बेटी की सहेली की ख़ूबसूरत मम्मी को चोदा- 1

Views: 112 Category: Koi Mil Gaya By replyman12 Published: March 05, 2026

X पंजाबी सेक्स कहानी में लन्दन में मैं बेटी के स्कूल जाता तो वहां एक पंजाबन भाभी मुझे मिली. गदराई पंजाबन देख मेरे लौड़े में सनसनी हुई, क्या जबरदस्त चुदास थी साली की आंखों में आह …

नमस्ते पाठको, मैं मानस एक सच्ची सेक्स कहानी के साथ पुनः हाजिर हूँ.
आशा है कि आप इसे भी उतना ही स्नेह देंगे, जितना मेरी पिछली कहानियों को दिया.

नए पाठको, मेरी जानकारी आपको पिछली कहानियों के माध्यम से पता चल जाएगी.

अब मैं अपनी X पंजाबी सेक्स कहानी शुरू करता हूँ.

मैं चालीस साल का हूँ लेकिन अभी भी विवाह के बंधन से मुक्त हूँ.

संतान की चाहत में मैंने 2021 में एक प्यारी सी लड़की गोद ले ली है.
मैंने उसका शिवानी नाम रखा है.
इस क्यूट सी ब/च्ची ने मेरे अधूरे जीवन को चार-चाँद लगा दिए हैं.

भारत से गोद लेने के बाद मैं उसे भी अपने पास लंदन लेकर आ गया.
धीरे-धीरे वह भी इस विदेशी चाल-चलन से परिचित होती गई, अब तो पाठशाला में भी जाने लगी है.

पाठशाला में उसके नए-नए दोस्त बन गए हैं … वह पूरी तरह अंग्रेज़ बन चुकी है.
उसके दोस्तों में एक लड़की उसकी खास सहेली है और उसका नाम विदिशा है.

विदिशा के माता-पिता भारतीय मूल के हैं पर कई सालों से इंग्लैंड में होने के कारण उसका जन्म यहीं हुआ था.

शिबु (अपनी बेटी को मैं प्यार से इसी नाम से बुलाता हूँ) और विदिशा की दोस्ती भी काफी गहरी हो चुकी है.

इसी कारण से मेरी मुलाकात उसकी सुंदर सी मम्मी रीना जी से हुई.

पहली बार ऐसी गदराई पंजाबन माल देखकर मेरे लौड़े में सनसनी हुई, क्या जबरदस्त चुदास थी साली की आंखों में आह … मेरे लंड ने आंदोलन शुरू कर दिया था.

चौतीस साल की रीना चलती-फिरती सेक्स बॉम्ब थी. उसके 38 इंच के टंच भरे आम, सपाट पेट और 42 इंच की चौड़ी चर्बीदार गांड.

मैं उसे देख कर जितना उत्तेजित हुआ था, शायद रीना भी उतनी ही गर्म औरत साबित हुई.
वह भी मेरी टांगों में उठते पहाड़ को देख कर कामुकता से मेरे लौड़े को निहारने लगी थी.

मैं इस मामले में पुराना खग्गी हूँ तो झट से समझ गया कि यह पंजाबन प्यासी है.

फिर हैलो हाय हुई तो पहले ही परिचय में मैं ये जान गया कि साली बड़ी छिनाल टाइप की बंदी है.
उसकी बातों में सेक्स झलक रहा था और वह कभी मेरे लंड को निहार रही थी तो कभी मेरी आंखों में वासना भरी आंखों से घूरती हुई कुछ कहने की कोशिश कर रही थी.

बेटियों के बहाने रोज हमारी भेंट होने लगी, छोटी-छोटी भेंट अब लंबी चलने लगी.
वह भी अपनी बेटी को स्कूल से लेने आती तो वह मुझसे मिलने मेरे पास तक जरूर आती.

उसका पहनावा बदलने लगा था और वह स्कूल आती तो सेक्सी ड्रेस पहन कर आती.
उसके गहरे गले के टॉप से उसकी आधी से ज्यादा चूचियां मेरे लौड़े को परेशान करने लगी थीं.
चुस्त जींस में उभरे हुए नितंब मुझे बरबस ही उसकी गांड पर हाथ फेरने को ललचाने लगे थे.

