मॅाम ऐस्स सेक्स कहानी में मैं अपनी स्टेप माँ को एक बार चोद चुका था. उन्हें बहुत मजा आया और वे मुझसे दोबारा सेक्स की चाहत रखने लगी. इस बार मैंने उनकी गांड मारी.
फ्रेंड्स, मैं प्रिंस शर्मा आपको अपनी मॉम की चुदाई की कहानी सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
सेक्सी स्टेप मॅाम को चुदाई के लिए गर्म किया
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैंने मॉम की कसी हुई गांड का कुंवारापन खत्म करके गांड फाड़ दी थी. मैं झड़ कर लेट गया था.
अब आगे मॅाम ऐस्स सेक्स कहानी:
अपनी मॉम के साथ सेक्स कर लेने के बाद मैं सोचने लगा था कि अगर लड़कों की मॉम जवान हो, तो गर्लफ्रेंड की जरूरत ही नहीं है.
एक मॉम ही सबसे अच्छी गर्लफ्रेंड हो सकती है.
थोड़ी देर के बाद मॉम नार्मल हुईं, तो बोलीं- चूत को सहलाओ जीभ से!
मैं बोला कि 69 करते हैं.
मॉम को पता ही नहीं था कि 69 किसको कहते हैं.
फिर मैंने मॉम को बताया कि मैं तुम्हारी चूत को चाटूँगा और तुम मेरा लंड चूसना.
वे राजी हो गईं.
मैंने मॉम से शहद लाने को कहा.
मॉम शहद लेकर आईं और बोलीं- शहद का क्या करोगे?
मैंने कहा- मैं तुम्हारी चूत पर शहद लगा कर चाटूँगा और तुम मेरे लंड पर लगा कर चूसना.
मैंने गीले कपड़े से अच्छी तरह से मॉम की चूत और गांड को साफ किया.
उसके बाद अच्छी तरह से मॉम की चूत और गांड में शहद लगाया.
अब मैं बिस्तर पर लेट गया.
मॉम मेरे खड़े लंड पर शहद लगाने लगीं.
उसके बाद मैंने अपनी नंगी मॉम को अपने ऊपर कुछ इस तरह से लिया कि मेरा मुँह मॉम की चूत के पास आ गया था और मॉम का मुँह मेरे लंड के पास.
मैंने अपनी जीभ को बाहर निकाला और मॉम की चूत के छेद को सहलाने लगा.
बड़ी मीठी चूत थी, मजा आ गया.
फिर मॉम ने धीरे धीरे दबाब बनाने लगीं, जिससे मेरी जीभ मॉम की चूत के अन्दर घुस गई और मॉम आह आह करने लगीं.
उसी वक्त मैंने कहा, तो उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मस्ती से उसे अन्दर बाहर करने लगीं.
“आह… बहुत मज़ा आ रहा था, जीभ से मॉम की चुदाई करने में …”
मैं जीभ को चूत से निकाल कर लटके हुए चूत के दाने को चूसने लगा.
ऐसे ही चूसते चूसते मैंने मॉम की पूरी चूत को हर तरह से चाटा.
उसके बाद मैं मॉम की गांड के छेद को अपनी जीभ को नुकीला करके छेड़ने लगा.
मॉम की चूत और गांड पर लगे सारे शहद को मैं चाट गया.
मॉम फिर से गर्म और चोदातुर हो गईं.
वे कहने लगीं- मेरी गांड के नीचे तकिया लगाकर दोनों टांग उठा कर चूत में लंड डालो.
मैंने मॉम की गांड के नीचे तकिया लगाया और दोनों टांगों को ऊपर उठाया.
मॉम की लम्बी चूत जो गांड के छेद से जुड़ी हुई थी, तो उनकी गांड का छेद खुल कर सामने दिख रहा था.
दृश्य देख कर मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाया और मॉम की चूत को फिर से मुँह में लेकर चूसने लगा.
चूत को चाटते चाटते मॉम की गांड के छेद को भी जीभ से छेड़ने लगा.
मॉम ‘उह .. आह ..’ करके सिसकारियां लेने लगी थीं.
फिर वे बोलीं- अब चूसना बंद कर दे और मेरी चूत की रगड़ कर चुदाई करो … रंडियों की तरह.
मैंने यह सुन कर झट से पोज सैट किया और अपना टाइट लंड मॉम की चूत में घुसा कर एक जोरदार झटका दे दिया.
मेरा पूरा लंड मॉम की चूत में सरसराता हुआ अन्दर तक घुसता चला गया.
उनकी मीठी कराहें निकलने लगीं और मैं अपना पूरा लंड उनकी चुत में अन्दर बाहर करने लगा.
मॉम अपनी गांड को उठाती हुई खूब जोर जोर से ‘उह .. आह ..’ कर रही थीं.
मैं उनके दूध को मुँह में लेकर घपा घप पेलता जा रहा था.
करीब आधा घंटा तक इस पोजीशन में मॉम की प्यासी चुत की चुदाई करने बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था.
