बीवी ने शौहर के सामने गैरमर्द से चुत चुदवाई- 2

Views: 298 Category: Hindi Sex Story By mirzazakir1986 Published: February 19, 2026 📖 10 min read
Share
Text size:

हॉट न्यूड सेक्स कहानी में एक शौहर के घर में मौजूद होते हुए मैंने उसकी बीवी को चोदा. वह दूसरे कमरे में बैठा CCTV से हमारी चुदाई देख रहा था.

दोस्तो, मैं जैक आपको एक ऐसे पति पत्नी की सेक्स कहानी सुना रहा था जिसमें पति ने अपनी पत्नी को मेरे साथ चुदवाया और पत्नी ने भी मेरे साथ सेक्स का लुत्फ उठाया था.
कहानी के पिछले भाग
छोटे लंड वाले शौहर की गर्म बीवी
में अब तक आपने पढ़ा था कि रात को पति पत्नी एक साथ बाथरूम में चले गए.

अब आगे हॉट न्यूड सेक्स कहानी:

वे दोनों बाथरूम से एक साथ बाहर आए, मरियम ने चादर बदली और मुझसे कहा- जैक, प्लीज आप हॉल में जाकर सो जाइए!
तभी सलामत बोल पड़ा- मरियम, इतना सब हो चुका है … अब क्या शर्माना. आज की रात हम तीनों एक ही बिस्तर पर सो जाते हैं न!

मरियम ने कुछ सोचा और कहा- चलो ठीक है लेकिन एक शर्त, अभी कुछ नहीं होगा!
सलामत- कुछ नहीं करेंगे बाबा लेकिन तुमको हम दोनों के बीच सोना होगा!
मरियम- ठीक है, अभी 3 बज चुके हैं, सो जाओ!

यह कह कर मरियम हम दोनों के बीच में पसर गई.
मैं उसकी एक साइड में लेट गया और सलामत दूसरी साइड में था.

मुझे लगा कि मरियम कुछ कश्मकश में है.
क्योंकि वह अपना मुँह कभी मेरी तरफ करती तो कभी सलामत की तरफ.

मुझे समझते देर नहीं लगी.

हम तीनों पूरे नंगे थे.
अगर वह मेरी तरफ मुँह करती तो गांड सलामत की तरफ और पीठ मेरी तरफ करती.
अन्यथा की स्थिति में दोनों की पोजीशन बदल जाती.

कुछ देर बाद वह अपना मुँह ऊपर छत को देखती हुई सो गई.

थोड़ी देर में ही हम सब को नींद आ गई.

सुबह आठ बजे जब मैं उठा तो देखा कि मरियम मेरे गले में हाथ डाले हुए मुझसे एकदम चिपक कर सोई है.
उसके लिप्स एकदम मेरे होंठों के पास थे और उसकी नग्न नर्म चूचियां मेरे सीने से चिपकी हुई थीं.

मरियम ने अपना एक पैर मेरे पेट पर रखा हुआ था और उसकी चूत मेरे लंड के एकदम करीब थी.
उसकी चूत की गर्मी मेरे लंड को महसूस हो रही थी.

यह सब महसूस करते ही मेरा लंड अचानक से तनतना गया और उसका टोपा मरियम की चूत को छूने लगा.

मैंने सर उठा कर सलामत को देखा, तो वह रूम में नहीं था.
मुझे लगा बाथरूम में गया होगा, तो मैं इंतजार करने लगा.

लेकिन पंद्रह मिनट तक इंतजार करने के बाद भी जब वह कमरे में नहीं आया.
तो मैं समझ गया कि ये अपनी औरत को मेरे लौड़े से चुदने के लिए छोड़ गया है.

यह सोचते ही मुझे शरारत सूझी और मैं धीरे से लंड का टोपा मरियम की चूत में धीरे धीरे डालने लगा.
ये पोज ऐसा था कि अगर मैं जल्दबाजी करता तो काम खराब हो सकता था.
इसलिए मैंने बिल्कुल आहिस्ता आहिस्ता कमर हिलाते हुए हॉट न्यूड सेक्स का मजा लेते हुए लौड़े का टोपा चुत के अन्दर घुसा दिया.

