हार्डकोर सेक्स कहानी में मैं घर में अकेली थी तो मैंने अपने BF को बुलाकर अपनी चूत की चुदाई के लिए. थोड़ी थोड़ी देर बाद हम बार बार लंड चूत का मिलन करवाते रहे.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम नेहा है. मेरी उम्र 34 साल है. मैं एक शादीशुदा महिला हूँ.
आज मैं आप सभी के साथ मेरी सेक्स कहानी
प्रेमी संग बार बार हार्ड सेक्स का मजा
का एक और भाग शेयर कर रही हूँ.
उम्मीद है आप सभी को मेरी सेक्स कहानी के अब तक के सारे भाग पसंद आए होंगे और आपको मेरी हार्डकोर सेक्स कहानी का ये भाग भी पसंद आएगा.
अब मैं आपको आगे की हार्डकोर सेक्स कहानी बताती हूँ.
मेरे ब्वॉयफ्रेंड वैभव ने मुझे दुपट्टे से बांधकर मेरी जबरदस्त चुदाई की थी जिस वजह से मेरी हालत बिगड़ गई थी.
मेरे बदन के हर अंग में दर्द हो रहा था.
ठंडा-ठंडा जूस पीने के बाद मैं और वैभव दोनों नंगे बदन ही एक-दूसरे की बांहों में बांहें डालकर आराम कर रहे थे और बातें कर रहे थे.
बातों ही बातों में वह मेरे बूब्स के निप्पलों को मसल रहा था.
हम दोनों ने करीब एक घंटे से ज्यादा एक-दूसरे के साथ बिताया.
फिर मैंने उसे कहा- अब बहुत वक्त हो गया है, मैं शाम का खाना बनाने जाती हूँ.
उसने मुझे रोक लिया और कहा- कुछ नहीं बनाना है, तुम्हें क्या खाना है, ये बताओ … मैं बाहर से मंगवा लेता हूँ.
मैंने उसे बताया और उसने बाहर से खाना मंगवा लिया.
फिर हम दोनों ने साथ में खाना खाया.
खाना खाकर थोड़ी देर हमने टीवी देखा. हम दोनों सोफे पर बैठकर टीवी देख रहे थे.
तब मैंने उसे किस करना शुरू किया.
मैंने पहले उसके गाल पर एक किस किया और फिर उसके होंठों पर किस किया.
वह भी मुझे होंठों पर चूमने लगा.
मैं भी उसका साथ देती हुई उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर किस कर रही थी.
कुछ देर बाद मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी कमर पर रखवाया.
उसने मेरी कमर को धीरे से दबोच कर पकड़ा और अपनी ओर को खींच लिया.
थोड़ी देर किस करके मैं उसकी छाती पर चूमने लगी.
उसकी छाती से नीचे होती हुई मैं उसके लंड के पास पहुंच गई.
फिर मैंने उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया.
उसका लंड खड़ा हो गया था तो लंड को पकड़ कर चूसना शुरू कर दिया.
मैं उसके लंड पर अपना हाथ और मुँह दोनों ऊपर-नीचे करती हुई उसका लंड चूस रही थी.
उसे भी मजा आ रहा था.
उसका लंड अच्छे से चूसने के बाद मैं उसकी गोद में बैठ गई.
उसने अपना लंड पकड़ कर रखा और मैं अपनी चूत को उसके लंड पर सैट करके धीरे-धीरे उसके लंड पर बैठने लगी.
उसका लंड मेरी चूत में अन्दर चला गया.
अब मैंने अपनी बांहें वैभव के गले में डालीं और उसके लंड पर उछलने लगी.
उसका लंड धीरे-धीरे मेरी चूत में पूरा चलने लगा था.
उसके लंड का सुपारा मेरी चूत में खलबली मचाने लगा था जिससे मैं मदहोश हो गई थी.
मैंने उसके लंड पर काफी देर उछल-कूद की तो मैं थक गई.
वह यह देख कर मुझे उठाकर सोफे से खड़ा हो गया और उसने मेरी गांड से पकड़ा और लंड पेल कर अपने लंड पर उछालने लगा.
