चूत गांड फक स्टोरी में मैं बुआ के घर गया. एक दिन बुआ ने पैर दबाने को कहा. पैर दबवाते हुए वे सो गयी. उनकी गोरी चिकनी टांगें देख मेरा लंड हिलने लगा.
मेरा नाम प्रेम कुमार है और मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है. मेरे लंड का साइज आम भारतीय पुरुष के लंड से ज्यादा बड़ा है. यह 7.5 इंच लंबा और पौने 3 इंच मोटा है.
यह कहानी मेरी और मेरी बुआ की चुदाई की है और यह मेरी पहली चूत गांड फक स्टोरी है.
मेरी बुआ का नाम सरोज है, उनकी हाइट 4 फुट 10 इंच है और उनका फिगर 36- 32 -38 का है.
यह सेक्स कहानी 2023 की गर्मियों की छुट्टी की है.
उस समय मैं अपनी बुआ के यहां गया हुआ था.
एक दिन हमारे फूफा जी कुछ दिनों के लिए बाहर गए थे, घर में मैं और बुआ ही रह गए थे.
मैं दिन भर बुआ के साथ काम करवाता रहा था और साथ ही हम दोनों एक दूसरे से बातें भी कर रहे थे.
बुआ ने बातों के दौरान ही कहा कि उनके पैरों में दर्द हो रहा है.
मैंने कहा कि काम के बाद मैं आपके पैर दबा दूंगा.
काम खत्म करने के बाद मैं शाम को बाहर चला गया.
जब रात में मैं वापस घर आया तो बुआ ने कहा- बेटा, मैंने तुझसे कहा था न कि मेरे पैर दर्द कर रहे हैं … तो क्या तुम मेरे पैर दबा दोगे?
मैंने कहा- हां बुआ आप लेट जाओ, मैं मालिश कर देता हूं.
बुआ ने अपनी मैक्सी को थोड़ा ऊपर कर लिया.
इसी वजह से उनके पैर घुटनों तक नंगे हो गए.
मुझे बुआ के गोरे और चिकने पैर देख कर कुछ सेक्स सा चढ़ने लगा.
मैं उनके पैरों की मालिश करने लगा.
कुछ समय बाद मुझे लगा कि बुआ सो गई हैं तो मैं और ऊपर तक हाथ चलाने लगा.
इस तरह में धीरे-धीरे उनकी जांघों तक हाथ ले गया और मुझे मजा आने लगा.
बुआ की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी तो मेरी हिम्मत और बढ़ने लगी.
मैं हिम्मत करके अपने हाथ को थोड़ा और ऊपर तक ले गया.
अब बुआ की पैंटी दिखने लगी थी.
मैंने उनकी पैंटी के ऊपर से हाथ रखा तो वह गीली हो गई थी.
मैं समझ गया कि मामला दोनों तरफ से हॉट हो रहा है.
raatkibaat की सेक्स कहानियों को पढ़ने के अनुभव से मैंने समझ लिया था कि बुआ को सेक्स करने का मन कर रहा है.
इसलिए मैं बिंदास हो गया और अपने हाथ को उनकी चुत के ऊपर फेरने लगा.
फिर जब मैंने हल्के हाथ से उनकी चुत को मसल कर देखा तो चुत टपक रही थी.
मेरे दबाने के साथ ही बुआ की हल्की सी सिसकारी भी निकल गई.
ये देख कर मैंने उनकी मैक्सी को ऊपर पेट तक कर दिया तथा बुआ की चड्डी में हाथ डाल दिया.
मैं आराम आराम से उनकी चुत के इर्द-गिर्द उंगली चलाने लगा.
उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और मैंने उनकी चुत में उंगली डाल दी.
बुआ ने एकदम से अपने पैर भींच कर जताया कि उन्हें मजा आ रहा है.
अब मैंने उनकी सामने से खुलने वाली मैक्सी के दोनों सामनों को पूरा खोल दिया और उनके मस्त रसीले मम्मों को देखने लगा.
