हॉट गर्ल्स फकिंग स्टोरी में लेस्बियन सेक्स के बाद चूत चुदवाकर लड़की को सेक्स की आदत सी हो गयी. मौक़ा मिलते ही उसने लेस्बियन सेक्स कर लिया और लड़के के लंड से चुद गयी.
कहानी के पहले भाग
पापा के दोस्त के बेटे से चुदी
में आपने पढ़ा कि सीमा के पापा के दोस्त का बेटा वरूण उन्हीं के घर रह कर पढ़ रहा था. सीमा और वरुण एक दूसरे को पसंद करने लगे और एक रात दोनों ने सीमाएं तोड़ दी और सेक्स कर लिया.
अब आगे हॉट गर्ल्स फकिंग स्टोरी:
अगले हफ्ते सीमा का जोइनिंग लैटर आ गया.
अगले महीने से उसे ज्वाइन करना था.
घर में सभी बहुत खुश थे.
सीमा बार बार वरुण से कह रही थी- हम सगाई कर लेते हैं, शादी तुम्हारी नौकरी मिलने के बाद कर लेंगे.
इसी कशमकश में सीमा और वरुण ने दो तीन रात और घमासान चुदाई कर ली.
अब तो सीमा को तो जैसे चुदाई की लत सी पड़ गयी थी.
वरुण अपनी बात पर कायम था कि नौकरी मिलने से पहले शादी की बात नहीं.
खैर, सीमा अगले महीने अपनी ड्यूटी पर चली गयी.
उधर बिंदिया की मां की तबियत अब ठीक थी तो सीमा की मां के कहने पर बिंदिया उन्हीं के घर में रहने लगी.
वरुण से उसकी भी अच्छे से पटने लगी.
बिंदिया और सीमा की फोन पर बातें होती रहतीं थीं.
सीमा उससे अक्सर वरुण के बारे में पूछती.
सच तो यह था कि वरुण बिंदिया को भी अच्छा लगता था.
बिंदिया सीमा के मुकाबले ज्यादा सेक्सी और पढ़ने में तेज थी.
तो वरुण से उसकी नजदीकी बढ़ने लगी.
बिंदिया की पढ़ाई से वरुण भी प्रभावित था.
वरुण के कहने पर बिंदिया ने भी मन बनाया कि वो भी सिविल सर्विसेज की तैयारी करेगी.
वरुण ने उसे पूरा मटेरियल दिया और मदद करने लगा.
इस बहाने अब बिंदिया और वरुण काफी समय साथ रहने लगे.
वरुण आवारा नहीं था. जो कुछ उसके और सीमा के बीच हुआ, वो उनकी बायोलॉजिकल जरूरत थी.
दो जवान जिस्मों का जवानी की दहलीज़ पर कदम था.
पर वरुण ये समझ चुका था कि सीमा उसकी मंजिल नहीं है.
उसने फोन करके सीमा से कहा भी कि वो उसका अच्छा दोस्त है, पर इमानदारी से बात यह है कि अभी उसे शादी के लिए काफी इंतज़ार करना होगा जो शायद सीमा नहीं कर पाएगी.
सीमा भी अब गुरुग्राम की जिन्दगी में रमती जा रही थी.
उसकी कम्पनी ने उसे एक फ्लैट किराए पर दे रखा था.
सीमा की जॉब बढ़िया थी. मेहनत बहुत थी.
शनिवार केवल छुट्टी रहती.
पैसा खूब था और उसे अपने को मेंटेन करने के लिए कपड़े और मेकअप का भत्ता अलग से मिलता था.
सीमा के दोस्त बनते चले गये और वो अब ड्रिंक्स और स्मोकिंग से भी परहेज नहीं रखती थी.
उसकी एक दोस्त बनी ऋचा.
ऋचा उसी की तरह किसी कम्पनी में थी.
दोनों ने आपस में गहरी दोस्ती कर ली.
गहरी का मतलब आप समझ गए होंगे.
दोनों फ्राइडे नाईट को जम कर डिस्को बार में मस्ती करतीं. जिन्दगी को धुंए में उड़ातीं. सीमा की चूत में दोबारा चीटियाँ चलने लगीं.
एक बार ऋचा उसे अपने फ्लैट पर ले गयी और रात को वहीं रोक लिया.
