वर्जिन बॉय सेक्स कहानी में कंप्यूटर क्लास में मेरी एक क्लासमेट बहुत चालू थी, हर किसी से चुद जाती थी. लेकिन मेरी फटती थी. काफी समय बाद वो मुझे बस में मिली.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम रितिक शर्मा है और मैं 22 वर्षीय मवाना का रहने वाला लड़का हूँ।
अगर मैं अपने बारे में बताऊँ तो मेरी हाइट 6 फीट है और मैं दिखने में पतला लेकिन गोरा हूँ। मेरे लंड का साइज 6.15 इंच और गोलाई 4.4 इंच है।
मैं गंगा नगर स्थित आईआईएमटी कॉलेज में सेकंड ईयर इंजीनियरिंग का छात्र हूँ।
वैसे तो मैं raatkibaat का नियमित पाठक हूँ, लेकिन सोचा आज अपनी जिंदगी से जुड़ी एक सच्ची कहानी सबके सामने पेश करूँ।
ये मेरी पहली कहानी है, इसलिए अगर कोई गलती हो जाए तो माफ करना।
तो अब वर्जिन बॉय सेक्स कहानी पर आता हूँ।
ये बात तब की है जब मैं अपनी बारहवीं कक्षा के बाद छुट्टियों में एक कंप्यूटर क्लासेज में जाने लगा था।
वहाँ मेरी मुलाकात हुई एक लड़की छवि शर्मा से।
उसकी हाइट 5 फीट 2 इंच और दिखने में पतली थी, लेकिन फिगर अच्छा था।
लेकिन वो लड़की थी बदनाम।
सब लड़के उसके बारे में कहते कि ये लड़की रंडी है, बहुत से आशिक हैं इसके।
और साथ ही साथ उसका एक बॉयफ्रेंड हमारी कोचिंग में भी बना हुआ था।
लेकिन मुझे उससे कुछ लेना-देना नहीं था।
कुछ दिन बाद मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया और गंगानगर में कमरा लेकर रहने लगा।
मुझे लड़कियों से बात करना नहीं आता और ना ही कोई बहुत सारा पैसा है कि कोई लड़की पटा सकूँ.
इसलिए एक साल ना जाने कब में निकल गया और मैं आ गया सेकंड ईयर में।
लेकिन एक दिन अपने घर से वापस रूम पर आते हुए छवि मुझे बस में मिली, तो उससे मेरी बातें हुईं।
अब जो किस्से मैंने उसके सुने थे, मेरे मन में भी ये बात आई कि क्यों न इस पर ट्राय करा जाय, क्या पता चूत का जुगाड़ हो जाए।
और मैं लग गया उससे बातों में और जैसे-तैसे करके मैंने उससे नंबर भी ले लिया।
फिर हमारी बातें शुरू हुईं और उसने बताया कि वो सिंगल है और मैंने भी कुछ दिनों में उसे पटा लिया।
और उसे गंगानगर अपने रूम पर बुला लिया।
मैं ठहरा वर्जिन और बचपन से हाथगाड़ी ही चलाई थी बस और दोस्त भी ज्यादा नहीं थे।
तो मैं रह गया सेक्स में कच्चा खिलाड़ी.