मुझे रहा न गया तो मैं बुआ के दूध दबाने लगा.
अब उन्होंने आंखें खोल दीं और कहने लगीं- प्रेम यह सब गलत है … अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा?
मैंने उनके दूध के निप्पल को हौले से मींजते हुए कहा- कुछ नहीं होगा बुआ. न आप किसी से कहोगी और न ही मैं किसी से नहीं कहूंगा. किसी को पता ही नहीं चलेगा … तो क्या गलत है और क्या सही!
इस पर वे नहीं मानी और मुझे धक्का देने लगीं.
मैं गर्म हो गया था तो मैंने उन्हें पकड़ लिया और उनके होंठों को किस करने लगा.
साथ ही मैंने उनकी चुत में उंगली डाल दी.
इस पर वे गर्म होने लगीं और थोड़ी ही देर बाद मेरा साथ देने लगीं.
धीरे-धीरे हम दोनों मस्ती करने लगे और वे खुल कर मेरा साथ देने लगीं.
मैंने उनको पलंग पर चुदाई की पोजीशन में सीधा लेटाया और उनके ऊपर चढ़ गया.
हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.
अब तक मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था, तो मैंने बुआ का हाथ पकड़ कर अपनी चड्डी में डलवाया और वे मेरे लौड़े से खेलने लगीं.
मैं उनके दूध दबाने लगा.
कुछ समय बाद मैं उनके दूध चूसने लगा.
उसके पश्चात मैंने नीचे आकर उनकी चुत चाटनी शुरू कर दी.
उनकी चुत में से हल्का-हल्का पानी आने लगा था.
मैंने पहली बार चुत से निकले नमकीन पानी को पिया था, उसका अनोखी महक थी.
चुत चूसने में मुझे बहुत मजा आ रहा था.
बुआ भी अपनी टांगों को पूरा फैला कर मुझसे अपनी चुत चटवा रही थीं और वे मेरे सर को अपने हाथ से दबाती हुई चुत पर दबा रही थीं.
उनके कंठ से कामुक आवाजें निकल रही थीं- आह आह चाट ले आह!
कुछ देर बाद मैं खड़ा हुआ और बुआ को वासना से देखने लगा.
वे भी चुदासी हो गई थीं तो नशीले अंदाज में बोलीं- अब डाल दे!
मैंने अपने लौड़े को सहलाते हुए कहा- बुआ, पहले इसे चूसो.
वे हंस दीं और हाथ से मेरा लंड पकड़ कर मुँह में लेकर चूसने लगीं.
मुझे बुआ से लंड चुसवा कर बहुत मजा आ रहा था.
ये मेरा पहली बार था तो मैं जल्दी ही बुआ के मुँह में झड़ गया.
बुआ मेरा वीर्य पी गईं.
लंड को उन्होंने चूसना नहीं छोड़ा और वे लंड को चाट कर साफ करने लगीं.
इससे हुआ ये कि कुछ ही देर बाद मेरे लंड में हरकत होने लगी और बुआ ने भी वापस से मेरे लौड़े को अपने मुँह से चूस कर खड़ा कर दिया.
अब मेरा लंड बुआ की चुत चुदाई के लिए तैयार हो गया था.
हम दोनों ने चुदाई से पहले एक बार 69 की पोजीशन में आकर एक दूसरे को रसीला किया और वापस सीधे होकर लेट गए.
मैंने उन्हें अपने लंड के नीचे लेकर आसन सैट किया और उनकी चुत में अपना लंड डालकर उनकी चुदाई करने लगा.
बुआ गांड उठाती हुई कहने लगीं- आह मजा आ गया … और तेज और तेज चोदो … आह हां मजा आ रहा है मजा आ रहा है!
मैं धकापेल चुदाई में लगा रहा.
करीब दस बारह मिनट बाद मैं बुआ की चुत में झड़ने को हुआ, मैंने उनसे पूछा- अन्दर झड़ जाऊं?
वे बोलीं- हां अन्दर ही आ जाओ.
