हॉट मैडम सेक्स कहानी में मेरी क्लास की एक लड़की मुझे बहुत पसंद थी. जहाँ वो ट्यूशन पढ़ती थी, मैं भी वहीं पढ़ने लगा. लेकिन वहां सर की बीवी पसंद आ गयी, वो भी मुझे लाइन देने लगी.
दोस्तो, मेरा नाम बादशाह है।
मैं आज आपके सामने अपनी पहली सेक्स की कहानी रखने जा रहा हूँ।
यह कहानी बिल्कुल सच्ची है।
यह कहानी मैडम के साथ चुदाई की है।
उस दिन की याद आज भी मेरे दिल में एक अजीब-सी घबराहट और जोश दोनों एक साथ जगा देती है।
मैं एम.कॉम का छात्र हूँ।
यह हॉट मैडम सेक्स कहानी उस समय की है जब मैं ट्यूशन जाता था।
मेरा बैच सुबह 8 से 9 का था और मेरे बैच में हम 12 छात्र थे। जिनमें 11 लड़कियाँ और मैं अकेला लड़का था।
उन दिनों मेरा मन हमेशा बेचैन रहता था।
उन 11 लड़कियों में से एक लड़की बहुत ही ज्यादा सेक्सी थी।
मेरी नज़र जब भी उस पर पड़ती तभी मेरा 6 इंच लंबा लंड खड़ा हो जाता।
दिल तेज़ी से धड़कने लगता और मैं शर्म से अपना सिर झुका लेता।
फिर किसी तरह मैं अपने मन को समझाता कि यह गलत है, लेकिन वासना बार-बार हावी हो जाती।
मैं बहुत कम ट्यूशन जाता था।
जब एक दिन मैं ट्यूशन गया तो मैंने सर के घर पर एक औरत को देखा जो बेहद ही खूबसूरत थी।
उसका रंग दूधिया रंग का था। वो औरत और कोई नहीं हमारी सर की मैडम थी।
मैडम को देखते ही मेरा लंड कुछ इस तरह खड़ा हुआ मानो जैसे वो मुझे कह रहा हो कि उसे मैडम की चूत में जाना है।
मेरे सीने में धड़कनें इतनी तेज़ हो गईं कि मुझे लगा साँस रुक जाएगी। एक अजीब-सी बेचैनी और तीव्र इच्छा ने मुझे जकड़ लिया।
मैं चुपचाप वहाँ से चल दिया और क्लास में जाकर बैठ गया।
फिर धीरे-धीरे क्लास की सभी लड़कियाँ भी वहाँ आ गईं तथा कुछ समय बाद सर भी क्लास में आ गए।
अब मैं अपनी क्लास की उस खूबसूरत लड़की को भी भूल चुका था। अब तो बस मैडम का ही ख्याल मन में आ रहा था।
मेरा दिल बार-बार दरवाजे की ओर खिंचता था।
फिर सर ने पढ़ाना शुरू कर दिया पर मेरी नज़र तो दरवाजे पर ही थी कि एक बार तो दिख जाए परंतु ऐसा नहीं हुआ।
मैडम दिखाई नहीं दीं।
निराशा के साथ एक अजीब-सी अधूरी इच्छा मेरे अंदर घूमती रही।
अब ट्यूशन की छुट्टी हो गई।
हम सब बाहर की तरफ चल दिए।
बाहर जाकर मैंने जैसे ही पीछे मुड़कर देखा तो मैडम गेट पर खड़ी थीं और उन्होंने मुझे बाय की।
मैंने भी उन्हें वापस बाय की।
उस छोटे-से इशारे में मुझे लगा जैसे कोई छुपा हुआ संदेश छिपा हो। मेरा दिल फिर से जोर-जोर से धड़कने लगा।
फिर कुछ दिन तक ऐसा ही चलता रहा।
अब मैंने भी रोज़ ट्यूशन जाना शुरू कर दिया था।
मैं ट्यूशन जाता और मैडम दरवाजा खोलतीं और मुझे देखकर मुस्कुरातीं।
मैं भी उन्हें देखकर मुस्कुरा देता था।
हर मुस्कान के साथ मेरे अंदर एक मीठी-सी बेचैनी और बढ़ती इच्छा जन्म लेती थी।
रातों को नींद नहीं आती थी।
बस उन्हीं की मुस्कान और आँखों की याद सताती रहती थी।
मैडम और सर की लव मैरिज हुई थी।
सर हमारे सामने मैडम की तारीफ किया करते थे।
ऐसे ही बातों में मैंने सर से मैडम का नाम पूछ लिया।
सर ने मैडम का नाम मानसी (काल्पनिक नाम) बताया।
अब जैसे ही मैडम दरवाजा खोलतीं वैसे ही मैं उनसे कहता, “हैलो मानसी मैम, कैसी हैं आप?”
