हॉट गर्ल ऐस्स फक स्टोरी मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली और रूममेट की गांड मारने की है. मैं अपनी गर्लफ्रेंड को उसके सामने चोदता था. एक दिन वो भी मेरे लंड का मजा ले गयी.
आकाँक्षा तीखे नयन नखश… बड़े-बड़े बूब्स… नुकीले होंठ बिल्कुल रसीले।
गाढ़ी लिपस्टिक ऑलमोस्ट एवरीटाइम टिप-टॉप रहती थी।
बड़ी-बड़ी आँखें… बाल कमर तक लंबे।
गांड टाइट और बड़ी, मोटी दूध-सी गोरी जाँघें।
उसको चोदने का ख्याल जिस दिन उसकी मेरी गर्लफ्रेंड पारुल से लड़ाई हुई तब आया।
वो मेरे गर्लफ्रेंड की रूममेट थी।
मेरी गर्लफ्रेंड से एक दिन उसकी रूममेट खूब लड़ाई हुई, गाली-गलौच खूब हुआ।
लड़ाई के बाद आकाँक्षा साली मुझसे भी तमीज़ से बात नहीं करती थी।
मैं अपने गर्लफ्रेंड के फ्लैट पे एक बार गया।
किचन में मैं कुछ कर रहा था।
मुझे कुछ चाहिए था।
आकाँक्षा भी बाहर कहीं से आई थी।
मैंने आकाँक्षा से पूछा- सामान कहाँ रखते हो तुम लोग?
साली ने पलट के जवाब दिया- गांड में रखती हूँ, ले ले। किचन में होगा, ले ले। मुझसे मत पूछ!
मेरी झाँट सुलग गई।
मैंने बोला- बहनचोद, गांड मार दूँगा, चल नहीं पाएगी। बकचोदी ना किसी और से करियो। नहीं बताना मना कर दे। गांड में है ये वो मत बता। मुझे बहुत कम जानती है तू। अकड़ तोड़ के गांड में डाल दूँगा।
मैं ऐसे बात नहीं करता था।
वो शरीफ समझती थी।
वह एकदम चुप हो गई और बताया कहाँ है सामान।
उस दिन के बाद मैंने उससे बातें बिल्कुल बंद कर दीं।
कुछ दिन बाद मेरी गर्लफ्रेंड और उसकी लड़ाई खत्म हो गई।
मुझसे भी उसने सॉरी बोला।
मेरी गर्लफ्रेंड और उसके रिलेशन नॉर्मल हो गए।
उन दोनों ने अपनी मिसअंडरस्टैंडिंग खत्म कर ली।
मैं अब भी उससे कम ही बात करता था।
एक दिन उसका बर्थडे था।
उस दिन उसके फ्लैट पे पार्टी थी।
उस दिन उसने सफेद जम्प सूट पहना था।
उसकी गांड के दोनों भाग उसमें मुँह में पानी ला रहे थे।
उसकी चूचियाँ बड़ी थीं, उनका क्लीवेज लंड में हलचल पैदा कर रहा था।
उसने केक काटा और मैंने उसको विश किया।
उसने गले लग के मुझे थैंक यू बोला।
उसके बूब्स मेरी छाती पे उस वक्त चिपक गए।
मेरा लंड उसकी जाँघ से टकराया।
मेरा लंड 8 इंच बड़ा है, जिसका उसको अंदाज़ा हो गया।
मैंने भी उसको नॉर्मल हग किया और पार्टी आगे बढ़ गई।
अब सब पार्टी करके आउट हो चुके थे।
मैंने उसकी फ्रेंड और बाकी लोगों को सुलाया और छत पे सिगरेट पीने आ गया।
उसका बॉयफ्रेंड भी नीचे आउट था और अपनी खूबसूरत गर्लफ्रेंड को बिना गिफ्ट दिए खर्राटे ले रहा था।
मैं सिगरेट पी रहा था।
आकाँक्षा छत पे आ गई।
छत पे अँधेरा था।
उससे ऊपर पानी की टंकी थी, जहाँ से रात का व्यू खूबसूरत दिखता था।
उसने बोला- चलो ऊपर चल के सिगरेट पीते हैं।
हम दोनों सिगरेट पीने लगे तो वो बोली- अजय, आप अब भी गुस्सा हो ना हो?