मैं एक दिन उसके साथ बात करते हुए उसके दूध देख रहा था कि उसी वक्त वह भी मुझे अश्लील इशारे देने लगी.
मैं समझ गया कि ये जरूर एक दिन मेरे लौड़े के नीचे आएगी.

अब मैंने भी उसे लिफ्ट देना शुरू कर दिया था.
वह किसी कैब से स्कूल आती तो मेरे साथ ही कार में जाने लगी.

कार में घुसते समय वह जानबूझ कर अपनी चूचियां मेरे लौड़े पर रगड़ देती या मेरी जांघों को सहला देती तो कभी हंस कर मेरे गालों को सहलाना उसका मुख्य काम हो गया था और यह सब अब उसका रोज का खेल हो गया था.

अपनी बेटियों को पाठशाला छोड़ने के बाद हम दोनों रोजाना काफी देर देर तक बातें करते रहते और बाद में एक दिन उसने मुझसे कहा- चलो न इधर एक गार्डन है उसमें चल कर बैठते हैं.
हम दोनों उसी उद्यान में जाने लगे और बात करते हुए चक्कर लगाते रहते … एक दूसरे के साथ हंसी ठिठोली भी कर लेते.

एक सुबह मैंने मौका देखकर रीना का हाथ पकड़ लिया.

रीना हंसती हुई नखरे भरे स्वर में बोली- बड़ी देर कर दी मेहरबां आते आते … तुम तो ट्यूब लाइट निकले मानस जी … वर्ना आजकल के मर्द तो एक इशारे में बात समझ लेते हैं?
मैं हंसकर बोला- चिंगारी का अहसास तो हो चुका था, बस आग भड़कने की प्रतीक्षा थी!
यह कह कर मैंने उसे अपनी तरफ को खींचा.

वह मेरे हाथ से अपना हाथ छुड़ाती हुई बोली- न न यहां नहीं, नंबर दो अपना … फिर दिखाती हूँ कि कितनी आग लगी है!

मैं उसे अपना नंबर देते हुए द्विअर्थी शब्दों में बोला- कोई बात नहीं डार्लिंग, अपने पास पाइप भी है और पानी भी भरपूर निकलता है!
वह हंस दी- फायर ब्रिगेड की गाड़ी हो क्या?
मैंने कहा- हां बस फर्क इतना सा है कि मैं ही आग लगाता हूँ और उस आग को बुझाता भी मैं ही हूँ.

अब रोजाना उसी उद्यान के किसी सुनसान कोने में हमारे तन एक-दूसरे पर चिपकने लगे.

पता चला कि उसके पति नमन की एक अंग्रेज़ सहकर्मी ‘रैबेका’ के साथ अनैतिक संबंध हैं.
रीना इसलिए चुप रही थी क्योंकि उसे अपनी बच्ची की फिक्र थी.

रोज के आधे-अधूरे मिलन से रीना खुश नहीं थी, उसकी चुदास बढ़ती ही जा रही थी.
पर सबसे पहले हम जिम्मेदार पालक थे, बेटियों की खुशी सबसे बढ़कर थी.

तभी बेटियों की पाठशाला से एक वार्ता आ गई, सप्ताह-अंत (weekend) वह बच्चों के लिए दो दिन का पिकनिक नियोजन कर चुके थे.
शिबू ने जाने की जिद पकड़ ली.

रीना की आंखों में चमक देख मैंने पूछा- बड़ी खुश लग रही हो?
मंद मंद मुस्कान देती हुई वह बोली- अच्छा मौका जो मिला है … बस अपना पाइप और पानी तैयार रखना!

बात तो सच थी, बेटियों की गैरहाजिरी में हमें सुनहरा अवसर मिलने वाला था.
नमन तो वैसे भी आजकल ऑफिस मीटिंग्स के बहाने घर से गायब रहता था.

रीना को पता था कि वह चूतिया मीटिंग के बहाने रैबेका की गांड में घुसा रहता है.

तुरंत रीना के चतुर दिमाग ने योजना बना ली, सहेली के घर रुकने का बहाना बनाकर वह मेरे घर रुकने वाली थी.

दो दिन जैसे-तैसे कट गए, शनिवार की सुबह आठ बजे हम दोनों की बेटियां पिकनिक के लिए रवाना हो गईं.