मैं बुआ की चुत में ही झड़ गया.
उस रात हम दोनों ने तीन बार चुदाई की और नंगे ही लिपट कर सो गए.
अगले दिन जब मैं सुबह उठा तो मैंने देखा मेरे बगल में बुआ नहीं थीं, वे किचन में काम कर रही थीं.
उन्होंने मुझे देखा और मुस्कुरा कर कहा- गुड मॉर्निंग, जल्दी से फ्रेश हो लो!
मैं बाहर आ गया और बाहर का गेट लॉक करके फिर से अन्दर आ गया.
अन्दर आते ही मैं सीधा रसोई में गया और बुआ को पीछे से पकड़ कर उनके दूध दबाने लगा.
उन्होंने हँसते हुए कहा- पहले फ्रेश तो हो आओ, फिर मजा करेंगे मेरी जान!
मैं नहीं माना और बस उनके दोनों दूध जोर जोर से मसलते हुए दबाने लगा.
वे भी सीत्कार भरने लगीं तो मैंने बुआ को अपनी तरफ मोड़ लिया और उनके होंठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें लिप किस करने लगा.
कुछ ही देर के बाद उनका भी मूड बनने लगा और वे भी मेरे थूक को पीने लगीं.
धीरे-धीरे करके मैंने बुआ के सारे कपड़े उतार दिए और उनको अपनी गोद में उठाकर मैं कमरे में ले आया.
उधर बुआ को बिस्तर पर लिटा कर मैं उनके ऊपर चढ़ गया और पुनः चुंबन करने लगा.
वे भी मुझे लिप किस करने लगीं.
करीब 2 मिनट तक हम लोगों ने लिप किस का मजा लिया.
उसके बाद मैं थोड़ा नीचे आया और उनके मम्मों को काटने लगा.
बुआ हल्की-हल्की कामुक सिसकारियां लेने लगी थीं और वे खुद से मेरा मुँह अपने दूध पर दबाने लगी थीं.
कुछ देर बाद बुआ ने मेरे कान में कहा- नीचे भी चूस न!
मैंने कहा- साथ में करते हैं.
वे हां बोलीं.
अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे के चुत और लंड को चाटने लगे.
कुछ देर के बाद जब मेरे लंड और बुआ की चुत में से हल्का-हल्का पानी आने लगा तो मैंने 69 पोज से उठ कर चुदाई की पोजीशन सैट कर ली.
अब मैं बुआ की चुत में अपना लंड डालकर उनकी चुदाई करने लगा.
वे तेज स्वर में मादक सिसकारियां लेने लगीं- आह … आ … आह्ह … बहुत तेज और तेज करो और तेज फाड़ दे मेरी चुत … आह बना दे इसका भोसड़ा … मैं तेरी रानी हूं … जल्दी और तेज बहुत तेज मजा आ रहा है!
इस तरह करीब दस मिनट बाद मैं और बुआ दोनों झड़ गए.
चुदाई के बाद हम दोनों थोड़ी देर सीधे लेटे हुए थे और बात करने लगे थे.
फिर मैं करवट लेकर लेट गया और उनके दूध सहलाने व दबाने लगा.
जल्दी ही मेरा मूड फिर से बन गया.
उन्होंने मेरे लंड को कड़क अवस्था में देखा और वे समझ गईं कि लंड फिर से चुत बजाएगा.
बुआ ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और लिप किस करने लगीं.
वे कहने लगीं- जल्दी से डाल दे मेरी चुत में!
मैंने कहा- डार्लिंग, इस बार मुझे कुछ और चाहिए!
वे बोलीं- खड़ा हो जा और लंड को मेरे मुँह में दे दे.
वे लंड मुँह में लेने के लिए उठने लगीं.
मैंने भी उठ कर उनके मुँह से मुँह लगा दिया.
इस पर बुआ पीछे को हटती हुई बोलीं- क्यों क्या हुआ?
मैंने उन्हें खड़ी कर दिया और उनकी चुत से चिपक कर लंड को उनकी चुत से रगड़ने लगा.