मैं बोला- नहीं यार!
तो बोली- झूठ मत बोलो।
मैं बोला- हाँ, हूँ। तुमको उस दिन ऐसे नहीं बोलना था।
उसने फिर से सॉरी बोला और बोला- बताइए माफ कैसे करेंगे?
मैं कुछ नहीं बोला।
अब सन्नाटा था।
हम छत की टंकी के पास बैठ के शहर निहार रहे थे।
थोड़ी देर बाद हम नीचे उतर के छत पे आ गए।
वो आगे उतर रही थी, मैं पीछे था।
नीचे उतरते हुए उसकी गांड को मटकता देख मेरे अंदर की ठरक जग गई।
पर मैंने खुद को कंट्रोल किया और नीचे आ गए।
आकाँक्षा से अब बातें नॉर्मल होने लगीं।
उसको क्रिकेट का शौक था।
एक दिन इंडिया और ऑस्ट्रेलिया का मैच था।
वो ऑस्ट्रेलिया की डाइहार्ड फैन थी।
हमने मैच देखने का प्लान बनाया और मैंने उसको अपने फ्लैट पे इनवाइट किया।
वो आई और हॉट गर्ल ऐस्स फक स्टोरी का रास्ता खुल गया.
उसको देख के मैं उसको देखता रहा।
हल्का मेकअप, लिपस्टिक में उसके होंठ रसीले लग रहे थे।
टाइट जीन्स में उसकी बड़ी गांड मटक रही थी।
ऊपर टॉप में उसकी बड़ी चूचियाँ कसी हुई थीं।
उसको देख के लंड शॉर्ट्स में फड़फड़ाने लगा।
हमने एक-दूसरे को ग्रीट किया और मैं उसको निहारता हुआ बोला- वैसे आज इंडिया ऑस्ट्रेलिया की अच्छे से बजाएगा। जीतेगा तो इंडिया ही!
वो समझ गई मेरी डबल मीनिंग बातें और अपनी ऑस्ट्रेलिया की जर्सी जो उसने पहनी थी, दिखाते हुए मुझे लुक देते हुए बोली- यू नो व्हाट इज़ द प्रॉब्लम ऑफ इंडिया?
थोड़ा रुक के फिर बोली- औकात से ज़्यादा की सोचते हैं। ये प्रॉब्लम है।
मैं बोला- आज माँ चोदेगी इंडिया ऑस्ट्रेलिया की। देखना तुम कैसे गांड फ।ड़ती है इंडिया आज।
वो बोली- आई डाउट इंडिया कैन परफॉर्म वेल ऑन ऑस्ट्रेलियन स्लाइटली ग्रैसी पिचेज़।
वो- चलो फिर शर्त लगाते हैं।
मैं बोला- डन।
मैं बोला- शर्त क्या है?
वो बोली- बताओ।
मैं बोला- हर फिफ्टी, सेंचुरी और विकेट पे हारने वाले को एक बात माननी होगी। हाँ, डिमांड रिज़नेबल होनी चाहिए।
वो बोली- ओके, डन।
हम बैठ गए।
टॉस का टाइम हुआ और इंडिया टॉस जीत गई।
मैंने मुस्कुराते हुए बोला- माँ चुदने की ये पहली शुरुआत। मैं जीता तो तुम करोगी। चलो ये पहले ऑस्ट्रेलिया की जर्सी निकाल दो। चुभ रही है मेरी आँखों में।
बोल के मैं हँसा।
वो बोली- नो नो नो, दिस इज़ नॉट फेयर!
मैं बोला- प्लीज़, तुम हारी हो, डू इट!
