अमीर बहू की चुत-गांड में नौकर का लंड- 1

Views: 35 Category: Naukar-Naukarani By divyavaryani700 Published: July 04, 2026

सर्वेंट Xxx कहानी में मेरे घर का नौकर मुझे कई बार चोद चुका था. अब मुझे उसके लंड की लत लग चुकी थी. मैं उसके लंड की गुलाम हो चुकी थी.

मेरे प्यारे मित्रो, कैसे हो आप सब?
आशा करती हूँ आप सब अच्छे होंगे.
आप लोगों को मेरी पिछली कहानी
घर के नौकर के बड़े लंड से चुद गई मैं
पसंद आई, यह देख कर मुझे बहुत अच्छा लगा.
इसलिए आज मैं आपकी दिव्या भाभी पुनः आप सबके मजा के लिए हाजिर हुई हूँ. आज मैं अपनी एक और नई सेक्स कहानी को सुना रही हूँ.

जिस भी भाई या बहन ने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी, वे उसे पहले वह पढ़ लें, तभी इस सर्वेंट Xxx कहानी को पढ़ें ताकि उन्हें पूरा मजा आए और चरमसुख का भरपूर आनन्द मिल सके.

मेरा नाम तो आप सबको पता ही चल गया है … दिव्या वरयानी.
मेरी उम्र 40 वर्ष है. मेरा बदन एकदम गठीला है.
मेरे 38 इंच के मोटे मोटे दूध हैं और 32 इंच की मखमली गोरी कमर है.

उसके अलावा आप सबकी पसंदीदा गांड की साइज़ 44 इंच है.
मेरे मोटे व भरे हुए चूतड़ जब हिलते हैं, तो नामर्दों के लौड़े भी फुदकने लगते हैं.

जैसा कि आपने पिछली कहानी में पढ़ा था कि कैसे मैंने अपने जन्मदिन पर दारू पीकर अपने कमरे में अपने ही पति के बगल में लेटे-लेटे अपने नौकर रमेश से चुदवा लिया था.
उसके साथ चुदने में मुझे बड़ा मजा आया था.

अब रमेश और मुझे जब भी मौका मिलता, हम दोनों खुल कर चुदाई कर लेते.

ऐसे ही एक दिन दोपहर के समय रमेश और मैं किचन में दोपहर का खाना बना रहे थे, तभी मेरी सास ने आवाज लगाकर मुझे बुलाया.
मैं उनके पास गई तो उन्होंने बताया कि गांव में ससुर जी के भाई ने एक पूजा रखी है, जिसमें उन्होंने हम सबको आमंत्रित किया है.

मैं बोली- ये तो बहुत खुशी की बात है मां जी!
मां जी ने कहा- हां, राज को आ जाने दो, फिर हम सब आराम से बैठकर इस बारे में बात करते हैं.
मैं बोली- ठीक है मां जी.

फिर मैं किचन में जाकर खाना ले आई और मां जी, पापा जी तथा बच्चों के लिए खाना लगा दिया.
हम सबने बैठकर खाना खाया.

खाना खत्म करने के बाद सब अपने-अपने कमरे में आराम करने चले गए.
मैं भी अपने कमरे में थोड़ा आराम करने आ गई.

मैंने एक टाइट लैगिंग्स और कसा हुआ सूट पहना था.
मैं बिस्तर पर आकर लेट गई और कुछ ही देर में मेरी आंख लग गई.

मुझे सोए हुए अभी आधा घंटा भी नहीं हुआ था कि मुझे अपनी बॉडी पर किसी का हाथ महसूस हुआ.
इससे मेरी आंखें खुल गईं.

मैंने मुड़कर देखा, तो रमेश पीछे से मुझसे चिपक कर लेटा हुआ था और मेरी गांड को सहला रहा था.

मैं बोली- अरे रमेश तू?
वह मेरे दूध को सहलाते हुए बोला- जी मालकिन!

मैं बोली- तू कब आया? और ये क्या … तू पागल है क्या? अगर किसी ने हमें ऐसे देख लिया तो तुझे पता है कितना बड़ा हंगामा हो जाएगा?
रमेश बोला- चिंता मत करो मालकिन, मैं सबके कमरे चेक करके आया हूँ. सब गहरी नींद में सो रहे हैं. कोई नहीं आएगा और आपका कमरा भी बंद है!

