दो दोस्तों की इस खेत सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे हम दोनों की नजर परदे वाली माँ बेटी पर थी. एक दिन वे दोनों खेत में शौच के लिए आई तो हम दोनों ने मां बेटी को सेक्स के लिए गर्म कर दिया.
दोस्तो, मेरा नाम गौरव है और मैं गांव का रहने वाला लड़का हूँ.
मेरे साथ गांव में ही रहने वाले मेरे दोस्त का नाम अमित है.
अमित की मां कई साल पहले ही मर चुकी थीं तो वह बिना मां का हो गया था.
मां के ना होने से अमित के ऊपर किसी की सख्ती न रही और वह अपने बाप के जैसा हरामी हो गया.
दरअसल अमित के पिता जी गांव के सरपंच थे और वे काफी रसिया किस्म के थे.
उनकी पत्नी का देहांत होने के कारण वे गांव की महिलाओं को चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे.
उनका नाम फूलचंद पंडित था तो वे गांव की महिलाओं को मालिश करवाने के बहाने घर बुलाते थे और उनसे लंड चुसवा कर उन्हें चोद देते थे.
बदले में वे सरकारी योजनाओं का लाभ दिला कर उन महिलाओं को अपने काबू में किए रहते थे.
उनके पास एक दो ऐसी महिलाएं भी थीं जो उनके लिए नई नई लड़कियों या कम उम्र की बहुओं को ले आती थीं और सरपंच जी उन्हें चोद देते थे.
यह सब देखते देखते ही अमित जवान हो गया था और वह भी अब कुछ महिलाओं को चोदने लगा था.
हम दोनों की दोस्ती काफी गहरी थी, तो मैं भी उसके किसी शिकार पर हाथ फेर लेता था.
खेत सेक्स कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने गांव के बारे में बता दूँ.
हमारे गांव में कई सारे गैर मजहबी लोगों के घर हैं.
उनके घर की महिलाएं बुर्कानशीं होती हैं और वे काफी सेक्सी थीं.
हमारे गांव में जब भी कोई औरत किसी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म भरने आती, तो उसे सरपंच के पास जाना पड़ता था.
सरपंच फूलचंद पंडित के विषय में तो मैंने आपको बताया ही है कि वे एक बहुत बड़े वाले कमीन किस्म के व्यक्ति थे.
जैसे ही कोई सेक्सी दिखने वाली कम उम्र की महिला उनके पास आती, वे तुरंत ही उस महिला के नाम का फॉर्म छाँटकर अलग कर देते थे.
बाद में सरपंच अपने प्रपंच में उस महिला को अपने लंड के नीचे लेने का कार्यक्रम बनाते और उनकी दोनों चेलियां उस महिला को सरपंच के लंड के नीचे ले आतीं.
हमारे गांव में एक बुर्कानशीं औरत सरपंच के पास काफी दिनों से अपने काम के लिए चक्कर लगा रही थी.
उसका नाम अमीरा था.
वह शायद किसी दूसरे गांव से कुछ ही समय पहले हमारे गांव में रहने आई थी तो उसे बार बार अपने काम के लिए सरपंच के पास जाना पड़ रहा था.
वह औरत कम उम्र की थी और काफी सेक्सी भी थी, तो सरपंच का मूड बन चुका था कि उसकी लेनी है.
वह बुर्कानशीं औरत वैसे तो गेहुआं रंग की थी, लेकिन उसकी गांड बड़ी जबरदस्त हिलती थी और उसके बुर्का पहने होने के बावजूद भी जब वह चलती थी तो बड़ी ही सेक्सी माल जैसी दिखती थी.
मैंने भी उसे गांव में अपनी गांड मटका कर चलते हुए कई बार देखा था और ध्यान भी दिया था कि जब वह चलती थी तो मानो उसके बड़े और फैले हुए चूतड़ों के हिलने से कयामत ही बरसने लगती थी.
उसकी गांड हिलती देख कर सारे मर्दों के लंड अनाकोंडा के जैसे फुंफकारने लगते थे.
मेरा और मेरे दोस्त अमित का दिल भी उसके ऊपर आ गया था.
गांव की सारी औरतें शौच के लिए खेत में जाती थीं.
अमीरा भी अपनी अम्मी के साथ खेतों में जाती थी.
हमारे गांव के सारे लौंडे छुप छुपकर महिलाओं को शौच करते हुए देखते और बाद में हम सभी दोस्तों में चर्चा होती कि किसकी गांड कैसी है, किसकी लेने लायक है … आदि इत्यादि.
एक दिन गांव की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए मैं और अमित सैर पर निकल गए.
उस दिन मौसम काफी अच्छा था तो हम दोनों ने दारू पीने का प्रोग्राम बनाया हुआ था.