मैंने मॉम से कहा- शोभा, मेरी रंडी … पानी कहां निकालूं!
मॉम बोलीं- मेरी चूत में ही गिरा दो.
मैं मॉम के दोनों पैर पकड़ कर हवा में उठाए हुए पकड़े था और घपा घप फुल स्पीड में उनको चोद रहा था.
उन्होंने चुत में ही वीर्य टपकाने का कह दिया था तो मैं बिंदास चुदाई करने में लगा हुआ था.
तभी मेरा चरम आया और मैंने एक करारा शॉट देते हुए अपने लंड को मॉम की चूत के अन्दर तक पहुंचा दिया.
शायद इस बार लंड ने मॉम की बच्चेदानी में हिट मार दिया था तो उनकी चीख निकल गयी.
मैं यूं ही लंड पेले हुए अपने लंड से वीर्य फेंकने लगा और मॉम की चूत की गहराई में रस गिरा दिया.
वीर्य गिरने के बाद भी मैं अपना लंड मॉम की चूत में डाले रहा और अपने दोनों हाथों से उनकी दोनों चूचियों को दबोच कर उन्हीं के ऊपर लेट गया.
इस दुनिया में सबसे खूबसूरत पल वह होता है, जब कोई बेटा अपनी सगी मॉम को चोदे और सारा का सारा वीर्य मॉम के गर्भाशय की गहराई में छोड़ दे.
वीर्य छोड़ने के बाद थक कर वह अपनी मॉम के मोटे मोटे स्तनों पर चिपक कर लेट जाए और सुकून की सांसें ले.
इससे ज्यादा खूबसूरत कोई भी पल नहीं होता.
मेरी मॉम बोल रही थीं- आह आज मजा आ गया बेटा … मेरी ऐसी चुदाई पहले कभी नहीं हुई.
मैं बोला- अब रोजाना आपकी ऐसी चुदाई होगी.
मॉम- हां तुम्हारा लंड बहुत मस्त है. मेरी चूत की गहराई के लिए एकदम परफेक्ट है. तुम मुझे जब चाहे चोद सकते हो!
यह कह कर मेरी मॉम भी रोज चुदवाने के तैयार हो गईं.
उस वक्त मैं मॉम की कसी हुई चूचियों को मसल रहा था. शायद दवाई के कारण मेरा लंड खड़ा ही था.
मैंने चूत से लंड निकाल कर मॉम के मुँह में दे दिया.
मॉम लंड चूसने लगीं.
मैंने मॉम से कहा- आपकी गांड बहुत मस्त है एक बार गांड को और चोदूंगा.
मॉम बोलीं- मार लो.
कुछ देर बाद मैंने मॉम की गांड के छेद में पुनः वैसलीन लगाई और मॉम ने मेरे लंड पर चिकनाई लगाई.
मैंने मॉम को घोड़ी बनाया, जिससे मॉम की बड़ी सी गांड देखकर मेरे लंड में और तनाव आ गया.
मैंने पहले के जैसे अपना अंगूठा मॉम की गांड में घुसा दिया और गांड में अन्दर बाहर करने लगा.
इससे मॉम की गांड के छेद में अच्छी तरह से वैसलीन लग गई.
अब मैं तैयार था मॉम की गांड मारने के लिए.
मैंने धीरे धीरे लंड का सुपारा मॉम की गांड में घुसा दिया.
मॉम की गांड फैल तो गई थी लेकिन दुबारा लंड पेलने में भी मॉम को दर्द हुआ और वे छटपटाने लगीं.
मैंने उनके दर्द को नजरअंदाज करते हुए एक झटका दिया तो पूरा लंड मॉम की गांड में घुस गया.
लंड गांड में पेल कर मैं कुछ देर रुक गया ताकि मॉम की गांड का दर्द कम हो जाए.
मॉम की गांड बहुत कसी हुई थी.
अगर मैं लगातार चोदता रहता तो जल्दी गिर जाता.
मैंने धीरे धीरे चुदाई का मजा लिया और आधा घंटा तक मॉम की गांड मारी.
लंड अभी भी बहुत कड़क था तो मुझे मॉम की कसी गांड मारने में बेहद मज़ा आ रहा था.
उनकी गांड अभी कच्ची कली जैसी थी.
मैं तक़रीबन 40-45 मिनट तक मॉम की गांड को पेलता रहा.
अब मेरा निकलने वाला था.
मैंने अपना लंड मॉम की गांड से बाहर निकाल कर मॉम के मुँह में दे दिया और मुठ मारने लगा.
मैंने सारा वीर्य मॉम के मुँह में गिरा दिया और मॉम की चूचियों को दबोच कर उनके ऊपर ही लेट गया.
मेरा बहुत सारा वीर्य निकला था, जो अभी भी मॉम के मुँह में ही था.
मैं उनके होंठों को चूसने लगा और धीरे धीरे हम दोनों का चुंबन वाइल्ड किस होने लगा.