और वो मुस्कुराकर बस यही कहतीं, “ठीक हूँ।”
उनकी आवाज़ में एक नरम-सा आकर्षण छिपा रहता था जो मेरे दिल को और भी बेचैन कर देता था।
कुछ ही दिनों बाद एग्जाम शुरू होने वाले थे।
और इसीलिए ट्यूशन में हम 4 ही आते थे क्योंकि बाकी ने ट्यूशन बंद कर दिया था।
हम चारों में मैं, वो खूबसूरत सेक्सी लड़की, के अलावा दो लड़कियाँ और थीं।
उन दिनों मेरा मन सिर्फ एक ही बात पर टिका रहता था—मैडम।
अब हमारे पेपर शुरू हो गए थे।
अब तो बाकी तीनों लड़कियों ने भी आना बंद कर दिया।
परंतु मैं पेपर में भी जाता रहा क्योंकि मुझे तो मैडम को चोदने का मौका चाहिए था।
मैडम को पेलने की इच्छा इतनी प्रबल हो चुकी थी कि डर और शर्म दोनों पीछे छूट गए थे।
फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि मुझे लगा कि मैडम को चोदने का इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा।
उस दिन जब मैं ट्यूशन पहुँचा तो सर ने मुझे क्लास में बैठने के लिए कहा और “मैं अभी कुछ देर बाद आता हूँ” ऐसा मानसी को कहकर बाइक लेकर चले गए।
अब मैडम को चोदने की तीव्र इच्छा होने लगी थी।
मेरे हाथ काँप रहे थे और सीने में धड़कनें मानो बाहर निकल आना चाहती थीं।
मैंने मैडम को आवाज लगाई।
मैडम आ गईं।
फिर मैंने रोज़ की तरह उनका हाल-चाल पूछा।
मैं कुर्सी पर बैठा था और मेरा 6 इंच लंबा लंड पतलून के अंदर पूरी तरह तना हुआ था।
पतलून के कपड़े पर साफ उभरी हुई उसकी आकृति दिख रही थी।
मैडम की नज़र अचानक मेरे नीचे की ओर चली गई।
उन्होंने कुछ सेकंड तक मेरी पतलून की उस उभरी हुई जगह को गौर से देखा।
उनकी आँखें थोड़ी चौड़ी हो गईं और गालों पर हल्की लाली छा गई जैसे उन्होंने जानबूझकर उस तने हुए लंड को निहारा हो।
फिर उन्होंने अपनी नज़रें उठाईं और मेरी आँखों में देखा।
उन्होंने धीरे से मेरे करीब आकर कहा, “आज बहुत चुदने का मन कर रहा है… तुम्हारा लंड देखकर तो मेरी चूत पूरी गीली हो गई है!”
उनकी आँखों में एक भूखी-सी चमक थी।
उनकी आवाज़ में झिझक और तीव्र वासना दोनों घुली हुई थीं।
मैं मन ही मन खुश हो गया परंतु मैंने अनजान बनने का नाटक किया।
अंदर ही अंदर मेरा दिल खुशी और घबराहट से उछल रहा था।
मैडम मुझसे विनती करती रहीं पर मैं कुछ न बोला तो मैडम वापस जाने लगीं तब मैंने मैडम को रोका और उन्हें चोदने के लिए हाँ कह दी।
मैडम पूरी खुश हो गईं।
उनके चेहरे पर राहत और उत्साह दोनों साफ झलक रहे थे जैसे सालों से दबा हुआ कोई भाव अचानक निकल आया हो।
मैम ने मेज से सारा सामान हटा दिया तथा अपने कपड़े उतार दिए।
उसके बाद मैडम ने मुझसे कहा कि मैं उन्हें मैम की जगह मानसी कह कर बुलाऊँ।
फिर मानसी ने मेरे भी कपड़े उतार दिए तथा मेरे 6 इंच लंबे लंड को देखने लगीं तभी मैंने भी अपना लंड मानसी के मुँह में दे दिया तथा वो भी लंड चूसने लगीं।
उनकी गर्म साँसों और जीभ के स्पर्श से मेरे शरीर में बिजली-सी दौड़ गई।
आँखें बंद करके मैं उस पल को पूरी तरह महसूस कर रहा था— डर, मज़ा, और एक गहरी संतुष्टि का मिश्रण।
मेरे पास कंडोम नहीं था फिर भी मैंने मानसी को मेज पर लिटाया और मानसी की चूत पर अपना लंड रख दिया और एक ही धक्के में पूरा लंड चूत के अंदर पहुँचा दिया।
धक्का लगाते ही मानसी के मुँह से चीख निकल गई, “आह्ह…!”
उनकी आवाज़ में दर्द और आनंद दोनों थे।
हॉट मैडम सेक्स करते हुए उनकी आँखें बंद थीं और साँसें तेज़ चल रही थीं।
मैंने चुदाई शुरू की।
लगभग 20 मिनट चोदने के बाद मैंने मानसी की चूचियों पर अपना वीर्य निकाल दिया।
परंतु अभी भी मेरा मन नहीं भरा था।
शरीर थका हुआ था लेकिन दिल अभी भी और चाहता था।
उनके शरीर की गर्मी और उनकी सिसकारियाँ मुझे और बेकाबू कर रही थीं।
मैंने मानसी को घोड़ी बनाया तथा अपना लंड मानसी की गाँड पर रखा और दो ही धक्कों में 6 इंच लंबा लंड गाँड के अंदर था।
मैंने जैसे ही धक्के लगाने शुरू किए वैसे ही कमरा सिसकारियों से गूंजने लगा, “आह… धीरे… नहीं… और जोर से…!”
उनकी टूटी-फूटी आवाज़ में वासना चरम पर थी।
लगभग 25 मिनट गाँड मारने के बाद मैंने अपना वीर्य मानसी की गाँड में ही निकाल दिया।
हम दोनों के शरीर पसीने से भीगे हुए थे।
एक पल के लिए कमरे में सिर्फ हमारी तेज़ साँसें गूँज रही थीं।
थकान और संतुष्टि का अजीब-सा मिश्रण था। तथा वापस कपड़े पहन लिए और कुछ समय बाद सर आ गए तो मैं ट्यूशन पढ़कर वापस घर आ गया।
घर जाते समय दिल में एक अजीब-सी ख़ामोशी और अधूरी खुशी दोनों थी।
दोस्तो, आपको मेरी हॉट मैडम सेक्स कहानी कैसी लगी जरूर बताइएगा।
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