पोर्न टीचर चुदाई कहानी में मुझे दो जवान लड़कियों और उनकी टीचर को लेकर 24 घंटे की ड्राइव करके किसी प्रतियोगिता में जाना था. टीचर मेरे साथ बैठी थी.
नमस्कार! आपने मेरी पिछली कहानी
प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई
में पढ़ा कि मैं कैसे कामिनी और संजना के साथ मजे कर रहा था और मैं उन्हीं के घर में रहने लगा था।
पूजा को भी अपनी मम्मी और मेड की चुदाई देखने की आदत हो गई थी लेकिन पूजा मुझसे चिढ़ती थी।
वो मुझसे ठीक से बात नहीं करती थी इसलिए मुझे उसकी चूत मारने का मौका नहीं मिला था।
मैं भी जोर-जबरदस्ती नहीं करना चाहता था।
और मुझे कामिनी का भी डर था।
पूजा पुणे के एक बड़े कॉलेज में पढ़ती थी।
पूजा के फिगर और खूबसूरती के बारे में मैं आपको उसके साथ चुदाई की कहानी में बताऊंगा।
अभी मैं आज की पोर्न टीचर चुदाई कहानी पर आता हूँ।
पूजा को संस्कृत साहित्य प्रतियोगिता के सिलसिले में केरल जाना था।
उसके साथ उसकी टीचर और एक कोरियन सहेली जाने वाली थी।
पूजा ने जाने-आने और रहने की जिम्मेदारी खुद पर ले रखी थी।
इसलिए कामिनी ने मुझसे पूछा- क्या तुम इन लोगों को लेकर केरल जाओगे? बाय कार?
मैंने हामी भर दी।
केरल का प्रोग्राम 5 दिनों का था।
अगर जीतते हैं तो और दो दिन रुकना पड़ सकता था।
पुणे से 24 घंटे का सफर था।
दो दिन पहले हमें निकलना था।
मैंने अपनी पूरी तैयारी कर ली।
लेकिन शायद पूजा मुझे नहीं ले जाना चाहती थी।
वो कामिनी को बार-बार मना कर रही थी।
कामिनी ने उसे मना लिया क्योंकि कामिनी मुझ पर भरोसा करने लगी थी।
वो दिन आ गया।
मैं और पूजा घर से निकल पड़े।
पूजा पिछले सीट पर बैठ गई।
हम सीधे पूजा की टीचर नेहा के पास गए।
वहाँ वो कोरियन लड़की मिंग भी थी।
पूजा ने फोन करके दोनों को बाहर बुलाया और मुझे कार की डिक्की खोलने को कहा।
मैं ड्राइवर सीट पर ही बैठा रहा।
पूजा नीचे उतरी, दोनों का बैग रखकर वापस पिछले सीट पर बैठ गई।
नेहा सामने वाली सीट पर बैठी।
एक 35 साल की औरत, बला की खूबसूरत लेकिन एकदम रंडी की तरह मेकअप किया हुआ था।
मैंने उसको ठीक से नहीं देखा था।
मिंग भी पिछली सीट पर बैठ गई।
मैंने कार दौड़ा दी।
उन लोगों की बातें चल रही थीं।
करीब 3 घंटे के सफर में हम एक शहर में पहुँच गए थे।
तब नेहा ने चाय-पानी पीने के लिए गाड़ी रोकने को कहा।
मैंने एक अच्छा होटल देखकर गाड़ी रोक दी।
हम सब साथ नीचे उतरे।
वो तीनों आगे जा रही थीं और मैं पीछे था।
तब मैंने गौर से नेहा और मिंग का फिगर देखा।
नेहा की एकदम उभरी हुई गांड मटक रही थी।
उसकी कमर एकदम पतली थी, कंधों तक बाल।
