न्यू हनीमून मनाने के लिए मैंने अपने नए बने दोस्त के साथ गोवा की फ्लाइट ली. एअरपोर्ट पर ही मैंने शोर्ट स्कर्ट पहन कर अपने को सेक्सी डॉल में बदल लिया था.
दोस्तो, मैं अंजलि शर्मा एक बार पुनः आपके सामने अपनी एक नई चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ.
यह सेक्स कहानी मेरी पिछली कहानी
लंडखोर औरत की चूत की दास्तान-ए-चुदाई
से जुड़ी हुई ही है.
आपने पिछली कहानी के अंतिम भाग
लंडखोर औरत की चूत की दास्तान-ए-चुदाई- 7
में पढ़ा था कि मैं दुबई में रहती हूँ और अपने बेटे रोहण को ही अपना पति मान कर उसके साथ सेक्स का सुख ले रही हूँ.
वहां से मैं अपनी सहेली की शादी में चंडीगढ़ आई थी और रास्ते में मुंबई से चंडीगढ़ के रास्ते में ट्रेन में मैं सुमेश जी नाम के एक हैंडसम आदमी के साथ सैट होकर चुद गई थी.
फिर शादी के दौरान ही मेरा और सुमेश जी का गोवा में जाकर मस्ती करने का प्लान बन गया था.
अब आगे आप इस सेक्स कहानी में पढ़ें कि किस तरह से सुमेश जी और मैंने गोवा में चुदाई की मस्ती की.
यहां हमारे सामने दीपा की शादी हो रही थी और हम दोनों सुहागरात मनाने को लेकर मस्ती भरी बातें कर रहे थे.
उसी दरमियान मैंने और सुमेश जी ने साथ डिनर किया.
रात 2:30 बजे तक दीपा की शादी की रस्में हो चुकी थी.
मैं दीपा और उसके हस्बैंड से जाकर मिली और उन दोनों की बधाई दी.
सुबह 4 बजे तक सब कुछ पूरी तरह से निबट गया था.
अब दीपा की विदाई का समय हो गया था.
फिर दीपा की विदाई हुई और दीपा अपनी ससुराल के लिए निकल गयी.
उसके जाने के बाद सब रिश्तेदार दीपा के घर आ गए.
मैंने दीपा की मम्मी से कहा- आंटी जी, मेरे साथ कमरे में यदि और कोई सोना चाहे, तो भेज दीजिए … साथ सो जाएगा.
दीपा की मम्मी ने कहा- नहीं बेटा, तुम सो जाओ आराम करो … बाकी सब सो जाएंगे.
मैंने दीपा की मम्मी को हग किया और ऊपर दीपा के रूम में आ गयी.
मैंने रूम को अन्दर से लॉक कर लिया और अंगड़ाई ली.
उस वक़्त मुझे साड़ी में बहुत भारी भारी लग रहा था तो मैंने जल्दी से अपनी साड़ी का पल्लू खोला और उसको वहीं फर्श पर पूरी तरह से खींच कर उतार दिया.
साथ ही पेटीकोट का नाड़ा खोला, उसको भी अपनी जांघों से नीचे सरका दिया.
पेटीकोट टांगों में फंसा हुआ ही सरक रहा था कि मैंने अपने ब्लाउज के हुक खोल कर ब्लाउज को भी अपने बूब्स पर हटा कर नीचे डाल दिया.
मेरे बदन पर सिर्फ महरून रंग की ब्रा पैंटी का सैट था.
मैं मिरर के सामने खड़ी थी और खुद को देख कर मदमस्त हुई जा रही थी.
हाथों में लाल चूड़ा और मेरे हाथ पैरों में लगी हुई मेंहदी मुझे नई नवेली दुल्हन का अहसास करवा रही थी.
सुमेश की याद आ रही थी और मैं खुद को शीशे में देख कर बहुत खुश होती हुई सोच रही थी कि कल से मैं अपने नए पति से चुदूँगी.
मेरी यह ब्रा शोल्डर लेस थी, जो कि मुझे काफ़ी टाइट हो रही थी.
दरअसल मैं एक नंबर छोटी ब्रा ही पहनना पसंद करती हूँ ताकि मेरे दूध और भी ज्यादा उभर कर मर्दों के लौड़े टनटनाने में मदद करें.
मैंने वही सब सोचते हुए अपनी ब्रा का हुक भी खोल दिया और ब्रा को भी वहीं फर्श पर गिरा दी.
मेरे 36 के बूब्स मेरे सामने आज़ाद थे और शीशे के सामने फुदकते हुए दिख रहे थे.
मैंने शरारत करते हुए अपने दोनों निप्पलों को खींच कर एक बार मम्मों को भींचा और मस्त आह का स्वर निकाल कर खुद से शैतानी की.
