Vasna Ki Aag Me Jhulaste Riste - 2

Views: 170 Category: Family Sex By madhuri3987 Published: July 14, 2025

Xxx स्टेप मॉम सन कहानी में सौतेले बाप की नजर पत्नी की बेटी पर थी. उधर उसी बाप का बेटा अपने बाप की दूसरी बीवी को चोदना चाह रहा था. यह सब कैसे हुआ?

कहानी के पहले भाग
Vasna Ki Aag Me Jhulaste Riste - 1
में आपने पढ़ा कि एक विधुर में पड़ोसन विधवा से शादी कर ली. उन दोनों की सेक्सी हरकतें देख उनके बेटा बेटी भी वासना के वेग में बहकर आपस में सेक्स कर बैठे.

अब आगे Xxx स्टेप मॉम सन कहानी:

संजू ने शलाका को पूरी बात बता दी- यह सुनने के बाद मेरे लंड ने मुझे मजबूर कर दिया कि जा, एक बार और शलाका की चुदाई कर!

शलाका ने कहा- वाह भैया, उधर मेरी मां चुद रही है, इधर तुम अपनी बहन चोदने आ गए।

रात को दोनों दो बार झड़े थे इसलिए संजू जल्दी झड़ने वाला नहीं था और शलाका की चूत को भी झड़ने के लिए अधिक रगड़े चाहिए थे।
दोनों शेखर और सपना की बातों को सुन कर काम कल्पनाओं में खोए हुए थे।

दो दिन में दोनों का परिचय एक ऐसी दुनिया से हो गया था, जहां केवल आनंद था, कोई पाखंड नहीं, नैतिकता के खोखले बंधन नहीं, रिश्तों के जबरन लादे गए सामाजिक दबाव नहीं।
जहां केवल मस्ती थी, कामुकता और वासना की धीमी आंच पर पकी, खालिस मस्ती।

संजू ने शलाका को चोदते हुए पूछा- बोल शलाका, अब आगे तेरा क्या विचार है? मेरे बाप से चुदना है?
शलाका अपने दिल की धड़कनों को संभालती, गर्म गर्म सांसें छोड़ती हुई बोली- संजू, मैं तेरे बाप से कब चुदूंगी पता नहीं पर इतना पक्का है कि तू जल्दी ही मेरी मां चोदेगा।
दोनों हंस पड़े।

संजू की गति तेज होने लगी, शलाका भी झड़ने के बिल्कुल करीब थी.
वो भी संजू के हर दमदार झटके का उसी ताकत से उछल उछल के जवाब दे रही थी।

कुछ ही देर में संजू और शलाका दोनों गहरी गहरी सांसें लेते पसीने में लथपथ हो चले थे।

सुबह नाश्ते के समय चारों साथ थे, चारों के नजरिए एकदम बदल चुके थे।

शेखर को अब शलाका में अपने लंड के लिए एक नई चूत दिख रही थी तो शलाका शेखर के लंड की कल्पना कर रही थी कि कितना लंबा, कितना मोटा होगा?
सपना को भी संजू में आज एक गैर मर्द का आकर्षण महसूस हो रहा था।

और संजू तो मन ही मन कई बार सपना को चोद भी चुका था।

चारों ऐसे खामोश थे जैसे बाकी लोगों को पता हो कि उनके मन में क्या चल रहा है।

आखिर शेखर ने चुप्पी तोड़ी- शलाका, कल रात कैसी रही?
सपना बोली- तुम भी बताओ संजू?

शलाका की इच्छा तो हुई कि कह दे कि तेरे बेटे ने न केवल इस कली को फूल बना दिया बल्कि सुबह भी जम के रगड़ा है।
लेकिन उसने कहा- ठीक रही अंकल!
संजू भी बोला- मस्त!
उसके मुंह से तो आंटी भी नहीं निकला।

चारों अपने अपने शिकार को ताड़ रहे थे।

नाश्ते के बाद शेखर ने शलाका को और सपना ने संजू को गुड डे बोलने के लिए हग किया.
शलाका के जिस्म की आंच शेखर के लंड तक पहुंची तो सपना अपनी चूत के चूल्हे में जल्दी ही संजू के लंड को भूनना चाह रही थी।
दिखावा तो दोनों का सौतेले बच्चों पर प्यार जताने का था।

शेखर और सपना का दिमाग अब अपने अपने नए शिकार की ओर था।
उन्हें लग रहा था कि घर के बाहर मूड ज्यादा रोमांटिक होता है तो कहीं बाहर चला जाए.
रास्ते में चारों के बीच बातचीत और हरकतों में दबी हुई वासना अपना असर जरूर डालेगी।
यदि एक बार तथाकथित नैतिकता और पाखंड का परदा हट गया तो फिर वासना की आग भड़कती रहेगी और मस्ती की बारिश से ठंडी होती रहेगी।