बेटियों को विदा करते ही हम कार में बैठ गए.
तभी मैंने देखा वह सिर्फ एक छोटा सा बैग लेकर आई है.

उत्सुकता से मैंने पूछा- बस इतना सा बैग … बाकी कपड़े कहां हैं तेरे?
मेरे लौड़े को पैंट के ऊपर से दबाती हुई बोली- तुम पहनने का कहां मौका दोगे?

उसकी वासना देख मैंने तुरंत उसके होंठों को चूमा, आज पहली बार किसी पराए मर्द के चुंबन से रीना का शरीर थरथरा उठा.
उसकी आंखें तड़प से लाल होने लगीं, पर जैसे-तैसे उसने खुद को काबू किया.

मेरा गाल सहलाती हुई वह बोली- सब यहीं करोगे क्या? चलो यहां से, कोई देख लेगा!

हमारी वासना उफान पर थी, बिना देर किए मैंने गाड़ी घर की तरफ दौड़ाई.
उस वक्त सुबह के नौ बजे थे, शिबू को तैयार करने के चक्कर में मैं नहाया भी नहीं था.

घर आते ही रीना मुझ पर टूट पड़ी.
पर मैं उसे रोकते हुए बाथरूम की तरफ बढ़ा.

वह आश्चर्य से बोली- कहां चल दिए?
हाथ में लिया टॉवल दिखाकर मैं बोला- नहाने तो दे … साली बड़ी फड़फड़ा रही है तेरी भोसड़ी?
वह हंस दी.

मैं बाथरूम में घुसकर नंगा हुआ, गर्मागर्म पानी से शरीर की नसें खुलने लगीं, प्रफुल्लित तन चुदाई के लिए तैयार हो रहा था.
तभी रीना ने मुझे पीछे से आलिंगन दिया, संभोग-सुख के लिए तरसती रीना मादरजात नंगी थी.

ना जाने कब हमारे होंठ एक-दूसरे से जुड़ गए.
उत्तेजित रीना मेरे होंठ काटती हुई मेरी जीभ चूसने लगी.

बेशर्म रंडी के जैसी वह बिना झिझक मेरे लौड़े को मसलने लगी.
तो मैंने भी उसके दुधारू मांसल स्तनों में से एक को अपने मुँह में भर लिया और दूसरे को हथेली से दबोच लिया.

‘आअहह मानस!’ उसने कामुक सिसकारी लेकर मेरा सिर अपने स्तनों पर दबा दिया.

रीना के कोमल हाथों ने लौड़े में जान फूंक दी, मेरे अंडकोष सहलाती उसकी उंगलियां मेरे गुदाद्वार तक पहुंचने लगीं.
मेरे भी दोनों हाथ उसकी चौड़ी उभरी गांड की चर्बीदार चूतड़ों मसल रहे थे.

अचानक मेरी उंगली उसकी गांड के छेद पर रगड़ गई, उत्तेजना के मारे रीना मुझसे चिपक गई.
उसके दोनों स्तन मेरे बालों से घिरी छाती पर पिस गए थे.
उसके स्तनाग्रों की कठोरता मेरी छाती में चुभने लगी.

रीना को मोड़कर मैं नीचे बैठा, उसके गोरे चूतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए उन्हें फैलाने लगा.
मेरी मंशा समझकर रीना आगे झुकी, सांवले रंग की गांड और चूत मेरे सामने उभर आई.

बिना देर किए मैंने जीभ गांड के छल्ले पर घुमाने लगा और अंगूठे से उसकी फुद्दी रगड़ने लगा.

रीना इस वार से कराहती हुई बोली- आअह मानसस् चूसो मेरे राजा … जीभ घुसा दो मेरे भोसड़े में … उफ्फ् मम्मीईई मर गईई!

रीना के झुक जाने से उसकी भोसड़ी और गांड का छेद मेरी जीभ की खुरदरी नोक से रगड़ने लगा.

वासना में गहरी डूबकर रीना ने मेरा मुँह अपनी गांड पर दबा दिया.
उसकी भोसड़ी से निकलता नमकीन रस मेरे मुँह में घुलने लगा.

उसके दोनों चूतड़ों को पंजों से निचोड़-निचोड़ कर मैंने लाल-पीला कर दिया.

अचानक वह बाथटब में सीधी लेट गई, अपनी दोनों टांगें खोलकर उसने अपनी इज्जत मेरे सामने खोल दी.