फिर मुस्कुरा कर मैंने अपनी चुत पर हाथ फेरा और पैंटी को भी उतार दिया.
अब मैं रूम के अन्दर पूरी नंगी थी और मेरे हाथों में सिर्फ चूड़ा था … साथ ही मेरे दोनों हाथों में और पैरों में मेहंदी लगी हुई थी.
ऐसा लग रहा था मानो मेरी ही शादी हुई हो.
फिर मैंने रूम की लाइट बंद कर दी और बेड पर आकर नंगी ही सो गयी.
सुबह जब मैं उठी तो 7:00 बज चुके थे.
मुझे गोवा निकलना था.
मैंने सुमेश जी को कॉल किया.
सुमेश जी दूसरे रूम में थे और वे भी उठ चुके थे.
सुमेश जी ने कहा- अंजलि तुम रेडी हो जाओ, मैं भी थोड़ी देर में रेडी होकर नीचे आता हूँ.
मैंने अपने बैग से एक ब्लैक ब्रा पैंटी का सैट निकाला और साथ ही ब्लैक शर्ट के साथ एक ब्लू जीन्स भी निकाल ली.
मैं वाशरूम में रेडी होने चली गयी.
फ्रेश होने के बाद मैंने शॉवर लिया और जल्दी से नहा कर वापस रूम में नंगी ही आ गई.
तब तक लगभग 8:00 बज चुके थे.
देरी हो रही थी तो मैंने जल्दी जल्दी अपनी ब्रा पैंटी पहनी और साथ ही शर्ट और जीन्स पहन कर रेडी हो गई.
मैंने आज अपनी शर्ट का सिर्फ एक ही बटन खोल रखा था क्योंकि अभी मैं दीपा के घर में थी और बाकी सब रिश्तेदार भी थे.
यह शर्ट मुझे काफ़ी अच्छी लग रही थी, एकदम चुस्त थी, जिसमें मेरे बूब्स एकदम टाइट तने हुए लग रहे थे.
मैं पूरी तरह रेडी हो चुकी थी.
मैंने झटपट अपना बैग पैक किया और नीचे लिविंग रूम में आ गई.
वहां दीपा के मम्मी पापा और रिश्तेदार पहले से ही बैठे हुए थे.
मैंने सबको गुडमॉर्निंग विश किया.
इतने भी सुमेश जी भी अपना सामान लेकर नीचे आ गए.
दीपा की मम्मी बोलीं- बेटा, इतनी जल्दी कहां जा रही हो. कुछ दिन रुक कर जाती!
मैंने कहा- नहीं आंटी जी, जाना जरूरी है रोहण अकेले हैं घर पर … और काम भी देखना है इसलिए जाना पड़ रहा है. वर्ना मेरा तो खुद का मन था रुकने का, इसी लिए इतने सारे कपड़े लेकर आयी थी पर अब जाना पड़ेगा. मैं जल्दी ही कुछ दिनों में फिर से आउंगी, तब रुक कर जाउंगी.
आंटी जी ने स्माइल दी, जो मुझे जाने की मंजूरी थी.
आंटी ने सुमेश जी से पूछा- बेटा सुमेश तुम तो रुक जाते.
सुमेश जी ने भी काम का बहाना लगा कर आंटी जी से जाने की मंजूरी ले ली.
आंटी बोलीं- तो क्या तुम दोनों साथ में निकल रहे हो?
सुमेश जी बोले- हां आंटी जी, मैं मुंबई निकल जाऊंगा और अंजलि जी की दिल्ली की फ्लाइट है. वे दिल्ली से दुबई निकल जाएंगी.
आंटी जी बोलीं- ठीक है बेटा, चलो फिर ब्रेकफास्ट कर लो.
मैं मन ही मन बहुत खुश हो रही थी.
हमारे हनीमून के लिए सबकुछ परफेक्ट सैट हो गया था.
जल्दी से हम सबने साथ में बैठ कर ब्रेकफास्ट किया.
अब तक लगभग 9 बजे चुके थे और हमारे निकलने का टाइम हो गया था.
सुमेश जी बोले- अंजलि जी, चलें?
मैंने कहा- हां सुमेश जी, चलिए.
मैंने दीपा की मम्मी को हग किया और बाकी सबको भी बाई बोला.
सुमेश जी ने पहले ही फोन से एक टैक्सी बुक की हुई थी जो बस आने ही वाली थी.
कुछ देर बाद टैक्सी आ गई.
सभी लोग हम दोनों को घर के बाहर तक छोड़ने आए.
हम दोनों कैब में बैठ कर सबको बाई बोल कर निकल गए.
जब हम दोनों साथ में कैब में थे तो सुमेश जी ने मुझे साइड से हग किया और एक किस कर दिया.
