हॉट लाइव सेक्स शो कहानी मेरी बड़ी बहन की है जिसे सेक्स का शौक था लेकिन जीजू उसके साथ बेरहम सेक्स करते थे तो वह उनसे नफरत करने लगी थी.
दोस्तो, यह सेक्स कहानी मेरी बड़ी बहन की सच्ची कहानी है. उनका नाम रज्जी है. वे मुझसे 5 साल बड़ी हैं.
उनकी शादी 18 साल की उम्र में हो गई थी.
उनके पति रेलवे में एक साधारण कर्मचारी थे, मेरे जीजा का नाम कमलेश था, जो मेरी बहन से 8 साल बड़े थे और शराब पीकर मेरी बहन को मारते पीटते थे.
वे एक-दूसरे से खुश नहीं थे.
यह हॉट लाइव सेक्स शो कहानी उनकी शादी के 5 साल बाद शुरू हुई.
पांच साल तक उन दोनों में सेक्स तो मस्त होता रहा था लेकिन मेरी बहन उसके बच्चे की माँ न बन सकी थीं.
मेरे जीजा कमलेश एक बिगड़ैल चरित्र का व्यक्ति था.
शादी के कुछ साल बाद वे अपने से बड़ी उम्र की ऐसी औरतों के साथ सेक्स की तलाश में रहने लगे थे, जो चुदाई की अनुभवी हों.
शादी से पहले भी मेरे जीजा के कई औरतों से सेक्स संबंध थे, यह बात बाद में पता चली थी.
चूँकि अधेड़ उम्र की औरतें आमतौर पर अपने पति से सेक्स में असंतुष्ट रहती थीं इसलिए वे कम उम्र के पुरुषों से सेक्स करने के लिए तैयार रहती थीं.
मेरे जीजा इसका फायदा उठाते और उन्हें सैट करके चोद देते और उनसे पैसे ले लेते.
वे अपनी सैट की हुई महिलाओं से भी परिपक्व और सेक्सी असंतुष्ट महिलाओं पूछते रहते थे कि ऐसी महिलाएं, जो अपने पति से यौन रूप से संतुष्ट नहीं हैं, उनकी जानकारी दो.
जीजा उनसे सेक्स करते समय कहते थे कि वे उन्हें उसके पास ले आएं और चुदाई करवाएं.
जीजी की शादी के कुछ समय बाद मैं उनके साथ रहने चला गया.
उनका एक छोटा सा घर था, जिसमें एक बेडरूम था जिसमें तीन लोग सोते थे.
हर रात मेरे जीजा मेरी बहन को चोदते थे.
जब वे दोनों नंगे हो जाते थे और उन्हें इस बात की परवाह नहीं रहती थी कि मैं उनके पास सो रहा हूँ.
एक रात मैंने कुछ आवाज सुनी और जाग गया.
मैंने जीजा और जीजी को बात करते हुए सुना.
जीजा चुदाई के लिए कह रहे थे.
कुछ समय बाद जीजा उठे और उन्होंने अपने कपड़े निकाल दिए.
वे पूरी तरह से नंगे थे.
और मैंने देखा कि उनका लंड बड़ा और मोटा था और एकदम किसी डंडे के जैसे खड़ा था.
उनका कठोर लंड बड़ी बड़ी झांटों के बीच लटक रहा था.
उनके लंड पर घुंघराले झांटों की मोटी झाड़ी थी.
उन्होंने जीजी को ऊपर खींचा और उनके नाइट गाउन को निकाल दिया.
जीजी सफेद ब्रा और पैंटी पहनी हुई थीं.
यह पहली बार था जब मैं जीजी को इस तरह नंगी देख रहा था.
उनकी चूचियां काफी मोटी मोटी थीं … लगभग 36 साइज की रही होंगी.
उनकी कमर लगभग 30 की और चूतड़ 40 के रहे होंगे.
दीदी सच में बहुत सेक्सी थी.
तभी उन्होंने खुद अपने हाथ से अपनी पैंटी खींचकर अपनी चिकनी चूत जीजा जी को दिखा दी.
जीजा ने झट से उनकी ब्रा पर झपट्टा मारा और उसे खींच कर दीदी को पूरी तरह से नंगी कर दिया.
मेरी नंगी जीजी नंगे जीजा के सामने खड़ी हो गई थीं और मस्ती से अपने दूध हिला रही थीं.
जीजा ने जीजी को पकड़ कर अपने होंठों से उनके होंठों को चूमा और हाथ से चूचियों को पकड़ कर भँभोड़ना शुरू कर दिया.