मिंग वो कोरियन लड़की एकदम स्लिम और लंबी थी।
मैंने अब तक उनके चेहरे नहीं देखे थे।
अब जैसे हो वो टेबल पर बैठीं, मुझे उनके सामने से दर्शन हुए।
नेहा के बूब्स बहुत बड़े-बड़े थे।
मिंग के बूब्स का अंदाजा नहीं आ रहा था।
मिंग एकदम डॉल जैसी थी तो नेहा बला की खूबसूरत।
मैं जाकर उन्हीं के टेबल पर बैठने लगा तो नेहा ने मुझे दूसरे टेबल पर बैठने को कहा।
मैं चुपचाप उनसे दूर बैठ गया।
वो मेरी तरफ देख-देखकर कुछ बातें कर रही थीं।
मुझे कुछ सुनाई भी नहीं दिया और समझ में भी नहीं आया।
सब निपटाकर हम दोबारा निकले।
उनकी प्रतियोगिता की बातें शुरू हो गईं।
लेकिन नेहा और मिंग मुझे कुछ अलग नजरों से देख रही थीं।
शाम के करीब 9 बजे हम बैंगलोर के आगे निकल चुके थे।
मुझे नींद आ रही थी।
मैंने एक होटल पर गाड़ी रोक दी।
हम सब ने खाना खा लिया।
मैंने अपनी नींद की बात बता दी तो नेहा ने कहा- मैं ड्राइव करती हूँ। तुम थोड़ा आराम करो!
हमने जगह बदल दी।
थोड़ी देर में मुझे नींद आ गई।
हम हमारे मुकाम से करीब 300 किमी दूर थे।
रात के 3 बजे मैं जागा तो गाड़ी एक पेट्रोल पंप पर खड़ी थी।
पीछे पूजा और मिंग सोए हुए थे लेकिन नेहा कार में नहीं थी।
मुझे लगा शायद वो वॉशरूम गई है।
लेकिन जब वो 15 मिनट बाद भी नहीं आई तो मैं उसे ढूँढने लगा।
वो मुझे सामने से आती हुई दिखाई दी।
अब उसने कपड़े बदल दिए थे। उसने घुटने तक की चुस्त शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनी हुई थी।
इसके बड़े-बड़े बूब्स चलते समय उछल रहे थे।
मतलब उसने अंदर कुछ नहीं पहना था।
मेरा लंड उसे देखकर खड़ा हो गया।
उसकी नजर भी मेरे लंड पर पड़ी।
वो हल्का मुस्कुराई और आकर बोली- अब तुम चलाओ। मैं आराम करती हूँ!
हम दोबारा निकले।
अब मेरी नजर बार-बार उसके बदन पर जा रही थी।
मेरा लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था।
करीब 5 बजे के आसपास नेहा उठी और बोली- जल्दी से कहीं रोक दो! मुझे पेशाब जाना है!
मैंने एक सेफ जगह गाड़ी रोक दी।
वो उतरी और दरवाजे के पास ही शॉर्ट्स नीचे कर ली।
क्या नजारा था! उसने नीचे भी कुछ नहीं पहना था।
उसकी सुडौल गोल गांड के दर्शन हो गए।
और एक सीटी के साथ उसके पेशाब की आवाज आने लगी।
4-5 मिनट बाद वो उठी और शॉर्ट्स ऊपर कर ली।
अब मुझे उसकी चूत की लाइन साफ दिखाई दे रही थी।
और मूत की कुछ बूंदों की वजह से चूत के पास गीला दिखाई दिया।
नेहा एकाएक बोल पड़ी- क्या देख रहे हो? कभी किसी को ऐसे देखा नहीं क्या? पूजा तो बता रही थी कि तुम उसकी मम्मा और मेड को रोज देखते हो ऐसे!
