हॉट लेडी फक कहानी में मैं गाँव का दूध बेचने वाला बलिष्ठ जवान हूँ, शहर में कई घरों में दूध देता हूँ. एक दिन एक घर में एक लेडी दूध लेते हुए फिसल गयी.
मैं एक किसान का बेटा हूँ और अपने गांव में रहता हूँ।
गाँव के स्कूल में ही पांचवे क्लास तक पढ़ा हूँ, उसके आगे मेरी पढ़ाई नहीं हो पाई।
मेरे पिता जी ने मुझे दूध के काम में लगा दिया।
संयोग से हमारा गाँव शहर के पास में ही है तो मैं दूध शहर में जाकर घर घर देने लगा।
हमारे पास कई भैंसें हैं और गाय भी हैं।
मेरा मन इस धंधे में लग गया।
मैं खुद भी शुद्ध घी खाने लगा और दूध पीने लगा।
इससे मेरी सेहत बनी हुई है।
मैं एक हट्टा कट्टा, गोरा चिट्टा 24 साल का नौजवान हूँ, रोज़ सवेरे उठता हूँ और अपने काम में जुट जाता हूँ।
10 बजे सवेरे शहर में दूध देने चला जाता हूँ और 2/3 घंटे के बाद अपने घर वापस आ जाता हूँ।
मेरी ज़िन्दगी बहुत अच्छी चल रही है।
मेरा नाम शोभित है।
मैं अपने आप में खुश रहता हूँ और अपने काम से खुश रहता हूँ।
हां बस एक हॉट लेडी फक कहानी है जो मैं आपको बताना चाहता हूँ।
शहर में मैं कई घरों में दूध देता हूँ।
सब लोग मेरा इंतज़ार भी करते हैं।
मैं सबसे अच्छे सम्बन्ध रखता हूँ। दूध के अलावा जो कोई मुझसे किसी काम के लिए कह देता है तो मैं उसे कर देता हूँ।
एक घर ऐसा है जहाँ से मेरा खास लगाव है।
और वह घर है मैडम अलीशा जी का जहाँ एक सुन्दर सुशील और समझदार गृहणी रहती हैं।
मैं जैसे ही घंटी बजाता हूँ वह मुझे दरवाजा खोल कर अंदर बुला लेती है और मुझसे दूध अपने भगोने डलवा लेती हैं।
मैं उसे रोज़ देखता हूँ। मुझे वह बहुत अच्छी लगती है।
मैं जितना उसे देखता हूँ उतना और देखने का मन करता है।
वह घर की देवरानी है।
उनकी एक जेठानी भी है मैडम ज़ानिया।
मैं जब पहुँचता हूँ तो जेठानी के दोनों बच्चे स्कूल चले जाते हैं और उनके आदमी अपने-अपने ऑफिस।
यानी मुझे घर में केवल देवरानी और जेठानी ही मिलती हैं।
अलीशा को कोई बच्चा नहीं है।
हाँ, छुट्टी के दिन सब लोग जरूर मिल जाते हैं।
देवरानी हो चाहे जेठानी, दूध लेते समय वो एक स्लीवलेस गाउन या मैक्सी पहने रहती हैं बस।
उनकी बड़ी-बड़ी हिलती हुई चूचियाँ मैं हर रोज देखता हूँ।
वो जब पीछे मुड़ती है तो उनकी गांड का साइज भी दिखाई मुझे पड़ता है और बड़े-बड़े चूतड़ भी।
सच कहूँ तो मेरा लौड़ा साला न चाहते हुए भी रोज उनको दूध देते समय खड़ा हो जाता है।
मेरा मन होता था कि मैं किसी दिन अलीशा को अपना लौड़ा पकड़ा दूँ।
इसलिए मैं अच्छे साफ-सुथरे कपड़े पहन कर जाता था।
वह मुझे कभी-कभी कोई काम बता देती थीं तो मैं कर देता था।
मैं उस पर अपना प्रभाव डालने लगा था।
उसे खुश करने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार था।
एक दिन बोली, “शोभित ये ब्लाउज़ ज़रा टेलर को देकर आओ, इसे टाइट करवाना है।”
मैं दे कर आ गया।
एक दिन उसने बाजार से सामान मंगवाया वो लाकर दे दिया।
एक दिन एक कागज़ दिया और कहा, “बाजार से इस नंबर की दो ब्रा ले आओ।”
मैंने लाकर दे दी।
इससे अपना सिक्का अलीशा मैडम पर जम गया।
एक दिन वह घर में अकेली थी।
जेठानी बच्चों के साथ मायके चली गयी थी।
अलीशा ने जैसे ही दूध से भरा हुआ भगोना उठाया और आगे एक कदम रखा तो रपट कर गिर पड़ी।
भगोना कहीं और गिरा।
दूध सारा फर्श पर गिर गया।
मैंने फ़ौरन उसे उठाया।
बल्कि गोद में उठा लिया और बिस्तर पर लिटा दिया।
फिर पूछा, “मैडम कहाँ-कहाँ चोट आई आपको?”