फिर जीजी ने अपना एक दूध जीजा के मुँह में दे दिया तो जीजा मस्ती से जीजी के दूध को खींच खींच कर चूसने लगे.
उन्होंने बहुत देर जीजी के दोनों मम्मों को खूब दबा दबा कर चूसा, जीजी के निप्पलों को काटा और खींचा.
जीजी अब एकदम रांड जैसी लग रही थीं.
उनकी चूचियां जीजा के थूक से एकदम लार-भरी चिकनी हो गई थीं और सख्ती से उभर गई थीं.
जीजी की गांड थिरक रही थी तो उनके दोनों चूतड़ काफी बड़े बड़े और एकदम सख्त व गोल दिखाई दे रहे थे … एकदम चिकने चूतड़ कांच से चमक रहे थे.
चूतड़ों के नीचे मेरी नजर गई तो जीजी की जांघें भी काफी मोटी और चिकनी थीं, जो कभी आगे पीछे होतीं तो जीजी की सफाचट चुत दिखाई दे जाती और अगले ही पल जांघें चिपक कर आपस में मिल जा रही थीं.
जीजी ने अपने पैरों में पायलें पहनी हुई थीं, जो छनछन की मधुर ध्वनि कर रही थीं.
वे दोनों एक दूसरे से लिपटे रहे और खड़े-खड़े काफी देर तक एक दूसरे को चूमते रहे.
जीजा जीजी के चूतड़ों को दबा रहे थे और जीजी जीजा के चूतड़ों को भींच रही थीं.
कभी जीजी जीजा के लंड को पकड़ कर दबा दे रही थीं और वे जल्दी से चुदने के लिए बेसब्र दिख रही थीं.
वे जीजा का लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रगड़ रही थीं.
फिर मेरे जीजा ने जीजी को घुटनों के बल पर धकेल दिया, तो मेरी बहन समझ गईं कि जीजा क्या चाह रहे हैं.
जीजी ने धीरे से जीजा का 7 इंच मोटा लंड हाथ में लिया और उसके सुपाड़े को अपने लाल रसभरे होंठों से चूमा.
उससे जीजा के मुँह से गाली निकली- चूस कुतिया.
यह सुनकर जीजी ने झट से लंड को मुँह में भर लिया और उसे गपागप चूसने लगीं.
जीजा का लंड चूसती हुई वे उनके टट्टों से खेल रही थीं और कभी कभी जीजा के चूतड़ों को पकड़ कर लंड को अपने मुँह में अन्दर तक दबा कर ले रही थीं.
कभी-कभी वे जीजा के एक अंडकोष को चूसने लगतीं, तो उसी वक्त वे दूसरे अंडकोष को हाथ की मुट्ठी से मसल दे रही थीं.
इससे जीजा के कंठ से गाली निकल जाती ‘आह साली रंडी उखाड़ेगी क्या भोसड़ी वाली चूस मादरचोद!’
दूसरी तरफ जीजी शायद चाह रही थीं कि जीजा उनको जल्दी दे चोदे.
वे बार बार लंड को चूस कर मसल कर जीजा को अपनी चूत की तरफ पेलने का इशारा कर रही थीं.
अब तो जीजी भी गाली देती हुई जीजा से कहने लगी थीं- आह चोद दे न बहन के लंड … मेरी चुत भभक रही है भोसड़ी के!
वे खुद को चोदने का इशारा कर रही थीं मगर मेरा जीजा अपने कूल्हों को हिलाते हुए सिर्फ मेरी गर्म जीजी का मुँह चोद रहा था.
जीजा ने जीजी से कहा- साली चुदने की बड़ी जल्दी है?
जीजी बोलीं- हां अब देर मत करो, जल्दी अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदना शुरू करो … अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा है. मेरी चूत में आग लगी है.
जीजा ने उन्हें उठाया और बिस्तर पर लिटा कर जीजी की चूत में उंगली पेल कर चुत चोदने लगे.
वे चुत चुदाई के साथ साथ जीजी की चूचियां भी चूस रहे थे.
फिर जीजा ने अपनी दो उंगलियां जीजी की चूत में डाल दीं और वे चुत के दाने को रगड़ने लगे थे.
जीजी की चूत ने खुद को भींचा और जीजा की उंगलियां को अपने अन्दर ज़ोर से जकड़ लिया.
मैं समझ ही न सका कि यह क्या हो रहा है.
मगर तभी जीजी आह आह करती हुई झड़ने लगीं.
यह देख कर जीजा ने उन्हें अपनी बांहों में समा लिया.
मैं अपनी जीजी का ये सेक्सी फिगर देख कर हैरान था.