उसने थोड़ी देर तक मुझे अपने लंड पर उछाला और उसके बाद वह मेरी चूत में अपना लंड पेले हुए ही सोफे पर मुझे पीठ के बल लेटा दिया.
उसका लंड मेरी चूत के अन्दर ही था.
उसने अपना एक पैर सोफ़े पर रखा और मुझे मिशनरी स्टाइल में पेलना चालू कर दिया.
कुछ देर बाद उसने मुझे सोफे पर डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया.
अब वह मेरी गांड में अपना लंड डालना चाहता था.
मैंने उसको कहा- गांड में नहीं, बहुत दुख रही है!
उसने कहा- ठीक है, मैं गांड में नहीं डालूँगा
मैं डॉगी स्टाइल में थी और उसने मेरी चूत में अपना लंड डाला.
उसने बड़ी आराम से मेरी चूत में अपना लंड डाला और कमर पकड़ कर मुझे हौले हौले चोदने लगा.
उसका लंड मेरी चूत में अन्दर-बाहर होते हुए मेरी चूत को अच्छे से घिस रहा था.
मैं अपने एक हाथ को अपनी चूत के आस-पास घुमाने लगी.
अचानक से उसकी स्पीड एकदम से कम हो गई और मुझे ऐसा लगने लगा मानो वह चुत की मालिश कर रहा हो.
कुछ देर तक यूं ही सेक्स करने के बाद मुझे उसकी स्लो रफ्तार से चुदने में मजा नहीं आ रहा था.
मैंने उससे कहा- क्या यार, धीरे धीरे क्यों कर रहे हो … बिल्कुल भी मजा नहीं आ रहा है!
उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और कहा- क्यों … क्या हुआ?
मैंने कहा- धीरे-धीरे में मजा नहीं आ रहा है!
उसने कहा- क्यों मजा नहीं आ रहा है? तुम जैसा चाहती हो, मैं वैसे ही तो कर रहा हूँ?
मैंने उससे कहा- तुम जैसे फच फच करते हुए करते हो, वैसे ही करो … उसमें बहुत मजा आता है!
उसने कहा- लेकिन तुम्हें उसमें मजा नहीं आता है.
मैंने कहा- अरे इस पुल्ल पुल्ल चुदाई से तो वही अच्छा था, थोड़ा हार्ड जरूर था, लेकिन मजा बहुत आता है. तुम वैसे ही चुदाई करो न!
वह लंड निकाल कर मेरे आगे खड़ा हो गया और उसने मेरे मुँह के पास अपना लंड रखा.
मैं समझ गई कि इसे चुसवाना है. मगर मैं चुपचाप मुँह बंद करके कुतिया बनी खड़ी रही.
कुछ पल तक उसने अपने लंड को मेरे मुँह पर फिराया. फिर उसने मेरे एक दूध को जोर से मसला तो मेरा मुँह अपने आप खुल गया. उसने तत्काल अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया.
मैं उसकी इस हरकत से हंस दी.
उसने मेरे मुँह को पकड़ा और अपने लंड से मेरे मुँह को धपाधप चोदने लगा.
जल्दी ही उसका लंड सख्त हो गया था और मेरे मुँह में अन्दर-बाहर होते हुए बड़ा सख्त लग रहा था.
पांच मिनट तक मेरे मुँह को चोदने के बाद उसने मुझे वापस सही से डॉगी स्टाइल में खड़ी होने के लिए कहा.
मैं अपने हाथ और पैरों को सोफे पर रखकर डॉगी स्टाइल में खड़ी हो गई.
उसने मेरा एक पैर पकड़ कर जमीन पर रखवाया और उसने मेरी चूत में अपना लंड डाला.
वह लंड मेरी चूत में डाल कर झटके मारने लगा.
उसका लंड मेरी चूत में अन्दर-बाहर होकर धीरे-धीरे अन्दर जाने लगा.
मेरे एक पैर का घुटना सोफे पर था और मेरा दूसरा पैर जमीन पर था.
मैंने अपने दोनों हाथ सोफे पर रखकर बैलेंस बनाया हुआ था.