उसने कमर की तरफ और घुटनों की तरफ इशारा किया।
मैडम बोली, “वो बाम रखा है ज़रा लगा दे शोभित।”
उसने अपनी मैक्सी उठाई और मैं बाम लगाने लगा।
ऐसा करने से लौड़ा मेरा सनसना गया।
उसने कहा, “और अंदर तक लगाओ न!”
मैंने हाथ और अंदर तक कर दिया।
फिर बाम उसके पैर घुटनों पर भी लगवाया।
घुटनों से जांघों तक मेरा हाथ पहुँच गया।
मैंने सोच लिया था कि अब अगर और अंदर करो कहेगी तो मैं चूत तक पहुँच जाऊंगा पर वह नहीं बोली।
उसकी चूचियों की झलक मुझे खूब मिल रही थी।
वह बोली, “बैठो मैं आती हूँ।”
वह थोड़ी देर में कोल्ड ड्रिंक ले आई और बोली, “इसे पी लो।”
मैंने पी लिया तो वह बोली, “शोभित थोड़ी मेरी मालिश कर दो न प्लीज!”
मैं मालिश करने लगा क्योंकि मैं चाहता ही था।
मेरा हाथ जब उसकी चूची तक पहुंचा तो मैं रुक गया।
तब वह बोली, “रुक क्यों गए, शोभित इनकी भी मालिश कर दो न!”
उसने दोनों चूचियाँ मेरे सामने खोल दीं।
उन्हें देख कर मेरा लौड़ा साला टन्ना उठा।
मैं चूचियों की मालिश करने लगा।
वो दोनों हाथ पीछे रखे हुए करवाने लगी।
वो अचानक बोली, “शोभित, तेरे पाजामे में क्या हो रहा है? कौन घुसा है तेरे पाजामे में? उसे जल्दी से बाहर निकालो नहीं तो मेरे मुंह में घुस जाएगा!”
मैं कुछ बोला नहीं।
मेरे दोनों हाथ तेल में सने थे।
तो उसने खुद ही मेरा नाड़ा खोल दिया।
मेरा लौड़ा साला बाहर निकल आया तो वह बोली, “हाय दईया … तेरा भोसड़ी का इतना बड़ा लौड़ा है? इतना मोटा लौड़ा है तेरा?”
उसके मुंह से लौड़ा सुनकर मेरा लौड़ा आसमान ताकने लगा।
मैडम ने लौड़ा पकड़ लिया और हिलाने लगी।
फिर बोली, “यार शोभित तेरा लौड़ा तो किसी का भी भोसड़ा फाड़ देगा यार!”
फिर उसने अपनी मैक्सी खुद उतार कर फेंक दी और लौड़ा का टोपा चाटने लगी।
बोली, “बहुत दिनों के बाद इतना मस्त लौड़ा मिला है मुझे!”
वह मेरा लौड़ा चाट रही थी और मैं उसके बदन की मालिश कर रहा था।
मैं चूत तक पहुँच गया।
चूत की छोटी-छोटी झांटें बड़ी सेक्सी लग रही थीं।
मैं चूचियों के साथ-साथ चूत भी मसलने लगा और मोटी-मोटी जांघें भी।
वह बोली, “शोभित तूने मुझे बहुत गरम कर दिया। तू बहनचोद केवल दूध वाला ही नहीं बल्कि एक मस्त लौड़ा वाला भी है। मुझे तो तेरे लौड़े से प्यार हो गया है। मुझे नहीं पता था कि तेरा लौड़ा मादरचोद इतना जबरदस्त होगा!”
मैंने जैसे ही उसकी चूत बड़े प्यार से सहलाई तो वह बोली, “अब चूत में हाथ नहीं, लौड़ा पेलो भोसड़ी के शोभित!”
मैं तो लौड़ा पेलना ही चाहता था।
मैंने लौड़ा का टोपा चूत पर रगड़ना शुरू किया तो वह सिसयाने लगी, बोली, “अब सहा नहीं जा रहा! लौड़ा जल्दी से घुसेड़ दो अंदर, मादरचोद!”
मैं तो ताव पर था ही।
मैंने एक ही धक्के में पूरा लौड़ा घुसेड़ दिया.
