मां ने सीमा को सख्त ताकीद की कि अब शादी तक सीमा अमित से दूर ही रहे और सीमा ने इसे ईमानदारी से निभाया भी.
शादी खूब धूमधाम से हुई और अब अमित और सीमा के दूसरे फ्लैट में शिफ्ट हो गए.
उनका नया फ्लैट ऋचा के फ्लैट के बहुत पास था.
तो अब सीमा और ऋचा की मुलाक़ात आये दिन होने लगी.
अमित चूंकि खानदानी व्यक्ति था तो उसे अब ऋचा का आये दिन आना खटकता था.
उसने सीमा से कह भी दिया कि वो ऋचा को बुलाये तो तब जब अमित कहीं बाहर टूर पर हो.
असल में ऋचा ने एक दो बार सीमा की नजर बचाकर अमित से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की थी.
शुरू में तो अमित ने इसे हंसी मजाक समझा.
पर जब एक बार ऋचा सन्डे को सीमा की गैरहाजिरी में उसके फ्लैट पर आ गयी और किसी बहाने से अमित के गले लग कर उसे चूमने लगी तो अमित भी बहक गया.
ऋचा ने अपने को पूरा उसे सौंप दिया.
वासना का जो तूफ़ान उठा तो उनके कपड़े उतरते चले गये.
ऋचा वाकई बहुत सेक्सी थी.
उसका जिस्म बहुत कसा हुआ था.
वो सेक्स के सारे दांवपेच जानती थी.
उसने अमित को कामसूत्र की हर अदा से वाकिफ करा दिया.
अमित तो वो सब करता चला गया जो ऋचा चाहती थी.
वासना का उठा ये तूफ़ान जब थोड़ी देर में उतरा तो अमित को होश आया की उसने ये क्या कर लिया.
उसने सारी गलती अपनी मानते हुए ऋचा को प्यार से समझ दिया की वो ऐसा व्यक्ति नहीं.
पर उसे ऋचा और सीमा की दोस्ती से एतराज नहीं.
ऋचा पता नहीं किस मिटटी की बनी थी.
उसने अमित को फिर होंठों पर चूमते हुए उसकी ये बात भी मान ली और वादा किया कि आज की बात किसी को नहीं मालूम पड़ेगी और वो भी अमित से दूरी बनाएगी.
अब अमित और सीमा की गाड़ी जिन्दगी की रंगीनियत में डूबी सरपट दौड़ती रही.
दोनों जम कर मेहनत करते और फिर रात को एक दूसरे की बाँहों में खोकर दुनिया भूल जाए.
अमित घर पर सीमा को कपड़े पहनने ही नहीं देता था.
सुबह की चाय सीमा अमित की गोदी में बैठकर ही पीती, वो भी बिना कपड़ों के.
क्योंकि अमित सीमा के मम्मों का दीवाना था.
उसका बस चलता तो हरदम बस उसके मम्मे चूसता ही रहता.
फ्राइडे नाईट उन दोनों की बार या क्लब में ही बीतती.
कभी कभी ऋचा उनके साथ होती पर अमित अब उससे दूरी बनाता.
असल में सीमा और ऋचा की बहुत ज्यादा पटती थी.
अमित उनके बीच में कम ही पड़ता था.
पर सीमा अमित को उस रात और अगले पूरे दिन भरपूर सेक्स का मजा देती.
उसने ऋचा से कह रखा था कि शनिवार को वो उसे फोन न करे, न आये.
पर जब अमित टूर पर होता तो या तो सीमा ऋचा की घर सोती या ऋचा सीमा के घर और फिर उस रात वो पूरी तरह से लेस्बियन सेक्स करतीं.
सीमा को मजा आता था अपनी चूत चटवाने में और ऋचा के नुकीले बालों वाली चूत से अपनी चूत रगड़वाने में.
एक दिन सीमा के पास बिंदिया का फोन आया कि उसे एक एमएनसी में जॉब मिली है तो ट्रेनिंग के लिए उसे 15 दिन के लिए इस शहर में आना है.
बिंदिया ने बताया कि ठहरने के लिए कंपनी का अपना गेस्ट हाउस है.
पर सीमा उस पर नाराज हुई कि तू गेस्ट हाउस में क्यों ठहरेगी. मेरे पास ही ठहरना. एक आध दिन मैं छुट्टी ले लूंगी और फिर सैटरडे तो ऑफ रहता ही है.
बिंदिया ने बताया कि कंपनी का तो सैटरडे सन्डे दोनों दिन ऑफ रहेगा.
सीमा हंस पड़ी- क्या हुआ, सन्डे तो अपने जीजू का दिमाग खाना.
रात को सीमा ने अमित को बिंदिया के बार में बताया तो अमित ने उसे समझाया- जब बिंदिया की कम्पनी उसे गेस्ट हाउस दे रही है तो फिर वो यहाँ क्यों रुके. वो तुमसे मिलने आये कोई बात नहीं, हम दोनों जॉब करते हैं, तुम सन्डे को होगी नहीं, अकेली लड़की का मेरे साथ रहना ठीक नहीं.