अचानक से मरियम ने मुझे किस किया तो मुझे मानो एकदम से जन्नत मिल गई.

कल से जब से मैं आया था तब से मुझे मरियम ने किस नहीं किया था.
जबकि अभी मरियम नींद में ही बड़बड़ाने लगी थी- आह सलामत, दर्द हो रहा है … प्लीज मत करो छोड़ दो न!

इधर मेरा हथियार सख्ती से खड़ा था और मरियम की चूत की गर्मी भी कह रही थी कि उसको लंड चाहिए.
मुझे डर सिर्फ सलामत का था कि कहीं वह आ ना जाए.

मैंने धीरे से मरियम की कमर में हाथ डाल कर उसको अपने ऊपर कर लिया.
इस दौरान मेरा आधा से ज्यादा लंड मरियम की चूत में घुस चुका था.

लौड़े की सख्ती से उसकी नींद टूटी तो उसने मुझे नीचे देखा.
वह उठना ही चाह रही थी कि मैंने अपने दोनों हाथों से उसको अपने ऊपर दबा लिया.

एकदम से दबाने से मेरा पूरा लंड मरियम की चूत में घुस चुका था.
मरियम ने अपनी आंख खोलकर पूरे कमरे में देखा और एक मीठी आह के साथ बोल पड़ी- आह ये क्या कर रहे हो, सलामत आ जाएगा … मुझे छोड़ो न … आह प्लीज मत करो ऐसा … सलामत बुरा मान जाएगा. अब मैं सलामत को धोखा नहीं दे सकती. उसकी इच्छा के लिए रात में हुआ था सो हुआ था … पर अब नहीं.

मैंने उसकी बात ना सुनते हुए धक्के लगाने जारी रखे.
कुछ ही धक्कों के बाद मरियम चुप हो गई और वह भी अपनी चुत को मेरे लौड़े से रगड़वाने लगी.

उसका मूड बन गया था तो उसकी चूत से प्रीकम वाला पानी निकलने लगा था जिससे चिकनाहट बढ़ गई थी और मेरे लौड़े ने सरपट आगे पीछे होना शुरू कर दिया था.

अब मरियम खुद भी अपनी गांड को ऊपर नीचे करती हुई लंड से चुदने लगी.
मैंने भी पकड़ ढीली कर दी .. मरियम को मस्त मजा आ रहा था तो शायद उसे मेरी पकड़ के ढीला होने का अहसास ही नहीं हुआ था.

वह खुद अपनी मस्ती में लंड के ऊपर नीचे हो रही थी.

तभी मैंने कहा- मरियम, मैंने तो तुम्हें छोड़ दिया है!
मरियम ने गुस्से में मुझे देखा और एक तमाचा लगाती हुई बोली- अब क्या फायदा, जब लोहा गर्म हो गया है. अब तो बिना हथौड़ा मारे लोहे को औजार नहीं बना सकते. तुम चुप रहो और मुझे कर लेने दो.

मैं चुपचाप पड़ा रहा और उसके दोनों चूतड़ों को मसलते हुए चुदाई में उसका साथ देने लगा.

मरियम अपने दूध चुसवाने लगी और दस मिनट तक मेरे लंड पर उछलती रही.
उसकी सांसें अब तेज होने लगी थीं तो वह लौड़े से उतर कर मेरे बगल में लेट गई और उसने मुझसे ऊपर आने को कहा.

जब मरियम की सांसें फूलने लगीं, तब वह लुढ़क कर मेरे बाजू में आ गई और मुझे ऊपर आने के लिए कहा.

उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और उसकी चूत के रस की वजह से मेरा लंड चिकना हो गया था.
मैंने टावल उठा कर पहले अपना लंड साफ किया, फिर उसकी चूत पौंछी.

अब मैंने लंड को उसकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया. जल्दी ही मरियम वापस तड़पने लगी और उसके मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी.

मैंने ठान लिया था कि इस बार एक ही झटके में पूरा लंड मरियम की चूत में पेलना है.
चिकनाई तो मैंने पहले ही साफ कर दी थी, तो चुत का भोसड़ा बना दूंगा.