उनकी मदमस्त चूचियां, पावरोटी सी फ़ूली हुई चूत और सख्त गांड को देख कर मैं उनके लिए अपने जीजा का लंड सही समझ रहा था.
जीजा का मूसल लंड फनफना रहा था.
उसे देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.
मैंने अपने लंड से खेलना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मुठ मारना शुरू कर दिया.
फिर मैंने जीजा को मेरी सेक्सी कामुक जीजी की चूत को चोदते हुए देखा.
जीजा ने जीजी के बाल पकड़ रखे थे और उनके सिर को अपनी कमर की तरफ खींचने लगे थे.
अगले कुछ पलों में उन्होंने अपना लंड जीजी के मुँह में घुसा दिया और तब तक पेले रहे, जब तक कि उनका लंड जीजी के गले के अंतिम छोर को नहीं छूने लगा था.
जीजी की आंखें उबलने लगी थीं और वे उबकाई ले रही थीं.
उनका थूक बह रहा था और उनकी ठुड्डी पर टपक रहा था.
कुछ मिनटों के बाद जीजा ने अपना लंड जीजी के मुँह से बाहर निकाला और उनके गाल पर थप्पड़ मार कर उन्हें बिस्तर पर धकेल दिया.
अब जीजी ने अपनी जांघें फैला दी थीं और अपनी झांट रहित साफ-सुथरी चूत खोल दी.
जीजा का लौड़ा झट से उनकी चूत में जा लगा, जो उनके थूक रस से गीला होकर चमक रहा था.
जीजा उनकी जांघों के बीच में आ गए और जीजी से उनकी चूत फैलाने को कहा.
इस दौरान उनका मोटा लंड जो उनकी घनी काली झांटों से ढका हुआ था, उन्होंने अपने लंड का सुपाड़ा जीजी की चूत के छेद पर रख दिया.
वे जीजी को तड़फाते और चिढ़ाते हुए चूत के होंठों पर लंड के सुपारे को रगड़ने लगे.
जीजी अपनी गांड उठा कर उनके लौड़े को अन्दर लेने की जद्दोजहद कर रही थीं लेकिन जीजा पूरा मजा ले रहे थे तो वे झट से लंड को चुत से हटा ले रहे थे.
फिर जब जीजी ने उनसे चोदने की विनती की, तो जीजा ने एक जोर का धक्का दे दिया.
इस झटके से जीजा का आधा लंड जीजी की चूत में घुसता चला गया.
एकदम से लंड के वार को जीजी सहन न कर पाईं और उन्होंने एक जोरदार चीख मारी ‘आह मर गई … आह.’
मोटे लौड़े के एकदम से घुसे से दर्द हुआ था, इस कारण से दीदी की आंखों में आंसू आ गए थे.
जीजा ने अपना लंड जीजी की चूत में घुसेड़े हुए ही उनके गाल पर दो बार थप्पड़ मारे और उन्हें चुप रहने के लिए फुसफुसाकर कहा.
फिर जीजा उनकी दोनों चूचियां दबाते हुए, उनके ऊपर झुके और उनके होंठों को चूमने और काटने लगे, साथ ही वे अपना लंड जीजी की चूत में डाल कर चुत को रगड़ कर घुसेड़ने लगे.
जब तक कि जीजा का लंड पूरी तरह से जीजी की चूत में नहीं चला गया, जीजा ने घुसेड़ना बंद नहीं किया.
फिर लंड ने चुत की जड़ की चुम्मी ली और जीजा रुक गए.
एक दो पल बाद जीजा ने अपने लंड को हिलाना शुरू कर दिया.
वे अपना लंड जीजी की चूत से खींचते और वापस तेज धक्के से पूरी तरह से अन्दर धकेल देते.
जीजी मीठे दर्द के साथ लंड से चुदाई का मजा लेने लगी थीं.
जीजा ने भी अब जीजी को हचक कर चोदना शुरू कर दिया था.
उन्होंने जीजी को उनकी चिकनी बगल के नीचे अपने हाथों को डाला और उनके दोनों कंधों को पकड़ कर कस लिया.
अब जीजा ने अपना मोटा लंबा लंड अन्दर धकेलना और निकालना चालू कर दिया.
जीजी कुछ समय तक दर्द के कारण तड़फ रही थीं, लेकिन कुछ और झटकों के बाद उनकी चूत जीजा के लंड के साथ समायोजित हो गई और अब वे भी शुरू हो गईं.
वे दोनों चुदाई का आनन्द ले रहे थे.