सीमा ने कहा भी- मेरे पास कपड़े भी नहीं हैं.
तो ऋचा हंस कर बोली- रात को कपड़े पहनता कौन है.
खैर ऋचा ने उसे अपनी एक फ्रॉक दे दी.
रात को सोते समय ऋचा सीमा को छेड़ने सी लगी. कभी वो उसके मम्मे दबाती, कभी चूमती.
कुल मिलाकर ये कि दोनों अब एक दूसरे को चूमाचाटी करने लगीं.
सीमा तो पुरानी खिलाड़ी थी. वो ऋचा का इशारा समझ गयी.
अब दोनों की फ्रॉक उतर गयी और दोनों 69 होकर एक दूसरी की चिकनी चूत में जीभ और उंगली घुसाने लगी.
ऋचा की चुसाई बहुत खतरनाक थी. वो जब भी उसकी चूत की फांकों को या निप्प्ल को दोनों होंठों से कस के चूसती तो सीमा की जान निकल जाती.
पर मजा बहुत आ रहा था.
ऋचा की चूत बिल्कुल मखमली नहीं थी. उस पर हल्के हल्के बाल थे जो तीर की तरह सीमा की चूत पर लग रहे थे.
सीमा ने महसूस किया कि जब वो बिंदिया से चूत लड़ाती थी तो वो मजा नहीं आता था जो आज ऋचा की चूत रगड़ने से आ रहा था.
कारण यही था कि सीमा और बिंदिया दोनों की चूत चिकनी होती थीं, तो रगड़ने में वो मजा नहीं आता था जो ऋचा की नुकीले बालों वाली चूत दे रही थी.
ऋचा ने सीमा को अपने मुंह पर बिठाया और अपनी उँगलियों से उसकी फांकों को पूरा खोल कर जीभ अंदर घुसाई.
बाद में दोनों थक गयीं तो साथ साथ नहाने गयीं.
वहां सीमा टॉयलेट सीट की ओर जाते हुए बोली- मुझे पेशाब करना है.
ऋचा ने उसका हाथ पकड़ लिया और खुद नीचे बैठ गयी और सीमा से बोली- मेरे मुंह पर और मम्मों पर कर दे.
सीमा को बड़ा अजीब सा लगा.
पर जब ऋचा ने दोबारा कहा तो सीमा ने कर दिया.
ऋचा ने बड़ी ख़ुशी उसका पेशाब अपने मुंह पर और मम्मों पर मला.
बाद में वो हँसते हुए बोली- इसे गोल्डन शावर कहते हैं.
अब तो हर वीकेंड पर दोनों का ये शगल हो गया.
इस बीच सीमा की दोस्ती अपने पड़ोस वाले फ्लैट में रहने वाले अमित से हुई.
अमित बहुत स्मार्ट और सलीकेदार बन्दा था, वह किसी एम एन सी में मार्किट हेड था.
सीमा और उसकी जाति भी एक थी.
दोनों की ऐसे पटने लगी कि अब तो इनका खाना पीना भी साथ साथ हो गया.
दोनों मिलकर बनाते.
इस बहाने बाहर का खाना भी कम हो गया.
अमित की छुट्टी शनिवार और इतवार दोनों दिनों की होती.
फ्राइडे नाईट पर अब सीमा और अमित डिस्को बार या इधर उधर खूब मस्ती करते.
कभी ऋचा उनके साथ होती कभी नहीं.
पर सीमा और अमित एक दूसरे के नजदीक होते गये.
अब तो उनके बीच खुलकर हंसी मजाक भी होने लगा.
सीमा तो कपड़े पहनने के मामले में पहले से ही लापरवाह थी.
वो अमित के सामने भी शॉर्ट्स या फ्रॉक पहने घूमती.
उसके निप्पल अंदर से साफ़ झांकते.
अमित के साथ कभी मूवी देखते में या हंसी मजाक में उनके किस भी हो जाते.
सीमा के लिए अब ये सब सामान्य था.
उसने महसूस किया कि अमित उसके मम्मे कभी कभार छू लेता है या गले लगाते में कस के दबा लेता है.
सीमा की बला से… उसे तो मजा आता था इन सब में!
उसने कई बार अमित का लंड तना हुआ भी महसूस किया था बरमुडा में.
मन तो किया उसका कि पकड़ ले … पर फिर बात बढ़ जाती.
