बीवी ने शौहर के सामने गैरमर्द से चुत चुदवाई- 1

Views: 30 Category: Group Sex By mirzazakir1986 Published: February 19, 2026

ककोल्ड थ्रीसम सेक्स कहानी में एक गर्म बीवी के ढीले शौहर ने मुझे उसकी बीवी को चोद कर मजा देने को कहा. बीवी ने पहली चुदाई तो शर्माते हुए करवा ली पर दूसरी चुदाई में वो खुल गयी.

नमस्कार दोस्तो, आज मैं अपनी सेक्स कहानी का अगला हिस्सा लेकर हाजिर हूँ.

कहानी के पिछले भाग
मरियल शौहर ने सांड जैसे मर्द से बीवी चुदवाई
में आपने पढ़ लिया था कि मैं एक बार मरियम की चूत चोद चुका था.
उसके बाद उसके शौहर ने भी उसे चोदा.
फिर जैसे ही मैंने सलामत की इजाजत लेकर मरियम को छूना चाहा, मरियम जोर से बोल उठी- आ आ … मार ले मेरी चूत … थोड़ा भी सब्र नहीं किया जाता!

यह सुनकर मैं हैरान था कि ये क्या कह रही है!

अब आगे ककोल्ड थ्रीसम सेक्स कहानी:

मरियम- अभी तो तुम दोनों की आधी अधूरी चूत चुदाई से मेरा कुछ नहीं हुआ था और दुबारा से चोदने की कोशिश कर रहे हो. अब जैसा मैं कहूं, तुम वैसा करोगे … बहुत हो गई तुम दोनों को मर्जी … अब मेरी सुनो!

मैं उसकी इस तेज तर्रार छवि से एकदम से शॉक हो गया था.
जो लड़की पिछले एक घंटे से कुछ नहीं कह रही थी … वह एकाएक इतना बोलने लगी है!

मैंने सलामत की ओर देखा तो समझ में आया कि मेरे से ज्यादा तो सलामत हैरान था.

हम दोनों के चेहरे देख कर मरियम बोली- क्या हुआ … ऐसे क्या देख रहे हो सलामत, तुमने अपने मन को कर ली, इस जैक को बुला लिया. मैंने कुछ नहीं किया. तुम दोनों भी एक जैसे हो .. बस थोड़ा टाइम और साइज का फर्क है लेकिन मुझे जैक के साथ पूरे शरीर के रोंगटे खड़े हो रहे थे. मेरी चूत जल्दी झड़ी अन्दर ही अन्दर गुदगुदी हो रही थी.

एक पल रुकने के बाद मरियम पुनः बोली- जैसा मैंने अन्तर्वासना पर पढ़ा था, वह सब कुछ सच था. शायद सलामत और मैं रोज सेक्स करते हैं तो वह संसेशन कम हो गया है और इसलिए ही आज जैक के साथ मजा आया. जब कि तुम दोनों का सब कुछ एवरेज था.

अब वह लंबी सांस लेकर चुप हुई.

मैं और सलामत एक दूसरे को देख रहे थे.

मेरा लंड बैठ चुका था.
मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि ऐसी बेइज्जती होगी.

तभी मरियम ने कहा- अब मैं बता रही हूँ, वैसे करो.
हम दोनों ने हामी भर दी.

मरियम पांव पसारे बेड पर बैठ गई और उसने मुझे उसके पीछे से आकर बैठने को कहा.
मैंने ऐसा ही किया.

मेरा लंड मरियम की गांड को छू रहा था.
मरियम ने सलामत को उसकी चूत के सामने आने को कहा, सलामत सामने आ गया.

इसके बाद मरियम ने सलामत को चूत में उंगली करते हुए चाटने को कहा और मुझे पीछे से हल्के हल्के बूब्स को सहलाने को.
सलामत यहां फंस गया.

मरियम भले ही बाथरूम में जाकर चूत धो कर आई थी लेकिन मरियम की चूत के अन्दर सलामत का वीर्य था. शायद मेरा भी प्रीकम हो.

जैसे ही सलामत चुत में उंगली डाल कर हिलाने लगा, तो मरियम की चुत से सफेद सफेद झाग निकलने लगा.
जाहिर है मरियम सलामत और मेरा पानी झाग बन कर निकलने लगा था.

मुझे सलामत पर हंसी आ रही थी लेकिन मैं चूत के पास नहीं था, ये सोच कर अच्छा लग रहा था.
सलामत का मुँह टेढ़ा हो रहा था लेकिन शुरुआत तो उसी ने की थी तो भुगतना भी उसको ही था.

लेकिन शायद सलामत को मजा आने लगा था क्योंकि मैं देख रहा था कि वह जोर जोर से उंगली अन्दर बाहर करने लगा था और चूत से निकलने वाले रस को चाट रहा था.
मैं पीछे से मरियम की चूचियों को दबा रहा था.

