जीजा जी ने दिया चुदाई का असली मजा- 2

Views: 51 Category: Jija-Sali By choudharyvartti Published: May 15, 2026

जीजू सेक्स कहानी में मेरे नपुंसक पति के बारे में मेरे जीजू को पता चला तो उन्होंने मेरी चूत का मजा लेने की कोशिश की. मुझे भी लंड की जरूरत थी.

दोस्तो, मैं वृति चौधरी अपनी सेक्स कहानी में आप सबका स्वागत करती हूँ.

मेरी पाठिका प्रिया आपको अपने जीजा से चुदने वाली घटना को सुना रही थी.
उसी से आगे की कहानी सुनते हैं.

कहानी के पहले भाग
मेरी चूत को लंड का मजा नहीं मिला
में आपने पढ़ा कि उस दिन जीजा जी मुझे बाजार घुमाने ले जाने के बहाने घर से ले गए थे. मुझे एक दिन पहले उनके लौड़े को याद करके उनसे चुदने का मन करने लगा था.

अब आगे जीजू सेक्स कहानी:

अब तक बाजार आ गया था.

बाजार से उन्होंने थोड़ा बहुत सामान लिया और रास्ते में बाइक एक मेडिकल स्टोर पर रोक दी.
वे मेडिकल स्टोर से कुछ ले रहे थे और स्टोर वाले लड़के मुझे घूर कर देख रहे थे.

मैंने पूछा- क्या दवाई ली?
वे बोले कि तुम्हें पता चल जाएगा.

उस समय गर्मियों के कारण बहुत तेज धूप और गर्मी थी.

मैं बोली- जीजा जी जल्दी घर ले चलो गर्मी बहुत ज्यादा है.
वे बोले- ठीक है, एक छोटा सा काम है वह हो जाएगा तो फिर छोड़ दूंगा.

अब वे अपने घर की तरफ जाने लगे.

मैं बोली- आप अपने घर की ओर क्यों जा रहे हो?
वे बोले- वहीं थोड़ा सा काम है.

मैं बोली- पहले मुझे छोड़ देते!
वे बोले- अरे थोड़ी देर में मेरा काम हो जाएगा तो छोड़ दूंगा.

अब वे मुझे अपने गांव वाले घर ले गए.
वहां कोई नहीं रहता था, घर में ताला लगा हुआ था.

जीजा जी का परिवार कृषि कार्य करता था तो कृषि फार्म पर ही सब लोग रहते थे.

उन्होंने गेट खोला और गाड़ी अन्दर ले जाने लगे.
मैं बोली- यहां अन्दर क्यों ले जा रहे हो?

वे बोले- रुको न थोड़ा.
हम अन्दर गए तो उन्होंने गेट अन्दर से बंद कर दिया और मुझसे बोले- थोड़ी देर कमरे में बैठेंगे और हल्की गर्मी कम होगी तो निकल जाएंगे.

हम दोनों कमरे में चले गए.

अन्दर जाते ही उन्होंने मुझे पकड़ लिया.

मैं बोली- यह क्या कर रहे हो?
वे बोले- तुम्हें नहीं पता है क्या … इतनी छोटी तो तुम भी नहीं हो.

उनका शरीर पहलवान की तरह है, तो उन्होंने मुझे कस के पकड़ लिया था.

वे बोले- मेडिकल से तो मैं तुम्हारे लिए ही कुछ ले रहा था.

मैंने पूछा- क्या लिया?
वे बोले- अभी देख लोगी.

वे वहां चारपाई पर बैठ गए.
जीजा ने बताया, तब मुझे पता चला कि मेडिकल वाले लड़के मुझे क्यों घूर रहे थे.

मैं भी पास में बैठ गई क्योंकि अब मेरी भी चूत में खुजली होने लगी थी.
वे मेरे दूध दबाने लगे और बोले- अभी भी इतने छोटे हैं.

वे सच कह रहे थे क्योंकि मेरे दूध अभी भी नींबू के आकार के ही थे.