पर वो ही बात कि आग और फूस कब तक साथ रह सकते हैं.
एक रात बाहर जबरदस्त बारिश हो रही थी.
ठण्ड भी थी.
सीमा ने अपने फ्लैट में बाहर से डिनर मंगवा लिया.
आज वो रजाई से बाहर निकलने के मूड में नहीं थी.
अमित थोड़ा लेट आया. गाडी पार्क करते में वो भीग गया था.
सीमा ने उसे देखा तो कहा- फटाफट चेंज करके आ जाओ, मैं ड्रिंक बना लेती हूँ.
अमित भी चेंज करके उसकी रजाई में घुस गया.
दोनों ड्रिंक्स की चुस्कियां लेने लगे.
सामने टीवी पर कोई इंग्लिश मूवी लग रही थी.
मूवी हॉट थी.
रजाई के अंदर दोनों के पैर टकरा रहे थे.
माहौल गर्म हो रहा था साथ ही साँसें भी.
एक लम्बे इंटिमेट सीन के दौरान अमित ने सीमा का हाथ टटोला.
सीमा की कोई प्रतिक्रया नहीं हुई तो उसने हाथ थाम लिया.
दोनों और से जकड़ बढ़ी.
सीमा को लगा कि अब वो अपने को नहीं रोक पाएगी.
उसने कसमसाते हुए कहा- चलो डिनर लगाती हूँ.
अमित ने उसका हाथ न छोड़ते हुए कहा- अभी बैठो.
सीमा उसकी आँखों में झाँकने लगी.
उसकी सांस गर्म हो चली थी.
अमित ने अपना गिलास साइड में रखा और सीमा के चेहरे से बालों की लट हटाते हुए अपनी उँगलियाँ उसके गर्म होंठों पर फिरा दीं.
सीमा की बर्दाश्त अब चुक रही थी.
उसने अमित के हाथ को पकड़ा और चूम लिया.
अमित ने उसे अपनी और खींच कर लिपटा लिया, दोनों के होंठ आपस में मिल गये.
दोनों अब सब कुछ भूलकर एक दूसरे से लिपटे चूम रहे थे.
सीमा धीरे धीरे अमित की गोद में जा पहुंची.
दोनों की सोचने समझने की शक्ति वासना के ज्वार में डूब चुकी थी.
अब तो ये मिलन दो जिस्मों का मिलन होने के कगार पर था.
सीमा ने एक बार अपने को छुडाना भी चाहा यह कहकर- अमित ये ठीक नहीं. मैं डिनर लगाती हूँ.
पर अमित ने उसकी आँखों में आँखें डालकर कहा- क्या तुम मुझसे शादी करोगी?
यह सीमा के लिए बहुत बड़ा प्रश्न था.
वह झटके से खड़ी हो गयी.
पीछे से अमित ने उसे अपने से चिपकाते हुए कहा- हम दोनों अब एक दूसरे को समझ गये हैं. दोनों अच्छा कमाते हैं. एक ही जाति के हैं तो घर वालों को भी क्या ऐतराज होगा.
सीमा पलटी और लिपट गयी अमित से.
उसने थरथराती हुई आवाज में कहा- हाँ अमित, मैं भी तुम्हें बहुत चाहने लगी हूँ, तुम्हारी बनना चाहती हूँ. पर एक बार घर वालों से पूछना होगा.
अमित ने उसे कस के भींचते हुए कहा- मैं अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकता.
कहकर उसने अपने होंठ सीमा के होंठों से भिड़ा दिए.
दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे.
अमित ने सीमा को गोदी में उठा लिया और आहिस्ता से बेड पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर आ गया.
दोनों के होंठ और जीभ एक दूसरे में समाने को बेताब थे.
अमित ने हाथ नीचे किया और सीमा की फ्रॉक ऊपर कर दी.
सीमा की पैंटी गीली हो चुकी थी.
अमित ने फ्रॉक और ऊपर करी तो सीमा ने जिस्म ढीला छोड़ दिया और फ्रॉक पूरी उतर गयी.
अब सीमा केवल ब्रा पेंटी में थी.
सीमा ने अपनी टांग अमित के बरमुडा में फंसाई और नीचे कर दी.
अब अमित का फनफनाता हुआ लंड आजाद हो गया.