फिर मैंने जैसे ही एक कड़क झटका मारा, मेरा लंड मरियम की चूत को चीरता हुआ आधा में चूत घुसता चला गया.
मरियम में मुझे कसके पकड़ लिया और उसकी दोनों टांगें मेरी पीठ पर जकड़ी हुई थीं.

उसके दोनों हाथ मेरी गर्दन को पकड़े हुए थे और वह दांत भींच कर मेरे लौड़े के हमले को झेलने की कोशिश कर रही थी.
मैंने दूसरा धक्का लगाया और मेरा लंड उसकी चूत में ब/च्चेदानी तक चला गया.

कुछ ही पल बाद मरियम की चूत ने पानी छोड़ दिया और मेरे लंड को कसाव सा महसूस हुआ जैसे गुलाब की पंखुड़ी खुल रही हो, बंद हो रही हो.

ऐसा 2-3 मिनट तक होता रहा और उसके बाद मरियम की पकड़ ढीली पड़ गई.
जैसे ही वह निढाल हुई, वैसे ही मैंने दनादन शॉट लगाने शुरू कर दिए.

अब मरियम भी नीचे से अपनी चूत उठाती हुई मेरे लंड पर चोट मार रही थी.
एक तो उसकी चूत टाइट थी और मेरा लंड थोड़ा मोटा … तो उस वक्त हम दोनों को बेहद मजा आने लगा था.

मैं कम से कम बीस मिनट तक मरियम को चोदता रहा.
इस बीस मिनट में मरियम दो बार झड़ चुकी थी.

अब मेरा निकलने वाला था.
मैंने मरियम को बोल दिया- मरियम मैं आने वाला हूँ!
मरियम- अन्दर मत निकालना, मेरे पेट पर निकाल देना.

मैंने वैसे ही किया.
झड़ने के पहले मैंने लंड को चुत से बाहर निकाला, तो चूत से पक्क की ऐसी आवाज आई जैसे कोई सोड़ा वाटर की बोतल का कॉर्क खोलते समय आवाज आती है.

मैंने लंड की पिचकारी बाहर छोड़ दी.
मेरी पिचकारी सीधे उसके होंठों आंखों और मम्मों पर फिंकती चली गई.

मरियम का मुँह खुला था तो थोड़ा वीर्य उसके मुँह में भी चला गया … थोड़ा नाक के पास, कुछ आंख पर और कुछ गले व बूब्स पर छिटक गया.

मरियम ने अचानक से मुँह बंद करने की कोशिश की पर वीर्य अन्दर चला गया था.
उसकी वजह से शायद उसने मेरे वीर्य का थोड़ा स्वाद चख लिया था.
पर वह फटाफट उठी और भागकर बाथरूम चली गई.

मैंने चादर देखी तो पूरी गीली हो चुकी थी.
मेरा सारा वीर्य तो मरियम के ऊपर गिरा था मतलब ये सब मरियम का रस था जो चादर को गीला कर गया था.
मतलब मरियम को पूरा मजा आया था.

कुछ पल बाद मरियम बाथरूम से बाहर आयी तो मेरे ऊपर भड़क उठी- तुम्हें पेट पर कहा था … तुमने तो मेरे मुँह तक में निकाला!
मैंने कहा- मरियम, मैंने तो पेट पर ही निकालने की कोशिश की थी लेकिन लंड इतना टाइट था कि उसकी पिचकारी सीधे तुम्हारे चेहरे तक चली गई, प्लीज माफ कर दो!

मरियम- चलो जो हुआ सो हुआ, लेकिन वीर्य का स्वाद बहुत कड़वा है.
मैं हंसते हुए बोला- पता नहीं, मैंने कभी चखा नहीं!

मरियम- अच्छा तो कल सलामत ने तुम्हारा वीर्य चाटा तो उसे कैसा लगा होगा?
मैं- तुमने तो उसके चेहरे पर मूत तक दिया था … वह कैसा लगा होगा उसे?
मरियम- हम लोग तो ऐसा कभी कभी करते रहते हैं.

