बिग डिक Xxx स्टोरी में मैंने अपनी कामुक बीवी के लिए बड़े लम्बे हबशी लंड वाले को होटल के कमरे में बीवी की चूत फाड़ने के लिए बुलाया. उस दिन मेरी बीवी की चूत दोबारा फटी थी.
कहानी के पहले भाग
नीग्रो से चुदने की फंतासी मेरी बीवी की
में आपने पढ़ा कि अपनी सेक्सी बीवी की काले लंड से चुदने की तमन्ना जाकर मैं उसे हमारी शादी की दसवीं सालगिरह पर अमेरिका ले गया. वहां मैंने उसके लिए एक काले नीग्रो लंड का इंतजाम कर रखा था.
होतेल्के कमरे में नीग्रो को देख वह खुश हो गयी और चुदाई के लिए तैयार हो गयी.
अब आगे बिग डिक Xxx स्टोरी:
मैंने बिना कुछ कहे सैम का लौड़ा अपने मुठ्ठी में लिया और थूक से गीले उस काले लौड़े को सहलाने लगा.
थोड़ा आगे आते हुए वो सावी के जांघों सहलाने लगा और एक तकिया सावी की कमर के नीचे घुसाया.
चुदाई के लिए तैयार लौड़ा देख सावी गुर्राई- बस करो अब घुसा दो इस मादरचोद का लौड़ा अपनी बीवी के भोसड़े में!
सावी के पैर ऊपर उठाकर सैम आगे झुका, उसका सूपड़ा अब मेरे बीवी का भोसड़ा चूमने लगा.
सावी को तड़पने के लिए मैंने लौड़ा उसकी भगनासा पर घिसना चालू किया तो सावी आहें भरने लगी.
आँखें बंद करके वो सिसक रही थी.
तभी मैंने सैम को इशारा किया, उसने भी एक हल्का धक्का देते हुए अपना लगभग आधा लौड़ा सावी के अंदर ठेल दिया.
आँखें खोल वो जोर से चिल्लाते हुए बोली- आअ ह्ह्हह मादरचोद … कुत्ते एएएए धीरे कर भोसड़ी के!
मेरे लौड़े के आकर में ज़्यादा मोटा लौड़ा अंदर घुसने से सावी का भोसड़ा पूरा फ़ैल गया था.
बिग डिक Xxx से उसकी पीड़ा देख़ मैं उसके पास गया और उसका माथा सहलाने लगा.
सावी के ओंठ चूमते हुए मैंने उसके मदमस्त मांसल बदन को सहलाना चालू किया.
जिस कारण उसकी पीड़ा काफ़ी कम हुई.
वासना से मचलती सावी की कमर अपने-आप उठने लगी तो सैम ने भी धक्के लगाना चालू किया.
गरम लौड़े से चूत में उठती तरंगों से मेरी बीवी धंधेवाली रंडी बन गयी, गांड उठा-उठा कर वो सैम का लौड़े से चुदने लगी.
सैम ने भी धीरे-धीरे पूरा 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड सावी के भोसड़े में अंदर तक घुसा दिया.
सैम का लौड़ा घपाघप भोसड़े में गोते लगाने लगा.
और मुझे पता ही नहीं चला कब सावी ने मेरा लौड़ा अपने मुँह में भरके चूसना चालू किया.
संभोग सुख से सावी का मदन-दाना फूल चुका था.
मैंने तुरंत अपनी उँगलियाँ उस फुले हुए दाने पर ले गया और उसकी मालिश करने लगा.
भोसड़े से टपकता योनिरस सैम की मदद करने लगा.
‘आअह ह उफ्फ फ्फ्फ़ मम्मीई ईई’ सिसकते हुए सावी अपनी गांड उठा-उठा कर चुद रही थी.
लगभग 6 इंच तक लौड़ा अंदर घुस चुका था.
धक्कों की गति से सुपारा जैसे ही बच्चेदानी के पार गया तो सावी चिल्ला उठी- मादरचोद … आह रंडी की औलाद कुत्ते मर गई इइइ मानस्सस्सस्स!