मैंने सिर नीचे कर लिया।
वो बैठ गई और मैंने गाड़ी दौड़ना शुरू कर दी।
7 बजे के आसपास नेहा और मिंग भी जाग गईं।
इन्होंने नेहा से कपड़े बदलने के बारे में पूछा तो नेहा ने पेट्रोल पंप पर बदलने की बात बता दी।
हम करीब 10 बजे त्रिची पहुँचे।
वहाँ आयोजकों ने 2 रूम बुक किए थे।
अब उलझन ये थी कि हम ४ लोग कैसे एडजस्ट होंगे।
अब यहाँ से असली कहानी शुरू होती है।
पहले तो सबने मिन्नतें कीं कि हमें 3 रूम दिए जाएँ लेकिन काम न बनता देखकर हम चुप हो गए।
मैंने सोचा गाड़ी में ही सो जाऊँगा। क्या फर्क पड़ता है?
मैं सामान लेकर रूम में रखने गया।
नेहा, पूजा और मिंग भी पीछे-पीछे आ गईं।
रूम देखते ही हमारे होश उड़ गए। बहुत आलिशान रूम थे! २ बड़े-बड़े बेड, बीच में पार्टिशन, आलिशान बाथरूम, बीच में बड़ा सोफा।
यहाँ तो 2 रूम की भी जरूरत नहीं थी।
पूजा ने नेहा मैडम से कहा- हम तीनों एक कमरे में रुकेंगे और जैक अलग कमरे में।
मैंने कहा- मैं गाड़ी में सो जाऊँगा।
तब नेहा ने मोर्चा संभाला और बोली- वो बेचारा रात भर गाड़ी चलाकर थक गया होगा। मेरा और जैक का सामान इसी रूम में रखो। और तुम दोनों दूसरे रूम में जाओ। मैं तुम्हारे कमरे में फ्रेश होने के लिए यहाँ आ जाऊँगी!
इतना सब होने के बाद मैं फ्रेश होकर सो गया।
और वो तीनों अपनी प्रतियोगिता में चली गई।
दोपहर करीब 4 बजे मुझे कमरे से कुछ आवाजें सुनाई दीं।
नेहा रूम में थी।
वो अपने बैग से कुछ सामान निकाल रही थी।
फिर वो बाथरूम में चली गई।
बाथरूम से शावर की आवाजें आ रही थीं।
थोड़ी देर बाद वो टॉवल लपेटकर बाहर आई।
एक नजर मेरी तरफ देखा और मुस्कुराने लगी।
मेरी आँखें बंद थीं पर मुझे अहसास हो रहा था कि वो मेरी तरफ आ रही है।
नेहा बोली- बंद करो सोने का नाटक! मैंने तुम्हें देख लिया था!
फिर बोली- पूजा ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत बताया है। मेरा बस चलता तो कल गाड़ी में ही तुम्हारी सवारी कर लेती!
मैंने आँखें खोलीं, उठकर बैठ गया।
नेहा का रूप टॉवल में देखकर मेरा लंड सलामी देने लगा।
तभी नेहा ने टॉवल निकाल फेंका और मेरे ऊपर चढ़ गई।
वह मुझे पागलों की तरह चूमने-चाटने लगी।
अचानक हुए हमले से मैं समझ गया— ये एक नंबर की रंडी है!
किसी का भी लंड ले ले!
नेहा ने मेरा लोअर नीचे खींचा और लंड चूसने लगी।
मेरा लंड अब विकराल रूप ले चुका था।
5 मिनट लंड चूसने के बाद नेहा ने पोजिशन ली और मेरे लंड पर बैठने लगी।
5-6 बार ऊपर-नीचे करने के बाद मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।
उसकी चूत एकदम तपती हुई भट्टी थी।
मेरे लंड को गरम-गरम अहसास हो रहा था लेकिन चूत में कसाव नहीं था।
एकदम ढीली चूत।
फिर भी मुझे मजा आ रहा था।
मैं कुछ भी नहीं कर रहा था, आराम से लेटा हुआ था और नेहा मुझे चोद रही थी।
मेरा माल जल्दी गिरने वाला नहीं था।
एक तो मैंने सुबह ही मुठ मारके पानी निकाला था। दूसरा नेहा की चूत में कोई कसाव नहीं था।
नेहा जोर-जोर से उछल रही थी।
उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी।
मेरा लंड पानी से भीगा हुआ था।
नेहा इतना जोर-जोर से उछल रही थी कि पूरा लंड बाहर निकालकर अंदर ले रही थी।
अचानक मेरा लंड उसके गांड में चला गया।
अभी टोपा ही घुसा होगा कि नेहा बकरी के मेमने की तरह चिल्लाई- ईईई माँ! वहाँ नहीं! वहाँ नहीं!
