देसी इंडियन सेक्स कहानी में मैं पड़ोस की युवती को आंगन में नंगी नहाते अक्सर देखता था. मैं उसे चोदना चाहता था पर कोई मौक़ा नहीं था. एक दिन वो खुद मेरे घर आई पति के साथ.
मैं एक छोटे से कस्बे में एक पुरानी हवेली का मालिक हूँ।
उम्र पैंतालीस के करीब, शरीर मज़बूत, और स्वभाव थोड़ा सख्त।
मेरे पड़ोस में एक गरीब सा जोड़ा किराए पर रहता था.
पति अरमान करीब तीस साल का, पतला-दुबला, और पत्नी दीपा पच्चीस-छब्बीस की, सांवली रंगत, गदराया शरीर, और आँखों में एक अनकही प्यास।
जिस मकान में वे रहते थे, उसका मालिक उस मकान को बेच रहा था और उनको घर खाली करने को कह रहा था.
मेरे घर से उसके घर का पूरा आंगन दिखता था.
वो आंगन में नल के पास बैठ कर नहाती थी, मैं अक्सर उसे देखता था.
एक दिन अरमान और दीपा मेरे पास आये.
और यहीं से इस देसी इंडियन सेक्स कहानी की शुरुआत हुई.
दोनों ने हाथ जोड़कर कहा, “साहब, मकान मालिक घर खाली करने को कह रहा है। आपके घर में कई कमरे खाली हैं, एक कमरा दे दीजिये. थोड़ी मदद कर दीजिए।”
मैंने उनकी हालत देखी।
पत्नी साड़ी में खड़ी थी, पल्लू सर पर डाले हुए, लेकिन जब हवा चली तो उसके गले की हड्डियाँ और ब्लाउज़ की उभार साफ दिख गए।
मैंने सीधा प्रस्ताव रखा, “तुम्हारा किराए का मकान मैं खरीद लेता हूँ। तुम दोनों वहीं रह सकते हो।”
पति का चेहरा खिल गया लेकिन पत्नी ने कुछ नहीं कहा, सिर्फ नीचे देखती रही क्योंकि उसने मेरी नजर पहचान ली थी कि मैं उसकी जवानी का प्यासा हूँ।
मैंने उसी दिन मकान खरीद लिया।
पुराना मकान मालिक खुश होकर चला गया।
वह पहले भी उनसे किराया वसूलता था और कभी-कभी पत्नी के शरीर का भी इस्तेमाल करता था— यह बात बाद में पता चली।
घर खरीदने के बाद दोनों मेरे पैर छूने लगे।
पति ने कहा, “साहब, आपने हमें बचा लिया।”
पत्नी भी झुकी।
झुकते ही उसका पल्लू सर से सरक गया और उसके गोल-मटोल स्तन ब्लाउज़ में कसकर बँधे हुए मेरे सामने आ गए।
मैंने होंठों पर जीभ फेरी।
पैंट के अंदर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।
उसकी नज़र वहीं चली गई।
उसने समझ लिया था कि यह मकान मुफ्त में नहीं मिला है।
वो जान चुकी थी कि मैं भी उसे चोदने के लिए मकान दे रहा हूं।
एक दिन की बात है वो आंगन में पूरी नंगी लेकिन पेटीकोट सीने तक चढ़ाकर नहा रही थी।
अपने बालों में शैंपू लगा कर अपने शरीर पर साबुन लगा कर अपने स्तन मल कर चूत में लगा रही थी।
उसे नहीं पता था कि मैं उसे कब से नंगा नहाते हुए देख रहा था।
उसके नहाते हुए पायल की आवाज़, चूड़ियों की खन-खन और पानी के गिरने की आवाज़ से मेरा लंड खड़ा हो गया था।
फिर उसने पेटीकोट उतार दिया और पूरी नंगी होकर नहा रही थी।
वो सरसों का तेल लगाकर अपनी चूत की मालिश कर रही थी।
वो सांवली जरूर थी पर इतनी गरम थी कि उसको आदमी चोद ही नहीं पाया था ठीक से।
उसके बाद उसने जल्दी से पेटीकोट, ब्लाउज, ब्रा, पैंटी और साड़ी पहनी।
मैं तुरंत उसके घर में घुस गया.