आगे से ही मैंने अपने दोनों हाथ उनकी गांड पर रखे और एक हाथ की उंगली को बुआ की गांड के छेद में डालने लगा.
वे समझ गईं कि मैं उनकी गांड चोदना चाहता हूं.
बुआ कहने लगीं- इसे अभी नहीं, मैंने बहुत दिनों से इसमें नहीं डलवाया है. मुझे बहुत दर्द होगा.
पर मैं नहीं माना और जिद करने लगा.
थोड़ी देर बाद जब मैं उनके दूध दबाने लगा और चुत में उंगली डालकर उन्हें गर्म करने लगा तो उन्हें सेक्स चढ़ने लगा.
वे बोलीं- आज जिद छोड़ दे मेरी जान, अभी चुत चोद ले … गांड बाद में चोद लेना!
मैंने कहा कि नहीं पहले मुझे आपकी गांड चाहिए.
थोड़ी जिद करने के बाद वे गांड मरवाने के लिए राजी हो गईं.
बुआ बाथरूम से मालिश वाला तेल उठा लाईं और उन्होंने कहा- मैं तो पूरी की पूरी तेरी हूँ, तू आज गांड मार ही ले! पहले तेल लगा कर जरा गांड की गली चिकनी कर दे.
मैंने बुआ को उल्टा किया और उनकी गांड में तेल डाल कर धीरे-धीरे उंगली डालने लगा.
पहले एक ही उंगली डाली, तो आराम से घुस गई.
मैं एक ही उंगली को अन्दर तक डालकर धीरे-धीरे चलाने लगा.
वे मस्त होने लगीं और अपनी गांड फैला कर बोलीं- जानू तुझे तो पहले से सब कुछ पता है.
मैंने ‘हम्म’ कहा और गांड की तरफ लंड लेकर आ गया.
पहले मैंने बुआ के दोनों चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर फैलाया और छेद में लंड डाला.
लंड की मुंडी गांड में घुस गई और उसी समय मैंने तेज झटका दे दिया तो मेरा आधा गांड में घुस गया.
वे चिल्लाने लगीं- आह साले, एकदम से पेल दिया … आह तेरा मोटा है. आह मुझे दर्द हो रहा है. आह बाहर निकाल बाहर निकाल.
पर मैं जानता था कि थोड़ी देर में सब सही हो जाएगा.
मैंने उनकी बात को अनसुना किया और यूं ही लंड पेले हुए खड़ा रहा.
वे दर्द से आह आह कर रही थीं तो मैं उनके दूध दबाने लगा और निप्पल मींजने लगा.
इससे वे थोड़ी सामान्य हुईं तो मैंने उन्हें झुकाया और अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया.
वे अभी कुछ कहतीं कि मैं लौड़े को गांड में अन्दर बाहर करने लगा.
कुछ देर बाद बुआ की गांड मटकने लगी और उन्हें मजा आने लगा.
अब हम दोनों मस्ती से गुदा मैथुन का मजा लेने लगे थे.
करीब बीस मिनट तक गांड चुदाई के बाद मैं बुआ की गांड में ही झड़ गया.
फिर हम दोनों ने बाथरूम में जाकर साफ सफाई की.
बुआ ने अपनी गांड में मुझसे बोरोलीन भरवाई और हम लोगों ने बाहर आकर नाश्ता किया.
उसी दिन मैंने बुआ को तीन बार बाथरूम में और दो बार रात में कमरे में चोदा.
ऐसे ही चार दिनों तक हम दोनों ने खूब चूत गांड फक करके मजे किए और अब मैं अपने घर पर आ गया.
पर अब भी जब कभी हम लोगों का मिलना होता है, तो हम लोग चुदाई कर लेते हैं.
इस तरह से मैंने अब तक अपनी बुआ के साथ कई बार सेक्स किया.
आपको मेरी यह पहली चूत गांड फक स्टोरी कैसी लगी, प्लीज मुझे मेल लिख कर जरूर बताएं.
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