भोसड़े को सहलाते मेरे उंगलियों पर कुछ गरम लगा तो मैंने देखा सावी की चूत फ़टने के कारण थोड़ा सा ख़ू.न निकल रहा था.
जीवन में आज दूसरी बार मेरे बीवी की चूत फटी थी, एक बार हमारी सुहागरात पर और दूसरी आज.
सैम को रुकने का इशारा करके मैंने तुरंत एक छोटा तौलिया लिया और चूत को साफ़ करने लगा.
वासना के उन्माद से मचलता सावी का शरीर अपनी बाँहों में लेकर सैम उसे चूमने लगा, दोनों हाथों से चूचियां गूंथने लगा.
सावी ने भी उसे आलिंगन देते हुए उसका सर अपने चूचियों पर दबाया.
सैम अब कमर हिलाते हुए मेरे बीवी के स्तन चूसने लगा.
बड़ी निर्दयता से निप्पलों को काट-काट कर चूसने से सावी रंडी जैसे गुर्राने लगी, अपने आप उसकी गांड हवा में उठने लगी.
एक हाथ से सावी का गाला दबोचकर सैम बोला- अब देख रंडी, कैसे तेरे भोसड़े की माँ चोदता हूँ!
सैम के निप्पल को उँगलियों से मरोड़ते हुए सावी बोली- हां सड़कछाप रंडी की औलाद, दिखा कितना दम है तेरे लुल्ली में भोसड़ी के!
सावी की चुनौती का ज़वाब देने के लिए सैम ने लौड़ा पूरा बाहर निकाल लिया और एक तड़तड़ाता आघात करते हुए फिर से अंदर ठूंस दिया.
इसी तरह उसने 10-12 धक्कों से सावी का भोसड़ा पूरा छील दिया.
सावी भयंकर पीड़ा से चीखने लगी.
उसकी आँखों से पानी बहने लगा था.
लेक़िन उस पीड़ा में भी संभोग के आनंद के कारण वो गांड उठाकर चुद रही थी.
सैम और सावी की जाँघे एक-दूसरे पर पटकने से थप-थप की आवाजें निकलने लगी, कामरस से भीगा भोसड़ा लंड की मार से पच-पच करने लगा.
‘आआह्ह मम्मी ईई मानस … चोद ज़ोर से कुत्ते एएएएए …’ की गुहार लगाते हुए सावी नीग्रो से चुद रही थी.
सैम की दमदार चुदाई से मदहोश होकर सावी तो जैसे मुझे भूल गयी थी, मैं भी दारू का स्वाद लेते हुए उनकी चुदाई देखने लगा.
सैम के पीछे खड़ा होकर मैं देख रहा था कि कैसे मेरे बीवी के भोसड़े का पानी चादर भीगा रहा था.
लौड़े से घिसने से चूत के आस-पास एक सफ़ेद रंग का झाग भरने लगा था.
सावी की गांड का खुलता-बंद होता छेद भी योनिरस से चमक रहा था और उस छेद पर सैम के काले अंडकोष थप्पड़ मार रहे थे.
उनकी चुदाई देख मेरा लौड़ा आसमान चूम रहा था कि तभी मुझे याद आया की सैम ने चुदाई से पहले एक वादा किया था.
गिलास वही टेबल पर रख मैं सैम की तरफ बड़ा, बाल पकड़ कर मैंने उसके सामने अपना लौड़ा करते हुए कहा- ले भोसड़ी के, अब वादा पूरा कर अपना, चूस तेरे बाप का लौड़ा!
मेरी बात समझकर खिलखिलाते हंसकर सावी ने कहा- वाह्ह्ह मेरी जान, अब मजा आएगा, चूस ले नामर्द कुत्ते, देख आ गया तेरे अम्मा का यार!
सैम के बाल पकड़ कर सावी ने लौड़ा उसके मुँह पर मारना चालू किया.
अपने वादे के अनुसार सैम ने भी बिना कुछ कहे अपना मुँह खोला.
बिना देर किये मैंने झटसे आधा लौड़ा उसके मुँह में पेल दिया और जोर जोर से उसका मुँह चोदने लगा.