मैं- अच्छा एक बात बताओगी … सच सच बताना … अगर तुम्हारा दिल करे तो ही बताना …. लेकिन झूठ मत कहना.
मरियम- हां पूछो लेकिन अभी नहीं, पहले यह पता करो कि सलामत कहां है. उसका कुछ पता ही नहीं है. ऐसा करते हैं कि पहले हम लोग नहा लेते हैं, बाद में बात करते हैं. नहीं तो बखेड़ा खड़ा हो जाएगा.

मैंने मरियम की बात मान ली और पहले मरियम फ्रेश होने कमोड पर जाने लगी.
वह नंगी ही थी.

मैं भी दूसरे बाथरूम में घुस गया.

कुछ देर बाद मुझे सलामत और मरियम के बात करने की आवाज आई.
मैं जल्दी जल्दी नहा कर बाहर आ गया.

सामने का नजारा देख कर मैं एकदम दंग रह गया.
मरियम ने पिंक कलर की साड़ी पहनी थी.

कल रात से नंगी देख चुका था और अब मरियम को साड़ी में देख कर मेरा लंड तन्ना गया.
मैं वैसे ही नंगा था.

मेरी हालत देख कर सलामत और मरियम हंसने लगे.

मैंने अपने लंड को हाथ से छुपाते हुए सलामत से पूछ लिया- अरे सलामत तुम कहां चले गए थे?

तब सलामत ने कहा- मेरा कुछ काम था, मेरे ऑफिस से फोन आया था इसलिए मुझे सवेरे 4 बजे जरूरी में जाना पड़ा.
मैं- अरे हम लोग तो 3 बजे ही सोए थे न तो एक घंटा बाद ही तुमको जाना पड़ा?

सलामत- हां … काम है यार … करना ही पड़ता है. अभी मैं थक गया हूँ, तो फ्रेश होकर थोड़ा आराम कर लेता हूँ.

मरियम और मैंने हामी भर दी लेकिन मैंने देखा कि मरियम की आंखों में शरारत नजर आ रही थी.

मैं हॉल में आकर अपना बैग पैक करने लगा.
मरियम किचन में थी और सलामत बाथरूम में नहा रहा था.

सलामत नहाकर सीधे बेड पर पसर गया लेकिन अभी जो मेरी और मरियम की कामलीला हुई थी उसका सबूत चादर पर था.
अच्छा हुआ कि सलामत एक साइड में था.

मरियम को बिस्तर की हालत याद आई तो वह जल्दी से अन्दर गई और जहां उसका कामरस था, वहां उसने एक टावल डाल दिया.

मैंने देखा कि उसके माथे पर पसीना चुहचुहा गया था.
बात यह नहीं थी कि वह मुझसे चुदाई कर चुकी थी.
लेकिन कहीं सलामत को उसकी गैर मौजूदगी में ये हुआ, इसका बुरा न लगे … इसलिए वह डर गई थी.

मरियम ने कमरे से वापस आकर मुझे चाय दी और हम लोग बात करने लगे.
तब तक सलामत सो चुका था.

दोस्तो, इस सेक्स कहानी में आपको कितना मजा आ रहा है प्लीज जरूर बताएं.
हॉट न्यूड सेक्स कहानी का अगला भाग जल्द ही आपके सामने होगा.
mirzazakir1986@gmail.com

You May Also Like

Maa Beti Ko Chodne ki Ichcha-9
Views: 1059 Category: Hindi Sex Story Author: tarasitara28 Published: June 07, 2025

एक तरफ मुझे अपना बनाते हो और दूसरी तरफ एक झटके में ही बेगाना कर देते हो.. क्या जरूरत है तुम्हें ‘थैंक्स’ बोलने की.. अगर मै…

Savita Bhabhi Ka Bakra - 4
Views: 706 Category: Hindi Sex Story Author: mastaniusha Published: June 10, 2025

वीर्य से सने लौड़े पर कच्छा चढ़ा कर मैं नीचे भागा। मैंने दरवाज़ा खोला तो मौसी थीं, मुझसे बोली- पड़ोस का रमेश आ रहा था, उसके स…

Comments