बाँडेज सेक्स कहानी में मैं अपने घर में अपने बॉयफ्रेंड के साथ पूरी रात में 6 बार चुद चुकी थी. लेकिन उसकी वासना कम नहीं हो रही थी. दिन में उसने मुझे बंधक बनाकर मेरी गांड मारी.
नमस्कार दोस्तो,
मेरा नाम नेहा है। मेरी उम्र 34 साल है।
मैं एक शादीशुदा महिला हूं।
आज मैं आप सभी के साथ मेरी कहानी पहली चुदाई का एक और भाग शेयर कर रही हूँ।
उम्मीद है आप सभी को मेरी कहानी का भाग
खाली घर में यार के साथ रंगरेलियों का दौर
पसंद आया होगा और आपको मेरी कहानी का ये भाग भी पसंद आएगा।
अब मैं आपको आगे की बाँडेज सेक्स कहानी बताती हूँ।
दोपहर को खाना खाने के बाद एक लंबे राउंड की चुदाई करके मैं थक गई थी और सोने चली गई।
वैभव ने कहा, “तुम आराम कर लो, मुझे नींद नहीं आ रही है!”
वो हॉल में बैठकर अपना मोबाइल देख रहा था।
शाम को पाँच बजे के करीब मेरी नींद खुली और मैं फ्रेश होकर हॉल में गई।
वैभव अपना मोबाइल देखते हुए सो गया था।
उसका मोबाइल ऑन रह गया था।
मैंने उसका मोबाइल लिया तो उसमें पोर्न वीडियो की साइट ओपन पड़ी हुई थी।
मैंने पहले उसका मोबाइल बंद किया और दोनों के लिए गरमा-गरम चाय बनाई।
चाय बनाकर मैंने वैभव को जगाया।
नींद से जागते ही उसने मुझे अपनी तरफ खींचा और अपने पास बिठा दिया और मुझे किस करने लगा।
मैंने उसको धक्का देकर दूर किया और कहा, “पहले फ्रेश हो जाओ! चाय तैयार है, आके चाय पी लो!”
वो फ्रेश होकर आया और तब मैं उसके मोबाइल पर पोर्न वीडियो देख रही थी।
उसने कहा, “तुम्हें ये सब देखना पसंद है?”
मैंने कहा, “ये तो तुम चालू रखकर सो गए थे!”
उसने कहा, “मैं इसमें से कुछ नया स्टाइल देख रहा था और मुझे नींद आ गई!”
मैंने उसका मोबाइल रख दिया और हम दोनों चाय पीने लगे।
चाय पीकर उसने अपना मोबाइल ले लिया और पोर्न वीडियो देखने लगा।
मैं चाय का कप रखकर आई तो उसने मुझे अपने पास बिठा दिया और पोर्न वीडियो दिखाने लगा।
उसने मुझे हार्डकोर, रफ, स्पैंकिंग और स्लेव वाले वीडियो दिखाए और साथ में थ्रीसम और गैंगबैंग के क्लिप्स दिखाए।
फिर वो मुझसे पूछा, “बताओ इनमें से कौन सा करना चाहोगी?”
मैंने कहा, “अब बस हाय! बहुत कर चुके, एक बार करने की बात हुई थी और कल रात से तुम सात-आठ बार कर चुके हो!”
उसने कहा, “ये तो पहली बार ही हम ऐसे मिले हैं और अभी हमारे पास बहुत टाइम है। जब दूसरी बार करेंगे तब इतना टाइम कहाँ मिलेगा!”
मैं उसकी तरफ देखती रही और वो मुझे पूछने लगा, “बताओ कौन सा स्टाइल पसंद है तुम्हें?”
मैंने कहा, “मुझे तो सिर्फ तुम पसंद हो और जो तुम्हें पसंद है वही मुझे भी पसंद है!”
उसने कहा, “देखी आखिरी बार पूछ रहा हूँ, तुम बताओ तुम्हें क्या पसंद है!”
मैंने कहा, “मैं तुम्हारी हूँ और तुम्हें जो पसंद है वही मुझे पसंद है!”
उसने कहा, “ठीक है लेकिन बाद में मुकर मत जाना अपनी बात से!”
मैंने कहा, “ठीक है बाबा! मैं तुम्हारी कसम खाती हूँ, तुम जो कहोगे मैं वही करूँगी!”
उसने कहा, “ठीक है!”
फिर वो डाइनिंग टेबल के पास से एक कुर्सी ले आया और उस पे बैठ गया।
उसने मुझे कहा, “अपने दो-तीन दुपट्टे ले आओ!”
मैं अलमारी से दुपट्टे ले आई.
फिर उसने मुझे कहा, “अपने कपड़े उतारकर नंगी हो जा!”
मैंने मेरे कपड़े उतार दिए और उसके पास नंगी खड़ी हो गई।
उसने पहले मुझे उल्टा घुमाया और मेरी पीठ पीछे उसने मेरे दुपट्टे से मेरे दोनों हाथ बाँध दिए।
फिर उसने मेरे घुटनों के नीचे से मेरे दोनों पैरों को बाँध दिया।
मैंने उसे पूछा, “ये क्या कर रहे हो?”