वैभव मेरे पीछे खड़ा होकर मेरी चूत में अपना पूरा लंड डालकर मुझे चोद रहा था.
थोड़ी देर बाद वह सोफे पर बैठ गया और उसने मुझे अपने लंड पर बैठने के लिए कहा.
वह अपने पैर फैलाकर अपने लंड को पकड़ कर सोफे पर बैठ गया.
मैं उसकी तरफ पीठ करके खड़ी हुई और धीरे से मैंने अपनी चूत को उसके लंड पर सैट कर दिया.
फिर मैं धीरे-धीरे उसके लंड पर बैठने लगी. मैं धीरे-धीरे उसके लंड पर ऊपर-नीचे हो रही थी और उसका लंड मेरी चूत में अन्दर चला जा रहा था.
वैभव ने मुझे कहा- धीरे-धीरे नहीं, तेजी से अपनी चूत को ऊपर-नीचे करो और पूरा लंड अपनी चूत में घुसा लो!
मैं तेजी से उसके लंड पर उछलने लगी और उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुसने लगा.
उछलते हुए मेरी कमर दुखने लगी थी. मैंने उसके लंड पर काफी देर तक उछल-कूद की, जिससे मेरी चूत से पानी छूट चुका था.
मैं उछलते हुए थक गई थी तो मैं उसके लंड पर से उठ गई.
मैंने दो मिनट का ब्रेक लिया.
उसने दो मिनट बाद मुझसे कहा- इसे अपने मुँह में लेकर चिकना कर दो!
मैंने फिर से उसका लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और उसे थूक से चिकना कर दिया.
उसने मुझे सोफे पर लेटा दिया और वह मेरे पीछे आकर लेट गया.
मुझे सोफे पर लेटाकर उसने मेरा एक पैर ऊपर करके मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया.
मेरा एक पैर हवा में लटक रहा था और वह मेरे पीछे लेटकर मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल कर मुझे चोद रहा था.
थोड़ी देर बाद उसने अपने एक हाथ से मेरा गला पकड़ लिया और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स को पकड़ लिया.
अब उसने अपनी स्पीड बढ़ाई और तेजी से अपना लंड मेरी चूत में हिलाने लगा.
अपना लंड तेजी से मेरी चूत में हिलाते हुए उसने मेरे गले को और बूब्स को कसकर दबाया हुआ था.
थोड़ी देर बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत से निकाला और अपना वीर्य छोड़ने लगा.
उसका वीर्य मेरी चूत के आसपास चिपक गया था.
उसके झड़ने के बाद मैंने अपना पैर नीचे किया और ऐसे ही हम एक-दूसरे को चिपक कर लेटे रहे.
कुछ देर बाद हम दोनों उठे और नहा कर टीवी देखने लगे. वह मुझसे बोला कि मम्मी पापा कब आएंगे?
मैंने कहा- अभी कोई खबर नहीं है लेकिन वे लोग आज तो पक्का नहीं आएंगे. क्योंकि मम्मी ने कहा था कि वे आने से पहले फोन करेंगी ताकि मैं उनके लिए खाना बना कर रखूँ.
वह बोला- तो आज रात का क्या प्रोग्राम है?
मैंने कहा- पार्टी करते हैं.
वह बोला- ठीक है मैं सामान लेकर आता हूँ.
वह बाजार चला गया और उधर से व्हिस्की की बोतल ले आया.
फिर दारू पीने के बाद हम दोनों ने शाम का खाना खाया और टीवी देखने लगे.
कुछ देर बाद मैंने और वैभव ने 69 में आकर ओरल चुदाई का एक राउंड पूरा किया और वह सिगरेट पीने लगा.
अब तक रात के साढ़े नौ बज गए थे. हम दोनों नंगे ही लेटे हुए थे और एक-दूसरे से बातें कर रहे थे.
बातें करते हुए मैंने उसे कहा- मुझे वह वाली सेक्स वीडियो दिखाओ ना!