काफी दूर निकलने के बाद हम दोनों मेरे खेत में जाने लगे.
उधर हरियाली थी तो एक जगह देख कर हम दोनों बैठ गए और पैग लगाने लगे.
दो दो पैग लगा कर अभी मूड बनने लगा था.
उसी वक्त मुझे पेशाब लगी, तो मैंने खेत के किनारे खड़े होकर मूतना शुरू कर दिया और जल्द ही पेशाब करके बाहर निकल आया.
मैंने एक सिगरेट सुलगाई और अमित को आवाज दी.
वह भी पेशाब कर रहा था.
उसने कहा- आ रहा हूँ.
मैं बाहर की तरफ निकलने लगा.
तभी मैंने देखा गांव की वही मस्त औरत अमीरा और उसकी अम्मी जाहिदा आगे बढ़ती हुई खेत में हगने जा रही थीं.
मैंने अमित को इशारे से बुलाते हुए उन दोनों की तरफ चलने का इशारा किया.
अमित भी राजी हो गया और हम दोनों छुपते-छुपाते उसी खेत में आगे बढ़ने लगे.
खेत में मक्का लगा था तो काफी घना था.
मैं कुछ देर अमित के साथ मक्के के बीच रुका रहा.
कुछ देर के बाद मैं सर उठा कर देखने लगा कि वे दोनों कहां को जा रही हैं.
तभी मैंने देखा कि वे दोनों इधर उधर देखती हुई खेत के काफी अन्दर को घुस गईं.
मैंने अमित का हाथ पकड़ा और छुपते छुपाते हुए हम दोनों भी अन्दर घुस गए.
वे दोनों हम दोनों को दिखने लगी थीं.
अमित ने मेरा हाथ दबा कर इशारा किया, तो मैंने सामने देखा कि उसमें से एक की गांड मेरी तरफ थी.
वे दोनों बैठ कर हगने की तैयारी कर रही थीं.
उन दोनों ने अपनी अपनी सलवार नीचे कर दी थी और गांड से गू निकालने लगी थीं.
खेत में झींगुर होने के कारण वे दोनों बार बार अपनी जगह बदल रही थीं.
कुछ समय बाद उन दोनों ने अपना काम निबटा लिया और उठने के लिए होने लगीं.
मैंने देखा कि जाहिदा की बड़ी और चौड़ी फूली सी गांड मस्त लग रही है.
उसकी गांड देखकर हम दोनों की आंखें फटी रह गईं.
उसकी गेहुआं रंग की बड़ी गांड मस्त दिख रही थी.
ये सब देखकर मेरा मन मचल गया और उसे चोदने के इरादे से ही मेरा लंड फनफना उठा.
मैंने खुद पर संयम किया और उन दोनों को देखता रहा.
कुछ देर बाद जैसे ही वे दोनों शौच करके सलवार पहन कर खड़ी हुईं तो एकदम से चौंक गईं क्योंकि अमित अचानक से उन दोनों के सामने आ गया था और उन्हें देखने लगा था.
अमित अमीरा के सामने ही उसकी आधी चढ़ी सलवार के कारण उसकी मांसल जांघों को निहारते हुए अपने लंड को हिलाने लगा था.
अमीरा अमित के खड़े लंड को देख कर डर गई क्योंकि उसका लंड काफी मोटा था.
तभी मैं भी आ गया और मैं आगे बढ़ कर अपने दोनों हाथों को उसके पीछे ले गया और उसके चूतड़ पकड़ कर दबाने लगा.
उसी समय अमित सामने से आ गया और वह अमीरा को पकड़ कर उसकी चूचियां दबाने लगा.
मेरी आशा के विपरीत अमीरा ने उससे छूटने का कोई प्रयास नहीं किया बल्कि वह खुद धीरे धीरे मदहोश होने लगी.
फ़िर वह अमित को हटाने लगी.
अमित बोला- साली ड्रामा मत कर … मैं जानता हूँ तू मेरे बापू से खूब चुद चुकी है.
यह सुनकर अमीरा गुस्से में आ गई और अमित के बापू को गाली देने लगी- तेरा बाप बहुत मादरचोद है. मैं उससे नहीं चुदी हूँ. लेकिन उसने मुझे अपने नीचे लिटाने की बहतेरी कोशिश की है.
तभी अमीरा की अम्मी सामने आ गई और अमित के आगे हाथ जोड़ने लगी.
उसने अमित से कहा- क्या करना चाहते हो?
अमित ने कहा- एक बार मेरा मोटा लंड तुम दोनों को अपनी गांड और बुर में लेना होगा!
अमीरा ने झिझकते हुए खेत सेक्स करने को मना कर दिया.