मैंने भी उन्हें एक प्यार भरी स्माइल दी.
सुमेश जी बोले- अंजलि जी, तैयार हो हनीमून के लिए?
मैंने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा- हां सुमेश जी, तैयार हूँ.
सुमेश जी बोले- ठीक है अंजलि डार्लिंग अब रेडी रहो बस गोवा पहुंचते ही तुम्हारी दमदार चुदाई होगी.
मैंने उन्हें स्माइल दी और उनके लौड़े को मसल दिया.
सुमेश जी समझ गए कि मैं भी चुदने के लिए तैयार हूँ.
मैं उनकी बांहों में हाथ डाल कर उनके सीने से लिपट गई और उन्हें हग कर लिया.
सुमेश जी मेरे ऊपर हाथ सहला कर बोले- अंजलि, कसम से अब तुम्हारे साथ सच में बीवी वाली फीलिंग आ रही है.
मैंने भी सुमेश जी से कहा- सुमेश जी, मुझे भी आपको हग कर इस वक्त अपने पति वाली फीलिंग आ रही है. आई लव यू.
सुमेश जी ने भी मुझे आई लव यू टू बोल कर मेरे माथे पर किस की.
सच में ये बहुत रोमांटिक पल हो गया था.
इस वक़्त में सब कुछ भूल चुकी थी.
बस मन में यही चल रहा था कि जल्दी से सुमेश जी के लंड से चुदाई हो जाए.
ट्रेन में सुमेश जी के मोटे लौड़े ने मेरी जो दमदार चुत चुदाई की थी, वही पल मुझे इस वक्त याद आ रहा था और मेरी चुत में नमी आ गई थी.
मैं बस उनके लौड़े को सहलाती हुई यही सोच रही थी कि गोवा में अच्छे से सुमेश जी के लंड से चुद कर अपनी खुजली शांत करूंगी.
मैंने मन ही मन यह भी सोच लिया था कि मैं भी सुमेश जी को भरपूर प्यार दूंगी और उनके साथ पूरी तरह बेशर्म बनकर रहूंगी. उन्हें किसी चीज के लिए मना नहीं करूंगी.
कुछ देर बाद हम दोनों एयरपोर्ट पहुंच गए.
वहां हमने चेक इन किया और बैठ गए.
अभी हमारी फ्लाइट में लगभग दो घंटे का समय था.
सुमेश जी ने कहा- अंजलि, तुम चाहो तो चेंज कर लो. इन कपड़ों में फीलिंग नहीं आ रही है कि हम लोग हनीमून पर जा रहे हैं.
मैंने सुमेश जी की तरफ देखा और सोचने लगी कि क्या अब मुझे फिर से भारी साड़ी पहनने के लिए कह रहे हैं ताकि मैं नई नवेली दुल्हन लगूँ!
तभी वे बोले- अंजलि यार, कुछ सेक्सी सा पहनो न!
यह सुनकर मैं खुश हो गई और मैंने भी उन्हें छेड़ते हुए कहा- जैसा आप कहें मेरे प्यारे पति देव!
सुमेश जी मेरे मुँह से पति शब्द सुन कर और खुश हो गए.
फिर मैंने इठलाते हुए कहा- ठीक है आप वेट करो, मैं चेंज कर के आती हूँ.
फिर मैं बैग लेकर वाशरूम में चली गई और उधर अपने बैग में से एक पिंक ब्रा पैंटी का सैट निकाला. एक पिंक कलर का क्रॉप टॉप निकाला और साथ ही एक वाइट कलर की स्कर्ट निकाल ली.
मैं अपने सारे कपड़े उतार कर वाशरूम में नंगी हो गई. उधर मैंने अपनी यह थॉंग पैंटी पहनी, जो कि आप सब जानते ही हैं कि काफ़ी छोटी होती है.
इसकी रेशमी डोरी मेरी गांड की दरार में घुसती चली गई.
उसके बाद मैंने अपनी ब्रा पहनी.
यह भी काफ़ी छोटी थी, जिसमें मेरे आधे से ज्यादा बूब्स बाहर आ रहे थे.
यहां तक कि मेरे निप्पल्स भी हल्के हल्के दिख रहे थे.
फिर मैंने अपना पिंक वाला क्रॉप टॉप पहना जो कि सच में बहुत छोटा था.
उस ब्रा में मेरे बूब्स इतने टाइट कसे हुए थे कि वे क्रॉप टॉप में खासे उभर कर दिख रहे थे.
यह टॉप भी मेरे मम्मों से हल्का सा नीचे आ रहा था और मेरी पूरी कमर साफ दिखाई दे रही थी.