अमित ने ब्रा से मम्मे बाहर निकाल कर उन्हें चूमना शुरू किया.
सीमा को भी आग बराबर की लगी थी. हॉट गर्ल फकिंग के लिए मारी जा रही थी.
वो बैठी और अपनी ब्रा और पेंटी उतार फेंकी और लिपट गयी अमित से.
अब दो नंगे जिस्म गुत्थम गुत्था हो गये.
सीमा तो खेली खायी थी पर अमित के लिए किसी लड़की के नंगे को जिस्म को छूना शायद पहली बार थी.
वो तो सीमा के मम्मों पर पिला हुआ था. उसका लंड सीमा की चूत पर टक्कर दे रहा था.
सीमा ने हाथ नीचे करके लंड को लपक लिया और लगी मसलने.
सीमा की चूत में चीटियाँ रेंग रही थीं.
उसने अमित को नीचे धकेला और कहा- इसे चूसो.
अमित ने भले ही सेक्स कभी न किया हो, पर पोर्न तो ढेरों देखो थीं.
सीमा ने अपनी टांगें चौड़ा दीं और अपनी उँगलियों से फांकें चौड़ा दीं.
अमित ने पहले तो चूत की फांकों को चाटा फिर जीभ अंदर गुफा में घुसा दी.
सीमा कसमसाने लगी.
उसका जिस्म थरथरा रहा था.
अमित जीभ चूत की गहराइयों तक उतार रहा था.
सीमा की गुफा को उसने थूक से सराबोर कर दिया था.
उसकी जीभ बार बार अंदर बाहर हो रही थी.
सीमा कसमसा रही थी.
वो उसका लंड चूसना चाह रही थी तो उसने गर्म आहें भरते हुए अमित से कह ही दिया- मुझे भी तुम्हारा चूसना है.
अब अमित उलटा आ गया.
अब सीमा के हाथों में अमित का लंड था, जिसका टोपा खोलकर सीमा ने पहले तो थूक से लपेटा और फिर खाल को ऊपर नीचे करते हुए चूमना शुरू कर दिया.
सीमा ने होंठों से ऐसा दबाव बनाया कि अमित बेचैन हो उठा.
उसे लगा कि वो तो सीमा के मुंह में ही खलास हो जाएगा.
सीमा भी जानती थी कि अमित का पहली बार है तो वो ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पायेगा.
अमित अब सीमा के अंदर आना चाहता था.
सीमा ने नाटक किया- अमित शादी से पहले नहीं.
अमित भी संस्कारी था.
पर अब तो सारे संस्कार गए तेल लेने.
अमित ने सीमा को चूमा और लंड उसकी चूत के मुंहाने पर रख दिया और बोला- प्लीज़ करने दो न!
सीमा भी क्या मना करना चाह रही थी.
उसने तो टांग और चौड़ी कर दीं और लंड सीधा उसकी चूत में उतर गया.
सीमा को कोई फर्क नहीं पड़ा.
पर वो चिल्लाई- तुम्हारा तो बहुत मोटा है. मर गयी मैं तो. फट गयी मेरी चूत!
अमित घबरा कर बाहर निकालने को हुआ पर सीमा उसकी कमर से लिपट गयी.
अब अमित और गहराई तक उतर गया और लगा धीरे-धीरे पेलमपाल करने.
सीमा भी उचक-उचक कर उसका साथ दे रही थी.
सीमा का मन तो था की ऊपर आकर अमित की घुड़सवारी करे.
पर इससे अमित को शक हो जाता.
वो चुपचाप नीचे लेटी चुदती रही.
थोड़ी सी ही देर की धकापेल के बाद अमित ने एक झटके में सारा माल सीमा की चूत में निकाल दिया.
सीमा घबराकर बोली- ये तुमने क्या किया?
वह अपनी फ्रॉक संभालती हुई बाथरूम में भागी.
थोड़ी देर बाद लंगडाती हुई चलती हुई आई- मेरी झिल्ली फट गयी. तुम मेरे लिए गर्म कॉफ़ी बना दो प्लीज़, मैं एक पेन किलर ले लेती हूँ.
कॉफ़ी पीते पीते आधी रात होने को आई.
दोनों ने डिनर लिया और फिर अमित अपने फ्लैट पर चला गया.
इस हॉट गर्ल्स फकिंग स्टोरी के कई भाग हैं.
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