भोसड़े में लौड़ा घुसवाकर और सैम को गालियां देते हुए सावी ने मेरे अंडकोष को चाटना चालू किया.
चुदाई रुकने के कारण सावी गुस्से से बोली- लगता है पसंद आ गया तुझे तेरे बाप का लौड़ा मादरचोद! अब मेरा भोसड़ा तेरी अम्मा आकर चोदेंगी?
सैम अब लौड़ा चूसते हुए फिर से अपनी कमर आगे-पीछे करने लगा.
इधर मेरा लौड़ा उन दोनों के ओंठों के बीच रगड़ने लगा.
सैम के धक्कों से उछलती सावी की दुधारू चूचियाँ मसलते हुए मैं कभी सावी का तो कभी सैम का मुँह चोदने लगा.
बीच-बीच में जानबूझकर मेरे लौड़े पर थूक देता, सावी और सैम थूक को चाटते हुए लौड़ा और अंडकोष गीला कर देते.
मेरे लौड़े की मालिश करवाने के बाद मैंने सावी से कहा- आजा मेरी जान, कर ले अपनी इच्छा पूरी, बैठ जा इस घोड़े पर और कर ले घुड़सवारी!
सैम ने जैसे ही अपना लौड़ा बाहर खींचा तो पक की आवाज करता वो बाहर आ गया.
आह्ह् मम्मी कहते सावी ने अपना भोसड़ा सहलाया.
नीग्रो के लौड़े से चुदवाकर काफ़ी भोसड़ा खुल गया था, चूत के अंदरूनी ग़ुलाबी गलियारों से बहता योनिरस देख मैं ख़ुद को रोक ना सका.
ग़ैरमर्द से चुदवाया भोसड़ा मुझे चूसते देख़ सावी भावुक हुई और उसने मुझे अपनी ओर खींच कर चूमना चालू किया.
उसकी आँखों में देख कर मैंने कहा- कैसा लगा उपहार मेरी जान? लगता है आज के बाद मुझे भूल जायेगी तू?
मेरे सीने पर काटते हुए सावी ने कहा- तुम पर तो इस मादरचोद जैसे 1000 कुत्ते लुटा दूँ मानस, तू तो भगवान है मेरा, आय लव्ह उ हब्बी!
उसकी भावुकता रोकते हुए मैंने कहा- चल, चल बड़ी आयी, देख इसका लौड़ा कैसे तेरे भोसड़े को बुला रहा है, चढ़ जा, कर ले सवारी आज!
मुझे चूमते हुए वो बोली- अब तो बस देखो कैसे इस रंडी की पैदाइश को निचोड़ देती हूँ!
सैम के ऊपर चढ़कर उसने अपने हाथ से लौडा भोसड़े पर दबाया और नीचे बैठती चली गयी.
मोटे लौड़े के घुसने से होती पीड़ा उसके चेहरे पर दिखाई दे रही थी.
अपने ओंठों को काटते हुए उसने पूरा लौड़ा फिर से अंदर ले लिया.
सावी की उत्तेजना देख सैम ने भी उसकी कमर को पकड़ कर नीचे से धक्के लगाना चालू किया.
सैम के तगड़े झटके से सुपारा फिर एक बार बच्चेदानी चूमने लगा.
‘धीरए कर मादरचोद’ गाली देते हुए उसने सैम के सीने पर नाख़ून गाड़ दिए.
सावी की पीड़ा देख मैं जमीं पर आ गया, सावी की पीठ चूमते चूमते मैंने अपना मुँह उसकी गांड में घुसाया.
गांड पर खुरदरी जीभ के स्पर्श से उसने पलट कर देखा और मुस्कुराते अपनी गांड मेरे मुँह पर घिसने लगी.
सावी की गांड चाटने से सैम के अंडकोष भी मेरे सामने आ गए, बेशर्मों की तरह मैं उनको भी चूसने लगा.
भोसड़े में घुसते लौड़े पर थूकते हुए मैंने सावी की गांड का छेद चमका दिया.
गांड और चूत में मिल रहे यौनसुख में मदहोश सावी उछल-उछल का चुदवाने लगी, फिर से उसकी सिसकियाँ से माहौल गरमाने लगा.