मेरे लंड पर आज पहली बार कसाव महसूस हुआ था।
अब कमान मैंने अपने हाथ में ली, नीचे से जोरदार धक्का मारा।
मेरा आधा लंड उसकी गांड चीरते हुए अंदर गया।
नेहा की जोरदार चीख निकली।
पर मैंने उसे ऊपर से दबाए रखा और नीचे से धक्के लगाने लगा।
नेहा उठने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने पकड़ कमजोर नहीं होने दी और गांड में धक्के लगाने लगा।
नेहा रोने लगी।
सच में एकदम टाइट गांड थी उसकी।
मेरा पूरा लंड अब नेहा की गांड में अंदर-बाहर होने लगा।
अब नेहा का शरीर ढीला पड़ चुका था।
मतलब उसे गांड चुदाई का मजा आ रहा था।
अब नेहा गांड गोल-गोल घुमाने लगी थी जिससे मेरा लंड पूरे तनाव में था और किसी भी पल माल निकाल सकता था।
अब नेहा गांड ऊपर-नीचे करने लगी और मेरा लावा फूटने लगा।
जो लंड नेहा के भोसड़ा चूत को 25 मिनट तक चोदने के बाद भी नहीं झड़ा था, वो नेहा की गांड में 8 मिनट में झड़ गया।
नेहा ने मुझे होंठों पर किस किया और साइड में लेट गई।
मेरे लंड पर थोड़ा खून, थोड़ा नेहा का मल और मेरा वीर्य लगा हुआ था।
पोर्न टीचर चुदाई के बाद नेहा और मैं जोर-जोर से साँस ले रहे थे।
थोड़ी देर बाद मैं उठा, बाथरूम में खुद को साफ किया।
अभी तक नेहा पैर पसारे बेड पर पड़ी थी।
उसकी चूत देखकर मालूम पड़ा – ये तो एक नंबरी रंड है! लेकिन गांड कुंवारी थी।
मैं नेहा के पास जाकर लेट गया।
अब नेहा थोड़ी शांत हो चुकी थी।
उसने मेरी तरफ देखा और एक जोरदार मुक्का मेरे सीने पर जड़ दिया, बोली- मना किया था ना पीछे के लिए! फिर क्यों डाला?
मैं बोल पड़ा- मेरी जान! तुमने आव देखा ना ताव! एक अंजान मर्द, जो सिर्फ 1 दिन पहले मिला है, उसके लंड की सवारी कर दी! जोर-जोर से चुदवा लिया! तो मैं किस खेत की मूली हूँ? और गलती से ही हो! तुमने ही मेरा लंड अपने गांड में डलवा लिया! इसमें मेरी क्या गलती? वैसे तुम्हारी चूत एकदम भोसड़ा है। मुझे कोई मजा नहीं आ रहा था। पर गांड कुंवारी! ऐसा कैसे हो सकता है?
