हॉट सेक्सी चाची फक स्टोरी में मेरे चाचा की शादी हुई तो मैं चाची को देख पागल सा हो गया. इतनी मस्त थी वो. मैं उनके पास जाने लगा, दोस्ती बढ़ाने लगा.
दोस्तो, आप सभी कैसे हैं. आशा करता हूं आप सभी ठीक होंगे.
मेरा नाम सब्बू है.
मैं raatkibaat सेक्स कहानी वाले इस पटल का नियमित पाठक हूं.
मैंने सोचा कि आज मैं भी अपने जीवन की सच्ची घटना आपके साथ साझा करूं!
ये हॉट सेक्सी चाची फक स्टोरी पूरी तरह से सच्ची है, इसमें कोई काल्पनिक चरित्र या गप्प आदि नहीं है.
लंड वाले भाई लोग अपना अपना हाथ में ले लें और चुत वाली लड़कियां भाभियां आंटियां या अपने भाइयों से चुदने वाली बहनें अपनी अपनी चुत में उंगली करने के लिए तैयार हो जाएं.
ये कहानी मेरी दूर के रिश्ते में लगने वाली एक चाची की चुदाई की है.
मैंने चाची को पटा कर उसकी चुत और गांड चुदाई का मजा लिया था.
मेरी इन चाची का नाम कविता है.
उनकी शादी मेरे रिश्ते के चाचा के साथ 2012 में हुई थी.
उस समय मैं भी 20 साल का गबरू जवान हो गया था.
मेरे अन्दर भी जवानी फूटने लगी थी.
मेरे दिमाग में हर समय सिर्फ और सिर्फ चुत ही घूमती रहती थी.
हम लोग चाचा की बारात लेकर गए.
उधर जैसे ही स्टेज पर मैंने चाची को देखा, तो मैं तो यार एकदम से पागल ही हो गया.
मैं सोचने लगा कि क्या गजब की खूबसूरत चाची मिली है चाचा को … कहां मेरा लंगूर ब्रांड का चाचा और कहां सेक्सी हीरोइन जैसी चाची!
वह कहावत आज मुझे पूरी तरह से सही होती दिख रही थी, जिसमें कहते हैं कि लंगूर के हाथ में हूर.
बस मैं सोचने लगा कि चाचा आज रात को चाची को किस किस तरह से चोदेंगे.
खैर … रस्म रिवाज हुए और फेरे हुए.
रात 3 बजे विवाह का कार्यक्रम सम्पूर्ण हो गया और विदाई की तैयारियां होने लगीं.
एक डेढ़ घंटे में विदाई भी हो गई.
हम सब बारात वापस लेकर घर आ गए और घर पर अपनी थकान दूर करने के लिए आराम करने लगे.
आपको पता ही होगा कि जब नई दुल्हन घर आती हैं तो क्या क्या प्रोग्राम होते हैं.
दूसरे दिन पूरा यही सब चला.
मैं तो पहले से ही चाची को देख कर मंत्र मुग्ध हो गया था तो पूरे दिन चाची के आस-पास ही मंडराता रहा.
उन्हें देख देख कर मैं 2 बार बाथरूम में भी हो आया और अन्दर जाकर उनकी चुत चुदाई की कल्पना करते हुए मुठ मारी कि चाचा आज चाची को किस तरह पेलेंगे.
यही सब सोच सोच कर मुठ मारी, तो और दिनों की अपेक्षा आज कुछ ज्यादा ही माल निकला.
दो दिन यही सब करते हुए बीते, अब मेरा भी उस घर में ज्यादा रुकना संभव नहीं था तो अपने राम भी अपना बोरिया बिस्तर बांध कर घर आ गए.
चाचा का घर हमारे घर से ज्यादा दूर नहीं था तो मैं रोज चाची को देखने किसी न किसी बहाने से चाचा के घर जाया करता था.
उधर जाता तो चाची से मजाक भी कर लिया करता था.
धीरे-धीरे समय निकलता गया.
मैं जब भी चाची से मजाक मस्ती करता, तो मेरी नजर उनके बूब्स और गांड पर ही रहती थी.
मेरी यह हरकत चाची ने भी नोटिस कर ली थी.
एक बार चाची ने भी मस्ती मस्ती में मुझे धौल मार दिया करती थीं- कोई गर्लफ्रेंड वगैरह है या बस यूं ही काम चल रहा है!
मैंने भी बोल दिया- कोई आप जैसी मिली ही नहीं, जिसको गर्लफ्रेंड बनाता!
तभी चाची झट से बोल पड़ीं- अच्छा बच्चू ऐसा क्या खास है मुझमें?
तो मैंने कहा- मेरी नजर से देखोगी तो पता चलेगा कि क्या खास है!
इतना कह कर मैंने चाची को पकड़ लिया.