लंच के समय शेखर ने अपना प्रोग्राम जाहिर कर दिया।
जिस के अनुसार अगली सुबह चारों को कार से 200 किलोमीटर दूर एक रमणीक स्थान के लिए निकलना था।

जब सुबह चारों तैयार होकर कार में बैठने वाले थे तो सपना ने अपनी योजना के अनुसार कहा- शलाका, तुम पापा के साथ आगे बैठो, मैं संजू के साथ पीछे बैठूंगी. इससे हमें एक दूसरे को समझने का समय मिलेगा।

कार स्टार्ट हुई, शेखर और शलाका तथा सपना और संजू बातें करने लगे।

सपना और शलाका दोनों ने जींस वाली निक्कर और ढीला ढाला टॉप पहन रखा था।

शेखर गियर बदलते समय जानबूझ कर शलाका की चिकनी जांघों को छू रहा था, उसका लंड धीरे धीरे कड़क हो रहा था।
शलाका कनखियों से उसे देख रही थी.

शेखर ने कड़क हो चुके लंड को सेट करके शलाका की ओर देखा.
शलाका उसी की ओर देख रही थी.

शेखर झेंप गया और शलाका ने एक सेक्सी स्माइल दे कर शेखर की झेंप मिटाई।
पीछे की सीट पर सपना संजू से सट के, उसका हाथ अपने हाथ में लेकर बैठी बातें कर रही थी।

संजू ने नींद आने की एक्टिंग करते हुए अपना सिर सपना के कंधे पर टिका दिया और सपना के टॉप में झांकने लगा.
सपना ने ब्रा भी नहीं पहनी थी, अंदर उसे मक्खन की ढेरियां थिरकती देख रही थीं।

संजू की इच्छा सपना के स्तनों को छूने की होने लगी.
तो उसने नींद उड़ाने की एक्टिंग करी और सीधा बैठ गया.

उसका दाहिना हाथ सपना के कंधे से होकर उसके स्तनों के सामने लटका हुआ था.

अब सपना ने संजू के कंधे पर अपना सिर टिका दिया।
संजू को तो सपना और शेखर के इरादों का पता था इसलिए वह अपना हाथ सपना के टॉप में डाल के सपना के दाहिने स्तन को सहलाने लगा.

सपना की सांसों में आंच बढ़ रही थी जिसे संजू अपनी गर्दन पर महसूस कर रहा था।

संजू ने अब सपना के दोनों स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया.
सपना को आश्चर्य हो रहा था कि संजू कैसे इतनी हिम्मत कर रहा था?
लेकिन उसे तो आनंद मिल रहा था तो वो क्यों रोकती?

अब संजू ने अपना लंड जींस से बाहर निकाल लिया और सपना का दाहिने हाथ में पकड़ा दिया।
सपना ने उसे हाथों में पकड़ के दबा दिया, उसकी एक्टिंग की पोल खुल गई थी।

अब संजू ने सपना का सिर अपने तन्नाये हुए लंड पर झुकाया.
सपना ने भी अब पाखंड छोड़ा और संजू का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी।

संजू का लंड एक कामुक, अनुभवी औरत चूस रही थी, नई चूत मिलने की संभावना से उसकी रग रग में वासना दौड़ रही थी।

मुश्किल से पांच मिनिट हुए होंगे कि संजू के लंड से वीर्य की पिचकारी, सपना के हलक को तर करने लगी।

सपना ने संजू के लंड से वीर्य की आखिरी बूंद तक निचोड़ ली, फिर सिर उठा के संजू की आंखों में शरारत भरी नज़र से देखा।

संजू तो पहले ही मस्त हो रहा था, सपना की आंखों में छाई मस्ती ने उसका आनंद और बढ़ा दिया था।

शेखर का लंड तो अभी उसकी पैंट में ही तन्ना रहा था जब कि पीछे संजू ने अपने लंड का सारा तनाव अपनी सौतेली मां के मुंह में निकाल दिया था।

संजू लंबी लंबी सांसें लेता हुआ नींद की आगोश में चला गया।

कुछ देर बाद शेखर ने एक रेस्टोरेंट के सामने कार रोकी, चारों बहुत प्रसन्न थे।

नाश्ते के बाद जब आगे की यात्रा शुरू हुई तो संजू और सपना आगे बैठे, पीछे शेखर और शलाका।

संजू का तूफान तो ठंडा हो चुका था पर अभी सपना की चूत में लंड जाना बाकी था इसलिए बीच बीच में संजू कभी कभी उसकी चिकनी जांघें सहला देता।