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ी शांत हो गई.
रमेश ने मुझे पकड़ कर अपनी तरफ घुमा लिया.
मैं भी उससे चिपक गई.

रमेश ने मेरी गांड पर अपने दोनों हाथ रखे और मेरे चूतड़ों को मसलते हुए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

मैं भी उसका साथ देती हुई उसे चूमने लगी.

मेरे होंठों को चूमते-चूमते रमेश ने मेरा कमीज उतार दिया.
मैंने भी उसकी शर्ट उतार दी.

फिर रमेश ने पीठ से मेरी ब्रा के हुक खोले.
मैं हल्की सी उठी और अपने मम्मों से ब्रा उतार कर दूर फेंक दी.

रमेश मेरे चूचों पर टूट पड़ा और उन्हें मसलते हुए चूसने लगा.
मैं उसका सिर पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबाने लगी.

‘उम्म … सीसी … आह रमेश आराम से बेबी दर्द हो रहा है … आराम से चूसो ना जान!’

रमेश मेरे एक दूध को चूसता हुआ बोला- उम्म्म् … आउम्म् … आउमम … दिव्या मेरी जान, तुझे देखकर आराम से होता ही नहीं!

मैं कराहती हुई उसका सिर अपनी चूचियों में समेटती हुई उसे प्यार करने लगी और अपने एक हाथ से मैंने उसकी पैंट का हुक खोल दिया.
इससे उसकी पैंट ढीली हुई तो मैंने अपने हाथ को पैंट के अन्दर डाल दिया और उसके कड़क हो चुके लंड को पकड़ सहलाने लगी.

दस मिनट बाद रमेश ने मुझे सीधा किया और मेरे पेट पर जीभ फिराने लगा.
मैं पागल होने लगी- आह आह्ह आह्ह्ह रमेश आआह येस्स बेबी … धीरे-धीरे!

रमेश अब मेरी टांगों की तरफ नीचे को जाने लगा.
उसने मेरी लैगिंग्स को पकड़ कर नीचे को खींचने का प्रयास किया, तो मैंने अपनी गांड ऊपर उठा दी.

उसने तुरंत मेरी लैगिंग्स को पैंटी समेत उतार दिया और मेरी जांघों को चाटने लगा.
मैं बिस्तर पर टांगें फैलाए उसका सिर अन्दर दबाती रही.

फिर वह मेरी चूत के करीब आया और चूत के ऊपर अपनी मोटी लंबी जीभ रखकर फिराने लगा.

अपनी चुत पर अपने नौकर की खुरदुरी जीभ का अहसास पाते ही मैं पागल हो उठी और गांड उठाकर उसका सिर जोर से अन्दर को दबा लिया.

मैं कराही- आह्ह ऊऊऊ ओआह रमेश … आह बेबी चाटो … बेबी चाटो … बेबी!
रमेश ने मेरी चूत की फांकों को फैलाया और अन्दर जीभ पेल दी.

वह मेरी चूत के दाने को जीभ से कुरेदता और होंठों से मसलता हुआ मेरी चूत में जीभ अन्दर तक पेल कर चलाने लगा.

मैं उसकी जीभ के खुरदुरे अहसास से मदांध होती हुई कराहती रही- आह्ह आह्ह् आ अह रमेश आह्ह रमेश!

दस मिनट तक उसने मेरी चूत चाटी, फिर मैंने उसे अपने ऊपर खींच लिया.

मैं उसकी पैंट नीचे को करने लगी.
रमेश ने भी अपनी गांड उठाकर पैंट उतर जाने दी.

मैं उसकी मस्त गठीली छाती पर अपनी जीभ फिराने लगी.
रमेश मेरी आंखों में देखकर मेरे बालों को सहलाने लगा.

‘आह्ह दिव्या आह्ह दिव्या बेबी … नीचे को जाओ आह बेबी … लौड़े को चूस लो!’

मैं नीचे जाने लगी.
उसके बदन पर अपनी जीभ फिराती हुई मैं अपने शेर के मुकाम पर आ गई.

मैंने अपने मुँह से उसका कच्छा नीचे किया और उसके लंड को मुँह से पकड़ कर चाटने लगी, अपनी नाक से उसकी झांटों को सूंघने लगी … साथ ही उसकी बॉल्स चाटने लगी.