गदराई गांड मांसल जांघों पर पटकने से फिर से थप-थप की आवाजें कमरें को महकाने लगी.
हवा में उछलती सावी के दूध पंजों में क़ैद करके सैम उनको बुरी तरह मसलने लगा.
उसके निप्पलों की तो हालत ख़राब हो गयी थी.
निप्पलों से उठते पीड़ा की तरंग जैसे सावी के शरीर में उत्तेजना भरने लगी थी, बेशरम रंडी जैसे वो जोर जोर से सैम के लौड़े पर कूद रही थी.
मेरा सर गांड में दबाते सावी बोली- आअ ह्ह्ह मानस स्स चाटो ओओ ओओ मेरी गांड! जीभ घुसा दो प्लीज!
जोश में आकर मैंने उसके चूतड़ फ़ैला कर पूरी जीभ गांड में घुसा दी.
मेरे थूक से गांड और सैम के अंडकोष चिपचिपे हो गए.
सैम पर झुकते हुए सावी ने अपने स्तन उसके मुँह में दिए तो वो मादरचोद नीग्रों उन्हें काट काट कर चूसने लगा.
सविता की वासना देख मैं समझ गया कि ये अब अपने आखरी पड़ाव पर आचुकी है और किसी भी समय इसका मूत निकल जाएगा.
जैसे जैसे मैं गांड चाटने लगा वैसे वैसे उसकी गांड का छेद भी खुलने लगा.
ये देख कर सावी की गांड चुदाई का ख़्याल भी मेरे मन में आने लगा.
जीभ के बदले मैं अपनी २ उँगलियाँ अब मेरे बीवी की गांड में घुसा दी और जोर जोर से उसकी गांड चोदने लगा.
थूक से गीले गांड के छल्ले में उंगलियाँ घुसाकर मैंने सावी के बाल पकड़ कर उसका मुँह मेरे लौड़े की तरफ़ मोड़ा.
उसके मुँह पर थूकते मैंने कहा- साली रांड, पति के सामने गैर मर्द से चुद रही है छिनाल, मेरा लौड़ा क्या तेरी माँ चूसेगी मादरचोद!
इतना कहते ही सावी में मेरा लौड़ा मुठ्ठी में दबोचा, उस पर थूकते हुए वो सड़कछाप रंडी जैसे लंड चूसने लगी.
हवा में उछलते उसकी मादक चूँचियों पर थप्पड़ मारते हुए मैं उसका मुँह चोदने लगा.
तेज धक्कों से मेरे बीवी का भोसड़ा चोदने वाले सैम को मैंने रुकने का इशारा किया, थूक से गीला लंड लेकर मैंने सावी के पीछे बैठा.
उसकी गदराई गांड पर थप्पड़ लगाकर मैं बोला- आज तो तुझे रंडी बनाकर चोदूँगा सावी, ले मादरचोद चुदवा ले तेरी गांड पति से!
सावी ने आजतक दो मर्दों से एकसाथ चुदाई कभी नहीं की थी.
जिस कारण उसे थोड़ा डर लगने लगा.
मेरे इशारे पर सैम ने सावी को अपने ऊपर लिया और कसकर बाहों में भरा, सावी की चूँचियाँ उसके सीने मे पिस गयी.
अपनी नंगी बीवी के चूतड़ फैलाकर थूक से चमकती गांड के छेद पर मैंने सुपारा टिकाया और एक ही झटके में पूरा लौड़ा बीवी की गांड में आर-पार कर दिया.
वैसे तो सावी की गांड ने मेरे अलावा और बहुत से लौड़े का मजा लिया था जिस कारण गांड काफ़ी ढीली हो चुकी थी.
पर आज सैम का लौड़ा भोसड़े में होने के कारण उसकी गांड काफ़ी तंग हो चुकी थी.
एक साथ दो-दो लौड़े घुसने से सावी का शरीर थरथराने लगा, छेदों में उमड़ रही पीड़ा से वो पसीना-पसीना हो गयी.