चाची ने एकदम से मुझे धक्का दिया और गुस्सा करती हुई चली गईं.
उनके बदले हुए तेवर देख कर मेरी तो गांड फट कर मुँह में आ गई.
लगा कि कहीं चाची किसी को कुछ बता न दें वरना लेने के देने पड़ जाएंगे.
मैं चुपचाप घर आ गया.
इसके बाद अगले 8 दिन तक मैं चाची के घर नहीं गया.
फिर एक दिन मेरे नंबर पर चाची का मैसेज आया.
मैंने उनको मैसेज में सॉरी कहा.
उन्होंने कहा- किस बात के लिए?
तब मैंने उन्हें बताया तो वे कुछ नहीं बोलीं.
मैंने सोचा कि शायद चाची ने मामला रफा-दफा कर दिया है.
यह विचार करते ही मैंने वापस चाची से कहा- चाची, आप बहुत सुंदर हो, मैंने जबसे आपको पहली बार देखा था न … तभी से आपको पसंद करता आ रहा हूँ!
इस पर चाची ने कहा- मैं सब जानती हूँ, मैं भी तुमको पसंद तो करती हूँ पर तुम जो चाह रहे हो न … वह नहीं हो सकता है. किसी को पता चल गया तो मेरी बहुत बदनामी होगी.
यह सुनते ही मेरी बांछें खिल गईं कि इधर तो चाची भी चुदने को रेडी हैं.
मैंने झट से कहा- अगर आप मुझे नहीं मिली न … तो मैं मर जाऊंगा.
वे चुप रहीं.
उनकी तरफ से जब कोई जबाव नहीं आया, तो मैंने कहा- मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, पर मैं आपके बिना अब एक पल भी नहीं रह सकता!
मुझे ये तो समझ आ गया था कि चाची चुत तो देगी, पर थोड़ी और मेहनत करना पड़ेगी.
अब हुआ ये कि हम दोनों की बात होने लगी.
इसी तरह रोज हम लोग मैसेज में बातें करने लगे.
मैं उनको बातों बातों में गर्म कर दिया करता था.
एक दिन मैंने उनसे उनके बूब्स की फोटो मांगी तो उन्होंने नहीं दी.
उन्होंने कहा- फोटो में क्या मजा! समय आने दो लाइव ही देख लेना.
मैंने कहा- लाइव देखूंगा नहीं, खा जाऊंगा.
अब आग दोनों तरफ लगी थी, पर मौका नहीं मिल पा रहा था.
वह कहते है ना कि कोई चीज पूरे मन से चाहो तो मिल कर ही रहती है.
फिर एक दिन चाचा की फैमिली में किसी के यहां कोई कार्यक्रम था, जिसमें सबको जाना था.
पर चाची ने तबियत खराब होने का बहाना बना दिया और वे घर पर ही रुक गईं.
फिर चाची ने मुझे मैसेज किया- सब बाहर जा रहे हैं. तुम एक घंटे बाद घर आ जाना.
मैं चाची की बात सुन कर खुश हो गया.
मुझे एक घंटा भी आज एक दिन के बराबर का लग रहा था.
फाइनली मैं चाची के घर पहुंचा और दरवाजे को धक्का दिया, तो दरवाजा खुल गया.
मैंने घर में अन्दर जाकर दरवाजा बंद कर दिया और अन्दर जाकर देखा तो चाची तैयार होकर बैठी थीं और मेरे आने का इंतजार कर रही थीं.
मैंने कमरे में अन्दर आकर दरवाजा बंद किया और चाची के पास जाकर बैठ गया.
वे मुझे प्यार से देखने लगीं. मैं उनको किस करने लगा, तो उन्होंने मुझे रोक दिया.
चाची ने कहा- इतनी भी क्या जल्दी है, आराम से कर लेना जो करना है! मैं आज पूरी तुम्हारी ही हूँ.
मैं हंस दिया.
चाची- तुम रुको, मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूँ.
वे किचन में चली गईं, मैं भी उनकी गांड के पीछे पीछे किचन में चला गया और उनको पीछे से पकड़ लिया.
मेरा लंड उनकी गांड को टच होने लगा.
मैं उनकी पीठ पर किस करने लगा.
वे भी किस में मुझे सहयोग करने लगीं.
एक दो मिनट बाद चाय बन गई तो वे उसे दो कप में डाल कर वापस हॉल में आने लगीं.
तब तक मैं आ गया था और सोफ़े पर बैठ गया था.
वे टेबल पर ट्रे रख कर मेरी गोद में आकर बैठ गईं.
मैंने उनके जिस्म से आने वाली खुशबू का जायका लिया और जल्दी जल्दी से चाय खत्म करके चाची को पकड़ कर किस करने लगा.
वे भी मुझे किस कर रही थीं.
मैं उनके बूब्स ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा.