‘उम्म्म् … उम्म्म … उम्म् …’

रमेश मेरा सिर पकड़ कर अपने लौड़े पर दबाते हुए सहलाने लगा- आह्ह् दिव्या कितनी मस्त हो यार तुम … आआअह कितना अच्छा खेलती हो तुम लंड से बेबी आह!
मैं लंड चाटती हुई उसके टोपे पर जीभ फिराने लगी- उम्म … उम्म … उम्म्म्म रमेश, मुझे नहीं पता था मेरे घर में ही इतना तगड़ा लंड है उम्म बेबी!

रमेश मेरे बालों के साथ खेलने लगा- आआअह जान, अब तो मिल गया ना ये लंड … तुम जब चाहे इसे ले सकती हो!

उसकी बात सुनकर मैंने लंड मुँह में भर लिया और पूरा अन्दर तक चूसने लगी.
रमेश भी मेरा सिर पकड़ कर मेरे मुँह में धक्के देने लगा.

कुछ ही देर में मेरे मुँह से थूक बहने लगा और कमरे में आवाजें गूंजने लगीं- ऊऊऊ … ऊओ … ऊऊओओ … ऊओओ … गुऊओओ … गुऊओओ!

मैं मस्ती में लंड चूसती रही.
रमेश भी ‘आह दिव्या आह दिव्या चूसो बेबी … चूसो बेबी.’ करता हुआ तेज-तेज धक्के देता रहा.

करीब 15 मिनट की लगातार चुसाई के बाद उसने लंड निकाला और मुझे पकड़ कर पलंग पर लेटा दिया.

मैंने भी टांगें फैला दीं और उसे टांगों के बीच में आने का इशारा किया.

रमेश मेरी टांगों के बीच आया और मेरी टांगों को पकड़ कर उठाने लगा.
उसने मेरी दोनों टांगों को अपने दोनों कंधों पर रख लिया.

अब रमेश ने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और उसे चूत पर रगड़ने लगा.

मैं उसके लौड़े की गर्मी महसूस करके पागल होने लगी- आह रमेश आह प्लीज डाल दो अब … जल्दी … आह रहा नहीं जा रहा मुझसे!’

रमेश मेरी तरफ झुका, मेरी कमर को कसके पकड़ा और एक जोरदार धक्का दे मारा.
उसका लंड मेरी चूत खोलता हुआ अन्दर जा घुसा.

मैंने बिस्तर की चादर को अपनी मुट्ठियों से दबोच लिया.
उसका लंड किसी धारदार गर्म लोखंड सा मेरी चुत को चीरता हुआ अन्दर तक घुसता चला गया.

‘आह्ह्ह ऊऊह ऊऊ ह्ह्ह्ह रमेश चोदो प्लीज चोदो मुझे!’

रमेश ने मेरी टांगें पकड़ीं और धक्के देने लगा.
मैं भी गांड उठा उठा कर उसका साथ देने लगी- आआह रमेश आह आह आह चोदो … चोदो … चोदो और तेज़ और तेज़ और तेज़!

रमेश मुझे गालियां देने लगा जिससे मुझे और मजा आने लगा- आआह मेरी रंडी मालकिन साली क्या माल है तू कुतिया … बहन की लौड़ी इतना मजा तो तेरी सास ने भी कभी नहीं दिया … जितना तू दे रही है!

मैं सास की बात सुनकर एक बार को तो चौंक उठी.
फिर सास पर बिना किसी टीका टिप्पणी के उससे बोली- आह्ह् आआह हां रमेश चोदो अपनी रंडी को … और तेज़ चोदो रमेश मैं तुम्हारी मालकिन नहीं, तुम्हारी रंडी रखैल हूँ तुम्हारे लंड से मुझे असली चरमसुख मिला है आह रमेश चोदो मुझे!

रमेश मेरे ऊपर आकर लेट सा गया, इससे मेरी टांगें मेरे चेहरे के पास आ गईं.
रमेश मेरी चूचियों को कसके पकड़ उन्हें जोर-जोर से दबाता हुआ तेज-तेज धक्के देने लगा.

पूरे कमरे में ‘फट्ट … फट्टट … फट्टट् …’ की तेज़ आवाजें गूंजने लगीं.

मैं गांड उठाकर उसका साथ देती रही- ओह रमेश चोदो रमेश … और जोर से चोदो रमेश बहुत मजा आ रहा है!

‘आह्ह आअह आअह्ह आह ले रांड आह ले लौड़ा ले अपनी भोसड़ी में आह!’