तब नेहा हँस दी। एक शरारती नखरे से मुझे बताने लगी- मुझे पूजा ने तुम्हारे बारे में बताया था कि किस तरह तुम उसकी माँ और मेड को चोदते हो। तुमने मेड को पेट से भी कर दिया था। मुझे लगा एक बार आजमा लूँ तुम्हें। वैसे भी मेरा पति गांडू है। मुझे उसके सामने दूसरे मर्दों से चुदवाता है और अपनी गांड मरवाता है। और गांड मरवाते-मरवाते मुझे चोदता है। जब तक उसके गांड में कोई लंड न जाए, उसके लंड में तनाव नहीं आता। खड़ा नहीं होता। पर मैंने कभी गांड नहीं मरवाई। इसलिए कुंवारी थी। मेरे सामने मेरा पति गांड मरवाता था तो मुझे मजा आता था। आज सच में गांड मरवाना कैसा लगता है, मालूम पड़ा!
फिर बोली- लेकिन एक बात समझ नहीं आई। लोग मेरे जिस्म की तारीफ करते नहीं थकते और तुमने मेरी एक लफ्ज तारीफ नहीं की!
मैंने हँसकर कहा- मेरी रंडी! तुमने तारीफ करने का मौका ही कहाँ दिया!
वह आकर सीधा मेरे ऊपर चढ़ गई।
मैंने कहा- वैसे तुम खूबसूरत हो। तुम्हारे बूब्स गोल-मटोल हैं। गोल गांड देखकर मेरा लंड कल रात में ही खड़ा हो गया था। पर मैं डर रहा था। एक तो तुम पूजा की टीचर हो। और कहीं मुझसे कोई गलती होती तो पूजा उसकी माँ को सब बता देती। और मेरी 2 चूतों का जुगाड़ बंद हो जाता!”
फिर बोला- मैं तो पूजा के सामने उसकी माँ और मेड को चोदता हूँ। उनके घर में नंगा घूमता हूँ। पूजा भी मेरे लंड को देखती रहती है। पर उसने कभी कोई इशारा मुझे नहीं किया। नहीं तो उसे भी चोद देता! उसकी माँ के सामने!
तभी नेहा बोल पड़ी- अरे! कल खाना खाते समय हम तुम्हारी ही बात कर रहे थे। हम एक-दूसरे से एकदम फ्रेंडली हैं। वो तो कब से तड़प रही है। रोज उंगली करती है। तुम जब उसकी माँ और मेड को चोदते हो तो उसकी पूरी चूत गीली हो जाती है। उसने तो एक बार तुम्हारा लंड भी चूसा है! जब तुम उसकी माँ की चुदाई करके गहरी नींद में सोए थे!
नेहा की बातें सुनकर मेरा लंड सलामी देने लगा।
नेहा मेरा खड़ा लंड देखकर अवाक हो गई और बोली- अरे! अभी 10 मिनट पहले झड़े थे! इतनी जल्दी कैसे?
मैंने कहा- तुम बातें भी सेक्सी करती हो मेरी रंडी!
नेहा उठने लगी लेकिन पहली बार गांड मरवाने की वजह से उससे उठा नहीं जा रहा था।
तो मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बाथरूम ले गया।
नेहा खुद को साफ करने लगी।
शावर में उसके गोरे बदन पर गिरने वाला पानी चमक रहा था और मेरे लंड में तनाव बढ़ा रहा था।
नेहा मेरी तरफ देखते हुए पानी मुझ पर फेंकने लगी।
नेहा फुल मस्ती में थी पर उसकी गांड अभी भी दर्द कर रही थी।
और मुझे उसके भोसड़ा चूत को बजाने में कोई इंटरेस्ट नहीं था।
मैंने नेहा से पूछ लिया- नेहा, गांड में अभी भी दर्द हो रहा है?
नेहा- हाँ बाबू! लेकिन सामने के छेद में कोई दर्द नहीं। सामने से मार ले!
मैं बेमन से उसकी तरफ बढ़ा, किस करने लगा और उसे बाथरूम में घोड़ी बनाकर चोदने लगा।
इस बार मुझे थोड़ा कसाव महसूस हो रहा था।
शायद पीछे से मार रहा था इसलिए।
इतने में ही नेहा ने लंड पकड़ा और गांड के छेद पर लगाने लगी।
मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
लेकिन मैंने पूछ लिया- तुम्हें दर्द होगा!