वे बोले- तुम्हारी दीदी के तो मैंने साल भर में बड़े-बड़े पपीते जैसे कर दिए थे.

उनकी बात सही थी, दीदी के बूब्स पपीते जैसे बड़े थे.
जब दीदी मेरे सामने अपनी ब्रा उतारती थीं तो साफ समझ आ जाता था कि उनके दूध लटकने लगे थे.

सच में ऐसा लगता था कि छोटे छोटे पेड़ों पर भी बड़े बड़े पपीते लटक रहे हों.

जीजा जी मेरे दूध दबा रहे थे तो मुझे अपने मम्मों में दर्द हो रहा था.

मैंने कहा- धीरे दबाओ न … दर्द हो रहा है.
वे बोले- दर्द तो होगा ही, आज तक किसी ने ढंग से चोदा नहीं है. न ही किसी ने तुम्हारे दूध सही से दबाए हैं.

जीजा जी लगातार मेरे मम्मों को मसल रहे थे और मेरे बदन को सहलाते जा रहे थे.
‘तुम अभी भी कुंवारी हो.’

अब वे मुझे गले पर और कंधे पर किस करने लगे.
फिर उन्होंने सेक्स टेबलेट निकाली और ली और मुझसे बोले- सेक्स टेबलेट लेकर आया हूं, ताकि आज तुझे खुश कर दूं.

यह कह कर उन्होंने मेरे कुर्ते को उठा लिया और ब्रा को खींच कर मेरे दूध को नंगे करके एक को मुँह में भर कर चूसने लगे.
उनके चूसने से मेरे पूरे बदन में आग लग गई और मैं बिस्तर पर मछली की तरह मचलने लगी.

मैं जोर जोर से बस यही कह रही थी- आआह … आह जीजा जजज … ऊऊ ईई मम्मीई … जीजा जी आराम से … आआह ऊऊऊ.
वे मेरे पूरे एक दूध अपने मुँह में लेकर चूस रहे थे तो मैं भी गर्म हो गई थी.

मेरे पति ने कभी मेरे मम्मों को इतना नहीं चूसा था.

वे मेरे दोनों मम्मों को दस मिनट तक बारी-बारी से चूसते रहे और दबाते रहे.
अब तक मेरी चुत में से एक बार पानी छूट गया था.

फिर उन्होंने अपने कपड़े उतारे और वहां बनी अलमारी में रख दिए.
मेरा भी कुर्ता उन्होंने ही उतारा और ब्रा भी.

मैं पहली बार उनके जैसे पहलवान मर्द को पूरा नंगा देख रही थी.

बाद में जीजा जी मेरी पीठ पर किस कर रहे थे.
वे मेरे कंधे और गले पर भी किस कर रहे थे.
इस कारण मुझे अजीब सा लग रहा था.

फिर उन्होंने मेरी लैगी उतार दी.
उन्होंने मेरी पैंटी को नीचे से गीला देखा, तो बोले- तुम्हारी चुत गीली हो गई है. पति के साथ कितनी बार गीली होती है तेरी?
मैं बोली- कभी नहीं!

वे कहने लगे- शर्मा क्यों रही है. नंगी हो गई, फिर भी शर्मा रही है रंडी!
मैंने कहा- ऐसा वैसा मत बोलो, मुझे अच्छा नहीं लगता.

वे बोले- तो क्या कर लेगी साली, ज्यादा ही नखरे दिखा रही है. खुद का पति चोद नहीं पाता और दूसरे अगर चोदना चाहते हैं तो नखरे करती है मादरचोद रंडी.

फिर उन्होंने मेरी पैंटी उतार दी और अपनी उंगली मेरी चुत में डालकर घुमाने लगे.
वे बोले- देख, आज कैसे गीली कर दी है तेरी!

वे उंगली को इधर-उधर अन्दर घुमा रहे थे.
मेरी सिसकारी निकल रही थी.

वे बोले- मेरा लंड हाथ में ले!
तो मैंने उनका लंड अपने हाथ में ले लिया.
उनका बहुत टाइट था और गर्म भी था.