रमेश भी पूरे जोश में मुझे चोदता रहा.
फिर हम दोनों ने पोजीशन बदली.
रमेश लेट गया और मैं उसके लंड पर चढ़कर बैठ गई.

मैं जोर-जोर से उछलने लगी.
रमेश मेरे चूचे दबाता हुआ चुदाई का मजा लेने लगा- आआह दिव्या आह्ह्ह काश तू मेरी बीवी होती … दिन-रात तेरी चूत मारता!
मैं उछलती हुई बोली- मुझे अपनी बीवी समझो और हचक कर चोदो मुझे!

तभी रमेश ने मुझे अपने ऊपर लिटाया और मेरी गांड पकड़ कर पूरे जोश में नीचे से धक्के देने लगा- आह ले कुतिया.

‘फट् … फट्ट …’ की मधुर आवाज मुझे और भी ज्यादा मदमस्त कर रही थी.
‘आआह रमेश हयी ईईई दैया मर गईई आह मेरी चूत … मेरे राजा आह रमेश फाड़ दो मेरी चूत … हचक कर चोदो मुझे!

रमेश भी पूरे जोश में पेलता गया- आआह मेरी प्यारी रंडी … बीवी ले मेरी जान … ले मेरी जान मेरे लंड का मजा आह्ह्ह साली तुझे तो मैं अपने दोस्तों से चुदवा दूँगा!

जैसे ही रमेश ये बोला, मैंने उसे देखा और कहा- सच्ची रमेश? तेरे दोस्तों का लंड कैसा है?
वह बोला- मस्त है सालों का … कुछ का तो मुझसे भी बड़ा है!

मैं बोली- सच्ची?
तो वह बोला- हां मेरी जान क्यों? तुझे लेना है क्या?

मैं बोली- अब बताएगा कि इतने तगड़े लंड हैं … तो मन तो करेगा ही ना!
तो वह बोला- तू कुछ बहाना करके यहीं रुक जा, गांव मत जा. फिर मैं तुझे यहां एक से एक लंड से चुदवाऊंगा!
मैं बोली- सच? ठीक है … मैं कोशिश करती हूँ!

फिर रमेश ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत मारने लगा.
मैं बिस्तर को कसके पकड़ उसके धक्कों का पूरा मजा लेने लगी- आआह रमेश आआह चोदो मुझे और तेज़ चोदो रमेश!

तभी रमेश ने कहा- जानेमन तू कहे तो अभी 3-4 लंड की फोटोज मंगा लूँ!

ये सुनते ही मैं खुश हो गई और जोर-जोर से चुदाने लगी- आआह्ह भोसड़ी के इतने देर से किसका वेट कर रहा था … मंगा न जल्दी से बहन के लौड़े!

फिर रमेश मेरी चूत चोदता चोदता कुछ लोगों को फोन मिलाने लगा और उनसे कहने लगा- एक मस्त चुदक्कड़ रंडी है, अपने लंड की फोटो भेज दो … उसे तेरा लौड़ा पसंद आ गया तो चुत में ले लेगी!

उसने एक एक करके सबको कॉल करके यही कहा.
उसके बाद हम दोनों उनके लौड़ों के फ़ोटो आने का इंतजार करने लगे.

दो मिनट बाद ही रमेश के फोन पर मैसेज आने लगे.
रमेश ने मैसेज देखे और हंस दिया.

मैं बोली- आह तू क्या देख रहा है? मुझे दिखा ना भोसड़ी के!

फिर रमेश ने मुझे फोन दिया.
मैंने फोन लिया और लंड की फोटोज देखने लगी.

अभी 3-4 फोटोज देखते ही मेरे तन-बदन में आग लग गई.
मेरा मन तो कर रहा था कि ये अभी आएं और मुझे बुरी तरह चोद दें.

मैं बोली- रमेश कौन हैं ये सब?
रमेश ने बताया- इनमें से दो मेरे दोस्त हैं और दो कूड़ा उठाने का काम करते हैं.

मैं बोली- आआह अरे यार रमेश … इनके लंड तो तगड़े हैं, पर ये कूड़े वालों से कैसे चुद लूं यार? अजीब नहीं लगेगा?
रमेश बोला- उफ्फ्फ मेरी जान मुझसे चुदवाया ना … लगा क्या अजीब?