उसने बिना कुछ बोले टी-शर्ट उतार दी।
दूध-से बदन पे ब्लैक ब्रा के अंदर टाइट चूचियाँ मेरे लंड का हाल बिगाड़ रही थीं।
उसकी चूचियों को पीने की नज़र से निहारता हुआ मैं बोला- अरे, तुम दूसरी टी-शर्ट डाल सकती हो। मैंने ऑस्ट्रेलियन जर्सी उतारने को बोला था। तुम उसके अलावा कुछ और पहन सकती हो।
आकाँक्षा बोली- आई एम ओके; एब्सल्यूटली फाइन।
वह एटिट्यूड में बोली।
मैच शुरू हुआ।
ऑस्ट्रेलिया बैटिंग कर रही थी।
उसने 5 ओवर में फिफ्टी मार दी।
आकाँक्षा ने मेरी तरफ देखा और बोला- अंडरवियर निकाल दो और शॉर्ट्स पहन लो।
मैं उठा तो बोली- यहीं. जो होगा यहीं होगा।
मैं मुस्कुराया और शॉर्ट्स उतार के अलग रखी और अंडरवियर निकाल के आराम से उसको बगल में रखा।
मेरे झूलते हुए लंड का आकाँक्षा ने अच्छे से दर्शन किया।
उसका चेहरा चहकने लगा।
उसने अपने एक्सप्रेशन दबा नॉर्मल होने की खूब ट्राई करी।
मैं शॉर्ट्स पहन के बगल में बैठ गया।
थोड़ी देर मैच चला और एक विकेट गिरा।
मैंने आकाँक्षा की पीठ को सहलाते हुए उसके ब्रा का हुक खोल दिया।
कसी हुई चूँचियाँ आज़ाद होकर अपनी जगह पे आ गईं।
उसकी नंगी कमर को मैंने कुछ देर सहलाया और आकाँक्षा ने पूरा फील लिया।
अब दोनों कंधों की डोरियों से ब्रा चूचियों पे लटक रही थी।
आधे दीखते हुए बूब्स कमाल के लग रहे थे।
ब्रा चूचियों को बस फील कर रही थी।
मेरा लंड तन के शॉर्ट्स में अपना साइज़ बता रहा था।
आकाँक्षा की नज़र बार-बार मेरे शॉर्ट्स पे आ रही थी।
हम ये कर ही रहे थे कि 100 हो गई टीम की।
मुझे लगा आकाँक्षा कुछ करेगी।
उसने बोला- अब 10 ओवर सिर्फ मैच देखोगे। अगर मैं जीती तो भी। हाँ, अगर तुम जीते तो 10 ओवर से पहले खत्म हो सकता है।
मेरी झाँट सुलग गई; खड़ा लंड बिठा रही थी रंडी।
मैंने लगभग 7 ओवर मैच देख लिया।
कुछ हो ही न इंडिया से।
एकदम से ना जाने कहाँ से विकेट आ गई।
मैंने तुरंत वहाँ रखे 2 आइस क्यूब उठाए और घूम के आकाँक्षा को कस के दबा के उसके ऊपर कंट्रोल लिया।
मैंने उसकी पैंटी में दोनों आइस क्यूब डाले और हाथ बाहर निकाल लिया और बोला- ये तुम्हारी चूत को ठंडक देगा।
उसने बिल्कुल टाइट जीन्स पहनी थी।
मैंने उसकी पैंटी में 2 आइस क्यूब डाले थे।
एक आधा चूत में जो टाइट होने की वजह से वहीं था।
दूसरा चूत के होंठों और उसके ऊपर के भाग को भिगो रहा था।
आकाँक्षा मचल रही थी, बोली- प्लीज़ अजय!
मैंने उसकी चूत को एक हाथ से पकड़ के दबाया और बर्फ को पूरा चूत में उतार दिया और फिर उसको छोड़ दिया।
मैं बोला- ओके, किया ऑफ ये!