तो वह चिल्ला पड़ी, “उई माँ, फट गई चूत! इस मादर चोद ने एकदम से घुसा दिया पूरा लौड़ा! हाय रे बड़ा दर्द हो रहा है! एक दूध वाले ने लौड़ा पेल दिया मेरी चूत में, मैं किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रही! तू साला मुझे अकेली पाकर मुझे चोदने चला आया तेरी माँ का भोसड़ा साले कुत्ते हरामजादे! अब लौड़ा पेल ही दिया है तो फिर घपाघप चोदो मुझे! पूरा लौड़ा घुसा-घुसा के चोदो! मुझे रंडी की तरह चोदो! फाड़ डालो मेरी बुर, मेरी चूत! ये साली तेरे लौड़े के लिए कई दिनों से तड़प रही थी! आज इसे अपनी पसंद का लौड़ा मिल गया है! हाय रे शोभित तू सच में बड़ा मजबूत मर्द है! तेरा लौड़ा भी मर्दाना है! आज मुझे चोद-चोद के मेरी चूत की गर्मी निकाल दे, कमीने तेरी बहन का भोसड़ा! और चोदो मुझे, खूब चोदो मुझे, रोज चोदा करो मुझे! मैं बहन चोद बहुत चुदासी हूँ!”
मैं सब सुन रहा था और चोदने की रफ्तार बढ़ाता जा रहा था।
मैंने सोच लिया था कि आज मैं इसे इतना चोदूंगा कि अब ये बिना मुझसे चुदे कभी रह नहीं पाएगी।
मैंने कहा, “बड़ी मस्तानी चूत है तेरी मैडम!”
वह बोली, “मैडम की माँ का भोसड़ा! मुझे मैडम मत कहो! मुझे अलीशा कहो, चूत चोदी भोसड़ी वाली अलीशा कहो! मैं एक चुदक्कड़ औरत हूँ! मैं मादरचोद एक रंडी हूँ! शादी के पहले खूब चुदी थी! शादी के बाद आज पहली बार पराये मर्द से चुद रही हूँ! मुझे पराये मर्द बड़े अच्छे लगते हैं! उससे ज्यादा अच्छे लगते हैं पराये मर्दों के लौड़े!”
मैं उसे खूब पेले जा रहा था।
मेरा लौड़ा एकदम लोहे की तरह तना हुआ था।
मैंने कहा, “आज मैं तेरी चूत फाड़ कर ही दम लूंगा अलीशा! तुझे रंडी बना दूंगा! तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा चूत चोदी अलीशा! तू मुझे बहुत अच्छी लगती है प्यारी लगती है! मैं खुद तुझे चोदने के लिए तड़प रहा था! तेरे नाम का मुठ्ठ भी मारा है मैंने! आज मेरा लौड़ा बहुत खुश है!”
यह सब सुनकर वह उत्तेजित हो गई और उसकी चूत ने छोड़ दिया पानी।
खलास हो गई उसकी चूत!
फिर उसने घूम कर मेरा लौड़ा मुठ्ठी में लिया।
उसे 10-12 बार आगे-पीछे किया तो माल भल्ल से निकल पड़ा।
उसने झड़ता हुआ लौड़ा खूब चाटा।
हम दोनों नंगे-नंगे लेट गए।
15 मिनट के बाद मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया और उसकी चूत भी तैयार हो गई।
अलीशा बोली, “शोभित, तू फिर से पेल दे लौड़ा मेरी चूत में, ये साली चूत फिर से गरम हो गई!”
मुझे मौका मिला।
मैंने इस बार पूरी ताकत से चोदा और खूब चोदा।
निकल गई उसकी सारी गर्मी।
वह मस्त हो गई।
इस तरह मैंने उसे 3-4 बार चोदा और हॉट लेडी फक का पूरा मजा लिया।
उसने फिर मुझे रात में रोक लिया।
फिर रात में भी मैंने उसे दो बार चोदा।
रात को लगभग 1 बजे मैं अपने गांव पहुंचा।
सवेरे उठ कर सारा काम किया, दूध इकट्ठा किया और फिर शहर के लिए निकल पड़ा।
मैं अलीशा के घर सुबह 10 बजे फिर पहुँच गया।
थोड़ी देर में अलीशा मैडम नहीं बल्कि उसकी जेठानी ज़ानिया मैडम दूध लेने आ गई।
मैंने पूरा दूध भगोने में डाल दिया।
वह पीछे मुड़ी और भगोना रख कर बोली, “अरे शोभित, तू साला बड़ा कमीना निकला! तू भोसड़ी का बड़ा गन्दा आदमी है!”
मैं समझ गया कि इन्हें सब बात मालूम हो गई है, शायद!
मैं कुछ नहीं बोला बस मुंह लटकाए हुए सुनने लगा।
वह फिर बोली, “साले मैं तेरी शिकायत साहेब से करूँगी! तब तुझे पता चलेगा!”
मेरी तो गांड फट गई यह सुनकर।
फिर वह थोड़ी नरम पड़ीं और बोली, “कल तूने मेरी देवरानी की चूत ले ली? और मुझे बताया भी नहीं!”