मॉम के मुँह में जो वीर्य था, वह कभी मेरे मुँह में आ जाता तो कभी मैं मॉम के मुँह में वापस डाल देता.
फिर मॉम ने आधा वीर्य गटक लिया और आधा मेरे मुँह में रह गया.
मैंने उस वीर्य को मॉम की बड़ी बड़ी चूचियों के बीच में गिराया और दोनों दूध से उस वीर्य को मम्मों पर मलने लगा.
वे गुदगुदी होने की वजह से हंस रही थीं.
उसके बाद मैंने अपने ढीले लंड को मॉम के मम्मों के बीच में रगड़ कर उसे वीर्य से मसाज दी.
कुल मिला उस रात मैंने मॉम की गांड चूत और चूचियां बहुत मस्ती से चोद दी थीं.
मैंने मॉम से कहा- चलो अब रंग लगाते हैं.
मॉम हंस दीं और तुतला कर मजाक करती हुई बोलीं- लंद के बाद लंद (रंग)!
मैंने हँसते हुए हां कहा और मॉम को नंगी ही बाहर हॉल में ले आया.
मैं उधर उन्हें रंग लगाने लगा चेहरे पर लाल रंग का गुलाल लगाया, दोनों चूचियों को हरे रंग से एकदम ढक दिया, चुत और गांड को भी लाल रंग से सान दिया.
फिर मॉम ने मेरे मुँह और लंड पर अबीर लगाया.
उसके बाद हम दोनों मॉम बेटा साथ में बाथरूम में नहाने के लिए आ गए.
बाथरूम में मॉम ने शॉवर चालू करके नहाने लगीं.
मैं उनके दूध पर लगा रंग मसलने लगा.
मॉम बोलीं- मेरा कलर अच्छे से छुड़ाओ!
मैंने मॉम से कहा- पहले आप मेरे लंड का कलर छुड़ाओ.
मैं शॉवर के नीचे नहाने लगा. मॉम लौड़े पर साबुन लगाने लगीं.
वे मेरे शरीर पर धीरे धीरे हाथ फेर रही थीं तो बड़ा मजा आ रहा था.
कुछ देर के बाद मॉम सीधे लंड पर आ गईं.
लंड में साबुन लगाने के बाद जैसे ही मॉम ने लंड आगे पीछे किया, मेरे लंड में फिर से तनाव आने लगा.
मैंने सोचा कि अभी मैं मॉम के जिस्म से छेड़छाड़ करता हूँ. जब लंड पूरा सख्त हो जाएगा तब बाथरूम में खड़े खड़े ही मॉम की चुदाई करूँगा.
मैंने मॉम से कहा- तुम शॉवर लो, मैं तुमको साबुन लगाता हूँ.
मॉम बोलीं- ठीक है.
मैंने मॉम के चेहरे पर से साबुन लगाते हुए पीठ पर साबुन लगाने लगा और उसके बाद मैं मॉम की 40D साइज की बड़ी और कसी चूचियों दबोच कर साबुन लगाने लगाने लगा.
मॉम की चूचियों पर साबुन लगा कर मैंने खूब मसला.
मॉम की चूचियां मसलने के बाद मैं चूत और गांड पर साबुन लगाने लगा.
फिर मैंने मॉम को झुका दिया और गांड के छेद पर साबुन रगड़ने लगा.
मॉम शॉवर के पानी से रगड़ कर रंग छुड़ाने को बोलीं, तो मैं हैंड शॉवर की फुहार से मॉम की कांखों और चूचियों को साफ करने लगा.
अब मैंने मॉम को झुक कर खड़ी होने को कहा.
मॉम झुक गईं, उनकी गांड का छेद साफ दिख रहा था.
मॉम की भूरी गांड देख कर मेरे लंड में जबरदस्त तनाव आ गया और वह पूरा सख्त हो गया.
मेरा लंड एक बार फिर से मॉम की गांड फाड़ने के लिए तैयार था.
मैंने मॉम की गांड को पानी से साफ कर दिया और उसके बाद जीभ से मॉम के गांड की छेद की चटाई शुरू कर दी.
दस मिनट तक मैंने मॉम की गांड के छेद को खूब चाटा.
अब मेरा लंड पूरी तरह से सख्त होकर खड़ा हो गया था.
मैंने मॉम से कहा- चलो एक राउंड और चुदाई शुरू करें.
मॉम ने मस्ती से पूछा- चूत या गांड … किस में पेलोगे?
मैंने कहा- गांड.
मॉम बोलीं- तेल ले आओ पहले … तेल लगा कर ही डालना.
दोस्तो, आप समझ ही गए होंगे कि मेरी चुदासी मॉम ऐस्स सेक्स के लिए कितनी बेताब थीं.
अब यह सब क्या अभी से ही ऐसा था या मेरी मॉम काफी पहले से ही मेरे लौड़े से चुदना चाहती थीं, यह खुलासा आपको अगले भाग में पढ़ने को मिलेगा.
आपको मेरी मॅाम ऐस्स सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज जरूर लिखें.
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