लेकिन जब पहली बार छवि के साथ सेक्स करा वो बस ठीक था।
मैं एक घंटे तक फोरप्ले करा, खूब किस करी, बगले चाटी, और उसकी चूत चाटी, 69 करा, उसे अपना लंड चूसाया और फिर चूत मारने के टाइम पर कंडोम और लुब्रिकेंट (Durex lube) लगाई।
उसकी चूत में अपना लंड डालने में मुझे कोई भी दिक्कत नहीं हुई और उसने भी कुछ ज्यादा दिक्कत नहीं करी क्योंकि वो थी पूरी चुदक्कड़।
बस सिसकियाँ और बड़ी कामुक आवाज़ें निकलती रहीं।
करीब 2 से 3 मिनट में झड़ गया।
और फिर हमने आराम करा और इतने में उसके जाने का टाइम हो गया और वो चली गई।
लेकिन मेरे मन में बहुत से सवाल थे कि क्या उसको अच्छा लगा, क्या उसको मजा आया।
मतलब कुल मिला के पहले सेक्स ने मेरे मन में बहुत सारे सवाल छोड़ दिए।
हमारी बातें ऐसी ही चलती रहीं और हम ऐसे ही मिलते रहे और वो कोचिंग के बहाने आके मुझसे चुदती रही।
लेकिन अब मैं भी ऐसे सेक्स से बोर हो चुका था और कुछ गजब करने का सोचने लगा।
और फिर एक दिन बात बन गई।
यह वर्जिन बॉय सेक्स कहानी इसी सेक्स के बारे में है।
एक बार जब छवि मेरे पास थी और चुदने के बाद उसके वापस जाने का टाइम हुआ, तब बहुत तेज बारिश पड़ने लगी और रात होने आई, और इंतजार करते-करते वापस अपने घर मवाना जाने का कहने लगी।
तब मैंने कहा कि अपने घर पर फोन करे और अपनी दोस्त के घर रुकने का कह दे।
उसने घर फोन करा और कॉन्फ्रेंस पर अपनी एक सहेली को लेकर उससे बात करा दी कि वो आज मेरठ रुकेगी।
ये पहली बार था जब वो सारी रात के लिए मेरे पास रुकने वाली थी।
और मैं भी पूरा खुश और तैयारी करने लगा रात की।
मैंने उसे कहा कि मैं कुछ खाने को ले आता हूँ बाहर से, इतने वो नहा लेगी।
और मैं होटल से खाना लेने आ गया और वापस आते हुए मैंने वियाग्रा 30mg ले ली।
ये पहली बार था जब मैं कुछ ऐसी दवाई लेने वाला था।
और घर पहुँचते-पहुँचते मेरे दिमाग में न जाने कैसी-कैसी फैंटेसी आने लगी।
और मन करा बस जल्दी से घर जाऊँ और छवि को नंगी पटक के चोद दूँ।
मैं घर आया और छाता एक तरफ फेंका और खाना एक तरफ और रसोई में जाकर सीधा वो गोली खाई।
इतने छवि भी नहा चुकी थी और उसके चेहरे पर पानी की बूँदें मेरे लंड में आग लगा रही थीं।
उसने मेरे कपड़े पहने हुए थे और मेरे लोअर में उसकी उठी हुई गाँड मुझे बुला रही थी।
लेकिन उसने खाना करा और हमने खाना खाया और वो बस मेरे साथ मेरे बेड पर बैठ गई।
और इतनी देर में गोली ने अपना असर दिखाना शुरू करा और मेरा लंड अकड़ चुका था, दिल बहुत तेज-तेज धड़क रहा था, कान गरम हो चुके थे और गला सूख चुका था।
लेकिन हवस सर चढ़ के नाच रही थी.
और पता नहीं क्यों मैंने गाने चलाए और छवि को नाचने के लिए कहा.
वो साली रंडी नाचने लगी, तब मैंने उसके कपड़े उतारे और उसे नंगी करके नचाया।
और उसमें कोई शर्म नहीं थी और वो बिना किसी झिझक के नाचने लगी।
और तब उसकी 32 इंच की चूचियाँ, 26 इंच की कमर और 30 इंच की गाँड पहली बार इतनी सुंदर लगी जैसी पहले कभी नहीं लगी थी।
और मैं बस बैठा-बैठा उसको देखता रहा।
10 मिनट के बाद मैं खड़ा हुआ और उस नंगी मादरजात छवि के होठों को चूसना शुरू कर दिया और सीधे हाथ से उसकी गर्दन और उल्टे हाथ से उसके चूतड़ कस के पकड़े।
और उसको चूसता रहा और उसकी चुचियों को और गाँड को दबाता रहा।
फिर मैंने खड़ी-खड़ी उसको दीवार से लगाया और अपना एक हाथ उसकी चूची और दूसरे हाथ से उसकी चूत मसलने लगा।
मुझे अपने अंदर पहली बार इतनी हवस दिख रही थी।