पीछे शेखर ने शलाका से पूछा- क्यों शलाका, तुझे किसी चीज की जरूरत हो तो दिल खोल के बोल!
शलाका समझ रही थी कि यह शेखर नहीं, उसका लंड बोल रहा था जो उसकी चूत की गर्मी में भुन जाना चाहता है।

उसने कहा- हां, एक आई फोन चाहिए था!
तो शेखर ने उसी समय उसकी पसंद का ऑर्डर भी कर दिया।

शेखर का कॉन्फिडेंस अब बढ़ गया, उसने शलाका को अपने पास खींचा और उसके होंठों पर होंठ रख दिए, एक हाथ से उसके स्तन सहलाने लगा।

शलाका भी उसके लंड को छूना चाहती थी, उसने शेखर की पैन्ट की जिप खोली और उसका कड़क लंड बाहर निकाला और सहलाने लगी।
शेखर शलाका की इस हरकत से बहुत उत्तेजित हो गया, वो शलाका के हाथ से अपने लंड की मुट्ठ मारने लगा.

फिर शलाका ने तेज़ी से मुट्ठ मारना शुरू की.
शेखर ने एक नेपकिन हाथ में लिया और शेखर के लंड से तेज धार छूटी, कार में वीर्य की मादक गंध फैल गई।

संजू ने पूछा- क्या हो रहा है पीछे?
सपना बोली- तेरे बाप ने मेरी बेटी को टोकन दिया है, होटल में पहुंच के उसकी चूत में पेमेंट करेगा।

शलाका ने कहा- बहुत अकड़ रहा था शेखर का लंड, सारी अकड़ निकाल दी मैंने!

होटल तक पहुंचते पहुंचते चारों ने रिश्तों की मर्यादा को वासना के हवनकुंड में स्वाहा कर दिया था।

होटल में पहुंच कर चारों रिलैक्स हुए.

उसके बाद संजू सपना की नई चूत के और शेखर शलाका की कमसिन चूत के मज़े लेने उन दोनों को अपने अपने कमरे में ले गये।

संजू ने सपना को पूरी नंगीकर दिया, उसके कामुक जिस्म को निहारा, मादक उभारों पर हाथ फेरा.
सपना की चूत नए लंड की आस में रिसने लगी.

संजू का लंड शलाका की मां चोदने के लिए उतावला हो रहा था।
उसने चुदाई शुरू करने के पहले सपना के रसीले होंठों को चूसा, उसके भरे भरे स्तनों को मथा.

सपना की चूत में चिंगारियां चटकने लगी, उसने संजू को कहा- अब मत तड़पा, जल्दी से अपने बाप की बीवी को चोद दे यार!
संजू ने सपना को धक्का देकर बिस्तर पे गिराया, लंड को मुख लार से चिकना किया और एक धक्का लगाया।
लंड सपना की चूत में जड़ तक समा गया।

संजू एक बार कार में सपना के मुंह में झड़ चुका था फिर भी सौतेली मां की नई चूत चोदने की उत्तेजना थी.

उसने लंबी लंबी सांस ली और धीरे धीरे चूत को अपने कड़क लंड से रगड़ने लगा।

सपना की नजर शादी के पहले से संजू पर थी, आज बेटे के रूप में वो उसकी चुदाई कर रहा था।
वो मस्ती में झूम रही थी.

Xxx स्टेप मॉम सन की दस मिनट की चुदाई के बाद सपना को लगा कि उसका ऑर्गेज्म नजदीक है, वो बोली- अब जोर से रगड़ दे भोसड़ी के, कस के चोद अपनी मां को!
संजू ने भी ले भेनचौद कह के सपना की चूत में दमदार धक्के लगाने शुरू किए.

सपना- ओ मां, शाबाश बेटा … तू भी बाप जैसा हरामी है साले! रगड़ मेरी लंडखोर चूत को!

संजू ने और जोरों से झटके देने शुरू किए- ले मादरचोद, तेरी चूत की भोसड़ी बना दूं!

इतने में संजू बोला- मैं गया!
सपना बोली- रुक मत … रुक मत!

संजू के लंड से वीर्य की धार निकली … पर वो धक्के लगाता रहा.
दस धक्के और लगे होंगे कि सपना का शरीर पूरा तन गया, चूत फड़कने लगी, आनंद का झरना फूटा.
सपना की सांसें तेज चलने लगी, गला सूख गया.

उसने संजू को भींच लिया, उसके दोनों कूल्हों को पकड़ के चूत पर दबा लिया।

उधर दूसरे कमरे में …

Xxx स्टेप मॉम सन कहानी आपको वासना से भरपूर लग रही होगी.
मुझे कमेंट्स और मेल में बताएं. परन्तु अभद्र भाषा, आमन्त्रण वर्जित हैं.
madhuri3987@yahoo.com

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