कुंवारी चचेरी बहन बड़े प्यार से चुदी

Views: 2 Category: Brother-Sister By kunalsharma0457 Published: September 21, 2026 📖 12 min read
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वर्जिन कज़िन सेक्स स्टोरी एक भाई और चचेरी बहन की सेक्स कहानी है, जिसमें भाई ने बहन को नंगी देखा तो उसके मन में बहन की चूत मारने का ख्याल आया.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम कुणाल है.
वैसे तो मैं raatkibaat का बहुत पुराना पाठक हूं लेकिन यह मेरी पहली सेक्स कहानी है.

ये वर्जिन कज़िन सेक्स स्टोरी आज से 4 महीने पहले की मेरी चचेरी बहन के साथ बिताए हसीन पलों की है.

उस वक्त मेरे स्कूल की वार्षिक परीक्षा खत्म हुई थी और मैं पटना से घर आया था.
मेरी छुट्टियां 20 दिन की थीं.

हमारा परिवार ज्यादा बड़ा नहीं है.
मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा और एक छोटा भाई है.

मेरे दो चाचा हैं, जिनका घर मेरे घर के बगल में ही है.

यह कहानी मेरे छोटे चाचा की बेटी के बारे में है.
मेरे चाचा की बेटी का नाम रेशमी है. सब लोग उसे प्यार से शम्मी बुलाते हैं.

वह लगभग 20 साल की है लेकिन कोई उसे देख कर कह नहीं सकता कि वह 20 साल की है. वह अपनी उम्र से कुछ ज्यादा ही बड़ी लगती है.

उसके शरीर की बनावट ही ऐसी है कि कोई भी उस पर फिदा हो जाए.
गोरा रंग, बड़ी बड़ी चूचियां, गोल मटोल गांड, गठा हुआ शरीर, पूरी मक्खन माल है.

मेरे छोटे चाचा और पापा के बीच बहुत बनती है.
मेरे पापा और मेरे छोटे चाचा घर पर नहीं रहते थे.
वे दोनों अपने काम के सिलसिले में मुंबई रहते थे और कभी कभी छुट्टियों में ही घर आते थे.

रेशमी मेरे साथ दोस्त की तरह रहती थी.
गर्मी के दिनों में हम सब अभी भी छत पर ही सोते थे.

एक दिन की बात है.
मैं सुबह सुबह छोटे चाचा के घर कुछ काम से गया था.
उनके घर में सिर्फ चाची, रेशमी और उसका छोटा भाई था.

चाची छत पर थीं तो मैं छत पर जा रहा था.
उनके घर का स्नानघर सीढ़ी के पास ही था, तो मेरी नजर अचानक स्नानघर की खिड़की पर जा पड़ी, उसका पल्ला थोड़ा सा खुला रह गया था.

मैं अन्दर का नजारा देखता ही रह गया.

अन्दर रेशमी नहा रही थी.
वह पूरी नंगी थी.
उसकी गोल मटोल गांड दिख रही थी. उसका चेहरा दूसरी तरफ था.

फिर जैसे ही वह मुड़ी, तो उसने अपनी आंखों को बंद किया हुआ था.

मेरे सामने उसकी बड़ी बड़ी चूचियां एकदम तोप के जैसी तनी हुई थीं.
उसके कातिल फिगर को मैं देखता ही रह गया.
ऊपर से शॉवर का पानी उसके चेहरे से होकर उसकी चूचियों से होता हुआ नाभि और चूत से होते हुए नीचे टपक रहा था.

ये दृश्य देखकर मैं एकदम मदहोश हो गया.
अचानक से उसने आंख खोली और मैं घबरा कर छत की तरफ जाने लगा.
शायद उसने मुझे देख लिया था.

पूरा दिन मैं उसी के बारे में सोचता रहा.
मैंने हमेशा से उसे एक दोस्त और बहन के रूप में देखा था.
लेकिन उसे नंगी देख कर शायद मैं अब उसे चोदना चाहता था.

मैं उसे चोदने का मौका ढूंढने लगा.

एक दो दिन तक उसने मुझसे बात ही नहीं की, शायद शर्म के मारे.

फिर एक दिन आंधी के कारण कई बिजली के खंभे गिर गए तो उस दिन लाइट नहीं आने वाले थी.
चूंकि गर्मी बहुत थी तो सब लोगों ने छत पर सोना ही उचित समझा.

मुझे रेशमी की रसीली चूत में अपना लंड घुसाने का बहुत अच्छा मौका मिल गया था.
हमारे घरों की छत आपस में सटी हुई हैं इसीलिए हम सब लोग एक साथ ही सोते थे.

