खेत सेक्स कहानी के दूसरे भाग में मेरे दोस्त के साथ मिल कर मैंने एक जवान लड़की और उसकी अम्मी को एक साथ खेतों में चोदा. वे दोनों बहुत चालू माल थी.
दोस्तो, मैं गौरव आपको अपने दोस्त अमित के साथ एक मक्के के खेत में बेटी अमीरा और उसकी अम्मी जाहिदा की चुदाई करने की तैयारी में लगा हुआ था.
कहानी के पहले भाग
परदे वाली माँ बेटी को सेक्स के लिए मनाया
में अब तक आप पढ़ चुके थे कि जाहिदा मेरे लंड को चूस रही थी और मैं मस्त होकर उसके सर को अपने लौड़े पर दबाए जा रहा था.
अब मेरा उसकी चुदाई का मूड बन गया था.
अब आगे खेत सेक्स कहानी:
मैंने अमीरा की अम्मी जाहिदा की जांघों को हाथों से पकड़ कर फैलाया और अपने लंड को उसके फटे हुए भोसड़े के बीच में लगा दिया.
मैंने धक्का मारा तो उस रंडी को तो कुछ महसूस ही नहीं हुआ.
इधर बाजू से अमीरा की सिसकारियों की आवाज सुनाई से रही थी.
इससे पता चल रहा था कि अमित अपना लंड अमीरा की झांटों वाली चूत में डाल चुका था.
मैंने जाहिदा के बड़े से खुले हुए भोसड़े को चोदना शुरू कर दिया.
मुझे जाहिदा के खुले हुए बड़े भोसड़े को चोदने का मन नहीं कर रहा था.
थोड़ी देर उसकी गांड चाटने सहलाने के बाद मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया और उसकी गांड में पेल दिया.
जाहिदा की गांड कसी हुई थी तो लंड को जरा ठीक लगा.
जाहिदा ने कहा कि पीछे से मारो.
तो मैंने उसे जल्दी से घोड़ी बनाया और उसकी गांड के छेद पर उंगली से सहलाने लगा.
उसके गांड पर ढेर सारा थूक लगाया और उसकी गांड में लंड पेल कर दनादन चोदने लगा.
मेरे धक्कों के साथ उसके चूचे भी तेजी के साथ हिल रहे थे.
जाहिदा आंटी मस्त हो गई थी.
उधर अमित ने अमीरा को चोद चोद कर बुरा हाल कर दिया. उसकी आवाजें मुझे सुनाई दे रही थीं.
वह दर्द के मारे बेहाल होकर कराह रही थी- आआ अम्मी आआ ईईउऊऊ आआ आआ… अम्मी मुझे पेल दिया आह!’
उसकी चिल्ला-चौंट सुनकर मैंने पीछे से अमीरा की अम्मी जाहिदा आंटी के बाल पकड़ लिए और उसकी गांड की सवारी करने लगा.
वह चुदवाती हुई गांव की देहाती भाषा में गालियां दे रही थी- आह ई चोद रंडी की औलाद.
मैंने कहा- साली रंडी की औलाद तो बाजू में चुद रही है!
जाहिदा बोली- साले तू चोद मादरचोद चोद … आज तेरे लंड में कितना रस है … आह बता बहन के लौड़े … आज मैं तुम्हारा रस निकाल दूंगी … आह देखती हूँ कि कितना दम है तेरे लौड़े में … और तेज चोद आह!
मैंने कहा- जाहिदा, तुम बहुत बड़ी चुदक्कड़ छिनाल हो!
वह कुछ नहीं बोली, बस धच्च धच्च भच्च भच्च करके चुदवाने में लगी थी.
कुछ देर बाद मुझे अपना लंड और ज़्यादा फूला हुआ लगा.
मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड में झटके लगाने लगा.
वह एकदम से अपनी गांड उठा-उठा कर चुदवा रही थी और अपने हाथों को मेरी जमीन पर रख कर अपनी गांड की ओर मुझे खींच रही थी.
मैंने उसकी चुत में चार उंगलियां घुसेड़ दीं तो वह आह आह करने लगी और शायद झड़ भी गई.
अब उसने कहा- बस कर मादरचोद, इतना ताबड़तोड़ झटके मत दे … मुझे बखूबी मालूम है कि तूने भी अपने यारों की तरह हमारी बिरादरी की कई सारी बहन बेटियों की बुर पेली है!
मैंने कहा- हां मादरचोद रंडी … पेलता हूँ इसमें हर्ज़ क्या है साली!
कुछ देर बाद मैंने झड़ कर अपना लंड बाहर निकाला.
जब मैंने लंड निकाला तो मेरा वीर्य अमीरा की अम्मी की गांड से बहने लगा.
मैं साइड में लेट गया और जाहिदा मेरे लंड को चूसने लगी.
उसने लंड चूस कर साफ़ कर दिया.
अब वह दुबारा से नीचे बैठी और अपने भोसड़े को फैलाकर सूऊ सूऊ की तेज आवाज़ के साथ पेशाब करने लगी.