उसने अपनी जीन्स उतारी और पैंटी पूरी उतार दी।
चूत से पानी टपक रहा था।
वो सीधे मेरे ऊपर आ के बैठ गई और थोड़ी देर शॉर्ट्स के ऊपर से लंड पे चूत को मस्त कमर हिला-हिला के घिसा।
मेरा लंड बहनचोद अलग शॉर्ट्स फाड़ उसकी चूत पे रगड़ना चाहता था।
थोड़ी देर ये करके वो उठी और पैंटी पहन के बैठ गई, बोली- हिसाब बराबर। तुम्हारा लंड तगड़ा लगा इसलिए थोड़ा लंबा हो गया।
और मुस्कुराई।
मैं बोला- कितना भी कर लो हिसाब बराबर। जब मैच जीत के शर्त जीतूँगा। तुम्हारी चूत हिसाब देते-देते थक जाएगी। फ।ड़ के लंड से चूत फिर चाटूँगा।
आकाँक्षा पूरा गरम हो चुकी थी, बोली- छोड़ो ना यार शर्त। मुझे चुदते हुए मैच देखना है। प्लीज़ शो मी व्हाट यू आर मैन? आई नो यू आर फकिंग मॉन्स्टर इन सेक्स। आई सॉ यू इन किचन व्हेन यू आर बिज़ी बैंगिंग योर गर्लफ्रेंड भाभी शालिनी।
मैं बोला- देन यू मस्ट नो हाउ रूथलेस आई एम एंड ट्रस्ट मी आई एम गोइंग टू फक यू लाइक एनीथिंग। फकिंग आई लव योर जूसी ऐस! आकाँक्षा, चुदाई की स्टार्टिंग गांड से ही होगी। कभी नहीं मरवाई तो आज के बाद मरवाने लगोगी क्योंकि लिटरली आज तुम्हारी गांड मारूँगा।
मैंने उसको घुमा के टीवी की तरफ किया और गांड में एक बार में पूरा लंड खच के आवाज़ के साथ गाड़ दिया।
आकाँक्षा की दर्द से गांड फ¿ गई- बहनचोद, मेरी गांड फ¿ गई!
ऐसे चिल्लाई।
फिर भी मैं उसकी गांड में तेज़-तेज़ लंड पेलता रहा और उसकी गांड मार के मुझे समझ आ गया कि इसने इतना लंबा पहली बार लिया है, बाकी गांड मरवा रखी है।
वो दर्द में मज़े लेते हुए सिसक के बोली- कुत्ते, तू मेरी गांड मारने की सोच के बैठा था।
बोल के वो मस्त हो हॉट गर्ल ऐस्स फक का मजा लेने लगी।
पहली इनिंग का लास्ट ओवर था।
मैंने अब लंड उसकी चूत में डाल के उसको सीधा खड़ा कर दिया।
पूरा लंड फक की आवाज़ करता हुआ चूत में सेट हो गया।
वो मेरे लंड पे टंग गई। वो एड़ी के बल पे खड़ी थी।
अब मैंने उसको उठा के सोफे पे पटक दिया और इनिंग खत्म होने तक उसकी चूत में तूफान ला दिया।
आह-आह की मादक सिसकियों से पूरा हाल गुज़रा था।
एक इनिंग खत्म हुई।
अब मैंने उसकी चूत में से लंड निकाला और बैठ गया।
आकाँक्षा थक के हाँफ रही थी।
अब मैंने लंड चूसने बोला।
वो उठ के मेरी टाँगों के बीच ज़मीन पे बैठ गई, मेरे लंड को पकड़ के उसको जीभ से पूरा चाटने लगी, मेरी बॉल्स मुँह में लेके चूसने लगी।
उसने मेरे टोपे को खींच के नंगा किया और जीभ से उसको चाटने लगी।
क्या लंड चूस रही थी, सिर्फ मेरे टोपे को होंठों से खा रही थी।
मैं मस्त हो गया और बोला- पता होता इतना अच्छा लंड चूसती हो तो पहले ही मैच देखने बुला लेता।
उसने 35 मिनट मेरा पूरा लंड चखा, चूस-चूस के पूरा लंड गीला कर दिया।
दूसरी इनिंग शुरू होने वाली थी और चुदाई का दूसरा राउंड भी।
अब मैंने उसको घुमा के अपने लंड पे बिठा दिया और उसकी पीठ चूमने लगा।
वो मस्त कमर हिला-हिला लंड पूरा फील करने लगी।
मैं भी मस्त होकर बेतहाशा उसकी पीठ चूम रहा था और उसकी कमर को पकड़ के लंड पे गाड़ रहा था।
आकाँक्षा बोली- साले, इतना तगड़ा लंड है। पारुल की गर्मी क्यों नहीं कम हो रही।
अब मैंने एकदम से उसको उठा के सोफे पे गिरा दिया, उसकी टाँग को ऐंठ के उसकी कमर का किनारा पकड़ा और लंड को चूत पे लगा एक धमाकेदार झटका मारा।
आकाँक्षा ने ज़ोर से उह्ह की आवाज़ निकाली और चिल्लाई- फक्क आअ!