खाना खाकर सब छत पर सोने आए और मैं जाकर रेशमी के बगल में सो गया.
यह साधारण बात थी मैं और रेशमी छत के किनारे हमेशा एक दूसरे के बगल में ही सोते थे.

रेशमी टॉप और लोअर में थी और मैंने भी बनियान और पजामा पहना हुआ था.
पहली बार उसका मेरे बगल में होना मुझे उत्तेजित कर रहा था.

उसकी खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी.

रात के करीबन 12 बजे थे.
मुझे पेशाब लगी थी तो मैं उठ कर नीचे चला गया और बाथरूम में पेशाब करके वापस आ गया.

उस वक्त मेरी नज़र रेशमी पर पड़ी.
उस चांदनी रात में रेशमी का चांदी सा बदन ऐसे चमक रहा था जैसे पूर्णिमा का चांद मुस्कुरा रहा हो!
उसकी चूचियां और उसकी गांड को देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा.

मैं उसके बगल में जरा करीब होकर लेट गया और अपना लंड उसकी गोल मटोल गांड से स्पर्श कराने लगा.
जिससे मेरा लंड और कड़ा हो गया.

अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ कर धीरे धीरे उसकी गोल मटोल गांड पर ऊपर ऊपर से घुमाने लगा.

मुझे डर लग रहा था कि कहीं रेशमी जाग न जाए.
वह नहीं जागी तो धीरे धीरे मेरी हिम्मत बढ़ती गई.

फिर मैंने साहस करके उसके लोअर को थोड़ा नीचे खिसकाया.
उसने अन्दर ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी.

क्या मस्त दिख रही थी उसकी गांड!

धीरे धीरे मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा.
अब मैं उसकी रसीली चूत में उंगली करने लगा था.

शायद उसे अच्छा लग रहा था.
उसकी सांसें तेज हो गई थीं.

मैं अब और भी निडर हो गया था कि उसे भी अच्छा लग रहा है.

एक हाथ से मैंने उसकी एक चूची को दबाना शुरू कर दिया.
वह कुछ नहीं बोली, तो मैं जोर जोर से उसके मम्मे मसलने लगा.
वह धीरे धीरे मदभरी सिसकारियां लेने लगी.

अब उसने मेरी तरफ मुँह कर लिया.

मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है मेरी चुदासी बहन?
वह अपने लिए चुदासी शब्द सुनकर थोड़ा सा मुस्कुराई.

मैंने उसे चूम लिया.
उसके होंठ बहुत ही नर्म और कोमल थे.

तभी उसने मेरे पजामे में हाथ घुसा दिया और मेरा लंड सहलाने लगी.
वह बोली- भइया, मेरी चूत चाटो न!

मैं यह सुनकर और उत्तेजित हो गया.
मैं धीरे से सरक कर थोड़ा नीचे गया और उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत चाटने लगा.
उसने पैंटी सरका कर चुत नंगी कर दी तो मैंने चूत को चखा.

आह … एकदम मक्खन जैसी मुलायम चूत थी और उस पर झांट का एक भी बाल नहीं था!

ऐसा लग रहा था कि मेरी बहन आज मुझसे चुदवाने के लिए पूरी तैयार होकर आई है.
रेशमी की मादक सिसकारियां तेज हो रही थीं.

मैं 5-6 मिनट तक उसकी रसीली चूत को पूरी तन्मयता से चाटता रहा.

वह भी निरंतर अपनी गांड उठा रही थी और कसमसा कर मेरे बालों को पकड़ कर अपनी चुत चटवा रही थी.
अब वह झड़ने लगी थी.

उसकी चूत से निकला सारा कमरस मैंने अपने मुँह में ले लिया.

चुत चाट कर चमका कर मैं ऊपर को हुआ और उससे कहा- अब मेरा लंड अपने मुँह में लो!

रेशमी हांफती हुई बोली- अभी नहीं, बाद में फिर कभी!

मैंने जबरदस्ती करना उचित न समझा.
फिर उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और हिलाना शुरू कर दिया.

मैं उसकी चूचियां मसलता रहा.
कुछ मिनट के बाद मैं उसके कोमल कोमल हाथों से ही झड़ गया और मेरे लंड का रस उसके हाथों में ही लग गया.