उसने मुझे पोर्न साइट ओपन कर दी और कहा- तुम ये चुदाई की वीडियो देखो, मैं फ्रेश होकर आता हूँ!
मैंने फास्ट फॉरवर्ड में दो-तीन वीडियो देखे और मैं एकदम से गर्म हो गई.
मैं बेडरूम में चली गई और बेड पर लेटकर अपने बूब्स दबाने लगी और चूत को मसलने लगी.
वैभव फ्रेश होकर बेडरूम में आया और मुझे देखकर बोला- क्या बात है जान इतनी गर्म कैसे हो गई?
मैंने उसको इशारा किया- बेड पर आ जाओ!
वह बेड पर आ गया और मैंने उसके गले में बांहें डालकर उसको किस किया.
वह भी मुझे किस करने लगा.
मैंने किस करते हुए उसके लंड को पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया.
उसका लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे चूसना शुरू कर दिया.
वह बेड पर सीधा लेटा हुआ था और मैं उसके पैरों के बीच में बैठकर उसका लंड चूसने लगी.
मैं उसके लंड को पकड़ कर हिलाती हुई मुँह में गले के अंतिम छोर तक ले लेकर चूसने लगी थी.
मैंने काफी समय तक उसके लंड को चूसा और उसके लंड को एकदम चिकना कर दिया.
फिर जब न रहा गया तो मैं उसके लौड़े को अपनी चुत में फंसा कर उसके ऊपर बैठती चली गई और उसके लंड को अपनी चूत में गहराई डाल दिया.
उसके लंड को अपनी चूत में डाल कर मैं धीरे-धीरे उछलने लगी.
मेरे दोनों दूध हवा में उछल रहे थे जिन्हें वैभव अपने हाथों से पकड़ कर मींज रहा था.
उसका लंड धीरे-धीरे मेरी चूत में अन्दर बाहर होने लगा था और मेरी खुजली मिटने लगी थी.
थोड़ी ही देर में मैं उसका पूरा लंड अपनी चूत में अन्दर बाहर करती हुई काफी तेज गति से उछलने लगी थी.
वह मेरे चूतड़ों पर हाथ लगा कर मुझे अपने लौड़े पर उछालता रहा.
थोड़ी देर बाद मैं थक सी गई तो अपनी चूत में लंड को फंसाए हुए ही मैं उसके ऊपर लेट गई और उसको किस करने लगी.
वह भी मेरे होंठों को चूसता हुआ मेरी गांड को मसलता रहा.
मैं उसको किस करती हुई उसके लंड पर चटनी सी पीसती हुई चुत को रगड़ने लगी थी.
थोड़ी देर बाद उसने मेरी चूत में अपना लंड अन्दर फंसाए हुए ही मुझे पकड़ा और पलट गया.
अब मैं उसके नीचे पिसने को तैयार हो गई थी और वह मेरे ऊपर चढ़ गया था.
उसने लौड़े की सैटिंग बनाई और मेरी टांगें उठाकर मुझे चोदना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में वह जोर-जोर से मुझे चोदने लगा.
मेरे मुँह से ‘आह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह …’ करके जोर-जोर से आवाजें निकल रही थीं.
वह भी मुझे गाली देता हुआ पेल रहा था- आह साली रंडी बता मजा आ रहा है न!
मैं भी उसको गाली देती हुई बोल रही थी- हां बहन के लंड और जोर से चोदो मुझे साले मादरचोद और जोर से चोद!
उसने अपनी स्पीड बढ़ाई और उसकी जांघें मेरी जांघों से जोर-जोर से टकराने लगीं.
पट-पट-पट-पट की मधुर आवाज हो रही थी.
मेरी दोनों टांगों को उसने मेरे घुटनों से पकड़ कर ऊपर उठाया हुआ था.
थोड़ी देर बाद उसने मेरी टांगें ऊपर उठाए हुए ही मेरी चूत में एक-एक करके बहुत सारे लंबे-लंबे शॉट्स मारे.
मैं उसके तेज झटकों से एकदम धक्क से सिहर जा रही थी.
कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरे बूब्स पर आकर बैठ गया.