मैं उसके पीछे चिपक कर बैठा था तो मरियम ने मुझे पहली बार किस किया.
यह एक यादगार पल बन गया था.

उसके किस से एक सेकंड में मेरा लंड तन कर सलामी देने लगा.

मरियम को मेरे लौड़े का तनाव महसूस हो गया था लेकिन वह जब तक झड़ नहीं गई … तब तक उसने सलामत से अपनी चुत में उंगली करवाने का प्रोग्राम बंद नहीं होने दिया.

फिर जब वह झड़ी तो पूरा जोर लगाकर सलामत के मुँह में झड़ गई.
झड़ने के समय वह अपना सिर पीछे करके मुझे किस करने लगी.

ये अनुभव एकदम खतरनाक था और मेरा लंड इतना तन गया था मानो फट जाएगा.

जब मरियम थोड़ा नॉर्मल हुई तो उसने नई फरमाइश बोल दी.
मेरा तो होश हाई था लेकिन सलामत का चेहरा उतर गया था.

मरियम ने कहा- अब मैं इसी आसन में जैक का अन्दर लूंगी और तुम चाटोगे!

उसने मुझे भी चेतावनी दी कि अन्दर मत निकालना … नहीं तो मैं तुम्हें दूसरा मौका नहीं दूंगी.

अंधा क्या चाहे …
मैंने झट से हां कह दी.

मरियम वैसे ही सलामत के चेहरे की तरफ चूत करके मेरे खड़े लौड़े पर बैठ रही थी.

वह एकदम धीरे धीरे लंड लेने की कोशिश कर रही थी.
लेकिन अब चिकनाई ज्यादा थी तो वह बहुत आराम से धीरे धीरे और थोड़ा थोड़ा लंड अन्दर ले रही थी.

मरियम की चूत को गर्मी मेरे लंड को महसूस हो रही थी.
अब कमांड उसके हाथ में थी और मैं बस एक खिलौना.

कुछ मिनट बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया.
लेकिन मेरे लंड और दोनों गोटे पानी से पूरे भीग गए थे.
इसका मतलब वह झड़ चुकी थी और मजा भी ले रही थी.

वहीं सलामत उसकी क्लिट को चाट रहा था और शायद वह भी मजा ले रहा था.

मुझसे ये धीरे धीरे वाला प्रोग्राम सहा नहीं जा रहा था.
लेकिन एक औरत सब जानती है, ये समझ में आ गया था … और ये भी समझ में आ गया था कि औरत को कैसे खुश करना है!
मैं मजे ले रहा था, मरियम भी मजा ले रही थी और शायद सलामत सजा भुगत रहा था.

करीब 20 मिनट के बाद मेरा रस निकलने वाला था.
तब तक मरियम दो बार अपनी चुत से रस बहा चुकी थी और उसकी चुत ने मेरे लंड पर ही अपने आंसू टपका दिए थे.

वह झड़ने के बाद भी निरंतर चुत लंड से रगड़ रही थी.
उसका अगली बार का स्खलन होने से पहले मेरे लंड में उबाल आ गया था.

मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर लगा कर उसे उठाना चाहा लेकिन शायद वह झड़ने के एकदम करीब थी इसलिए वह सोच नहीं रही थी.

मैंने जबरदस्ती से लंड उसकी चुत से निकालना चाहा पर इतने में ही वह झड़ गई.

जब तक वह उठती तब तक मेरी भी एक पिचकारी उसकी चूत में चली गई.
वह जोर से चीखती हुई बेड पर ही पेशाब करने लगी- मादरचोद मैंने मना किया था न!

सलामत का मुँह वहीं खुला हुआ था तो मरियम ने अपना सुनहले रंग का मूत सलामत के मुँह में टपकाना शुरू कर दिया.

सलामत ने अपनी बीवी की चुत से निकला गोल्डन शॉवर ले लिया, मैं दिल ही दिल में मुस्करा रहा था.

ये मेरा पहला अनुभव था और शायद मरियम व सलामत का भी.

मरियम मूतने के बाद वहीं चित होकर पसर गई और वह जोर जोर से अपनी सांसों को नियंत्रित करने लगी थी.

सलामत जल्दी से बाथरूम की तरफ भागा और पांच मिनट बाद खुद को साफ करके आ गया.

वह मरियम की चूत की तरफ देखते हुए बोला- अरे ये क्या किया तुमने … मरियम की चूत में ही झड़ गए?
मैंने कहा- भाई, मैं तो कब से उसे उठा रहा था लेकिन मरियम उठ ही नहीं रही थी. उसी वक्त मेरे लंड से एक पिचकारी निकल कर उसकी चुत में चली गई.

तभी मरियम बोली- मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ मैं अपने होश में नहीं थी!

पर सलामत का मुँह देखकर मुझे नहीं लग रहा था कि वह खुश है.
अब मरियम बाथरूम में चली गई.