मेरे हाथ को पकड़ कर उसने चींखते हुए कहा- मर गईइ इइइइ बहनचोद फाड़ दी कुत्ते एएएएए!
उसकी गालियां अनसुनी करके मैंने सैम से कहा- तू क्यों रुका अब भोसड़ी के, चोद कुत्ते, फाड़ दे इस रंडी का भोसड़ा!
मुफ़्त में मिले रंडी पर हम दोनों टूट पड़े.
सावी का भोसड़ा और गांड एक साथ चुदने से वो चिल्ला-चिल्ला कर रोने लगी.
उसकी गर्दन और कान की लौ चूस चूस कर मैं उसकी उत्तेजना फिर से जगाने लगा, उसकी वासना उफ़ान पर चढ़ने लगी.
दोनों छेदों में मिल रहे कामसुख से और पति के सामने ग़ैरमर्द से चुदवाने की कल्पना से सावी का भोसड़ा पिघलने लगा.
और एक जोरदार ‘आअह्ह ह मम्मी ईईई’ चीख मारते उसका भोसड़ा भलभला के मूतने लगा.
सैम का पेट और बिस्तर की चादर उसके मूत से गीली हो चुकी थी.
झड़ने के असीम आनंद से उसका शरीर थरथर काँप रहा था.
झड़ते समय उसके चेहरे पर उमटी ख़ुशी की जहालत देख मैंने चुदाई रोकी और उसे कसके बाहों में भर लिया.
सावी को पूर्णतः झड़वाने के बाद हम फिर से उस पर टूट पड़े, गांड को चीरता हुवा मेरा लौड़ा और सैम का बच्चेदानी में घुसा लौड़ा आपसे में टकराने लगे.
वासना के शिखर पर गोते लगाते सावी बोली- आअ ह्ह्ह् मानस स्स, चोदो मुझे … और ररर जोरररर से मानस! रंडी बना ले मुझे, फाड़ दे मेरा भोसड़ा रंडी के पिल्ले!
मदहोशी में गालियां देते हुए उसने सैम का गला दबोचा, उसके मुँह पर थूकते हुए वो उसे सटा-सट थप्पड़ मारने लगी.
सैम के निप्पल को ऊँगली की चिमटियों में पकड़ कर ऐसे मरोड़ा वो बेचारा चीख पड़ा.
घमासान चुदाई के खेल में हमारे शरीर पसीने से लथपथ हो चुके थे पर ना तो सैम पीछे हटनेवाला था और ना ही मैं.
भकाभक चुदाई से गांड में लगा थूक भांप बनकर उड़ गया, सुखी गांड की दीवारें रगड़ता मेरा लौड़ा अब जलने लगा था.
पता नहीं कैसे सावी ने ये बात जान ली और बोली- रुक मनु, (प्यार से मेरी बीवी मुझे इसी नाम से पुकारती है) लाओ अभी तुम्हारे लौड़े को ज़न्नत दिखाती हूँ!
जलती गांड से मैंने लौड़ा बाहर निकाला, खुली हवा में आकर वो फिर से मौज़ में लहराने लगा.
सैम का लौड़ा भोसड़े से बाहर निकालकर वो सीधे उसके मुँह पर जा बैठी, बाल मुट्ठी में पकड़ कर वो अपनी चूत उसके मुँह पर रगड़ने लगी.
उस काले नीग्रो की खुरदरी जीभ से सावी के चूत का दाना घिसने लगा तो वो फिर से बहकने लगी.
अपनी चूत जोर से सैम के मुँह पर दबाकर वो चिल्लाई- ले मादरचोद काले कुत्ते, पी ले तेरे माँ का मूत बहनचोद!
प्यासे कुत्ते जैसे वो मेरे बीवी का मूत चाटने लगा, उसका सीना और बिस्तर दोनों सावी के कामरस और मूत से गीले हो चुके थे.
दो बार झड़कर सावी थक चुकी थी.
कहानी अगले भाग में ख़त्म होगी.
अभी तक की यह बिग डिक Xxx स्टोरी आपको कैसी लगी?
मुझे मेल करें और कमेंट्स में भी लिखें.
replyman12@gmail.com