मॅाम ऐस्स फक स्टोरी में मेरी माँ बहुत बड़ी चुदक्कड़ थी, मेरे से पहले 4 लंड ले चुकी थी. उनमें मेरी बुआ का बेटा भी था. वो हर रोज ही अपनी मामी को चोदने आ जाता था.
नमस्ते दोस्तो, मैं विनय फिर से हाजिर हूँ अपनी माँ की चुदाई का आगे का कारनामा लेकर।
मुझे पूरा यकीन है कि पिछली 3 कहानियों में आप लोगों ने कई बार अपने लंड को हिलाया होगा।
और तो और, कितने भाई लोगों ने अपनी माँ को चोदने का प्लान भी बना लिया होगा।
तो दोस्तो, मेरी पिछली कहानी
चुदक्कड़ माँ की चुदाई का खेल
कहानी में उस रात मैंने अपनी साधना मम्मी की चुत चोद के उनको संतुष्ट तो कर दिया।
पर मेरे मन में एक ख्याल आ रहा था कि साली रंडी माँ ने अभी तक 4 लंड और ले रखे हैं अपनी इस चुत में।
मुझे तो अब नया कुछ करना है घर की रंडी के साथ।
अब आगे मॅाम ऐस्स फक स्टोरी:
सुबह हुई।
मैं उठा तो माँ नाश्ता बना रही थी और मुझे देख के मुस्कुरा दी।
मैंने उनके पीछे जा के उनको अपनी बाहों में जकड़ लिया और बूब्स को दबाने लगा।
माँ बोली, “अभी नहीं जाओ, नहा लो। एग्जाम है तुम्हारा, नहीं तो फेल हो जाओगे!”
तो मैंने बोला, “एग्जाम का रिजल्ट तो बाद में आएगा। ये बताओ, रात के रिजल्ट में मैं पास हुआ या नहीं?”
उन्होंने कहा, “अब तक जितनों से भी चुदवाया है, उनमें से एक को छोड़ के बाकी सब से अच्छा चुदाई किया तूने!”
मैंने पूछा, “मेरे से अच्छा किसने पेला तेरे को, रे रंडी माँ?”
तो माँ बोली, “जा तैयार हो, नहीं तो लेट हो जाएगा!”
फिर मैं नाश्ता कर के निकल गया और 2 घंटे में वापस आ गया, क्योंकि मेरा उस दिन प्रैक्टिकल था।
मैं गेट पे पहुँच के सोचा अपनी वाली चाबी से दरवाज़ा खोल के माँ को देखूँ क्या कर रही हैं।
मैंने गेट खोला और अंदर गया तो माँ मुझे कहीं नहीं दिखी।
पर उनकी आवाज़ छत से आ रही थी।
मैं ऊपर गया तो पता चला शायद वो मेरे बुआ के लड़के से बात कर रही थी और उसको रात में आने के लिए मना कर रही थी।
पर वो मान नहीं रहा था।
काफी बहस के बाद उसने बोला, “अच्छा, वीडियो कॉल कर के अपनी चुत तो दिखाओ!”
तो माँ मान गयी और सीढ़ी पे बैठने के लिए आने लगी।
उन्होंने मुझे देख लिया।
मैं बोला, “कोई बात नहीं, उसको फोन पे दिखा दो। मैं सामने से देख लूँगा!”
तो माँ मान गयी और वीडियो कॉल कर दी और अपनी मैक्सी को ऊपर कर के विकास को अपनी चुत के दर्शन कराने लगी।
मैंने पहली बार अपनी माँ की चूत को दिन के उजाले में देखा।
क्या मस्त बुर! एकदम सुर्ख लाल दाने के साथ पूरी चुत गुलाबी दिख रही थी।
बिना बालों के चूत और चूत के दोनों तरफ फाँके ऐसे फैले हुए थे जैसे कोई चिड़िया उड़ने के लिए अपने पंख फैला रखे हों।
चूत देखते ही मैं पागल हो गया और पैंट-कच्छा सब उतार के मम्मी के सामने नंगा हो गया।
शायद विकास ने भी फोन पे मम्मी को लंड दिखाना चालू कर दिया था।
उसने बोला, “जान, चुत में ऊँगली डालो!”
तो मम्मी जोर-जोर से ऊँगली करने लगी।
और मैं माँ के सामने अपने लंड को फेटने लगा।
तभी मुझे रहा नहीं गया, मैंने फोन काट के बंद कर दिया और सीढ़ी पे ही माँ को घोड़ी बना के पूरा लंड चुत में उतार के एक झटके में ही चोदना चालू कर दिया।
माँ भी दो-दो लंड देख के चुत में ऊँगली कर रही थी, जिससे वो काफी गरम हो चुकी थी।
मेरे 15-20 झटके में ही माँ की चूत से गरम लावा बाहर आ गया।
वो जोर-जोर से चिल्ला रही थी, “चोद, घुसेड़ दे पूरी बच्चेदानी तक!”
