बिग लंड गांड स्टोरी में बस में मुझे एक चिकना लड़का मिला. वो मेरे लंड को देख रहा था. उसने मुझे अपना फोन नम्बर दिया और मिलने को कहा.
दोस्तो, मेरा नाम रोहित है.
मैं पुणे का रहने वाला हूं और अभी 24 साल का हूं.
मैं आपको मेरी सच्ची गे सेक्स कहानी बताने जा रहा हूं कि मैंने बस में मिले एक लड़के की कैसे गांड मारी.
यह बिग लंड गांड स्टोरी 4 महीने पहले की है.
मैं अपने गांव जा रहा था और पुणे की पीएमपीएल बस से सफर कर रहा था.
उस भरी हुई बस में एक सीट पर केवल एक ही लड़का बैठा था.
मैंने उससे पूछा कि यह सीट खाली है क्या?
उसने सर हिला कर हां कहा तो मैं उसके बाजू में बैठ गया.
उस टाइम लगभग 7 बज गए थे.
मेरे बाजू में जो लड़का बैठा था, वह काफी गोरा था और उसके चेहरे मोहरे को देख कर लग रहा था जैसे वह कोई लड़की हो.
मुझे वह अच्छा लगा तो मैंने पहले तो सोचा कि उससे कुछ बात की जाए, पर फिर चुप ही रहा.
मैं बस अपना मोबाइल देखने लगा.
कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि वह लड़का बार बार मेरे लंड की तरफ देख रहा था.
मैंने सोचा कि अब इससे बात की ही जाए, तो मैंने उससे बात करना शुरू की.
मैंने पूछा- आप किधर जा रहे हैं?
उसने बताया.
फिर मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम उज्ज्वल बताया.
इसी तरह की बात होती रहीं और मैं वापस अपने पैरों को जरा ज्यादा सा खोल कर बैठ गया.
अब उज्ज्वल बार बार मेरे लंड की तरफ देख रहा था, उसके हाथ में भी मोबाइल था तो मैंने देखा कि उसका ध्यान अपने मोबाइल में नहीं था.
मुझे भी समझ में आ गया कि उसको मेरा लंड चाहिए.
मैं अपने मन में उसकी गांड मारने की सोचने लगा, तो मेरा लंड खड़ा हो गया और पैंट से फूला हुआ दिखने लगा.
उसकी नजर बार बार मेरे लंड की तरफ ही आ रही थी तो मैंने अपने लौड़े पर एक बार हाथ फेर लिया.
उसी वक्त हम दोनों की नजरें मिलीं और हम दोनों ने एक साथ स्माइल पास की.
कुछ मिनट यूं ही चुप रह कर निकल गए.
मैंने जानबूझ कर अपनी आंखें बंद कर लीं.
तो उज्ज्वल अपनी कोहनी से मेरे लंड को छूने की कोशिश करने लगा था.
मैंने भी उसको छूने दिया.
फिर धीरे धीरे उसने मेरे लवड़े पर अपना हाथ रख दिया और सहलाने लगा.
मैं धीरे से उसके कान में बोला- चाहिए है क्या?
उसने हां बोल दिया.
मैंने अपना बैग उठा कर मेरे लौड़े पर रख लिया और उससे कहा- मजा ले लो!
उसने बैग के नीचे हाथ डाला और मेरे लंड को सहलाने लगा.
लंड ने आकार बढ़ाना शुरू कर दिया था तो वह मेरे कान में बोला कि आपका बहुत अच्छा है.
मैं बोला- यदि लेने का मन है तो चल, होटल में चलते हैं, उधर तुझको बहुत मजा आएगा.
वह राजी तो था पर कुछ कह नहीं रहा था.
उसी समय मैंने देखा कि मेरा स्टॉप आने वाला था तो मैंने उससे कहा- जल्दी से बोल, वर्ना तेरे हाथ से मौका निकल जाएगा. मैं तुझे बहुत मजा दूंगा.
वह अभी भी कुछ नहीं बोला.
फिर मैंने उससे कहा- चल मेरा फोन नंबर ले लो, जब मन हो तब बता देना!
इस पर वह राजी हो गया और हम दोनों ने फोन नंबर बदल लिए.
मैं अपने स्टॉप पर उतर गया.
मैंने पलट कर उसे देखा, तो वह भी मेरे स्टॉप पर ही उतरा आया था और मेरे पीछे आ रहा था.