रीना की गांड और चूत पर एक बाल नहीं था, चुदने के लिए उसने पूरी तैयारी कर ली थी.
वासना से उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं.

टांगें खोलकर वह बोली- ले मानस पूरा निचोड़ दे … प्यास बुझा दे और रंडी बना ले अपनी!

उसकी गुंदाज़ मांसल जांघों पर प्यार से चूमते हुए मैं बोला- रंडी नहीं, आज बीवी बनाकर चोदूँगा तुझे … बोल, बनेगी मेरी बीवी?
मेरे दिए सम्मान से भावुक होकर उसकी आंखें नम हो गईं.

मेरे होंठों को चूमती हुई वह बोली- आज से रीना सिर्फ तेरी रहेगी मानस … खरीद लिया तूने मुझे!

एक 34 साल की जवान औरत की लुभावनी जांघों को मैं बेताबी से चूमने लगा, दांतों से काटने लगा.
रीना की सांसें तेज तेज चलने लगीं, उसकी गोरी-चिट्टी चमड़ी मेरे काटने से लाल होती गई.

रीना को तरसाने के लिए मैं जानबूझ कर उसकी भोसड़ी की तरफ नहीं बढ़ा.
उसकी उंगलियां मेरे बालों में घूमने लगी थीं.

अपनी वासना की सीमा लांघते हुए रीना ने मेरे बालों को खींचा और मेरा मुँह अपने भोसड़े पर दबा दिया.
रीना की फड़फड़ाती चूत भी गर्म हो चुकी थी.

बिना देर किए मैंने अपनी चार इंच की जीभ उसके गीले भोसड़े में घुसा दी.
पूरी चूत मुँह में भरके मैं उसका भगांकुर दांतों से पकड़कर खींचने लगा.

चीख निकालती हुई रीना ने अपनी गांड हवा में उठा दी ‘आह उफ्फ मानस्स साले चूस ले इस्स!’

उसकी मदभरी किलकारियां बाथरूम में गूंजने लगीं.
चूत से निरंतर बहते कामरस से अन्दर की गलियां चिपचिपी होने लगीं.

अवसर मिलते ही मैंने दो उंगलियां अन्दर घुसेड़ दीं और जोर-जोर से अन्दर-बाहर करने लगा.

भगनासा पर उठती तरंगों से उसका पूरा शरीर थरथराने लगा.
मैं समझ गया कि रीना अपने चरम पर है. कई बरसों से पुरुष मिलन से वंचित उसकी यौवन वासना, बाहर आने के लिए तड़प रही थी.

भगांकुर के काटने से उसकी वासना की सीमा लांघ गई.

मेरा सिर चूत पर दबाकर वह चिल्लाई- मैं आ रही हूँ मानस्स … इस्सस और जोर से काटो हायय … मम्मीईई!

योनि रस का फव्वारा निकला तो मैं भूखे-प्यासे कुत्ते की तरह पीने लगा.
मेरा मुँह, छाती उस रस की वर्षा से चिपचिपे होते गए.

मैं उसकी चुत का सारा रस चाटता गया और उसकी चुत को एकदम कांच सा चमका दिया.

इसके आगे रीना की चुदाई की सेक्स कहानी को मैं अगले भाग में लिखूँगा.
आप मुझे अपने ईमेल जरूर भेजें और बताएं कि आपको मेरी इस X पंजाबी सेक्स कहानी को पढ़ कर कैसा लगा.
replyman12@gmail.com

You May Also Like

Yeh Aag Kab Bhujegi - 2
Views: 232 Category: Koi Mil Gaya Author: madhuri3987 Published: July 29, 2025

एकाएक मुझे टॉयलेट की तरफ दौड़ना पड़ा क्योंकि जीतू ने मेरी गांड में अपने ढेर सारे वीर्य का एनिमा जो लगा दिया था। वहां पुड़पु…

चुदक्कड़ बीवी ने यार से चुत चुदवाई
Views: 44 Category: Koi Mil Gaya Author: singhyuvraj2157 Published: April 26, 2026

स्लट वाइफ Xxx स्टोरी में सुहागरात को ही मुझे पता चल गया था कि मेरी बीवी चुदी हुई माल है. बाद में मुझे उसके मायके के यारों…

Comments