अपने हाथों में लगे मेरे सारे माल को उसने मेरी आंखों में देखते हुए चाट कर साफ कर दिया.
मैंने रेशमी के मक्खन होंठों को कसके चूमा और उसके मुँह में गया अपने ही लंड के रस का स्वाद लेने लगा.

कुछ देर तक हम दोनों ने एक दूसरे को रगड़ा और चिपक कर सो गए.
फिर मैं सुबह 4 बजे उठा और रेशमी को चूमा, तो वह भी जाग गई.

हम दोनों ने कुछ देर तक रगड़म पट्टी की और अलग हो गए.
उसके बाद मुझे जब भी मौका मिलता, मैं उसकी चूचियां दबा लेता, उसके मुलायम होंठों को चूम लेता.

चार दिनों के बाद किसी रिश्तेदार के घर शादी थी, उन्होंने सभी को आमंत्रित किया था.
लेकिन मुझे बहुत सारे असाइनमेंट पूरे करने थे इसीलिए मैंने मम्मी से कहा कि मैं नहीं जाऊंगा, मुझे अपना असाइनमेंट पूरा करना है!

मम्मी ने कहा- ठीक है, पर खाना कैसे खाओगे?
मैंने कहा- मैं बना लूंगा.

रेशमी, मेरी मम्मी को बड़ी मम्मी कहती थी.
रेशमी ने कहा- बड़ी मम्मी मैं रुक जाती हूं भइया के साथ!

वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई.
मैं समझ गया कि खाने के साथ साथ मीठी गुझिया का भी इंतजाम हो गया.

फिर अगले दिन सुबह का नाश्ता करके मम्मी, चाची सब रिश्तेदार के घर चले गए.
सब लोग दो दिन के बाद आने वाले थे.

उन सबके जाते ही मैं रेशमी के घर रहने चला गया.
उधर हम दोनों टीवी देखने लगे.

तभी टीवी में कंडोम का विज्ञापन आ गया.
मॉडल सनी लियोनी थी तो लौड़े ने अंगड़ाई ले ली!

रेशमी ने पीले रंग का सूट और उजले रंग का टाइट लैगिंग्स पहना हुआ था.
उसकी गोल मटोल गांड उसमें चिपकी हुई बहुत मस्त दिख रही थी.

रेशमी ने मेरी ओर देखा और मैंने उसकी ओर देखा.
फिर मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया और उसकी गर्दन चूमने लगा.

रेशमी की सांसें तेज हो गईं.
मैं उसके गुलाबी होंठों को चूमने लगा.

करीब 2 मिनट तक मैं उसके रसीले होंठों का रसपान करता रहा.
फिर मैंने उसका टॉप उतारा, उसने गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी.
मैंने जल्दी से उसकी ब्रा भी उतार दी.

उसकी बड़ी बड़ी चूचियां और उन पर भूरे रंग के निप्पलों को देखकर मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और उसकी दोनों चूचियों पर टूट पड़ा. एक को चूसने लगा और दूसरी को मसलने लगा.

‘आह … उम्म्म भइया धीरे धीरे!’
‘साली, आज तो मैं तेरा सारा दूध पी जाऊंगा!’

मैं उसकी चूचियां और जोर से चूसने लगा.
‘आ उम्म आह भइया … प्लीज पहले मेरी चूत चाटो ना भइया!’

फिर मैंने उसकी लैगिंग्स उतार दी.
उसने गुलाबी रंग की पैंटी पहनी हुई थी.

उसके गोरे गोरे बदन पर गुलाबी पैंटी बहुत मस्त लग रही थी.

मैंने जल्दी से उसकी पैंटी भी उतार दी.
उसने भी मेरी शर्ट और पैंट को खोल दिया.
मैंने जानबूझ कर उस दिन चड्डी नहीं पहनी थी.

अब हम दोनों एकदम नंगे हो गए थे.
रेशमी की चूत पूरी गीली हो गई थी.

मैं उसकी चूत चाटने लगा.
उसकी चूत गर्म हो गई थी.

क्या मस्त स्वाद था उसकी चूत का!

‘आ आह उम्म … भइया जोर से … और जोर से चाटो अपनी बहन की कुंवारी चूत को!’
जब उसने कुंवारी चुत कहा, तो दिल बाग बाग हो गया.

मैं पांच मिनट तक चुत को गुझिया समझ कर चूसता चाटता रहा.

इसके बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैं उसका सारा पानी पी गया.

रेशमी ने कहा- भइया, आज मैं भी आपके लंड का स्वाद चखना चाहती हूं!
‘तो आ जा न मेरी चुदक्कड़ बहना … चूस ले मेरे लौड़े को!’