अब आप अमीरा की चुदाई का मजा लो, जो मेरे बगल में चल रही थी, उसका वाकिया अमित के शब्दों में ही सुनिए.
मैं अमित, अपने दोस्त गौरव के बगल में अमीरा की चुत चोद रहा था इसलिए हम दोनों में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं थी.
अमीरा एक मस्त माल थी तो मैंने अपनी कई दिनों की हवस में तुरंत अमीरा का हरा रंग वाला कुर्ता उतार दिया और उसकी आधी लटकी सलवार को अलग कर दिया.
वह मेरे सामने पूरी तरह से नंगी खड़ी थी.
मैंने उसकी बुर को देखा तो वह एक कुंवारी लड़की की चूत लग रही थी, मगर उस पर काफी ज्यादा बाल उगे हुए थे.
मैं जल्दी से उसकी चूचियां चूसने लगा. वह सिसकारियां ले रही थी.
वह सिसिया कर बोली- साले हरामी, अब जल्दी से अपना लंड ठेल भी दे!
मैंने उसके एक दूध को चूसते हुए कहा- तुझे बड़ी जल्दी है चुदने की?
वह बोली- हां इस बार बहुत दिनों से किसी का लंड मिला ही नहीं!
मैंने कहा- क्या तुम लंड बदल बदल कर चुदवाती रहती हो?
वह धीरे से बोली- हां मेरी अम्मी मुझे चलवाती है न … इसी की आमदनी से तो हमारा घर चलता है!
मैंने समझ लिया था कि ये दोनों रंडी हैं और चुदाई करवाना इनका पेशा है.
अब मैंने अपना लंड उसके हाथों में पकड़ा दिया और कहा- चल चूस!
उसने लंड को लपकते हुए अपने मुँह में ले लिया.
अमीरा बड़े चाव के साथ मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर ज़ोर जोर से चूस रही थी.
मैं आह आह करते हुए उसके सर को अपने लौड़े पर दबाए जा रहा था.
वह एक बार फिर से बोली- अब चोद दो न!
मैंने तुरंत पोज बनाया और अपने लंड को उसकी चूत पर रख के एकदम से जोर का झटका दे मारा.
मेरा आधा लंड अमीरा की चूत को फ।ड़ता हुआ अन्दर चला गया.
उसकी तेज चीख निकल गई और आंखों से आंसू बहने लगे थे.
मैं पीछे से पेल रहा था तो मैंने उसके बाल पकड़ लिए और चुत की चुदाई घुड़सवारी करते हुए करने लगा.
वह गाली देने लगी थी- साले कमीन ने मेरी फ।ड़ दी!
मैंने गुस्से से कहा- चुप कर छिनाल कुतिया … तुम्हारी बिरादरी की सारी औरतें खानदानी चुदक्कड़ होती हैं. वे सब सुबह के समय शौच करते समय इसी खेत के आस-पास कई मर्दों का लंड पकड़ कर अपनी चुत में लेती हैं.
वह कराहती हुई बोली- इसमें कोई सी नई बात है. हम लोग तो हैं ही रंडी … तेरी अम्मी ने तेरे अब्बा का लंड नहीं लिया था क्या … बहनचोद तू आसमान से टपक कर पैदा हो गया था?
मुझे उसकी बातों से बहुत ज्यादा जोश आ गया और सुनसान खेत में मैं अब पहले से कई गुना ज्यादा तेजी के साथ ताबड़तोड़ चोदने लगा.
मेरा लंड सीधा बच्चेदानी से टकरा रहा था.
थोड़ी देर तक घुड़सवारी के बाद मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा.
वह तुरंत मेरे लंड के ऊपर चढ़कर अपनी गांड को आगे पीछे करती हुई मुझे चोदने लगी.
थोड़ी देर में ही उसकी बुर ने पानी छोड़ दिया और गिर गई.
मैं उसे चुदक्कड रंडी छिनाल समझ कर अभी भी चोद ही रहा था.
कुछ देर बाद मैंने लंड निकाला और उसकी टांगों को पूरा फैला दिया.
फिर तुरंत ही अपना लंड उसकी चुत पर सैट करके लंड को ज़ोर से झटका देते हुए अन्दर पेल दिया.
मेरा लंड अमीरा की चुत में समाता चला गया.
अमीरा एक पल को कराही और वापस अपनी गांड ऊपर करती हुई लंड को लेने लगी थी.
मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना शुरू कर दिया. उसकी चूत से पच पच की आवाज़ गूंज रही थी.
मैं जोश ही जोश में चुत चोदता हुआ अपने चरम पर आ गया और उसकी चुत में ही झड़ गया.
मैंने अमीरा की चुत को अपने वीर्य से भर दिया था और जब मैंने लंड चुत से खींचा तो मेरा वीर्य उसकी चुत से बाहर निकल कर बहने लगा था.
अपनी चुत से सफेद माल बहता देखकर अमीरा भी ख़ुश हो गई.
