स्टेप मॉम को शादी में जमकर चोदा

Views: 2 Category: Maa Ki Chudai By fghndgjkkj@gmail.com Published: August 27, 2026

सेक्सी मॅाम Xxx स्टोरी में मेरी सौतेली मम्मी मुझसे घृणा करती थी. एक फॅमिली शादी में मेरी मामी मुझसे चुद गयी. उसी दिन मेरी स्टेप मॅाम ने कुछ ऐसे हालात पैदा किये कि मैंने उसे चोद दिया.

फ्रेंड्स, मैं रोहित राज आपको अपनी स्टेपसन एंड मॉम सेक्स कहानी में वापस स्वागत करता हूँ.
मेरी पिछली कहानी
मामी रोमांटिक बातें करके चुद गयी
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि एक शादी में मैंने अपनी मामी को चोद लिया था.
मामी को चोद कर रूम से निकला ही था कि सामने मेरी सौतेली मम्मी साड़ी पहने माल बनी घूम रही थी.
मॉम को देख कर मेरे मन में वासना का तूफान घुमड़ने लगा था.

अब आगे सेक्सी मॅाम Xxx स्टोरी:

मॉम को देख कर मेरी उत्तेजना और बढ़ गई. मन तो किया कि वहीं चोद दूँ उनको, लेकिन मुझे याद आया कि मैं तो उनसे नाराज हूं.

सौम्या मॉम ने मुझे देखा तो मुझे बुलाया- रोहित इधर आना!

मैं पागल अभी जो उनसे इतना गुस्सा था, उनके एक बार कहने पर ही उनके पास चला गया.
शायद मैं उनको अच्छे से देखने के लिए उनके नजदीक गया था.

सौम्या मॉम ने मुझसे कहा- रोहित मेरे हाथों में मेंहदी लगी है, तुम मेरे रूम का दरवाजा खोल दो.
मैंने रूम का डोर ओपन कर दिया.

सौम्या मॉम अन्दर चली गईं और डोर क्लोज करने को बोल कर बेड पर लेट गईं.
मुझे फिर से सौम्या मॉम का रूखा व्यवहार याद आ गया तो फिर से मुझे उन पर गुस्सा आने लगा था.

मैं गुस्से में रूम में जाकर सो गया.

सुबह सुबह सपने में सौम्या मॉम आईं और मैंने देखा कि मैं सपने में ही मॉम को चोद रहा था.
मॉम की चुदाई की याद आते ही मैं नींद में ही झड़ गया.

लेकिन जब मैं उठा तो सोच कर कि काश ये सच होता तो बड़ा मजा आया होता.

अगले दिन पूरे दिन मैं सौम्या मॉम को चेज करता रहा, उनको देख देख कर उनको चोदने के सपने बुनता रहा.

रात को रेखा मामी ने फिर मैसेज कर दिया.
मेसेज खोले बिना मैं मामी के रूम में गया तो देखा कि मामा भी रूम में हैं.

मैं डर गया लेकिन देखा तो मामा सो रहे थे.
मैंने रेखा से कहा- तुम्हारे पति के सामने कैसे करेंगे ये सब!

वह बोली- तुम पूरे पागल हो. मैसेज देख कर आ गया … कमरे में आने का किसने बोला था. मैंने मैसेज में यह लिखा था कि मैं तुम्हारे रूम में आ जाऊं क्या … कोई है तो नहीं तुम्हारे रूम में?
मैंने सर ठोकते हुए कहा- अरे यार, मैंने जल्दी जल्दी में सही से मैसेज देखा ही नहीं. अब चलो मैं पहले जाता हूं तुम थोड़ी देर में आ जाना.

रेखा- मैसेज करना!
‘ओके.’

मैं बाहर आ गया, अपने रूम में जाने को ही था कि तभी देखा कि सौम्या मॉम कुछ लंगड़ाती हुई चलने की कोशिश कर रही हैं.
मैं गुस्से में था तो मैं उनसे बचना चाहता था लेकिन सौम्या मॉम ने मुझे आवाज लगा दी, तो मुझे जाना पड़ा.