वह हंस कर बोली- हां भइया, अपनी इस प्यासी बहन को अपने लंड का स्वाद चखाओ!
उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया.

‘आह चूस बहन की लौड़ी … चूस अपने भाई के लंड को … आ आह… चूस साली चूस!’

कुछ मिनट के बाद मैं झड़ गया.
मेरे वीर्य का एक बूंद भी उसने नीचे नहीं गिरने दिया.
सारा का सारा गटक गई.

‘भइया आपका माल बहुत स्वादिष्ट और मीठा लग रहा है!’

मैंने उसके होंठों को कसके चूम लिया, फिर उसकी चूचियां दबाने लगा.
उस वक्त उसकी चूचियां बहुत टाइट हो गई थीं.

थोड़ी देर बाद मेरा लंड रेशमी की रसीली चूत को चोदने के लिए तैयार हो गया.

‘मेरे लंड को चूसकर इसे थोड़ा गीला कर दे मेरी शम्मी!’
रेशमी ने मेरा लंड चूसकर गीला कर दिया.

अब मैं अपने हाथों से पकड़ कर अपना लंड उसकी चूत पर घुमाने लगा.

‘अब चोद भी दो भइया … इतना इंतजार ना कराओ … आह जल्दी से अपनी बहन की चूत चोद डालो!’

मैंने एक ही झटके में अपना आधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.
वह दर्द से कराह उठी.

मुझे भी अपने लंड पर कुछ गर्म महसूस हुआ.
मैंने देखा तो रेशमी की चूत से खू.न निकल रहा था.

मैं रुक गया और उसके होंठों को चूमने लगा.

थोड़ी देर बाद उसका दर्द कुछ शांत हुआ, तो मैं धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत में आगे पीछे करने लगा.

अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चलने लगा था.
वह भी धीरे धीरे अपनी गांड हिला कर चुदाई का मजा लेने लगी.
‘आह भइया जोर से…!’

मैं जोर जोर से उसकी चूत चोदने लगा.

‘आह भइया … और जोर से चोदो और जोर अपनी बहन की चूत की प्यास बुझा दो!’
‘अह आज तेरी चूत फाड़ दूंगा साली रांड!’
‘आह उम्म्म … भइया चोदो अपनी कुंवारी बहन को चोदो!’

बीस मिनट के बाद मैं अब झड़ने वाला था.

मैंने रेशमी से कहा- मैं अपना माल कहां निकालूं?
‘मेरे मुँह में निकालो भइया!’

मैंने अपना लंड चुत से खींचा और अपने हाथ से पकड़ कर उसके मुँह में डाल दिया.
वह सारा माल पी गई.

रेशमी ने मेरा लंड और मैंने उसकी चूत चाट चाट कर साफ कर दी.

फिर हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए.
मेरी नींद 6 बजे शाम के करीब खुली.

मैं उठते ही उसकी नर्म नर्म चूचियों को चूसने लगा.
इससे उसकी भी नींद खुल गई.

मैंने उससे पूछा कि आज पहली बार तुम्हारी चुदाई हुई है न!
उसने कहा- हां भइया आज पहली बार मेरी चुदाई हुई है.

‘तुम्हारी चूचियां बहुत बड़ी बड़ी कैसे हो गई हैं?’
रेशमी- मैं गंदी गंदी फिल्में देख देख कर अपनी चूचियों को मसलती थी. मैं तो कब से आपसे चुदना चाहती थी लेकिन कभी कह नहीं पाई. आपसे से अपनी सील तुड़वाकर मुझे बहुत मजा आया!

मैंने कहा- तो एक बार और हो जाए!
वह मुस्कुराई और बोली- एक बार नहीं, बार बार चोदो मेरे प्यार भइया, ये शम्मी आज से आपकी ही है!

उन दो दिनों में रेशमी को मैंने 8 बार चोदा.
वे दो दिन मेरी जिंदगी के सबसे हसीन दिन साबित हुए थे.

अभी भी मेरी बहन मेरे लंड से चुदती है.

यदि आप लोगों को मेरी वर्जिन कज़िन सेक्स स्टोरी पसंद आई हो, तो मेल जरूर लिखें.
मैं आपकी मेल के बाद ब्रदर फक वर्जिन सिस्टर पर आधारित अपनी अगली सेक्स कहानी भी आपके साथ साझा करूंगा.
नमस्कार.
मेरी ईमेल आईडी है
kunalsharma0457@gmail.com

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