मैं भी गर्म तो हो ही गई थी.
जीजा जी ने कंडोम पहना.

फिर उन्होंने मुझे चारपाई पर लिटा दिया और मेरी दोनों टांगों को फैला दिया.
फिर मेरी चुत में अपना लंड एक ही झटके में घुसा दिया.

मुझे ऐसा लगा कि कोई गर्म लोहे की रॉड अन्दर डाल दी है क्योंकि मेरी चूत अभी टाइट थी.
मेरी आह निकल गई और मैं उनको ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी थी

उनका पहलवान जैसा शरीर और वजन ज्यादा था तो मेरी उनको हटाने की कोशिश असफल ही रही थी.
मुझे उनका वजन लग रहा था. मेरी आंखों में भी आंसू आ गए.

वे मुझे चोदने लगे.
उनका चोदने का तरीका बहुत अलग था.
वे किसी अच्छे खिलाड़ी की तरह मेरे साथ सेक्स कर रहे थे.

काफी देर चोदने के बाद वे आगे से उठे और अपने हाथों के बल पर अपनी कमर को पीछे करके मेरी चुत में धक्का देते.

पहले वे पूरा बाहर निकालते, फिर धक्का देते तो चारपाई रगड़ खा रही थी.
मैं बोली- चारपाई टूट जाएगी, धीरे करो!

तो उन्होंने जमीन पर दरी बिछाई और बोले- अब आ जा नीचे.
वे वापस उसी तरह आगे से ऊपर होकर कमर से मेरी चुत में धक्के मारने लगे.

उनको चुदाई करते हुए 5 मिनट से ज्यादा हो गया था.

मेरे पति ने कभी इतना ज्यादा किया ही नहीं था.
मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था.
ऐसा लग रहा था कि जीजा जी अन्दर ही डाले रहें.

फिर उन्होंने अपना पूरा वजन मेरे ऊपर दे दिया और अपने लंड को अन्दर दबाने लगे.

कुछ देर बाद उन्होंने अपना वीर्य छोड़ दिया.
उस वक्त एक मिनट तक उनका लंड भयंकर झटके मारता रहा.
मुझे इतना सुख पहली बार मिला था.

फिर उन्होंने अपना कंडोम हटाया और उसे पोलीथीन की थैली में डाल दिया.
मैं उठ कर कपड़े पहनने लगी.

उन्होंने मुझे पकड़ लिया और चारपाई पर अपने पास में खींचा और पूछने लगे कि मजा आया कि नहीं साली साहिबा?
मैं हंस कर बोली- मजा तो बहुत आया.

वे कहने लगे- अभी तो शुरू किया है. इस बार देखना कि कैसे तुम्हें उड़ाता हूं. अक्सर मेरे पति सेक्स के बाद नींद में सो जाते हैं लेकिन जीजा जी मुझसे बहुत प्यार से बातें कर रहे थे और मेरे दूध चूस रहे थे.

चुदाई के बाद महिला पुरुष की बाहों में लिपटना चाहती है और पुरुष दूर होना चाहता है लेकिन यहां जीजा बिल्कुल उल्टे निकले.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे खड़ी कर दी और खुद चारपाई पर बैठे-बैठे मेरी गांड को सहलाते हुए दबाने लगे.

वे बोले- रमण ने कभी तुम्हारी गांड चाटी है?
मैंने मना किया तो वे कहने लगे- वह तो कच्चा खिलाड़ी है.

जीजा जी मेरे हिप्स पर किस के साथ ही जीभ को फेरने लगे.
वे बोले- पीछे से मारी है क्या तुम्हारी?
मैंने मना कर दिया.

फिर वे मेरे पीछे खड़े हो गए और पीछे खड़े होकर मेरे दूध दबाने लगे.
उनका लंड मेरी पीठ पर लग रहा था.

फिर उन्होंने पीछे से अन्दर डालने की कोशिश की.
मैं बोली- ऐसे मत करो, कंडोम लगा दो.

