Xxx माँ बेटा कहानी में मेरे दोस्त को पोर्न देखने का शौक था. एक बार पढ़ाई के लिए मैं उसके घर रुका. रात को वो अपनी मम्मी के पास सोया. मैं भी उसी बिस्तर पर था.
हाय दोस्तो, मैं रवि हूँ. आज मैं आपको अपनी देखी हुई एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ.
यह Xxx माँ बेटा कहानी आज से 2 साल पहले की है.
मेरे परास्नातक का आखिरी साल चल रहा था.
मेरा एक बहुत ही खास दोस्त है, उसका नाम कपिल है.
कपिल आज भी मेरा बहुत अच्छा दोस्त है.
कपिल और मैं बचपन से साथ पढ़े हैं.
हम दोनों बहुत जिगरी यार हैं.
कपिल और मैं साथ में ही एमए कर रहे थे.
हम दोनों एक साथ ही पढ़ाई किया करते थे.
कभी वह मेरे घर आ जाया करता था तो कभी मैं उसके घर चला जाता था.
स्टडी के बाद हम दोनों पोर्न मूवी भी देखते थे.
वह इस मामले में बड़ा हरामी किस्म का लड़का है.
वह पढ़ाई में कमजोर था.
उसे सेक्सी पोर्न मूवी देखने का बहुत शौक था.
उसकी क्रोम हिस्ट्री पोर्न और सेक्सी स्टोरी से भरी-भरी रहती थी.
एक बार जब वह स्टडी के लिए मेरे घर आया था तो हमारे बाथरूम में जाकर उसने मेरी माँ की पैंटी में मुठ मारी थी और मेरी मम्मी की ब्रा को अपनी जेब में डालकर ले गया था.
उस दिन मुझे कुछ अजीब सा लगा था लेकिन मैं चुप रह गया था.
उन दिनों हमारे एग्जाम नजदीक आ गए थे.
मैं कपिल के घर स्टडी के लिए गया हुआ था.
मुझे आया देख कर उसके पापा ने पूछा- कैसी चल रही है पढ़ाई?
मैं मुस्कुराते हुए बोला- ठीक चल रही है अंकल.
कपिल के पापा ने कहा- रवि, जरा कपिल को भी समझाया कर … यह लड़का बिल्कुल स्टडी नहीं करता. दिन-रात सिर्फ मोबाइल में लगा रहता है.
थोड़ी देर बाद कपिल की मम्मी भी वहां आईं और कहने लगीं- हां रवि, थोड़ा कपिल को भी स्टडी करवा दिया करो बेटा. तुम दोनों के एग्जाम भी नजदीक आ रहे हैं.
कपिल की मम्मी लगभग 45 साल की हैं. उनका शरीर बहुत गदराया हुआ है.
उसकी मम्मी के चूचे बहुत ही बड़े हैं और वे अपने चूचों के ऊपर बहुत ही फिट ब्लाउज पहनती हैं, जिसमें से उनके चूचे बाहर आने को बेचैन दिखाई देते हैं.
सच कहूँ तो कपिल की मम्मी एकदम करारा माल हैं.
मैं उनसे आंटी कहता हूँ.
आंटी साड़ी को अपनी नाभि से नीचे बांधती हैं, जिससे उनकी नाभि साफ नजर आती है.
चुस्त लपेटी हुई साड़ी में आंटी की गांड का तो जवाब ही नहीं है यार … एकदम बाहर को निकली हुई इतनी गजब दिखाई देती है कि बस क्या ही कहूँ.
मैं तो कपिल की मम्मी के हुस्न का दीवाना हूँ.
जब भी मैं कपिल की मम्मी को देखता था तो उनके घर में जाकर सबसे पहले लौड़े को निकाल कर मुठ जरूर मारता था.
उसकी मम्मी हम दोनों को अभी भी ब.च्चा ही समझती थीं.
इसीलिए हमारे सामने वे बिना किसी झिझक के आ जाती थीं.
शुरू में मुझे ऐसा लगता था लेकिन जब मैंने उनकी चुदाई को देखा था, तो समझ में आ गया था कि आंटी बड़ी वाली रांड हैं.
उस दिन मैं आंटी से बात करता रहा और उनके दूध देखता रहा.
थोड़ी देर बाद कपिल की मम्मी ने कहा- देखो ब.च्चो, आज से खूब पढ़ाई करो. रात-दिन मेहनत करो और अच्छे नंबर लाओ.
फिर मेरी तरफ देखते हुए बोलीं- रवि बेटा, तुम कॉलेज के बाद हमारे घर आया करो. यहीं खाना भी खा लिया करो. फिर कपिल के साथ पढ़ाई किया करो ताकि तुम इसे वह बता सको जो इसे नहीं समझ आता. मिलकर पढ़ने से अच्छी पढ़ाई भी होती है.
मैं बोला- ठीक है आंटी मैं कल से ऐसे ही करता हूँ.
दूसरे दिन करीब शाम 6 बजे मैं कपिल के घर आ गया.
उस वक्त आंटी दरवाजे पर खड़ी थीं.