सलामत बोला- देखो जैक, हमारी डील अलग हुई थी … तुम बहुत आगे जा रहे हो. ये सब नहीं होना चाहिए!

सलामत की बातों से मुझे झांट असर नहीं होने वाला था, मुझे तो बस एक बार और मरियम की चुदाई का मजा लेना था.

मैं बस अब यही सोच रहा था कि कहीं ऐसा ना हो कि मरियम मेरे हाथ से निकल जाए.

पर मैं सलामत की बात भी समझ रहा था.
वैसे भी मेरा मतलब तो सिर्फ एंजॉय करना था न कि किसी की शादी-शुदा जिंदगी बर्बाद करना.

सलामत- एक काम कर सकते हो मेरे लिए?
मैं- हां बोलो, मैं जरूर करूंगा!

सलामत- तुम कल दिन भर यहीं रूक जाओ, मुझे जानना है कि मरियम के दिल में क्या चल रहा है.
मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा कि वह क्या चाहता है.

अंकित- अरे यार, मरियम पहले मना कर रही थी लेकिन एकाएक न जाने उसे क्या हुआ वह एकदम रंडी की तरह बर्ताव करने लगी है. मैंने अब तक किसी रंडी को भी इतना बिंदास सेक्स करते हुए नहीं देखा था. मैं तुम दोनों को सवेरे अकेले छोड़ दूंगा, तुम मुझे बताना कि क्या हुआ और मरियम ने तुमसे क्या कहा?

मैंने हामी भरी.
मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे कि सलामत के मौजूदगी के बिना क्या होगा.

तभी मरियम बाथरूम से बाहर आ गई.
उसके चेहरे पर मुस्कान थी.

कमरे में आते ही उसने सलामत को चूमा.
अब उसकी शर्म खत्म हो गई थी.
वह बिना कपड़े पहने ही नंगी बिस्तर पर लेट गई और उसने सलामत की तरफ अपनी दोनों बांहें फैला दीं.
मरियम ऐसा जता रही थी, जैसे मैं कमरे में हूँ ही नहीं.

मैंने सोचा कि चलो इन मियां-बीबी को रोमांस करने देता हूँ. मैं जब तक हल्का हो जाता हूँ.

मैं बाथरूम में गया तो मेरा लंड एकदम से सिकुड़ चुका था.
मेरे लंड पर मरियम का रस और मेरा माल लगा हुआ था.

मैंने बाथरूम में घुस कर खुद को साफ किया, शॉवर लिया … जिससे पसीने की बदबू निकल जाए.

सेक्स के बाद शरीर पर ठंडे पानी लेना अच्छा होता है.
इंसान तरोताजा हो जाता है.

मैं बाथरूम से बाहर आया, तब तक मरियम सलामत फुल स्पीड में सेक्स कर रहे थे.
मरियम सलामत को फुल सपोर्ट कर रही थी और सलामत की चुदाई की रफ्तार जबरदस्त चल रही थी.

शायद उन दोनों को अलग किस्म का मजा आ रहा था, जो मुझे बाद में पता चलेगा.
दस मिनट के बाद सलामत हांफता हुआ मरियम की चूत में खाली हो गया.
वे दोनों पसीना पसीना थे.

मरियम और सलामत की आंखें बंद थीं, सलामत पांच मिनट तक वैसा ही मरियम पर पड़ा रहा, जब तक उसका लंड मरियम की चूत से खुद बाहर नहीं आ गया.

जैसे ही सलामत का लंड मरियम की चूत से बाहर आया, वैसे ही मरियम की चूत से दोनों का काम रस भलभला कर निकलने लगा.

अब सलामत के चेहरे पर सुकून था.
वे दोनों वैसे ही पड़े रहे.

सलामत- जैक ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं आया. आज न जाने क्या हुआ मुझे पूरे शरीर में गुदगुदी हो रही थी और जब मैं फारिग हुआ तो ऐसा लगा मानो मेरा पूरा रस एक बार में निकला हो.

मैं हंस दिया और मरियम की चूत की तरफ उंगली का इशारा करते हुए बोला- वह तो दिख रहा है.

तभी मरियम बोल पड़ी- मुझे सलामत हमेशा थ्रीसम के लिए कहता है लेकिन मुझे अच्छा नहीं लगता था. आज भी मेरा मन नहीं था लेकिन बहुत मजा आया, पर आज के बाद कभी नहीं ये आखिरी बार था.

यह सुनकर मेरे और सलामत के चेहरे पर मायूसी छा गई.
तभी मरियम उठकर बाथरूम में चली गई, उसके पीछे सलामत भी गया.

दोस्तो, यह सेक्स कहानी अभी और भी मजा देने वाली है, प्लीज मेरे साथ बने रहें.
अपने मेल जरूर भेजें कि ककोल्ड थ्रीसम सेक्स कहानी में मजा आ रहा है.
mirzazakir1986@gmail.com

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