उसने कहा, “कुछ मत बोलो, जो मुझे पसंद है मैं वही कर रहा हूँ!”
फिर उसने मेरे मुँह पर भी एक दुपट्टा बाँध दिया जिससे मेरी आवाज़ ना निकले।
उसने मुझे कसकर बाँध दिया और फिर मेरी गांड को ऊपर रखकर मुझे पेट के बल अपनी गोद में लेटा दिया।
मुझे अपनी गोद में लेटाकर वो मेरे कूल्हों पर थप्पड़ मारने लगा।
उसके थप्पड़ से मेरी चीख निकल जाती थी लेकिन उसने मेरे मुँह पर दुपट्टा बाँध रखा था जिससे मेरी चीख दब जाती थी।
वो मेरी गांड पर थप्पड़ मारते हुए मुझे गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा था।
उसने थप्पड़ मार-मारकर मेरे कूल्हे सूजा दिए।
फिर वो मुझे उठाकर बेड पर ले गया।
उसने मुझे अपने कंधे पर उठा लिया था और बेड के पास जाकर उसने मुझे जोर से बेड पर पटक दिया।
मुझे बेड पर पटककर उसने मेरे गाल पर तीन-चार थप्पड़ मार दिए और फिर मुझे पेट के बल उल्टा लेटा दिया।
मुझे उल्टा लेटाकर वो मेरी गांड के ऊपर अपने घुटनों पर बैठ गया।
मेरे ऊपर बैठकर उसने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया।
और फिर वो मेरी गांड में अपना लंड अंदर धकेलते हुए मेरे कूल्हों पर थप्पड़ मारने लगा।
मैं दर्द से झटपटा रही थी और वो मुझे थप्पड़ मारते हुए चोदता रहा।
थोड़ी देर बाद उसने मेरे बालों को पकड़कर खींचा और मेरे मुँह को बेड पर पटकने लगा और मुझे गंदी गालियाँ देते हुए चोदने लगा।
उसने मुझे पंद्रह से बीस मिनट तक ऐसे ही चोदा और फिर मुझे डॉगी स्टाइल में खड़ा किया।
मेरी दोनों कोहनी बेड पर टिकी थी और मेरे दोनों घुटने भी बेड पर थे।
उसने मेरे कूल्हों को थप्पड़ मार-मारकर सूजा दिया था और मुझे डॉगी स्टाइल में खड़ा करके उसने मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया।
उसका लंड मुझे बहुत कड़क लग रहा था।
मेरी चूत में अपना लंड डालकर उसने शुरू से ही लंबे-लंबे शॉट्स मारने शुरू कर दिए।
उसके एक-एक शॉट्स पर मैं चीखना चाहती थी लेकिन मेरी आवाज़ दब रही थी।
थोड़ी देर बाद उसने मेरे बालों को कसकर पकड़ा और खींचकर मेरा सर ऊपर उठाने लगा और साथ में वो लंबे-लंबे शॉट्स मारकर मुझे चोदने लगा।
वो मेरे बालों को खींचते हुए मुझे गंदी से गंदी गालियाँ दे रहा था।
उसने मुझे डॉगी स्टाइल में बीस मिनट के करीब चोदा फिर उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुँह पर अपना सारा वीर्य छोड़ दिया।
उसने मेरा मुँह अपने वीर्य से भर दिया था।
फिर उसने मेरे दुपट्टे निकाले और मुझे छोड़ा।
मेरे हाथ पीठ पीछे बाँधकर उसने मुझे बहुत चोदा और जब छोड़ा तब मेरे कंधों से मेरे हाथ दुख रहे थे।
जब मेरे पैर छोड़े तब मेरी गांड और चूत में दर्द हो रहा था।
मेरी कमर भी दुखने लगी थी।
छूटने के बाद काफी देर तक मैं बेड पर लेटी रही।
उसका वीर्य मेरे चेहरे से सरकता हुआ मेरे कान के आसपास और मेरे होठों पर आ रहा था।
मुझे मेरा दुपट्टा लेकर उसे साफ करना पड़ा।
काफी देर बाद मैंने खुद को संभाला और मैं खड़ी हुई।
इस बार उसने मेरी बहुत जबरदस्त चुदाई की और मेरी हालत बिगाड़ दी।
मैं जब बैठती थी तब भी मेरी गांड दुख रही थी।
चलते समय भी मुझे मेरे पैर थोड़े फैलाकर चलना पड़ता था।
खुद को संभालकर मैंने उसको पूछा, “ये कैसे कर रहे थे तुम?”
उसने कहा, “मैं एक बार ऐसे चुदाई करना चाहता था लेकिन मुझे किसी ने ऐसी चुदाई नहीं करने दी। लेकिन तुमने मेरी ख्वाहिश पूरी कर दी और इसके लिए तुम्हारा शुक्रिया करूँ उतना कम है!”
फिर उसने मेरे लिए एक मस्त ठंडा-ठंडा ज्यूस बनाया और हम दोनों ने मिलके साथ में ज्यूस पिया।
तो मेरे प्रिय मित्रो, कैसी लगी मेरी BDSM बाँडेज सेक्स कहानी?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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