मुझे कुछ अजीब सा लगने लगा कि माजरा क्या है … साला कोई लफड़ा न हो जाए, तो मैं ऑटो पकड़ कर उधर से जल्दी निकल गया.
एक घंटा बाद उसका कॉल आया और हम दोनों बात करने लगे.
उसने बताया कि वह झिझक रहा था इसलिए खुल कर कुछ कह नहीं पाया और आप जल्दी से क्यों चले गए?
कुछ देर बातों के बाद मुझे लगा कि चूक हो गई.
खैर अब हम दोनों दोस्त बन गए.
लगभग दो महीने तक बात करने के बाद एक दिन हम दोनों ने मिलने का प्रोग्राम बनाया.
मैंने उसे एक पार्क में बुलाया तो वह मुझसे मिलने आ गया.
उधर से हम दोनों एक होटल में आ गए और रूम ले लिया.
होटल में जाने से पहले मैंने कंडोम और तेल ले लिया था.
होटल के रूम में जाकर उसने मुझको हग किया और ‘आई लव यू’ बोला.
मैंने भी उसको ‘आई लव यू टू’ बोल दिया.
हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया और लगभग 5 मिनट के बाद मैंने उसके कपड़े निकालने शुरू किये.
उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए.
उसने लौड़े को और बाकी शरीर को क्लीन शेव किया हुआ था.
वह काफी गोरा व सेक्सी लग रहा था.
उसका लंड मेरे लंड से छोटा था.
मेरा 7 इंच का था जबकि उसका साढ़े चार इंच का रहा होगा.
उसने मेरे लंड को फट से मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
वह काफी अच्छे से चूस रहा था.
कुछ देर के बाद मेरा रस निकलने वाला था.
मैंने उससे कहा, तो वह बोला- हां आ जाओ, मुझे आपकी लस्सी पीनी है, मेरे मुँह में ही निकाल दो.
मैंने उसके मुँह में ही सारा माल गिरा दिया.
उसने मेरा लंड चूस कर साफ कर दिया और सहलाने लगा.
जल्दी ही मेरा लंड वापस खड़ा हो गया.
अब उसने लौड़े पर तेल लगा दिया और मैंने उसकी गांड पर तेल लगाया, फिर लंड रखा और थोड़ा सा धक्का दिया तो लंड अन्दर चला गया.
उसकी तो जान ही निकल गई, वह ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा.
मैंने एक हाथ से मुँह बंद किया और लंड को और अन्दर पेल दिया.
अब वह रोने लगा.
मैंने उसे शांत किया.
फिर धीरे धीरे मैंने उसकी गांड मारी.
कुछ देर बाद वह खूब चिल्ला रहा था.
मैंने लगभग 15 मिनट तक उसकी गांड मारी और अन्दर ही अपना माल छोड़ दिया.
वह मुझसे गांड मरवा कर खुश था.
उसके बाद हम दोनों ने खाना खाया और उस रात मैंने उसकी दो और बार गांड मारी.
वह अपनी गांड का खुला मुँह देख कर हैरान था क्योंकि मैंने उसकी गांड का भोसड़ा बना दिया था.
सुबह हम दोनों अपने अपने घर चले गए.
दूसरी बार जब हम लोग मिले तो उसने साड़ी पहनी हुई थी और खूब सारा मेकअप भी किया था.
मैं तो उसे पहचान ही नहीं पाया था कि यह उज्ज्वल ही है.
फिर हम दोनों ने एक होटल में कमरा ले लिया और उस रात मैंने उसको खूब चोदा.
उस दिन वह बोलने लगा कि तुम भी मेरा लंड एक बार अपनी गांड में लो ना!
मैंने मना कर दिया.
वह बातों बातों में बोला- मुझे आपके लंड से भी बड़ा लंड लेने का जी कर रहा है.
मैंने कहा कि चल आज तेरा सपना मैं पूरा करूंगा.
वह बोला- कैसे?
मैंने उसे बताया- एक अंकल मेरे दोस्त हैं, उनसे मेरी काफी जमती है और मैंने उनका लंड देखा है. उनका तकरीबन 9 इंच का लंड है.
वह बोला- तो बुलाओ न अंकल को!
मैंने अंकल को फोन किया तो वे भी उज्ज्वल की गांड मारने के लिए राजी हो गए.
मैं उनको लेने चला गया और इधर उज्ज्वल ने वापस उज्ज्वला बनने की तैयारी शुरू कर दी.
करीब आधा घंटा बाद मैं अंकल को लेकर होटल के कमरे में आ गया.