उनकी नाभि साफ नजर आ रही थी.
आंटी मुझे देखती ही बोलीं- आ गया बेटा रवि, आओ अन्दर आओ बेटा.
मैं बोला- आंटी, कपिल कहां है?
आंटी बोलीं- वह बाथरूम गया है.
थोड़ी देर बाद कपिल आया और हम दोनों पढ़ाई करने लगे.
आंटी कुछ देर बाद उठकर चली गईं.
मैं और कपिल 10 बजे तक पढ़ाई करने के बाद मस्ती के मूड में आ गए.
कपिल बोला- चल यार रवि, अब नींद आ रही है.
मैं बोला- चल, छत पर सो जाते हैं.
कपिल बोला- नहीं यार उधर नहीं!
मैं बोला- फिर किधर सोएं?
फिर कपिल मुझे उस रूम में ले गया, जहां उसके पापा और मम्मी सोते थे.
मैं बोला- यहां सोना है क्या?
कपिल बोला- हां, मैं तो रोज़ाना मम्मी के साथ ही सोता हूँ.
मैं बोला- ओके … मैं कहां सोऊं?
कपिल बोला- तू मेरे बगल में सो जा न यार!
मैं कपिल के बगल में लेट गया.
कपिल मेरे और अपनी मम्मी के बीच में लेट गया.
उसके पापा उसकी मम्मी के दूसरी तरफ लेटे हुए थे.
कुछ देर बाद उसके पापा-मम्मी सो चुके थे.
कपिल बोला- चल, थोड़ा वह देखते हैं!
मैं समझ गया कि बहन का लंड ब्लूफिल्म देखने की कह रहा है.
मैं बोला- नहीं यार, तेरे बगल में तेरी मम्मी सोई हुई हैं.
कपिल बोला- वे सो चुकी हैं बे … तुझे देखना है तो देख, मैं तो देख रहा हूँ!
मैं बोला- ठीक है, तू देख … मैं सोता हूँ.
मैंने चादर ली और सोने लगा.
कपिल पोर्न देख रहा था.
करीब रात एक बजे मेरी आंख खुली, तो मैंने देखा कि कपिल अपनी मम्मी से चिपका हुआ था.
उसकी मम्मी उसकी तरफ गांड करके सोई हुई थी.
मैंने अपनी चादर को थोड़ा हटाया और देखने लगा.
कपिल अपनी मम्मी की गांड पर लंड घिस रहा था.
कपिल ने अपनी पैंट उतार दी थी.
मुझे तो ये सब अजीब लग रहा था.
कपिल अपनी चड्डी को भी नीचे कर चुका था.
उसकी गांड मेरी तरफ ही थी.
वह अपना लंड आंटी की गांड पर रगड़ रहा था और उनकी जांघ पर हाथ फेर रहा था.
मुझे लगा कि शायद आंटी गहरी नींद में सो रही हैं.
कुछ देर कपिल ऐसे ही अपनी मम्मी की गांड पर लंड रगड़ता रहा.
मैं चादर अपने चेहरे से थोड़ी नीचे करके सब देख रहा था, लेकिन कपिल को लगा मैं सो रहा हूँ.
फिर उसने धीरे-धीरे आंटी की साड़ी उनकी कमर तक उठा दी.
आंटी ने लाल रंग की पैंटी पहन रखी थी.
आंटी की टांगें बहुत मस्त लग रही थीं, गोरी और मुलायम!
मेरा लंड भी खड़ा हो गया लेकिन मैं चुपचाप कपिल की हरकतें देखता रहा.
मुझे ये सब देखने में मजा आ रहा था.
कपिल ने मेरी तरफ देखा तो मैं सोने का नाटक करने लगा.
अब कपिल ने आंटी को सीधा किया और उनका ब्लाउज खोलने लगा.
इतने में आंटी जाग गईं.
आंटी बोलीं- क्या कर रहा है कपिल?
कपिल बोला- मम्मी, मेरा चुदाई करने का मन कर रहा है.
आंटी बोलीं- लेकिन आज रवि भी तेरे बगल सोया हुआ है.
मैं आंटी और कपिल की बातों से समझ गया कि ये दोनों माँ-बेटे पहले भी चुदाई कर चुके हैं.
कपिल बोला- रवि सो चुका है मम्मी … और पापा तो नींद की दवाई खाकर सोए हैं. मुझे चोद लेने दो न!
आंटी बोलीं- नहीं कपिल, रवि देखेगा तो क्या सोचेगा हमारे बारे में?
कपिल बोला- रवि नहीं उठेगा मम्मी, वह एक बार सोता है तो दुबारा नहीं उठता, मैं जानता हूँ.
उसकी मम्मी बोलीं- और यदि उठ गया तो!
रवि ने हंस कर कहा- तो उसे भी अपनी चुत का स्वाद चखा देना!
आंटी हंस दीं तो मैं समझ गया कि आंटी बड़ी वाली रांड हैं और उन्हें आसानी से चोदा जा सकता है.
रवि ने कहा- अब दो न मम्मी!