मैंने अपने टॉप के 2 बटन भी खोल दिए ताकि मेरे दूध पूरी तरह बाहर झांक कर मर्दों के लौड़ों में आग लगाने का काम बखूबी करते रहें.
उसके बाद मैंने अपनी स्कर्ट पहनी.
यह भी काफ़ी छोटी थी, जो की मेरी जांघों से ऊपर आ रही थी.
मेरी गांड पहले से ही इतनी मोटी है, जिसकी वजह से स्कर्ट पीछे से और उठ रही थी.
मैंने अपने बाल भी खोल दिए और हाई हील वाले लॉंग बूट पहन लिए जो मुझे घुटनों तक आ रहे थे.
मैं अब हनीमून पर जाने के लिए पूरी तरह से रेडी हो चुकी थी.
अगर कोई मुझे इन कपड़ों में नीचे झुक कर देख लेता, तो उसको शायद मेरी चुत के दर्शन हो जाते.
ये स्कर्ट इतनी छोटी थी.
मैंने हाथों में चूड़ा पहना हुआ था और मेहंदी भी लगी हुई थी.
मैंने अपनी मांग में सिन्दूर भी भर लिया.
कसम से मैं अब सच में नई नवेली दुल्हन ही लग रही थी.
मैं वाशरूम से बाहर आयी और सुमेश जी के पास आ गई.
सुमेश मुझे देख कर एकदम शॉक हो गए और उनका मुँह खुला का खुला रह गया.
मैंने भी सुमेश जी को छेड़ते हुए कहा- अब कैसी लग रही है आपकी बीवी?
सुमेश धीरे से बोले- सच में यार, बहुत सेक्सी लग रही हो अंजलि कसम से … मेरा तो मन कर रहा है कि अभी यहीं सबके सामने तुम्हारी चुदाई कर दूँ!
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- आपकी बीवी कहीं नहीं भाग रही आपको छोड़ कर … एक बार गोवा पहुंच जाएं, फिर कर लेना आप अपनी बीवी की चुदाई अच्छे से!
सुमेश जी बोले- वह तो मैं करूँगा ही बीवी जी आपकी चुदाई!
कुछ देर यूं ही मस्ती करने के बाद हमारी फ्लाइट का टाइम भी हो चुका था.
लगेज आदि सब जा चुका था.
हम दोनों फ्लाइट में बैठने के लिए निकल टर्मिनल के गेट पर आ गए.
सुमेश जी ने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे कस के ऐसे पकड़ रखा मानो हम दोनों सच में हस्बैंड वाइफ हों.
एयरपोर्ट पर काफ़ी लोग हमें ही देख रहे थे.
ये कहना भी गलत नहीं होगा कि लोग मेरे सेक्सी अवतार को देख रहे थे.
हम लोगों ने अपनी फ्लाइट ली और लगभग 3:00 बजे हम दोनों गोवा उतर गए.
हम दोनों ने सामान लिया और एयरपोर्ट से चेक आउट कर लिया.
सुमेश ने टैक्सी बुक की हुई थी.
हम दोनों वहां से अपना लगेज लेकर कैब में बैठे और 15-20 मिनट में कैब ने हमें हमारे रिसॉर्ट तक पहुंचा दिया था.
हमने रिसॉर्ट में एंट्री ली.
ये रिसॉर्ट सच में काफ़ी खूबसूरत बना हुआ था और समुद्र के बीच से भी जुड़ा हुआ था.
हम दोनों हमारे रिसॉर्ट में ही बीच के मजे ले सकते थे.
मैं सुमेश जी की बांहों में अपने हाथ डाले हुई मस्त हो रही थी और वे मुझे अपनी मुर्गी के जैसे दबोचे हुए थे. होटल का स्टाफ हम दोनों को देख कर गर्म हो रहे थे.
गोवा में वैसे भी कपल इसी तरह की मस्ती के लिए आते हैं तो उनके लिए यह सब नया नहीं था … बस मैं उनके लिए एक मस्त माल थी.
फाइनली मैं अपने हनीमून पर आ चुकी थी.
मैं मन ही मन बहुत खुश भी थी … अपने इस न्यू हनीमून के लिए.
इस तरह के रिसॉर्ट में ज्यादातार कपल्स ही आते हैं.
सारी फॉर्मेलिटी हुई, उसके बाद वहां का स्टाफ हमें हमारे रूम तक ले गया.
अब कमरे में हनीमून की पहली चुदाई होनी है, जिसे मैं विस्तार से लिखूँगी.
आप सब चुदाई की कहानी के अगले भाग के लिए रेडी रहें और मुझे मेल जरूर करें कि न्यू हनीमून सेक्स कहानी कैसी लग रही है.
आपकी अंजलि
mrsanjalisharma1986@gmail.com