काफ़ी दिनों बाद मुझे अमीरा जैसी माल चोदने मिली थी, तो मैं भी खुश था कि एक जवान लड़की को चोदने की मेरी लालसा पूरी हो गई.
अब मैंने कुछ देर बाद अमीरा की फिर से चुदाई करने की बात की तो वह भी राजी हो गई.
मैंने उसकी छोटी सी गांड ऊपर उठाई और पीछे से अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया.
वह कुछ समझ पाती कि मैं उसे तेजी से चोदने लगा.
इसके बाद गौरव ने जाहिदा को कैसे पेला व हम दोनों ने चुत बदल कर चुदाई की, वह सुनिए.
दोस्तो, मैं गौरव .. जाहिदा को चोद कर उससे लंड चुसवा रहा था, तो मेरा लंड पुनः खड़ा हो गया था.
मैंने सोचा कि अब अमीरा को चोदने की जुगाड़ देखता हूँ.
उधर गया तो देखा कि अमित दूसरी बार अमीरा को जोर-जोर से चोदने में लगा था और उसके हर धक्के के साथ अमीरा की बड़ी सी गांड मस्त हिल रही थी.
मैंने उधर ही जाहिदा को चित लिटाया और उसकी टांगें उठा कर भरपूर मज़े लेकर उसकी गांड चुदाई करने लगा.
अमित ने देखा कि जाहिदा गांड मरवा रही है, तो उसने मुझे इशारा किया कि मुझे जाहिदा की गांड मारनी है.
मैं सहर्ष राजी हो गया क्योंकि मुझे अमीरा की चुत मिल सकती थी.
अमित ने अमीरा की चुत से लंड निकाल कर जाहिदा की गांड में पेल दिया.
वह अमित का मोटा लंड अपनी गांड में लेकर बोली- आह जोर जोर से मेरी गांड मारो … और तेज़ और तेज़.
इधर मैंने अमीरा की चूत में लंड को घुसेड़ दिया था और उसने मुझसे अपनी चूत चुदवाना शुरू कर दिया.
अमीरा की चुदाई करते समय मैं उसके बूब्स को जोर जोर से मसल रहा था.
अमीरा की काली झांटें पहले से ही चिपचिपा रही थीं.
उसकी झांटें अमित के वीर्य से गीली होकर चिपक रही थीं. उसे झांट के बाल खिंचने से दर्द हो रहा था तो वह छटपटाने लगी थी.
अमीरा मुझे बहुत ज्यादा गन्दी गन्दी गाली दिए जा रही थी, जिसके कारण मैं अति उत्तेजित होकर बुरी तरह से उसकी चूत को रौंद रहा था.
उधर बाजू में अमित का मोटा लंड धप धप की आवाज करते हुए जाहिरा की गांड को चोदने में लगा था.
अमित की चुदाई की गति पहले से ज्यादा तेज हो गई थी.
‘आआह अम्मी मर गई … इस बहन के लंड ने अन्दर तक लौड़ा पेल दिया हरामी ने!’
अमित बोला- और ले कुतिया साली … आह बहन की लौड़ी कुतिया रंडी … आह तेरी चुत रोज मारूंगा बहनचोद!
इधर अमीरा की चुदाई करते हुए मेरा शरीर जवाब देने लगा था.
मैं पसीना-पसीना हो गया.
कुछ समय बाद मैंने अपना माल अमीरा के पेट पर निकाला और उधर अमित ने अपना माल जाहिदा की गांड में निकाल दिया.
थोड़ी देर हम चारों ऐसे ही नंगे हाफ़ रहे थे.
वापस जाने से पहले अमीरा मेरे लंड को चूस कर माल मुँह से साफ करने लगी.
जाहिदा ने अमित के लंड को चाट चाटकर साफ कर दिया.
खेत सेक्स करके हम लोग बातें करने लगे.
जाहिदा ने कहा कि गांव के कई सारे मर्दों ने मुझे कई बार चोदा है.
अमीरा ने भी बताया कि उसकी चुत भी कई लोगों ने चोदी है!
उन दोनों की बातों से हम दोनों को मालूम चल गया था कि मासूम सी दिखने वाली अमीरा और उसकी अम्मी कितनी बड़ी चुदक्कड़ रंडियां हैं. उन्होंने कई मर्दों को फंसाया हुआ है.
अब हम लोग लगभग हर हफ्ते चुदाई के लिए मिलने लगे थे.
एक दिन गांव वालों ने अमीरा और अमित को नंगे ही पकड़ लिया था, लेकिन उस आदमी की हिम्मत नहीं हुई कि वह बाहर जाकर किसी से बोल सके.
उस घटना के बाद से हम दोनों ने अपने कई सारे दोस्तों के साथ मिलकर कितनी ही शादीशुदा अम्मी, लड़कियों, महिलाओं को रगड़ रगड़ कर चोदा है.
दोस्तो, आपको हम दो दोस्तों की खेत सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
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