नेहा- होने दो दर्द मेरे यार! मैं तेरी रंडी हूँ! जोर-जोर से गांड मार दो! असली मजा तो गांड मरवाने में आता है! ये सुख अलग ही है! आज मुझे पता चला!
मैंने हल्के से एक झटका मारा। मेरा टोपा उसके गांड में घुस चुका था।
नेहा कसमसाने लगी। उसने मुट्ठी भींच ली और मोअन करने लगी।
मैं धीरे-धीरे उसकी गांड मार रहा था।
ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और मेरे झटके से उसकी गांड थप-थप आवाज कर रही थी।
मैंने झटके तेज कर दिए और नेहा चिल्लाते हुए झड़ गई।
उसकी गांड मेरे लंड को कस रही थी और नेहा पेशाब की जोरदार धार छोड़ने लगी।
मैं बिना रुके उसकी गांड मार रहा था।
अब मैं थकने लगा था।
मैं कमोड पर बैठ गया और उसे उल्टा अपनी गोद में लेकर ऊपर-नीचे करने लगा।
अब मेरा लंड बड़े आराम से अंदर-बाहर हो रहा था।
नेहा खुद कूदने लगी।
मैं एक हाथ से उसके 36 के बूब्स दबा रहा था और दूसरे हाथ से चूत का दाना सहला रहा था।
नेहा को और मुझे एक अलग मजा आ रहा था।
तभी नेहा दोबारा झड़ गई और मूतने लगी।
मैंने अपनी उंगली चूत में आगे-पीछे करना शुरू कर दिया जिससे उसकी मूत की गरम धार रुकती और फिर शुरू हो जाती।
नेहा जोर-जोर से चीख रही थी।
अब मेरा भी आने वाला था।
मैंने नेहा को बताया।
वो तुरंत उठी, घुटनों पर बैठकर मेरा लंड चूसने लगी।
मेरा माल निकलने लगा तो उसने मुँह से निकाला और सारा माल चेहरे पर गिरा लिया।
अब मुझे जोर की पेशाब आने लगी।
मैं कमोड की तरफ मुड़ा तो नेहा ने पूछ लिया- क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- पेशाब करनी है!
नेहा ने कहा- मेरे मुँह में कर दो! नहला दो अपने अमृत रस से!
मुझे भी ये अलग अनुभव था।
मैंने अपनी मूत की धार उसके मुँह में छोड़ दी। कुछ वो पी गई, बाकी से वो नहाने लगी।
हम दोनों को एक असीम आनंद मिल रहा था।
मैंने उसे कमोड पर बिठाया और थोड़ी देर चूत चाटता रहा।
जब तक नेहा नहीं झड़ी।
फिर हम नहाकर तैयार हुए जैसे कुछ हुआ ही न हो।
पर नेहा की चाल बदल चुकी थी।
शाम को पूजा और मिंग भी प्रोग्राम से लौटकर तैयार हो चुकी थीं।
हम शाम को त्रिची घूमने निकल गए।
मैं पूजा से दूर ही रहता था लेकिन मेरा नजरिया अब बदल चुका था।
जब नेहा ने मुझे पूजा का मेरा लंड चूसने वाला किस्सा बताया तो मैं उन तीनों से थोड़ी दूरी पर चल रहा था।
मुझे देखकर वो तीनों कुछ बात कर रही थीं।
मिंग और नेहा तो मुझे देखकर हँस रही थीं लेकिन पूजा मुझे गुस्से से देख रही थी।
अगली कहानी में मैं मिंग, नेहा और पूजा डार्लिंग को एक साथ एक रूम में घपाघप वाली कहानी बताऊंगा!
यह पोर्न टीचर चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
mirzazakir1986@gmail.com