अमित बड़ा ही हरामी और बहुत ही जिद्दी स्वभाव का लड़का था.
उसने एक बार फिर से कहा- जल्दी बोल, मुझसे चुदवाना है या नहीं!
अमीरा का मन तो था लेकिन वह अपनी अम्मी की ओर देखने लगी.
उसकी अम्मी ने आंख के इशारे से हाँ कह दिया.
मुझे समझ में आ गया कि ये दोनों अपनी मर्जी से और खुशी खुशी चुदने के लिए राजी हुई थीं.
यह जानते ही मेरे लंड में भी तनाव आने लगा कि आज तो दोनों की चुत गांड चुदाई का मजा मिल जाएगा.
अमित अब आगे बढ़ा और वह अमीरा के मोटे व रसभरे होंठों को चूसने लगा.
सलवार को नीचे उतरते ही अमीरा एकदम नंगी हो गयी.
उसकी चूत पर घने घने झांटें थीं.
अमीरा एक हाथ से अपनी सलवार पकड़ कर उसे खेत के और अन्दर ले जाने लगी.
मैंने अमीरा की अम्मी को दबोच लिया था और अमित अमीरा को अन्दर ले गया था.
अब दोस्तो, मैं आपको इधर हम दोनों दोस्तों की चुदाई की कहानी को अलग अलग लिख कर सुनाऊंगा.
पहले अमीरा की अम्मी जाहिदा की सेक्स कहानी सुनिए.
मैं अमीरा की अम्मी जाहिदा के मम्मों को उसके कुर्ते के ऊपर से दबाने लगा था.
फिर मैंने जाहिदा को खेत में लिटा दिया और उसके देसी मम्मों को पूरी तरह से नंगा करते हुए मसलने और चूसने लगा.
उसकी बड़ी-बड़ी फूली फूली छातियों को दबाने में कोई खास मजा नहीं आ रहा था. ऐसा लग रहा था मानो उसकी चूचियों को खूब नोंचा जा चुका हो!
फिर मैंने सीधे चुत चुदाई की सोची और जाहिदा की सलवार को नीचे कर दिया.
मैंने बहुत बड़े से भोसड़े को देखा जो कि काफ़ी ज्यादा फैला हुआ था और पूरी तरह बड़ी झांटों से भरी हुई चुत थी.
मैं उसकी झांटों में जीभ रगड़ते हुए भोसड़े को चाटने लगा.
जैसे ही मैंने जाहिदा के भोसड़े में जीभ लगाई, वह एकदम मस्ती से चिल्ला पड़ी.
इसके तुरंत बाद ही वह कामुक आवाजें निकालने लगी- या मेरे मालिक, मेरे बड़े भोसड़े को बड़ा लंड अदा फर्मा … आह जोर से चाट हरामी की पैदाइश … आह आ ओह्ह उम्म!
मैं दोनों हाथों से उसकी ढीली-पोली बड़ी-बड़ी चूचियों को दबाते हुए उसे अपने मुँह से चोदता रहा.
थोड़ी देर में जाहिदा अपनी गांड उठा उठा कर मेरे मुँह पर मारने लगी.
मैं समझ गया कि साली झड़ने वाली थी.
अब मैं जोर जोर से रगड़ कर चाटने लगा, तो वह सिहर गई और कांपती हुई आवाज में कराहने लगी.
थोड़ी ही देर में उसके भोसड़े ने पानी छोड़ दिया और उसने नीचे से अपनी टांगों को पसार दिया था.
उसके बाद मैंने अपना अंडरवियर निकाल दिया और आंटी के हाथ में अपना लंड दे दिया.
आंटी पहले से ही काफी गर्म हो गई थी.
उसने मेरे लंड को तुरंत हाथ में पकड़ लिया और उसकी मुट्ठ मारने लगी.
वह उसको प्यार से सहला रही थी.
मैंने अपने लंड को उसके हाथों से हटाते हुए खींच लिया और लंड को अपने हाथ में लेकर कहा- चल छिनाल, जल्दी से मेरा लंड मुँह में ले ले!
उसने इसमें पल भर की भी देरी नहीं की और मेरे लौड़े को मूली समझ कर चूसने लगी.
जाहिदा बड़ी ही अनुभवी रांड के जैसी मस्ती के साथ मेरे लंड को ज़ोर जोर से चूस रही थी और बीच बीच में वह मेरे हिलते हुए आंडों को भी चूस रही थी.
दोस्तो, जाहिदा एक मस्त रंडी की तरह मेरे लंड को सुकून दे रही थी.
खेत सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको जाहिदा और अमीरा नाम की दोनों मां बेटी की चुदाई की कहानी को विस्तार से लिखूँगा.
आप मुझे अपने मेल जरूर लिखें.
ayushkamra06@gmail.com