मॉम ने कहा कि मेरे पांव में थोड़ी चोट लग गई है, तुम मुझे गोद में उठा कर बेड पर लेटा दो रोहित!
मेरा मन तो कर रहा था कि बोल दूँ कि अपने फेवरेट सन से करवा लो सब, मैं क्यों करूं?

लेकिन जैसे ही गोद में उठाने का नाम आया तो मैंने तुरंत मौका मार लिया.

मैं सौम्या मॉम को अपनी गोद में उठा कर उनके पूरे बदन का अहसास करने लगा.
एकदम फूल सा हल्का वजन था उनका.

मैं उनके बदन की महक को अपनी सांसों में भरने लगा.
फिर बेड के पास ले जाकर मैंने अपनी ही धुन में बोल दिया (मुँह से निकल गया)- सौम्या डार्लिंग किस साइड लेटोगी, आई मीन लेफ्ट ऑर राइट?

सौम्या ने तुरंत पलट कर कहा- कौन डार्लिंग … हां कौन डार्लिंग? मां हूं तेरी मैं, बिल्कुल बदतमीज हो गया है!
मैंने गुस्से में सौम्या मॉम को बेड पर पटकते हुए कहा- तुम्हारा फेवरेट बेटा होता तो कोई प्राब्लम नहीं होती. वह तो तुम्हारे गालों किस भी कर लेता है अपनी बांहों में भर कर … वह भी तो बेटा ही है न!

सौम्या मॉम- उसकी बात अलग है.
मैं- उसकी बात अलग है, मैं सौतेला हूं क्या तुम्हारा?

सौम्या- वह अगर गलत काम करेगा तो तू भी उसके जैसा बनेगा क्या?
मैं- मुझे नहीं पता कुछ भी, मैं जा रहा हूं .. डोर बंद करने को उसको ही बुला लेना.
ये बोल कर मैं निकल आया और रूम में जाकर रेखा को मैसेज किया तो मैसेज सीन ही नहीं हुआ.

शायद इतनी देर में मैसेज करने से रेखा सो गई थी.
कुछ देर इंतजार करने के बाद मैं भी सो गया.

अगले दिन शादी थी.
शादी पास के ही मंडप घर में होकर थी.

सब लोग शाम को ही मंडप घर में पहुंच गए.
मैं रात के गुस्से की वजह से गया ही नहीं.

घर पर कभी कभी कोई आ जाता, एक दो मिनट को किसी काम से … फिर चला जाता.
रात गहराते ही लोगों का आना जाना लगभग नगण्य हो गया.

करीब 11 बजे के करीब सौम्या मॉम किसी काम से घर आईं, वे कुछ खोजने आई थीं.
वे सामान मिलते ही जाने को थीं कि मेरे रूम की लाइट जली देख कर कुछ बड़बड़ाती हुई आईं- ये लड़का भी ना ऐसे ही लाइट जली छोड़ गया!

लेकिन मुझे देख कर बोलीं- तू क्या कर रहा है यहां? शादी में नहीं गया?
मैं बोला- नहीं.

सौम्या मॉम थोड़ा जल्दी में थीं, तो चलने के लिए मुड़ीं और बोलीं- तेरा तो ऐसा ही रहता है. तुझसे क्या बहस करूं मैं, पता नहीं किस घड़ी पर पैदा हो गया था … हमेशा जरा जरा सी बात का बतंगड़ बनाए फिरता है!

मुझे गुस्सा तो आ ही रहा था, मैं गुस्से में उठा और सौम्या मॉम को पकड़ कर बेड पर खींच कर बैठा लिया.

मैं बोला- मैं बात का बतंगड़ बनाता हूं और तुम्हारे लिए कोई बात हुई ही नहीं आज तक? आज तक तुमने उसे मुझसे बहुत ज्यादा प्यार दिया, मेरी क्या गलती थी कि मैं तुम्हारी मर्जी के बिना पैदा हुआ बस इतना ही ना! साला आज तक तुम्हारे प्यार को तरसता आया हूं मैं. आज भी मैं चाहता हूं कि तुम्हारा प्यार मुझे मिले … क्या ये गलती है मेरी?