मैंने दरवाजा खुलवाया तो देखा कि वह तो रेडी होकर बैठी थी.
उसने मस्त लिपस्टिक लगाई हुई थी और नाभि दर्शना साड़ी पहन कर वह एकदम क्यूट सी लड़की लग रही थी,
अंकल को वह बहुत पसंद आया.
अंकल की उम्र उस समय 53 साल थी.
वे उज्ज्वल के ऊपर टूट पड़े.
उन्होंने उसको किस किया और एक एक करके उसके सारे कपड़े निकाल दिए.
उसने ने भी अंकल के कपड़े निकाले.
फिर जैसे ही उसने अंकल की अंडरवियर निकाली तो वह सन्न रह गया और अंकल के मूसल लंड को देखता ही रह गया.
अंकल का लंड 9 इंच एकदम भुजंग काला नाग था.
उज्ज्वल बोला- अंकल जी आपका बहुत बड़ा है, मैं नहीं ले सकूँगा मेरी फट जाएगी.
काफी मनाने के बाद वह मान गया और उसने लंड मुँह में ले लिया.
उसके मुँह में भी नहीं जा पा रहा था, पर अंकल को पता था कि किस तरह से जाता है तो वे उज्ज्वल के दूध सहलाने लगे और बीच बीच में निप्पल मसल देते तो उसका मुँह खुल जाता और इस तरह से लंड मुँह में चला गया.
कुछ मिनट के बाद अंकल ने लौड़े पर तेल लगाया और उसकी गांड पर भी लगाया. लंड का सुपारा गांड के छेद पर सैट करके एक करारा धक्का दे दिया.
उनका आधा लंड अन्दर चला गया.
उज्ज्वल खूब चिल्ला रहा था, रो रहा था … पर अब अंकल कहां मानने वाले थे.
उन्होंने कुछ पल रुक कर फिर से एक जोरदार धक्का दिया तो पूरा का पूरा लवड़ा उसकी गांड में अन्दर चला गया.
अंकल ने उसे 20 मिनट तक रगड़ कर चोदा.
इस तरह से हम दोनों ने मिलकर उसकी गांड का भोसड़ा बना दिया था.
उसे एक सड़क छाप रंडी की तरह खूब चोदा.
जब चुदाई का खेल खत्म हो गया तो अंकल ने अपने पास से एक दारू की बोतल निकाली और हम तीनों ने पीना शुरू कर दी.
उस वक्त उज्ज्वल को चलने में भी बहुत दिक्कत आ रही थी तो वह बोला कि आप लोग आज मुझे अकेला मत छोड़ो.
हम दोनों एक दिन के लिए और रुक गए.
दारू के बाद खाना मँगवा कर खाया और हम तीनों एक साथ बेड पर लेट गए.
अंकल मेरे साइड में लेटे थे तो मैंने अंकल का लंड हाथ में ले लिया.
सच में यार उनका लंड काफी बड़ा था और अभी वापस जोश में आ गया था.
अंकल मुझसे बोले कि तू एक बार लंड चूस दे.
मैंने उनसे कहा- आप भी चूसो साथ में … तो मैं भी आपका चूस दूँगा.
तो अंकल बोले- हां चलो एक साथ में चूसते हैं.
फिर हम दोनों ने 69 की पोजीशन बनाई और एक दूसरे का लंड चूसने लगे.
मैं भी उनका लंड चूस रहा था.
दस मिनट के बाद मैं और अंकल सीधे लेट गए और किस करने लगे थे.
मैं उनके ऊपर था और उनका लंड मेरी गांड में लग रहा था.
मैं उनके लंड को अपनी गांड के छेद में महसूस कर रहा था तो मुझे गुदगुदी हो रही थी और लग रहा था कि अन्दर ले ही लूं.
हम दोनों वैसे ही कुछ देर तक खेलते रहे.
अंकल को मेरी गांड की गर्मी से मजा आ रहा था तो वे बोले कि मुझे तेरी गांड मारनी है.
मैंने उनको मना कर दिया.
वे बोले तो इसको हाथ से झाड़ दो.
मैंने ओके कहा और उनके लंड की मुठ मार कर उसे झाड़ दिया.
उसके बाद हम सब सो गए और अगले दिन वहां से निकल गए.
उसके बाद मैं उज्जवल से 4 बार मिल चुका हूँ और हम दोनों ने गांड सेक्स खूब एन्जॉय किया.
दोस्तो, मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी बिग लंड गांड स्टोरी पसंद आई होगी, प्लीज जरूर बताएं.
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