आंटी बोलीं- तुझसे एक दिन भी सब्र नहीं होता, रोज़ पोर्न देखकर पागल हो जाता है … किसी दिन तेरे पापा को पता चल गया तो देखना फिर क्या होता है!
कपिल बोला- मम्मी, मुझे पोर्न देखे बिना और तुम्हें चोदे बिना नींद ही नहीं आती.
आंटी बोलीं- लेकिन आज नहीं कपिल प्लीज.
कपिल बोला- नहीं मम्मी, ऐसा मत कहो … प्लीज़ प्लीज़.
आंटी बोलीं- बहुत ज़िद्दी है तू.
कपिल बोला- मम्मी प्लीज़.
आंटी बोलीं- ठीक है … लेकिन कोई आवाज़ नहीं आनी चाहिए.
कपिल बोला- ओके मम्मी.
आंटी बोलीं- चल, जल्दी कर!
कपिल ने आंटी का ब्लाउज उतार दिया.
आंटी ने ब्रा नहीं पहनी थी.
उनके चूचे आज़ाद हो गए.
आंटी का एक चूचा मुझे साफ दिख रहा था … बड़ा, मुलायम और सफेद.
मैं चादर के अन्दर अपने लंड पर हाथ फेर रहा था.
कपिल ने आंटी का ब्लाउज उतार कर बगल में रख दिया.
अब कपिल अपनी मम्मी के चूचों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूस रहा था.
आंटी के बड़े-बड़े चूचे कपिल के हाथ में नहीं समा रहे थे.
कपिल एक चूची मुँह में लिए हुए था और दूसरी चूची को हाथ में पकड़े था.
कपिल बोला- क्या मुलायम चूचे हैं तुम्हारे मम्मी … आह्ह्ह्ह उम्म्म.
आंटी भी मदभरी सिसकारियां ले रही थीं.
मेरा खुद चादर के अन्दर बुरा हाल हो गया था.
आंटी बोलीं- आआ आह्ह्ह … बेटे मेरे निपल्स चूस न!
कपिल अब आंटी के निपल्स को चाटने चूसने लगा.
उसने शायद आंटी के निप्पल को मुँह में दबा कर खींचा, तो आंटी की कुछ तेज स्वर में ‘आआहह …’ निकल गई.
अब वे दोनों पूरे मजे ले रहे थे और भूल चुके थे कि मैं और अंकल उसी कमरे में सोए हैं.
माँ-बेटे दोनों खुलकर सेक्स कर रहे थे.
कुछ देर चूचियों से खेलने के बाद कपिल आंटी की चूत चाटने लगा.
मैंने देखा कि कपिल कुत्ते की तरह ज़बान निकाल कर आंटी की चूत चाट रहा था और आंटी आंखें बंद करके उसके बालों में हाथ फेर रही थीं.
आंटी मस्त आवाज में कराहीं- आआ आह्ह्ह … आह्ह्ह … आह्ह्ह … और चाट बेटे … और चाट अपनी मम्मी की चूत … आह्ह्ह उम्म्ह्ह … बेटा मेरी चूत के दाने को जीभ से सहला … अह्ह्ह … आआ आह्ह्ह!’
थोड़ी देर बाद कपिल उठा और अपना लंड लेकर आंटी के मुँह के पास खड़ा हो गया.
आंटी ने कपिल का लंड मुँह में भरा और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.
कपिल आंटी के एक दूध को मसलता हुआ बोला- आह्ह्ह … मम्मी क्या लौड़ा चूसती हो तुम … आह्ह … इसी लिए तो मुझसे रहा नहीं जाता तुम्हें चोदे बिना!
आंटी बोलीं- बेटा अब मुझसे रहा नहीं जा रहा … मेरी चूत अब तेरा लंड माँग रही है … जल्दी से चोद दे मुझे.
कपिल ने आंटी की टांगें फैलाईं और पहले चूत पर किस किया, फिर वह अपना लंड आंटी की चूत पर सैट करने लगा.
मैंने अधखुली आंख से देखा कि कपिल अपने लंड से आंटी के चूत के दाने को रगड़ रहा था.
आंटी बोलीं- ह्ह्ह्ह … आह्ह … बेटा आअ ह्ह्ह्ह … डाल भी दे ना मेरी चूत में … उम्म्म्म्ह.
यह सुनते ही कपिल ने आंटी की चूत में अपना लंड पेल दिया.
आंटी बोलीं- आअह्ह्ह्ह … अह्ह्ह … उई मांआआअ!
कपिल अब आंटी की सटा-सट चूत मार रहा था और आंटी भी भरपूर मजे ले रही थीं.
कुछ देर बाद कपिल आंटी की चूत में झड़ गया और आंटी भी झड़ गईं.
वे दोनों कुछ देर हांफते रहे, फिर अलग होकर सो गए.
मैंने भी मुठ मारी और सो गया.
अब मैं आंटी की लेने की सोच रहा हूँ, आप लोग बताएं कि मैं उनकी ले लूं या नहीं!
प्लीज मेरी Xxx माँ बेटा कहानी पर कमेंट्स व मेल करके जरूर बताएं.
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