मैं बोली- नहीं, बल्कि मजा आया था!
रमेश बोला- बस फिर इनके साथ डबल मजा आएगा! वे कौन सा कूड़ा लेकर तुझे चोदेंगे … नंगे होकर ही तो चोदेंगे … जैसे अभी नंगी होकर लंड ले रही है. वैसे ही उनके भी खा लेना अपनी चुत में … आह ले लंड ले साली कुतिया!

रमेश ने धक्के देते-देते मेरी गांड में अचानक एक उंगली पेल दी और जोर-जोर से चोदता हुआ उंगली अन्दर-बाहर करने लगा.

मैं उन कूड़ेवालों के लंड देखकर पागल होने लगी और जोर-जोर से आगे-पीछे होने लगी- आआह अ ह्ह्ह्ह चोदो मुझे चोदो मुझे रमेश ह्ह्ह्ह मेरी गांड मारो रमेश!’

जैसे ही मैंने ये कहा, रमेश ने अचानक लंड चूत से निकाला और मेरी गांड पर थूक लगा कर अपना लंड गांड पर सैट कर दिया.
अभी मैं कुछ समझ पाती कि उसने एक जोरदार धक्का मार दिया.

मैं चिल्ला उठी- ऊऊईईई मांआ … मररर गईईई आह्ह्ह मेरी गांड आह साले जालिम रमेश ह्ह्ह्ह फाड़ दी तूने तो आज!
रमेश हंस हंस कर मेरी कमर पकड़ कर कस-कसके मेरी गांड में लंड पेलने लगा- आआह मेरी रानी आआह कैसा लग रहा है साली छिनाल … ह्हह्ह् बहन की लवड़ी ऊपर से दर्द होने का ड्रामा कर रही है रंडी … अन्दर से मजे ले रही है कुतिया … आह देख हरामजादी कैसे लंड अपनी गांड में लेकर पागल हो रही है कुतिया की बच्ची!

मैं अपने नौकर की गालियां सुन कर मस्त हो रही और अपनी गांड आगे-पीछे धकेलती हुए मजा लेने लगी थी.

मैं- आआह्ह् रमेश मादरचोद … सच में मेरे यार तेरे लवड़े से चुद कर तो मैं पागल हो रही हूँ. अपने इन दोस्तों के लंड जल्दी बुला ले भोसड़ी वाले .. इसके मूसल लौड़े देख-देख कर मेरी चुत की खुजली बढ़ रही है. अब ये कुछ भी काम करते हों, मुझे इस बात से झांट फर्क नहीं पड़ता है … बस अब तो तू इनके लौड़ों से मेरी चुत गांड चुदवा दे … आआह रमेश चुदवा दे मुझे साले ह्ह्ह!

रमेश भी पूरे जोश में मेरे दूध भींचता, तो कभी गांड में झापड़ मारता हुआ मेरी गांड में अपना मूसल अन्दर बाहर करता गया.

हम दोनों के जिस्म एक दूसरे से टकरा रहे थे तो पूरे कमरे में ‘फच ह्हह … फच्च ह्हह … फट फट …’ की आवाज के साथ मेरे कंठ से निकलती ‘आह्हह … आह्हह …’ की तेज़ आवाजें मिक्स होकर गूंजने लगी थीं.

दोस्तो, मुझे उम्मीद है कि आपको अमीर घर की बहू दिव्या की चुत गांड में उसके नौकर के लंड से चुदाई की कहानी में मजा आ रहा होगा.

भरे बदन की गोरी चिट्टी इंडियन लड़की की चुदाई

सर्वेंट Xxx कहानी में अभी आगे और भी मजा आने वाला है, सो प्लीज मुझे अपने मेल जरूर भेजें.
divyavaryani700@gmail.com

सर्वेंट Xxx कहानी का अगला भाग:

You May Also Like

Hamari Naukarani Sarina - 2
Views: 424 Category: Naukar-Naukarani Author: mastaniusha Published: May 10, 2025

अतुल की पड़ोसन रेखा अतुल से पिछले कई महीने से चुदवा रही है अतुल का लण्ड 5 इंच लम्बा है लेकिन दोनों को एक दूसरे से करवाने म…

Shabbo Chachi Ki Chudai Ho Gayi - 2
Views: 243 Category: Naukar-Naukarani Author: replyman12 Published: February 04, 2026

Xxx हॉट मेड सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक अमीर जवान लड़के ने अपने घर की नौकरानी शब्बो चाची की चूत को कैसे चोदा? चुदाई से पहले…

Comments