सीमा जोर से हंस दी, बोली- बिंदिया मेरी सगी बहन जैसी है. अगर मेरी सगी बहन आती तो क्या तुम संकोच करते.
अब अमित क्या कहता.
वो तो यही मानता था कि आग और फूस का साथ ठीक नहीं. दोनों का जन्मजात बैर है.
उसे ऋचा का किसा याद आया.
पर वो सीमा से क्या कहता.
सीमा बिंदिया से बहुत प्यार करती थी, तो वो कुछ सुनती भी नहीं.
उसने सीमा से साफ़ कह दिया कि रात को बिंदिया उन्हें डिस्टर्ब न करे और सुबह की चाय सीमा उसकी गोद में बैठ कर ही पीयेगी.
सीमा हँसते हुए बोली- अच्छा बाबा रात को रोज की तरह तुम्हारी घुड़सवारी करूंगी और सुबह की चाय पर गोदी में बैठूंगी पर कपड़े पहन कर. और तुम भी ज़रा चूमा चाटी कम ही करना बिंदिया से. वो मुझसे भी ज्यादा बेशर्म है.
तय दिन पर बिंदिया आ गयी.
बिंदिया अब बहुत निखर गयी थी.
उसकी जवानी पूरे उफान पर थी अब. वो लापरवाही से अमित के जीजू जीजू कहते गले लगी और फिर सीमा से लिपट गयी.
एक मिनट के गले लगने में बिंदिया अमित को अपने गदराये जिस्म का पूरा नाप दे गयी.
बिंदिया बहुत चंचल थी.
उसके आने से उनके छोटे से फ्लैट में भूचाल सा आ गया.
खैर, अगले दिन बिंदिया अपने कॉर्पोरेट ऑफिस गयी और देर शाम को लौटी.
रात को तीनों क्लब गए.
बिंदिया अमित से बिंदास चिपटा चिपटी कर रही थी.
सीमा बजाये उसे रोकने के, उसे और उकसा रही थी.
अब अमित भी इस सबको एन्जॉय कर रहा था.
देर रात को लौटने पर, बिंदिया तो अपने रूम में थक कर सो गयी पर अमित और सीमा दोनों ही चुदासे हो रहे थे तो फटाफट कपड़े उतार कर बेड पर आ गये.
अमित सीमा के मम्मों पर पिल गया पर उसे सीमा के मम्मे चूसते समय बिंदिया के मांसल मम्मे ख्याल आ रहे थे.
सीमा ने आज सुबह ही अपनी चूत चिकनी की थी.
तभी सीमा ने अमित को अपने ऊपर करते हुए उसका लंड पकड़ कर अपनी गुफा के मुहाने पर रख दिया.
आज अमित की चुदाई में जोर ज्यादा था.
सीमा ने टोका भी कि आज कुछ ज्यादा ही मूड में हो.
अगले दिन सुबह सीमा चाय बना कर लायी और सीधे अमित की गोदी में आकर बैठ गयी.
बिंदिया वहीं बैठी थी, बोली- जब तक मैं यहाँ हूँ, कुछ तो शर्म कर ले या फिर मुझे बैठने दे, जीजू की गोदी में.
सीमा हंस कर बोली- बिना गोदी में बिठाए इनकी चाय हल्क से नीचे नहीं उतरती.
दिन में तीनों मूवी गए.
बाहर खाना खाते देर रात घर लौटे.
अगले दिन सुबह ही अमित को टूर पर जाना था तीन दिनों के लिए.
बिंदिया सीमा से बोली भी- आज रात को तू मेरे पास सो जा, खूब बात करनी हैं.
सीमा बोली- कल से तेरे साथ ही सोऊंगी, तब गप्पे लड़ायेंगे.
कहते हुए सीमा ने बिंदिया को आँख मार दी.
बिंदिया ने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए अमित को चिकोटी काट चूमते हुए बोली- बदमाश.
रात को अमित ने सीमा के सारे छेद ढीले कर दिए.
सीमा बोली भी- आज ही कसर निकाल लोगे तीन दिनों की.
पर अमित के दिमाग में तो बिंदिया की चुम्मी थी.
अगले दिन अमित तो टूर पर चला गया.
बिंदिया को सीमा अपने साथ अपने शोरूम पर ले गयी.
उसने ऋचा से सेटिंग कर ली थी की दोपहर बाद बिंदिया को ऋचा अपने साथ ले जायेगी. फिर तीनों रात को सीमा के फ्लैट पर ही इकट्ठी होंगी.
आज की रात उनका धमाल का प्रोग्राम था.
बिंदिया ने ऋचा के साथ कुछ शौपिंग करी.
ऋचा के सुझाव पर रात को तीनों डिस्को बार में गयीं.