अब उसने अपना लंड थोड़ी देर के लिए मेरे मुँह में दे दिया.
उसका लंड थोड़ा ढीला हो गया था तो मैं उसके लौड़े को चूसने लगी और हाथ से उसके टट्टे सहलाने लगी.
कुछ ही देर में उसका लंड फिर से कड़क हो गया.
अब उसने मुझे डॉगी स्टाइल में खड़ा होने के लिए कहा.
मैं उसके सामने अपने हाथ पैर पर खड़ी होकर कुतिया बन गई.
उसने अपना हाथ मेरी चूत पर रगड़ा और फिर उसने अपने लंड को पकड़ कर मेरी चूत में घुसेड़ दिया.
उसके एक ही झटके में आधा लंड सीधा मेरी चूत में घुस गया.
मेरी चूत में अपना लंड घुसाकर उसने मेरी कमर पकड़ ली और अपने लंड को मेरी चूत की चुदाई करने लगा.
कुछ देर बाद वह अपने घुटनों पर बैठकर पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डालकर झटके मार रहा था.
उसका लंड बहुत तेज रफ्तार से मेरी चूत में अन्दर घुसने निकलने लगा था.
मेरे दूध हिल रहे थे और बड़ा मजा आने लगा था.
कुछ ही झटकों में उसका पूरा लंड मेरी चूत में अन्दर मेरे गर्भाशय तक चला गया.
फिर वह मेरी जांघों पर और मेरे कूल्हों पर चाटें मारते हुए मुझे चोदने लगा.
उसके लंड तेज झटकों से मैं खुद भी आगे-पीछे हिल रही थी. मेरे बूब्स भी झूल रहे थे.
वैभव ने मुझे डॉगी स्टाइल में बहुत चोदा.
फिर वह बेड पर सीधा लेट गया और उसने मुझे इशारा किया तो मैं उसकी तरफ पीठ करके उसकी छाती पर बैठ गई.
मैंने थोड़ा सा उसका लंड चूसा और उसके लंड को मेरे थूक से चिकना कर दिया. अब मैं पुनः उसके लंड पर बैठने लगी.
मैंने उसके लंड को पकड़ कर अपनी गांड के छेद पर सैट किया और धीरे-धीरे उसके लंड पर बैठने लगी.
उसका लंड धीरे-धीरे मेरी गांड में घुस गया.
उसके लंड को मेरी गांड में लेकर मैं उसके लंड पर उछल रही थी.
उसका लंड धीरे-धीरे मेरी गांड के अन्दर आ-जा रहा था.
थोड़ी देर बाद मुझे महसूस होने लगा कि उसका लंड वीर्य छोड़ने वाला है.
मैं झटके से उसके लौड़े के ऊपर से गांड हटा कर नीचे उतर गई और मैंने उसके लंड को मुँह में ले लिया.
अब मैं उसके लंड की मुठ मारती हुई उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
अचानक उसके लंड से वीर्य छूटने लगा. उसका सारा वीर्य मेरे मुँह में आ गया.
वीर्य छोड़ने के बाद उसका लंड नर्म हो गया और मेरे मुँह से बाहर निकल गया.
उसका सारा वीर्य मेरे मुँह में ही था.
मैंने सेक्स वीडियो में एक लड़की को चुदाई के बाद वीर्य निगलते हुए देखा था तो मेरा बड़ा मन था कि मैं भी वीर्य खाकर देखूँ. इसलिए मैं उसके वीर्य को निगल गई.
वह मेरी तरफ देखता रहा और फिर उसने कहा- तुम्हें ये पसंद है?
मैंने कहा- पहली बार किया है और बहुत अच्छा लगा!
अब हम दोनों एक-दूसरे के साथ नंगे लेटे हुए सो गए.
इसके अगले भाग में मैं आपको आगे बताऊंगी कि वैभव ने मेरे साथ किस तरह से प्यार करते हुए चुदाई का मजा दिया.
दोस्तो, आपको मेरे बीएफ के साथ हुई इस हार्डकोर सेक्स कहानी में मजा आया होगा, प्लीज मुझे जरूर बताएं.
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