और मैं फिर नीचे झुक के उसकी गीली चूत को फैला के चाटने लगा और 2 मिनट चूत चाटने के बाद छवि मेरे मुँह पर भरभरा के झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पी गया।
वो नमकीन पानी स्वाद में कुछ खास नहीं, गाढ़ा पानी, लेकिन चुदाई की हवस में आदमी क्या कुछ नहीं करता।
फिर मैंने उसको उठाया और उसको बेड पर लिटाया और अपने कपड़े उतारे, और उसके मुँह में अपना लंड ठूस दिया और वो भी पूरी रंडी की तरह लंड को गले तक लेकर चूस रही थी और 3-4 मिनट की चुसाई के बाद मैं भी उसके मुँह में झड़ गया।
लेकिन मेरा लंड आज बैठा नहीं, शायद ये उस गोली का असर था।
तब मैंने उसको बेड पर चित लिटाया और अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया क्योंकि मुझे कोई रिस्क नहीं लेना था।
और उसकी टाँगों के बीच में आके उसकी चूत के मुँह पर लंड लगाया और एक धक्के में पूरा लंड बच्चेदानी तक घुसा दिया और उसके मुँह से एक प्यार सी सीत्कार निकली।
मैंने छवि की टाँगें अपनी कमर पर करी और उसके सर को पकड़ के उसकी चूची अपने मुँह में भरी और लगा उसकी चूत को रगड़ने।
और आज रेलगाड़ी से भी ज्यादा तेज धक्के मारे।
उसके मुँह से बस सी… सी… सी… ओह ओह… आह… आह… ही निकल रही थी।
फिर मुझे अपने लंड पर उसकी चूत से बहता उसका रस फील हुआ और उसकी चूत और चिकनी हो गई और उसकी अकड़न ने साफ बता दिया कि वो छिनाल झड़ चुकी है।
लेकिन मैं लगा रहा और जब मैं झड़ने के करीब हुआ तब मैंने 30-40 सेकंड के लिए लंड निकाला और उसकी चूत में उँगली करने लगा।
जैसे लंड के उठे वेग शांत हुए, मैंने उसे अपने लंड के ऊपर बैठाया और उसको उछाल-उछाल के चोदने लगा और ऐसे में मेरा लंड पूरा पीछे तक हो जाता और मुझे एक अलग मजा आता और जैसे ही मैं झड़ने वाला होता, मैं लंड बाहर निकालता और उसको किस या चूत में उँगली या चूत चाटने लगता।
अब तक वो 3 बार झड़ चुकी थी और उसकी चूत सूज चुकी थी।
लेकिन मैं कभी उसको घोड़ी बना के चोदता तो कभी उसको लंड की सवारी करता।
फिर मैंने दोबारा से उसको अपने लंड के ऊपर बैठाया और एक कंडोम अपनी एक उँगली पर पहनाया और जब वो लंड पर बैठी तब मैंने एक उँगली उसकी गाँड में डाली तो वो चिहुंक उठी।
मैं समझ गया कि इसकी गाँड कुँवारी है।
लेकिन मैंने फिर भी उँगली पर लुब्रिकेंट लगा के एक उँगली धीरे से उसकी गाँड में डाली और उसे अब दोनों छेदों में चोदता रहा।
इस बार उसकी आवाजें साफ बता रही थीं कि वो भी सातवें आसमान पर है।
इस बार मैंने अपने आपको नहीं रोका और झड़ गया और साथ में वो भी झड़ी और मेरे ऊपर ही गिर गई।
लेकिन मेरा लंड शांत न हुआ, फिर भी खड़ा रहा।
तब मैं उठ के बाथरूम गया और कंडोम फेंके और हाथ धोए।
और वापस आकर मैंने छवि से कहा- लंड को बैठा कैसे भी, अब दर्द हो रहा है।
लेकिन वो बोली, “मैं 3 बार झड़ चुकी हूँ, मेरी हिम्मत नहीं है वरना मर जाऊँगी, तब मारते रहना मेरी!”
लेकिन फिर भी मेरे कहने पर उसने मुँह में लेकर मेरा लंड हिलाया और मेरा सारा वीर्य गटक गई।
और मेरा लंड भी बैठ गया।
और हम एक-दूसरे से चिपक के नंगे ही सो गए।
लेकिन जब सुबह मेरी आँख खुली तब मैंने टाइम देखने के लिए छवि का फोन उठाया और ना जाने क्या आया दिमाग में और धीरे से फिंगरप्रिंट से उसका फोन खोला, तो व्हाट्सऐप पर उसके किसी बॉयफ्रेंड का मैसेज था।
इसके आगे क्या हुआ ये जानने के लिए इंतजार करें और कमेंट में बताइए कैसी लगी मेरी एकदम सच्ची वर्जिन बॉय सेक्स कहानी।
मैंने पहली बार ऐसे कोई कहानी लिखी इसलिए किसी गलती के लिए माफ करना।
धन्यवाद।
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