उन्होंने मुझे रोका और कहा- चलो बेडरूम में चलते हैं.
बेडरूम में जाते ही मैंने उनके कपड़े उतारने चालू कर दिए और उन्होंने मेरे.
देखते ही देखते हम दोनों नंगे हो गए.
चाची के दूध गजब दिख रहे थे, मैं उनको ही लालच भरी नजरों से देखे जा रहा था.
तभी चाची ने अपने मम्मों को अपने हाथों के बीच में लिया और एक रंडियों वाली अदा से हिलाया, तो मस्त सीन दिखाई दिया.
उनके दोनों कबूतर ऐसे हिले मानो वे सचमुच में अपनी मालकिन के इशारे को समझ कर ठुमके हों कि क्या हुकुम है मालकिन!
मैंने चाची की आंखों में देखा तो उन आंखों में चुदाई की मस्ती दिखाई दी.
उन्होंने मुझे देख कर मुँह को गोल करके चुंबन जैसा इशारा किया.
मुझसे रुका न गया और मैं सीधा उनके बूब्स पर टूट पड़ा.
एक दूध को पीने लगा और दूसरे को अपने हाथ से रबर की गेंद के जैसे मसलने लगा.
चाची के कंठ से आह आह निकलने लगी और वे मेरे सर को अपने मम्मों पर दबा कर मुझे अपना दूध पिलाने लगीं.
कुछ मिनट तक बूब्स पीने के बाद उन्होंने मुझे बेड पर धकेला और वे आकर मेरे मुँह पर चुत लगा कर बैठ गईं.
मैं भी उनकी चुत चाटने लगा.
क्या मस्त स्वाद था.
फिर मैंने उनको 69 की पोजीशन में आने को कहा, तो वे झट से मान गईं.
अब वे मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं.
मैं नीचे से उनकी चुत चाटे जा रहा था.
वे थोड़ी देर में अकड़ गई और सारा पानी झाड़ दिया.
मैं सब पी गया.
मैं वापस से उनको गर्म करने लगा.
वे थोड़ी ही देर में गर्म हो गईं और लंड की भीख मांगने लगीं.
‘सब्बू अब देर मत कर … और डाल दे लंड चुत में!’
मैंने भी देर ना करते हुए लंड को चुत के मुँह पर रख कर जोर से झटका दिया तो मेरा लंड चुत को चीरते हुए सीधा अन्दर पहुंच गया.
चाची की चीख निकल गई.
वह तो शुक्र था कि उस समय घर में कोई नहीं था.
चाचा ने चाची की चुत में पता नहीं लंड डाला था या मोमबत्ती से चुदाई की थी.
उनकी चुत एकदम कुंवारी चुत जैसी टाइट थी.
मैंने चाची को दबा कर चोदा और लगभग 25 मिनट तक खूब रगड़ रगड़ कर चोदा.
मेरे संग चुदाई में चाची 3 बार झड़ चुकी थीं और अब उनसे और ज्यादा सहन नहीं हो रहा था.
वे चुदाई बंद करने के लिए कहने लगी थीं.
उनकी चुत से सफेद सफेद पानी निकलने लगा था और लौड़े पर ऐसे लिपट कर दिखाई दे रहा था मानो खीरा की कड़वाहट निकालने के समय जैसा सफेद फैन निकलता है, वैसा लग रहा था.
मैंने चाची से कहा- मेरा भी होने वाला है, कहां निकालूं?
चाची ने कहा- मेरे मुँह में निकालो!
मैंने झट से लंड चुत से निकाला और उनके मुँह में डाल दिया.
उन्होंने लौड़े से निकली आखिरी बूंद तक को पी लेने के बाद छोड़ा.
मैंने अपनी उंगली उनकी चुत में डाली और उनकी चुत का पानी लेकर उनको चटाया.
हॉट सेक्सी चाची फक के बाद में उनके बगल में ही लेट गया.
चाची में कहा- सब्बू, तुम जब चाहो मुझे चोद सकते हो, पर ध्यान रहे कि ये बात किसी को पता न चले.
थोड़ी देर में चाची वापस से मेरे लंड से खेलने लगीं.
मैंने दिन में चाची को 4 बार अलग अलग तरह से चोदा.
इसके बाद मैंने चाची से कहा- मुझे आपकी गांड मारना है!
तो वे कहने लगीं- बाद में, अभी चुत मारो.
मैं आज भी जब भी मौका मिलता है, चाची की चुत और गांड दोनों चोद लेता हूँ.
मैंने उनकी गांड कैसे मारी, ये अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा, मगर आपको लिखना पड़ेगा कि गांड चुदाई की कहानी भी लिखो.
तो दोस्तो, कैसी लगी आपको ये हॉट सेक्सी चाची फक स्टोरी, बताइएगा जरूर.
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