Train me Mili Bhabhi Ne Diya Sex Ka Maza


गरम भाभी सेक्स स्टोरी में ट्रेन में मेरी रिज़र्व सीट पर एक भाभी बैठी थी. उसकी टिकेट कन्फर्म नहीं थी. उसने मेरी सीट शेयर कर ली और मेरे साथ लेट गयी.

हेलो दोस्तो! मेरा नाम राहुल है और मैं नियमित रूप से ‘raatkibaat’ की कहानियाँ पढ़ता हूँ।
इसीलिए मेरे विचार में आया कि मैं भी आपको अपनी ट्रेन में “फर्स्ट टाइम सेक्स” की कहानी साझा करूँ।

मैं मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।

मेरे बारे में आपको बता दूँ कि मैं 5 फुट 7 इंच का हूँ और मेरे लंड का साइज 8 इंच है।

ये मेरी पहली कहानी है, कोई गलती हो तो माफ़ करें।

अब सीधे गरम भाभी सेक्स स्टोरी पर चलते हैं।

मैं एक दिन अपने ममेरे भाई की सगाई में बनारस जा रहा था।
मेरा टिकट एसी (AC) में था।

जैसे ही मैं मुरादाबाद से अपनी ट्रेन में चढ़ा, मैंने देखा कि मेरी सीट पर एक महिला बैठी हुई थी।
उसकी टिकट कंफर्म नहीं हुई थी।

खैर, मैं अपनी सीट पे आकर बैठ गया और वह भी बैठी रही।

टीटी (TTE) आया और मेरा टिकट देख कर चला गया।
तब हिम्मत कर के मैंने उससे पूछा कि आपकी कौन सी सीट है?

उसने बोला, “मेरा टिकट कंफर्म नहीं है और मैं अपने पति के पास बनारस जा रही हूँ। अगर आपको कोई परेशानी न हो तो क्या मैं यहाँ बैठकर जा सकती हूँ!”
मुझे भी कोई संकोच नहीं था, तो मैंने ‘हाँ’ बोल दिया।

थोड़ी देर बाद मुझे नींद आने लगी।
उसने मुझे देखा और बोली, “आप मेरी साइड में पैर कर लो और मैं आपकी साइड पैर कर के सो जाती हूँ!”

मैं मान गया और हम लेट गए।

लेकिन कुछ टाइम बाद मैंने देखा कि वो सो गई है और वो मेरे पैरों को पकड़ कर सो रही थी।
मेरी नींद खुल गयी।
उसकी गर्म साँसें मुझे महसूस हो रही थीं।
मुझे उसके होने का नशा चढ़ रहा था क्योंकि मैंने थोड़ी सी पी रखी थी।

मैंने हिम्मत कर के अपना हाथ उसकी जाँघों के पास रख दिया।

जब मुझे एहसास हुआ कि वो गहरी नींद में है तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने थोड़ा हाथ बढ़ा कर उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर रख दिया और रगड़ने लगा।

मेरी नींद अब गायब हो चुकी थी और मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया, जो उसके हाथों के पास में ही था।

मैंने थोड़ी और हिम्मत की और उसको अपने कम्बल में ले लिया।
मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा।

थोड़ी देर बाद उसने अचानक से मेरा हाथ पकड़ लिया और सीधे होकर तुरंत मेरी साइड में आकर लेट गयी!

मेरी फट गयी कि अब क्या बोलूँ!

तभी, बिना मेरे कुछ बोले, उसने अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख दिया!
फिर मेरे होंठों को चूसते हुए उसने बताया, “मैं अपने पति से दूर रहती हूँ, इसीलिए अपने पति के पास जा रही हूँ!”

मैंने भी मौके का फायदा उठाने की सोची और उसे अपनी ओर खींच कर चूमने लगा।
थोड़ी देर चूमने के बाद, मैंने अपना हाथ उसकी सलवार में डाल दिया और उसकी चूत को मसलने लगा, जो पहले से ही गीली हो गयी थी।

उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
वो मेरे लंड को मेरे निक्कर के ऊपर से ही मसलने लगी।

फिर उसने मेरे निक्कर में हाथ डाल दिया।
तभी वो बोली, “तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है! मेरे पति का तो इसके सामने बहुत छोटा है!”
मैंने बोला, “आज रात के लिए मुझे ही अपना पति बना लो फिर!”

वो हँसने लगी और मेरे लंड के साथ खेलने लगी।
मैंने भी उसकी सलवार के साथ उसकी पैंटी भी नीचे निकाल दी।

चूँकि मेरे केबिन की सारी बत्तियाँ बंद थीं तो बिल्कुल अंधेरा हो रहा था।
वो पागल सी हो गयी थी।

मैं उसकी चूत में उँगली डाले जा रहा था।
तभी वो धीरे से मेरे कान में बोली, “मैं पहले से ही बहुत तड़प रही हूँ! अब तुम मुझे और मत तड़पाओ और सीधे डाल दो!”

मैंने भी यही सही समझा।
उसे थोड़ा घुमाकर पीछे से थूक लगाया और अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया।
जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाला, वो थोड़ा सा रोने की हालत में आ गयी और मुझे रुकने के लिए बोलने लगी।

मैंने पूछा, “क्या हुआ?”
उसने बताया, “मेरी काफी समय से चुदाई नहीं हुई है और तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है, इसीलिए आराम से डालो!”

मैं थोड़ा सा रुका और फिर थोड़ी देर बाद जब वो सामान्य हुई, तो मैंने धक्के मारने चालू कर दिए।
अब वो भी मेरा साथ देने लगी।

यह चुदाई का खेल लगभग 20 मिनट तक चला।
गरम भाभी सेक्स के बीच वो 3 बार झड़ गयी।

फिर मैंने उससे पूछा, “मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ?”
उसने बोला, “अन्दर ही निकाल दो! मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ!”

उसकी बात सुनकर मैंने तेज़ झटके मारने चालू कर दिए और 2 मिनट बाद उसकी चूत में ही झड़ गया।
मेरे लंड का पानी उसकी चूत से बहते हुए नीचे सीट पर आ रहा था।

उसने अपने पर्स से वाइप्स निकाले और पहले खुद को पोंछा, फिर नीचे सीट को पोंछ कर साफ़ किया।

इसी तरह पूरी रात में हमने 3 बार चुदाई का खेल खेला।

अगले दिन स्टेशन पर उतरने से पहले उसने मुझे गले लगाया और बाहर निकल गयी।
उसे लेने के लिए स्टेशन पर उसका पति आया था।

वो नंबर दिए बिना ही वहाँ से चली गयी और मैं भी अपनी मंज़िल की तरफ निकल गया।

दोस्तो, आपको मेरी गरम भाभी सेक्स स्टोरी कैसी लगी?
मुझे ज़रूर बतायें!
sharmarahulcool23@gmail.com

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