मैंने उसके होंठों को कस के अपने होंठों से दबाया और फिर एक ज़बरदस्त धक्का मारा।
हम दोनों के होंठ कस के एक-दूसरे से चिपक गए।
मैंने पूरा निचोड़ के उसके होंठ को पिया।
2 झटकों ने आकाँक्षा का पूरा शरीर हिला दिया।
अब मैंने उसपे पकड़ ढीली की और उसकी चूचियाँ पीते-पीते उसको चोदने लगा।
अब आकाँक्षा मस्त हो एन्जॉय करने लगी।
मैं बोला- पारुल की 2 झटकों में गांड नहीं फ¿ती है। वो ऐसे झटके 30 मिनट सह लेती है। इसलिए गर्मी है उसके अंदर। पारुल को बीच में मत लाओ। वो मोहब्बत है मेरी। तुम नहीं हो।
मैच अच्छा चल रहा था और साथ में आकाँक्षा की चुदाई भी।
आकाँक्षा लंड पे उछल-उछल के चुद रही थी।
मैं लेट के उसकी चुदाई कला का आनंद ले रहा था।
वह मस्त कमर हिला-हिला पूरा लंड जड़ तक ले कमर गोल-गोल घुमा रही थी, मेरी छाती को चाट रही थी।
मुझे चोदते हुए वह बोली- एक महीने लगातार कर मेरे साथ चुदाई। पारुल को भुला दूँगी। बहनचोद तेरा लंड मैजिकल रॉड है।
थोड़ी देर चुदते-चुदते सिसकारी लेके बोली- क्या चोदते हो यार! लिटरली यू आर द वन हू शोड मी व्हाट इज़ सेक्स। इनक्रेडिबल फीलिंग। थैंक यू। फक मी अजय। टुडे शो मी व्हाट इज़ एक्चुअल फकिंग। डिस्ट्रॉय मी। आई वांट यू टू फक मी लाइक यू फक पारुल। आई वांट टू नो हाउ मच अहेड शी इज़ इन दिस डिपार्टमेंट।
अब मैंने उठ के उसको उठाया और उसको सोफे पे गिरा उसकी चूत चाटने लगा।
उसकी मुलायम चूत का क्या स्वाद था।
एकदम मुलायम चूत थी।
मैंने सबसे पहले जीभ निकाल के चूत पे नीचे से ऊपर तक चलाया।
फिर मैं 2 उंगलियाँ उसके चूत के छेद पे घिसने लगा।
आकाँक्षा मचलने लगी।
अब मैंने जीभ लगाई और उसकी चूत को चाटने लगा।
आकाँक्षा झड़ गई।
अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और उसको ठोकने लगा।
आकाँक्षा ने 5 मिनट दर्द भरी आह भरी, रोका लेकिन 5 मिनट में मैंने उसको चोद के गरम कर दिया।
आकाँक्षा अब एन्जॉय करने लगी।
हम दोनों बैठ के एक-दूसरे को चोदने लगे।
एक-दूसरे के होंठों को हमने खूब चूस-चूस पिया।
25 मिनट मैंने उसको खूब चूस-चूस के चोदा।
अब एक रन और चाहिए था।
इंडिया ने रन बनाया और हम जीत गए।
अब मैं उठा के आकाँक्षा को अपने बेडरूम लाया और बेड पे पटक दिया।
उस दिन मेरा रेलगाड़ी चलाने का मन था।
मैं आकाँक्षा को खींच के बेड के किनारे लाया और उसकी दोनों टाँगों को चिपका के कंधे पे रख लिया।
मैंने बेड के नीचे खड़े होके लंड को चूत पे ऊपर से घिसा; फिर लंड को एक झटके में चूत में डाला और ज़ोर-ज़ोर से आकाँक्षा को ठोकने लगा।
मैंने उसकी दोनों टाँगों को सीने से चिपका रखा था।
वो हिल भी नहीं पा रही थी।
5 मिनट मैंने उसकी चूत में रेलगाड़ी चलाई और आकाँक्षा दुबारा झड़ गई और हाँफती हुई बोली- प्लीज़ स्टॉप, मैं थक गई हूँ, बेहोश हो जाऊँगी।
मैंने चूत में लंड डाले-डाले उसके होंठों को कस के काटा।