सौम्या- तू प्यार के लायक था ही नहीं मेरे … और कभी भी नहीं होगा मेरे प्यार के लायक.

‘बहन को लौड़ी …!’
मेरे मुँह से गाली निकल गई, मेरे सब्र का बांध टूट गया था इसीलिए और साथ ही मैंने मॉम को बेड पर धकेल दिया.

अब मैं गुस्से में सौम्या मॉम को गाली देने के साथ साथ उनको अपने काबू में करने लगा.
‘साली रंडी कुतिया कहीं की … मैं तेरे प्यार के काबिल नहीं हूं, तू है ही क्या?’

गाली देते देते मैंने सौम्या मॉम के हाथों पांवों को अपने कंट्रोल में ले लिया.

मॉम बोलीं- मुझे गाली देगा तू … अब देख मैं तेरे बाप को बोलूंगी, फिर देखना कैसे वह लट्ठ फेरता है तुझ पर!

मैं इस बात को सुनकर और गुस्से में आ गया.
मैंने ये बोलते हुए सौम्या मॉम के कपड़े फाड़ने शुरू कर दिए- मुझे पिटवाएगी तू, चल साली कुतिया … ये भी बताना अपने पति से कि मैंने तेरे कपड़े फाड़े हैं.

ऐसा बोलते हुए मैंने गुस्से में एक मिनट से भी कम समय में सौम्या मॉम को पूरी नंगी कर दिया.
मेरे हाथ बहुत तेज चल रहे थे, उस वक्त तक वे मेरे नीचे आ गई थीं.

‘आह और कुछ बताना है अपने पति से … चल ये भी बताना कि मैंने तुझे बेड से बांध दिया था!’
ऐसा कहते हुए मैंने सौम्या मॉम के हाथ बेड के किनारे से बांध दिए.

मैंने सौम्या की साड़ी के कपड़े से ही उन्हें बांधा था.

सौम्या- साले, नीच, कुत्ते मुझे पता था कि तू अच्छा तो है नहीं लेकिन तू ऐसा राक्षस निकलेगा, ये मैंने कभी नहीं सोचा था!

मैं और ज्यादा गुस्से में कहने लगा- मैं राक्षस हूं? चल आज तुझे बताता हूं कि किसे कहते हैं राक्षस!
अब तो मैं गुस्से में अपना कंट्रोल खो चुका था.

मैंने तुरंत अपने कपड़े उतारे और मॉम को किस करने लगा.

दो मिनट बाद ही मॅाम मेरा साथ देने लगी, मुझे समूच करने लगी.

मैंने मॉम की चुत टटोली तो वह गीली थी.

मैं समझ ही न सका कि मूत से गीली है या चुदास के चलते चुत में पानी आ गया है.
मैंने छेद में अपना लंड फँसाया और झटका दे मारा. मेरा आधे से ज्यादा लंड अन्दर घुस गया.

सौम्या मॉम को बहुत सालों से सेक्स करने नहीं मिला था तो उनको थोड़ा दर्द हुआ.
वे कराह उठीं- आह … मर गई!

वे दर्द से बिलबिला उठी थीं लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था.
मैंने सौम्या मॉम को थोड़ा और अपनी तरफ खींच कर दबा कर चोदना स्टार्ट कर दिया.

सौम्या मॉम भी बहुत दिनों से प्यासी थीं, 10-12 झटकों के बाद ही उनको भी मजा आने लगा.
अब सौम्या मॉम की मदहोशी से भरी सिसकारियां कमरे में गूंजने लगीं.

‘सीई ई … सी … ईई … साला कितना अन्दर तक पेल रहा है कुतरया!’
अब सौम्या मॉम की गांड लंड से ताल मिलाने लगी थी तो मेरी समझ में आ गया था कि वे भी मेरा साथ देने लगी थीं.