तभी उसने अचानक मुझे देखकर मुंह ढक लिया और बोली, “आप कब आए? मुझे पता ही नहीं चला!”
मैंने कहा, “जब तुम नहा रही थी तब से ही तुम को बिना कपड़ों के देख रहा था!”
वो बोली, “आपको शर्म नहीं आती? आप उम्र में मुझसे कम से कम 16, 17 साल बड़े हो मेरे चचा सामान हो और मुझे नंगी नहाते हुए देखते हो और मुझे जो एक पराई औरत हूं चोदना चाहते हो!”
मैं बोला- तुम एकदम सही कह रही हो.
तभी वो एकदम से सुर बदलती हुई बोली, “मैं उसी दिन समझ गई थी जिस दिन तुमने हम पर एहसान किया था और तुम्हारा लंड मेरे गिरे हुए पल्लू से दिख रहे स्तन को देखकर खड़ा हो गया था!”
वो मुझे अंदर कमरे में ले गयी.
वहां उसका आदमी भी था.
तभी वो बोली- इनकी चिंता मत करो.
मैंने उसकी साड़ी उतार कर फेंक दी।
फिर पेटीकोट का नाड़ा खींच कर उतार दिया।
अब मैंने उसका ब्लाउज भी उतार फेंका।
अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई थी।
मैंने उसकी चूचियों को ब्रा खोलकर आज़ाद कर दिया।
मैं उसके गाल चूमने लगा और उसके होठ चूसने लगा।
फिर उसके दोनों स्तनों को पकड़ कर चूसने लगा और उसका दूध पीने लगा।
थोड़ी ही देर में वो मुझे अपने पास खींच कर बोली, “पियो जितना पीना है और मुझे ढंग से चोदकर मां बना दो अपने बच्चे की!”
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चूत को चाटने लगा।
चाटते हुए वो स्खलित हो गई और सारा पानी मेरे मुंह में भर दिया।
मैं उसे पी गया।
फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया और उसके मुंह को चोदने लगा।
चोदते-चोदते सारा वीर्य उसके मुंह में भर गया।
वो उसे पी गई और मेरा लंड चाट कर साफ़ कर दिया।
उसके बाद मैंने वहीँ रखे सिंदूर से उसकी मांग भरी।
फिर उसकी जांघों पर हाथ रखकर उसकी चूत का मुंह खोला और अपना काला लंबा मोटा खड़ा हुआ लंड का सुपाड़ा खोल कर एक ही बार में घुसा दिया जो उसकी बच्चेदानी से जा टकराया।
उसको चोदने से पायल की छन-छन, चूड़ियों की खन-खन और चोदने की आवाज़ आ रही थी।
वो बोली, “और चोदो! आज तक ऐसा काला लंबा मोटा लंड न मैंने देखा न ऐसी मेरी प्यास किसी ने बुझाई!”
चोदते हुए मैंने सारा वीर्य उसके चूत में डाल दिया।
फिर उसने बताया कि मैंने तुम्हारा लंड एक दिन देखा था जिस दिन तुम अपना अंडरवियर उतार कर मुझे नहाती देख लंड हिला रहे थे। तभी मैंने पहली बार इतना बड़ा काला मोटा और लंबा लंड देखा था। लंड के चारों तरफ झांटों का जंगल था। उसी दिन मैंने तय कर लिया था कि तुम्हारा लंड अपनी चूत में लूंगी और तुम्हारे बच्चे की मां बनूंगी।
उसका आदमी उसे अपनी आंखों के सामने एक पराए मर्द से संभोग करते हुए देख रहा था।
उसके बाद कई बार उसे नंगी ही चोदा, वो भी उसके पति के सामने!
ऐसा करके उसने मेरे अहसान का बदला पूरा किया।
नौ महीने बाद उसके एक लड़की हुई।
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