ये सुन के मैं और भी उत्तेजित हो के चोदने लगा और सारा का सारा माल माँ के भोसड़े में भर दिया।
डायरेक्ट हम दोनों नीचे आ गये।
माँ नहाने चली गयी, नहा के एकदम नंगी बाहर आ गयी।
मेरा तो लंड फिर से उनकी गीली चुत देख के खड़ा हो गया।
वो नंगी ही कमरे में गांड हिलती हुई चली गयी।
पीछे-पीछे मैं भी आ गया और उनके पीछे बैठ के उनकी गांड पे जीभ लगा के चाटने लगा।
मम्मी बोली, “ये क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “मुझे आपने रात में बोला था कि गांड दूँगी, अब दो!”
तो बोली, “अभी तो चोदा है, रात में कर लेना!”
तो मैंने कहा, “नहीं, मैं अभी ही आपकी गांड मारूँगा!”
तो वो मान गयी और जा के बेड पे गांड ऊपर कर के लेट गयी और बोली, “पहले नारियल का तेल डाल दो, उसके बाद अपना लंड डालना!”
तो मैंने नारियल का तेल मम्मी की गांड में डाल के ऊँगली से पूरा तेल गांड में भर दिया और अपने लंड पे लगा के मम्मी के गांड पे लंड टिका दिया।
मम्मी बोली, “आराम से करना, पहली बार है!”
तो मैंने कहा, “चुत में भी तो पहली बार डलवाया था, तब भी आराम से ही करवाई थी!”
तो बोली, “हाँ, तेरे बाप को दो दिन तक चुत नहीं दी थी!”
मैंने कहा, “मैं बाप नहीं, बेटा हूँ। बाप एक नम्बरी, बेटा दस नम्बरी!”
बोल के लंड को गांड में उतार दिया।
मम्मी की तो चीख निकल पड़ी।
मैं डर गया और उसी पोजीशन में रुक गया।
माँ रो रही थी, बोली, “बेटा, निकाल ले, बहुत दर्द हो रहा है!”
मैंने कहा, “जब चुत की सील टूटी होगी, उससे तो कम ही हो रहा होगा!”
बोल के पूरा लंड गांड में उतार दिया।
मम्मी को पसीने से भीग गयी और मिन्नतें कर रही थी।
मैंने कहा, “साली रंडी, 5 लंड ले चुकी है। अब बेटे की बारी। एक सील बाप ने तोड़ी, एक बेटे ने। हिसाब बराबर मेरी रंडी माँ!”
इतना बोल के मैंने जो गांड मारना चालू किया कि पूछो मत।
करीब 5 मिनट बाद मम्मी भी गांड को उठा-उठा के अब साथ देने की कोशिश कर रही थी।
अब मेरा मजा डबल हो गया।
जो गांड मारी मैंने अपनी माँ की, कि गांड का गुड़गाँव बना दिया।
और सारा का सारा माल माँ के गांड में गिरा दिया।
मॅाम ऐस्स फक के बाद जब लंड को बाहर निकाला तो देखा लंड पे टट्टी लग गयी थी।
मैंने माँ को बोला, “साफ कर, रंडी, इसे!”
तो वो कपड़े से साफ करने लगी।
तभी मैंने कहा, “मुँह में ले पहले!”
वो मना कर रही थी।
तब मैंने कहा, “तेरी गांड मारने से पहले मैंने भी चाटा था। अब इसे तू चूस के साफ करेगी तो तुझे मैं ऐसा मजा दूँगा जो तूने सपने में भी नहीं सोचा होगा!”
तो कहने लगी, “क्या?”
जैसे ही “क्या” के लिए मुँह खोला, मैंने उनके मुँह में डाल के अपनी ओर सर दबा लिया और बोला, “अगर तू कहे तो तेरी चुत और गांड दोनों में लंड जा सकता है एक साथ। डबल धमाका!”
तो बोली, “ओ कैसे?”
मैंने बताया, “विकास आने के लिए कह रहा था। रात में बुला लो। जब उससे चुदवाने लग जाओगी तो मैं जग जाऊँगा। और जो मैं कहूँगा वो करना। तब जा के हम तीनों एक साथ मजे करेंगे!”
तो माँ खुश हो गयी और मस्त तरीके से लंड चूसने लगी।
तभी मेरा लंड खड़ा हो गया।
और मैंने इस बार माँ के मुँह में सारा माल गिरा के उन्हें पिला दिया।
इस तरह मैंने अपनी माँ के चुत, गांड और मुँह सब जगह होना बीज गिरा के अपनी माँ पे कब्जा कर लिया था।
तो दोस्तो, अगली कहानी में बताएँगे कि कैसे मैंने मेरी रंडी माँ और विकास मिल कर मजे किया।
यह मॅाम ऐस्स फक स्टोरी कैसी लगी?
तब तक के लिए बाय!
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