जीजी ने अपने पैर जीजा के चूतड़ों के इर्द-गिर्द लपेटे हुए थे और अपनी कमर को ऊपर उठा रही थीं ताकि उनके हिलते हुए लंड को अपनी चूत में अन्दर तक ले सकें.
दोनों अब मस्त आनन्द ले रहे थे.
जीजा ने जीजी के स्तनों और उनके चूतड़ों पर जोर से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए, जिसका जीजी आनन्द ले रही थीं.
कुछ 15 मिनट तक चुदाई करने के बाद जीजा ने जीजी से कहा- साली छिनाल, अब मैं तुम्हारी रंडी चूत में झड़ने वाला हूँ.
जीजी ने भी गाली देते हुए कहा- हां मादरचोद, झड़ा दे अपना माल मेरी रंडी चूत में!
जीजा अकड़ने लगे और उनके झटके तेज़ तेज लगने लगे थे.
जबकि जीजी भी अपना रस छोड़ने के लिए तैयार थीं.
अचानक जीजा की कमर तेजी से हिलने लगी और उनका गर्म वीर्य निकलने लगा.
जीजी भी उनके वीर्य को महसूस करती हुई कराहने लगीं.
जीजी का पेट, उनकी जाँघ अकड़ गई और वे जोर जोर से झटके देने लगे.
दोनों पसीने से भीग गए थे.
जीजी भी नागिन सी कांप रही थीं और उनका पेट मस्त थिरक रहा था.
दीदी की चूचियां गजब हिल रही थीं.
वे झड़ गई थीं तो उनकी चूत से सफ़ेद चिपचिपा पानी बहकर बाहर आने लगा था.
जीजा ने अपना लंड चुत से बाहर निकाला.
लंड वीर्य से लथपथ था और जीजी की चूत के रस से भीग गया था.
तभी जीजा ने जीजी को बालों से पकड़ कर खींचा और अपना वीर्य टपकाता हुआ लंड उनके मुँह में डाल दिया.
जीजा ने गुर्राते हुए जीजी से कहा- ले चूस लवड़ी, मेरा लौड़ा चूस कर साफ कर!
मैंने देखा था कि जीजा की झांटों में भी उनके गाढ़े सफेद वीर्य के कतरे चिपके हुए थे.
जीजा ने जीजी के सिर को जोर से पकड़ कर अपना लंड जीजी के मुँह में धकेलना शुरू कर दिया.
जीजी ने लंड को चाटा और चूस कर साफ कर दिया था.
फिर जीजी ने जीजा की झांटों को चूसा और वीर्य की मलाई खा ली.
उसके बाद जीजा ने अपना लंड जीजी के मुँह से बाहर निकाला और जीजी को बार-बार थप्पड़ मारते हुए कहा- तुम मेरी रंडी हो और इसी तरह से तुम हर रात चुदवाओगी.
अपना लंड साफ़ करवाने के बाद जीजा ने जीजी से यह भी कहा- कल मैं तेरी गांड मारूंगा.
अगली रात जीजा ने मुझे बगल वाले कमरे में सोने को कहा.
मैं समझ गया कि आज रात जीजा जीजी की गांड मारने वाले हैं.
रात को मैंने जीजी के कमरे में झांक कर देखना शुरू कर दिया.
उस दिन जीजी ने काले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी, वे बहुत सेक्सी माल लग रही थीं.
उन्होंने सिर से नहाया हुआ था और उनके गीले बाल खुले हुए थे.
जीजा ने जीजी को गले लगाया और उनके खुले बालों में बंधी गांठ को खोल दी.
वे जीजी की एक चूची को चूसने लगे, जबकि दूसरी चूची को वे मसल रहे थे.
कुछ पल बाद जीजा ने जीजी की पैंटी निकाल दी.
अब जीजी पूरी तरह से नंगी हो गई थीं.
जीजा ने जीजी की चिकनी चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसमें अपनी बीच की उंगली डाल दी.
वे अपनी उंगली से जीजी की गांड को भी रगड़ने लगे थे.
चुत के पानी से उंगली को गीली करके जीजा ने जीजी की गांड में उंगली अन्दर धकेल दी थी.
जीजी ने कहा- तुम मानोगे नहीं?
जीजा ने गाली देते हुए कहा- चुप रह छिनाल आज तेरी गांड मारने का मन है और मैंने तुझसे कल ही कह दिया था.
दोस्तो, मेरी बहन की गांड चुदने वाली सेक्स कहानी का पूरा मजा मैं अगले भाग में लिखूँगा.
आप मुझे मेल जरूर लिखें, बताएं कि हॉट लाइव सेक्स शो कहानी कैसी लग रही है.
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