तीनों नें ही शोइर्ट ड्रेसेज पहन रखी थीं.
सीमा को बड़ा आश्चर्य हुआ जब ऋचा के ऑफर करने पर बिंदिया ने बेहिचक सिगरेट के सुट्टे मारे और बियर पी ली.
डिस्को बार में तो भीड़भाड़ में कौन किसके साथ डांस कर रहा है किसी को होश नहीं रहता.
वहां का माहौल ऐसा नशीला होता है कि बुरा मानने की कोई गुंजाईश ही नहीं होती. मम्मे दबना या पीछे हाथ लगना तो आम बात है. कोई चूम भी ले तो चलता है.
बिंदिया ने ये सब बहुत जल्दी एक्सेप्ट कर लिया.
तीनों डिनर करके 11 बजे तक फ्लैट पर पहुंची.
सीमा ने ऋचा को अपने साथ रुकने के लिए बोल दिया था.
तीनों ने कपड़े बदले और आ गयीं बेड पर.
ऋचा ने सिगरेट जला ली.
तीनों ने उसी से सुट्टे मारे.
तीनों मूड में थीं.
सीमा नहीं चाह रही थी की माहौल ज्यादा गर्म हो.
वो और ऋचा तो लेस्बियन थीं.
और बिंदिया के साथ भी वो ढेर सारी मस्ती कर चुकी थी.
पर आपस में तीनों… ये सीमा को कुछ अटपटा लग रहा था.
पर बिंदिया और ऋचा तो चालू हो चुकी थीं.
ऋचा ने बिंदिया को चूमना शुरू कर दिया तो पीछे से सीमा भी लिपट गयी उनसे.
ऋचा ने बिंदिया की चूत में उंगली कर दी तो बिंदिया चीख गयी और बोली- ये क्या कर रही है.
पर अब तो देर हो चुकी थी.
बिंदिया ने भी ऋचा के मम्मे मसल दिए.
पीछे से सीमा ने उसकी फ्रॉक ऊपर कर दी.
बिंदिया हँसते हुए बैठ गयी और अपनी फ्रॉक उतार फेंकी और साथ ही ऋचा की फ्रॉक भी उतार दी, अब दोनों ने मिलकर सीमा की फ्रॉक उतार दीं.
तीनों निपट नंगी एक दूसरे से चिपट गयीं.
सीमा को बिंदिया के मम्मे बहुत दिनों बाद मिले थे दबाने को तो उसने बिंदिया को सीधा किया और उसके मम्मे चूसने लगी.
बिंदिया सीधी हुई तो ऋचा नीचे हो गयी और उसकी मखमली चूत में अपनी जीभ घुसा दी.
अब बिंदिया चीखी-तुम दोनों मिलकर मेरा रे.प करोगी क्या?
सीमा ने अब बिंदिया को छोड़ा और ऋचा को होंठों से होंठ मिला दिए.
बिंदिया को क्या सूझा … उसने सीमा को अपनी ओर खींचा और कहा- मुझे तेरी चूसनी है.
सीमा बिंदिया के मुंह पर टांगें चौड़ा कर बैठ गयी.
बिंदिया ने उसकी चूत में अपनी जीभ कर दी.
अब ऋचा भी अपनी चूत बिंदिया की चूत से रगड़ने लगी.
ऋचा की चूत पर हल्के हल्के तीखे नुकीले बाल थे.
बिंदिया को चूत रगड़वाने में मजा आ रहा था.
उसने ऋचा को आगे झुकने का इशारा किया.
ऋचा आगे हुई तो बिंदिया ने उसके मम्मे लपक लिए और लगी मसलने.
ऋचा हटी और अपने बेग से एक टू साइड वाईब्रेटर निकाल लायी.
उसने उसका एक सिरा अपनी चूत में और एक बिंदिया की चूत में किया और लगी चुदाई करने.
बिंदिया की तो आहें निकलने लगीं.
सीमा वापिस उसके मम्मों को बारी बारी से चूसने लगी.
सीमा ने अब उसके मम्मों को छोड़ा और आगे हुई और दोनों की चूत को चाटने लगी.
अब ऋचा ने वाब्रेटर अपनी और बिंदिया की चूत से निकाला और सीमा की चूत में कर दिया और लगी जोर जोर से अंदर बाहर करने.
सीमा जोर जोर सी आह, उह करने लगी.
अब बिंदिया भी उसके मम्मे चूसने लगी.
बिंदिया ने अपनी पानी से सनी चूत सीमा की मुंह पर रख दी.
सीमा ने अंदर तक अपनी जीभ घुसा दी.
एक दूसरी की चूत से अपनी चूत रगड़ते रगड़वाते और चूमते चाटते तीनों थक गयीं.
तीनों की चूत कई कई बार पानी निकाल चुकी थीं, तीनों ऐसे ही लिपट कर सो गयीं.
अभी तक की बाईसेक्सुअल गर्ल हॉट स्टोरी पर अपनी राय मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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