मैंने डरी-डरी निगाहों से उसकी तरफ देखा तो फिर वह बोली, “अरे शोभित डरने की जरूरत नहीं है! मैं कह रही हूँ कि कल तूने मेरी देवरानी की चूत ले ली तो आज उसकी जेठानी की चूत ले लो भोसड़ी वाले!”
यह सुनकर मेरा चेहरा खिल उठा।
वह फिर बोली, “अपना सामान यहीं रख दे और अंदर आ जा!”
मैं अंदर चला गया।
वहाँ अलीशा मैडम को अधनंगी लेटी हुई देख कर खुश हो गया।
वह बोली, “शोभित, मैंने जेठानी को सब बता दिया है! वह खुद तेरे लौड़े का मजा लेना चाहती है!”
बस फिर क्या, मेरा लौड़ा साला अंदर ही अंदर खड़ा हो गया।
तब तक जेठानी आ गई।
बोली, “सुना है तेरा लौड़ा बहुत बड़ा है, शोभित! ज़रा मुझे भी दिखाओ न अपना लौड़ा?”
ऐसा बोलकर वह खुद ही मेरा पजामा खोलने लगीं।
मैं कुछ नहीं बोला।
लौड़ा जब खुला तो उसे पकड़ कर हिलाया और कहा, “हाय दईया लौड़ा तो सच में तेरा बड़ा हट्टा-कट्टा है!”
उसने जबान से लौड़ा का टोपा छुआ तो लौड़ा फनफना उठा।
तब तक अलीशा मैडम ने उसके कपड़े उतार दिए।
मैंने पहली बार उसे नंगी देखा तो बोला, “तुम तो अप्सरा लग रही हो मैडम!”
वह बोली, “मैं मैडम नहीं हूँ शोभित! मैं ज़ानिया हूँ! मैं हरामजादी मादरचोद चुदक्कड़ ज़ानिया हूँ! जितनी ये चूत चोदी अलीशा चुदी हुई है, उससे ज्यादा मैं चुदी हुई हूँ!”
मैंने फिर लपक कर उसकी चूचियाँ पकड़ लीं और मसलने लगा।
उसने लौड़ा मुंह में भरा और चूसने लगी।
अलीशा अपनी जेठानी की चूत चाटने लगी।
मुझे ज़ानिया मैडम के चूतड़ बड़े सेक्सी लगे।
उसकी गांड मुझे बड़ी अच्छी लग रही थी।
फिर धीरे से मैंने उसे घोड़ी बना दिया और लौड़ा पहले उसकी चूत में पेला।
कुछ देर तक मैं चूत मारता रहा और वह सिसयाती रही।
बीच-बीच में मैं उसकी गांड में उंगली करता रहा।
फिर मौका देख कर लौड़ा चूत से निकाल कर गांड में घुसेड़ दिया।
वह एकदम से चिल्ला पड़ी, “साले कुत्ते माँ के लौड़े तूने मेरी गांड फाड़ दी! तेरी माँ का भोसड़ा हरामी तेरी बहन की बुर! ये मेरी गांड है साले तेरी माँ की गांड नहीं है!”
उसकी गालियों से मेरा हौसला बढ़ता जा रहा था।
मैंने कुछ नहीं सुना बस लौड़ा गांड में पूरे जोर-शोर से पेलता रहा।
थोड़ी ही देर में वह खुद बोली, “हाय रे शोभित बड़ा मजा आ रहा है! तेरा लौड़ा अच्छी तरह मार रहा है मेरी गांड़! किसी ने मुझे गांड मरवाने में इतना मजा नहीं दिया जितना तुम दे रहे हो! तुझे गांड मारना भी अच्छी तरह आता है!”
जेठानी को देख कर देवरानी की भी गांड मरवाने की इच्छा हो गई।
वह भी मेरे आगे घोड़ी बन गई।
जेठानी ने इशारा किया तो मैंने लौड़ा उसकी गांड से निकाल कर देवरानी की गांड में पेल दिया।
लौड़ा कभी गांड में घुसाता तो कभी चूत में घुसा देता।
इस तरह मैं दोनों को कभी एक साथ चोदता तो कभी अलग-अलग चोदता।
उसके बाद आज तक कोई ऐसा दिन नहीं गया जब मैंने इन दोनों को चोदा न हो।
मैं हर रोज इनकी चूत में भी लौड़ा पेलता हूँ, इनकी गांड भी मारता हूँ और इनकी चूँचियाँ भी चोदता हूँ।
मुंह में तो ये दोनों मेरा लौड़ा लेकर गन्ने की तरह चूसती हैं।
कैसी लगी यह हॉट लेडी फक कहानी?
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