उन्होंने कंडोम लगाया और मुझे आगे की तरफ झुका कर पीछे से मेरी चुत में लंड डाल दिया और खड़े-खड़े ही मुझे टाइट पकड़ कर चुदाई करने लगे.

जीजा जी मुझे बहुत सुख दे रहे थे.
आज मेरी चुत जितनी बार पानी छोड़ रही थी, उतना पहले कभी नहीं हुआ था.

फिर वे चारपाई पर बैठ गए और उन्होंने अपने पैर जमीन पर लटका लिए.

जीजा जी ने मुझे आगे से गोदी में बैठाया और अपना लंड अन्दर डाल दिया.
वे मुझे खुद ही आगे पीछे कर रहे थे, सच में जीजा जी बहुत अच्छे खिलाड़ी थे.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और चोदने लगे.
मेरी सांस तेज तेज चलने लगी थी.

वे स्पीड में थे और लगातार सेक्स कर रहे थे.
मैं उनका स्टैमिना देखकर हैरान थी.
चालीस साल की उम्र में भी वे बहुत ताकतवर थे.

बीस मिनट तक वे मेरे दूध दबाते हुए सेक्स करते रहे, फिर बोले- कैसा लग रहा है साली साहिबा?
मैं बोली- आप बार-बार एक ही सवाल क्यों पूछ रहे हो?

वे बोले- इसलिए ताकि पता चले कि तेरा पति ज्यादा मजे देता है या तेरा जीजा?

उन्होंने मुझे अपने गले से लगाया और बोले- अब थोड़ा मुँह में भी ले ले मेरा.
मैं अपने मुँह में कम ही लेती हूं, पर उस दिन मैं भी मान गई.

उन्होंने कंडोम हटाया और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया.
चॉकलेट फ्लेवर के कंडोम के कारण मुझे चॉकलेट जैसा टेस्ट लग रहा था.

वे बोले- अब इसे हाथ से हिला!
मैं उनका लंड हाथ में लेकर धीरे-धीरे हिलाने लगी.

वे बोले- कमजोर है क्या … शरीर में ताकत नहीं है? हाथ तेज तेज चला!
मैं तेज तेज हाथ हिलाने लगी, तो उनका वीर्य निकल गया.

मैं पैंटी उठाने लगी तो मेरे हाथ से पेंटी छुड़ाकर अलमारी में रख दिया और कहा- तुझे इतनी क्या जल्दी है? कोई बॉयफ्रेंड इंतज़ार कर रहा है क्या तेरा?
मैंने कहा- नहीं!

वे बोले- फिर रुक जा ना थोड़ी.
मैं बोली- घर से निकले बहुत देर हो गई है और किसी को पता चला तो मुश्किल होगी. अब मुझे घर छोड़ दो.

मैंने जिद करके कपड़े पहने और उन्होंने भी बिना मन के कपड़े पहन लिए.
वे बोले- अगर तू घंटा भर और रुक जाती तो एक बार और करता!

मैं बोली- फिर कभी कर लेना!
वे बोले- कब?
मैंने कहा- जब ठीक लगे.

बाद में उन्होंने मुझे मेरे घर छोड़ दिया और चले गए.
उस सप्ताह में उन्होंने दो बार मेरे साथ सेक्स किया था.

दूसरी बार मैं जब अकेली थी तो वे दिन में मेरे घर आए और दो बार करके गए.
मुझे मेरे पति इतने मजे नहीं देते हैं लेकिन साल में जब कभी कभी ही जीजा जी आते हैं, तब वे बहुत ही अच्छे से रगड़ कर चोदते हैं.

बस मैं जीजू सेक्स से ही संतुष्ट हूं.
लगभग पिछले 5 सालों से जीजा ने ही मेरी चुदाई की है और उसी वजह से ही मेरा बदन भी काफी ज्यादा भर चुका है.
जीजा जी से चुदाई करवाने में बहुत ज्यादा मजा आता है.

आप सब लोग ईमेल करके जरूर बताएं कि आपको मेरी जीजू सेक्स कहानी कैसी लगी.
choudharyvartti@gmail.com

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