आकाँक्षा थोड़ा जगी।
मैंने उसके दोनों बूब्स को कस के भींचा और ज़ोर से उसको चूसा।
अब मैंने उसको उठा उसकी कमर को एक हाथ से जकड़ा और उसके बाल पकड़ के ज़ोर से पीछे नीचे की तरफ खींचा और उसकी गोरी पतली गर्दन को जीभ से चाटने लगा।
मैंने उसके बाल छोड़ के उसको कमर से दोनों हाथों से हग किया, उसकी गर्दन को मैं चूमने और काटने लगा।
आकाँक्षा अब थक चुकी थी।
मैंने उसको धक्का दे बेड पे लिटाया और फिर से उसकी दोनों टाँगों को सीने से चिपका के पोज़ीशन लेने लगा।
आकाँक्षा की गांड फ¿ चुकी।
मैंने लुब्रिकेंट् लगाया और उसकी गांड में पूरा लंड दे दिया।, आकाँक्षा पे झुक के मैंने उसकी टाँग को फोल्ड कर बूब्स पे चिपका दिया और चढ़ के उसकी गांड मारने लगा।
क्या गद्देदार गांड थी, इलियाना डिक्रूज़ टाइप।
मैंने 20 मिनट उसकी गांड मारी, लंड पेल के मैं उसकी गांड पे काफी देर कूदा।
उसकी गांड की अच्छी बोरिंग हो गई थी।
लंड आराम से फच-फच की आवाज़ के साथ गांड पे घुस रहा था।
अब मैं झड़ने की कगार पे था, लंड निकाल के मैंने आकाँक्षा को चूसने बोला।
लंड गांड से निकल कर आया था, वो आनाकानी करने लगी।
मैंने बोला- आकाँक्षा, चूसो।
उसने हल्का सा मुँह खोला और मैंने लंड का सुपर उसके मुँह में डाल के उसको चुसवाने लगा।
आकाँक्षा ने जैसे ही चूसते-चूसते हल्का मुँह खोला, मैंने उसका सर दोनों हाथों से पकड़ा और पूरा लंड उसके मुँह में उतार दिया।
पूरा लंड जड़ तक मुँह के अंदर था।
एक-दो मुँह में मैंने हल्के-हल्के झटके मारे और फिर उसका सर आज़ाद कर दिया।
जैसे ही आकाँक्षा ने लंड से मुँह निकाला, मुँह पे वीर्य की पिचकारी पड़ी।
फिर मैं उसके मुँह पे झड़ा।
होंठों पे वीर्य पूरा फैला हुआ था।
आकाँक्षा हँसते हुए हाँफ रही थी, बोली- बहनचोद, जैसी पर्सनैलिटी वैसी ही चुदाई।
मैं बोला- अभी बहुत लंबी रात है।
उसके बाद हमने खाना खाया।
मैंने आकाँक्षा को पूरी रात चोदा।
वो अगले दिन ऑफिस नहीं जा पाई थकान के कारण।
मैं ऑफिस से आया, वो सो रही थी।
उसको उठा के मैंने उसको बाथटब में चोदा।
उस रात मैंने उसको प्यार से चोदा।
आकाँक्षा अब मुझसे बिल्कुल नॉर्मल बात कर रही थी।
उसको मुझसे मोहब्बत हो गई थी।
जाते हुए उसने मुझे प्यार से किस किया और हल्की आवाज़ में मेरे गाल पे हाथ फेरते हुए बोली- थैंक यू। लव यू। वांट टू सी यू एवरीडे बट दैट्स नॉट पॉसिबल सो मेक मी योर बेड पार्टनर ऑन योर कंडीशन।
फिर उसने मुझे हल्का किस किया।
मैंने भी उसके होंठ चूमे।
फिर क्या था, मूड बन गया।
आकाँक्षा फिर नहीं जा पाई और पूरी शाम पूरी रात ठोकी गई।
उसके बाद तो आकाँक्षा मुझसे खूब ठुकी।
मैंने उसको 3 साल खूब चोदा।
फिर उसकी शादी हो गई।
आपको ये हॉट गर्ल ऐस्स फक स्टोरी कैसी लगी?
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