मैंने मॉम के कान के पास में चूमना स्टार्ट कर दिया, इससे मॉम और ज्यादा उत्तेजित होने लगीं.

मैंने मॉम से बोला- आई एम सॉरी मॉम, मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था!
मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया, मैं सौम्या मॉम को देख रहा था कि अब वे क्या करेंगी.

तभी सौम्या मॉम ने गुस्से में मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत पर लगाया और बोलीं- भोसड़ी के, इसी बाहर क्यों निकाला है … तू अब मेरी प्यास तो बुझा … नहीं तो मैं सबको बोल दूंगी कि तूने मेरे साथ जबरदस्ती किया है!

मैं मॉम की ये बात सुनते ही गर्मा गया और मैंने दोबारा से उनकी चुत में अपने लंड से भर दिया और गचागच लंड को भरपूर अन्दर बच्चेदानी तक पेल कर मॉम की चुदाई स्टार्ट कर दी.

इस बार तो मैं पहले से ज्यादा तेज तेज झटकों के साथ चोदने में लग गया था.
मेरा 8 इंच पूरा लंड मॉम की चुत में अन्दर बाहर चलने लगा था.

चुदाई के साथ ही मैं मॉम की गांड पर बीच बीच में थप्पड़ भी मारता जा रहा था.

पूरा कमरा मॉम की कामुक सिसकारियों, तेज सांसों और ठप ठप की आवाजों से भर गया था.

लगभग आधा घंटा तक मॉम ने मेरे तूफानी थपेड़ों की टक्कर झेली, फिर वे झड़ गईं.
झड़ने के बाद मॉम निढाल हो गई थीं.

मैंने पूछा- अब मैं कैसे करूं?
तो मॉम ने कनिंग स्माइल के साथ बोला- मुझे नहीं पता … मुझे खोल पहले … अभी मुझे मंडप में जाना है. बाकी का बाद में देखती हूँ!

मैं सौम्या मॉम का मतलब समझ गया और मैंने मॉम के हाथ खोल दिए.

मॉम ने दूसरे कपड़े पहने और मंडप घर चली गईं.

पहले तो मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि मॉम ने किसी को बता न दिया हो.

लेकिन जब मैं हिम्मत करके मंडप घर में गया तो सब नॉर्मल था.
यह देख कर दिल को तसल्ली हो गई.

अब अगले दिन मैं सौम्या मॉम के कमरे में फिर से घुसने की जुगत बनाने लगा.
मैं बिल्कुल सुबह ही पीछे खिड़की से घुस गया.

उस वक्त मॉम सो कर भी नहीं उठी थीं.
मैंने मॉम को उठाया तो उन्होंने पूछा- क्या है?

मैंने उनका एक दूध दबा कर इशारे से चुदाई का बोला, तो मॉम भी मान गईं.

हमने सुबह 9 बजे तक 2 बार सेक्स किया.
सेक्सी मॅाम Xxx के बाद अब मेरा गुस्सा भी सौम्या मॉम से खत्म हो गया था और उनका रूखापन भी जाता रहा था.

अब तो हम दोनों मौका मिलते ही जब चाहे चुदाई कर लेते हैं.
मॉम ने ही एक दिन चुदाई के दौरान मुझे बताया था कि रेखा ने ही बताया था कि तेरा बहुत बड़ा है, तभी से मेरा मन तेरे लौड़े से चुदने का हो गया था.

मैं यह सुनकर अवाक हो गया था.
उसी के बाद मुझे मालूम हुआ था कि मैं ऑरफन हूँ. सौम्या और मेरे पापा का मुझमें लेशमात्र भी अंश नहीं है.

हां … मेरे पापा ने मुझे पाला था, तो उनकी इज्जत मेरे मन में सदैव रहती है.

इसके बाद क्या क्या और हुआ, वह सब भी लिखना है … लेकिन आपके मेल मिलने के बाद बताऊंगा, धन्यवाद.

सेक्सी मॅाम Xxx स्टोरी पर अपने विचार मेल और कमेंट्स में बताएं.
fghndgjkkj@gmail.com

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