वाइल्ड सेक्स ब्राइड कहानी में दो सहेलियों को सेक्स की बहुत तलब थी पर वे दोनों अपनी पहली चुदाई अपने पति से करवाना चाहती थी. दोनों ने अपनी जबरदस्त सुहागरात कैसे मनाई?
कहानी के पहले भाग
शादी के बाद कुंवारी लड़की का हनीमून
में आपने पढ़ा कि दो सहेलियों में से एक की शादी हुई तो वह अपने पति के साथ हनीमून पर लक्षदीप गई. वहां उन्होंने दिन भर सब्र किया कि रात को पहला सेक्स करेंगे.
अब आगे वाइल्ड सेक्स ब्राइड कहानी:
सिम्मी कसमसाते हुए विनय से बोली- अपना बना लो आज मुझे. आज मुझे पत्नी होने का पूरा सुख दे दो. आओ आज हम एक जिस्म और एक जान हो जाएँ.
कहकर सिम्मी ने अपनी ड्रेस उतार दी.
वो अपना शृंगार भी उतारना चाह रही थी, विनय ने मना कर दिया, बोला- रहने दो, मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही सजी धजी देखना चाहता हूँ.
सिम्मी ने विनय का कुर्ता उतार दिया.
पाजामा विनय ने खुद उतार फेंका और सिम्मी को लेकर बेड शीट के अंदर हो गया.
दोनों जिस्म फिर चिपट गए थे.
विनय ने सिम्मी की ब्रा पेंटी भी उतार दी.
अब दोनों बिना कपड़ों के एक दूसरे के जिस्म की आग को महसूस कर रहे थे.
विनय ने अपने को बहुत रोका था अब तक, पर अब वो सिम्मी के मम्मों को चूमने लगा.
उसने एक हाथ नीचे किया तो सीधा सिम्मी की चूत पर पहुंचा.
सिम्मी का हाथ भी उसके साथ साथ पहुँच गया.
सिम्मी ने उसका हाथ पकड़ लिया मानो मना कर रही हो.
पर विनय ने उसकी मखमली चूत की फांकों पर उंगलियाँ फेरनी शुरू कीं.
वहां बहुत चिकनापन था.
अब सिम्मी के हाथ में भी उसका लंड आ गया जो बहुत मचल रहा था.
विनय ने एक उंगली चूत में घुसाई तो सिम्मी कसमसा गयी.
सिम्मी चुदासी हो रही थी.
उसने अपनी टांगें ढीली कर दीं.
विनय नीचे हुआ और उसकी टांगें चौड़ा कर रेशमी फांकों के बीच अपना मुंह रख दिया.
बेहद मादक खुशबू आ रही थी वहां.
विनय ने अपनी जीभ घुसा दी अंदर.
अंदर उसे मीठापन महसूस हुआ.
पहली बार मौक़ा था विनय का किसी चूत के इतने नजदीक आने का.
ये सब तो इन दोनों ने पोर्न में देख कर ही सीखा था.
अब विनय उसकी टांगें चौड़ा कर जीभ पूरी अंदर घुसा रहा था.
सिम्मी ने अपनी उँगलियों से फांकें चौड़ा दीं.
अब विनय की जीभ पूरी अंदर थी.
सिम्मी कसमसा रही थी. वो अपने मम्मे मसल रही थी.
सिम्मी ने थरथराते हुए विनय से कहा की मुझे भी तुम्हारा चूसना है.
दोनों 69 हो गये.
सिम्मी ने आहिस्ता से विनय का लंड पकड़ा.
वो बुदबुदाई- हे भगवान … इतना मोटा!
पर फिर उसने लोलीपोप समझ कर उसे मुंह में ले लिया और फिर चूसना शुरू किया.
ये सब उसने पोर्न में देखा था.
तो उसने चमड़ी पीछे की और फिर टोपे को जीभ से दबाकर चूसना शुरू किया.
इस कारीगिरी से तो विनय बेचैन हो उठा.
उसने सिम्मी से कहा- मुझे ऊपर आना है.
सिम्मी ने उसे छोड़ा और सीधी होकर लेट गयी.
विनय बिना उसके ऊपर वजन डाले नीचे से उसके ऊपर उसके जिस्म को चूमते हुए, तैरता हुआ सा आया और फिर मम्मों पर रुक गया.
उसने बड़ी नफासत से एक एक करके दोनों मम्मे चूसने शुरू किये.
सिम्मी की चूत में चींटियाँ रेंग रही थीं.
ऊपर से विनय का लंड भी उसकी गुफा के ऊपर बार-बार मसल रहा था.
सिम्मी ने उसके कान में बुदबुदाते हुए कहा- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा. अंदर करो इसे. पर धीरे धीरे करना. मुझे नहीं लगता कि मैं उसे अंदर ले पाऊंगी. मर जाउंगी मैं तो.
विनय उठा और ड्रेसिंग टेबल से क्रीम लेकर आया.
उसने अपने लंड और सिम्मी की फांकों पर क्रीम लगाईं और फिर धीरे से अपना लंड सिम्मी की गुफा में ठेला.
सिम्मी चीख पड़ी, कुछ तो दर्द से कुछ डर से.
विनय निकालने को हुआ तो सिम्मी उससे लिपट गयी, कसमसाते हुए बोली- बाहर मत निकालना.
अब विनय ने पूरा लंड अंदर पेल के हल्के हल्के धक्के लगाने शुरु कर दिए.
सिम्मी को दर्द हो रहा था, पर मजा भी आ रहा था.
धीरे धीरे वो भी विनय का साथ देने लगी.
अब तो दोनों ताल से ताल मिला कर चुदाई में लग गये.
विनय बार बार सिम्मी के मम्मे भी चूम रहा था.
सिम्मी ने पढ़ा था कि चुदाई का असली मजा तो औरत के ऊपर आने पर आता है.
उसने विनय को नीचे आने को कहा और खुद ऊपर आ गयी और उसके पेट पर बैठ कर लंड अंदर सेट किया और लगी उछलने.
रात 2 बजे तक उन लोगों ने चुदाई के दो राउंड लगाए.
नींद कोसों दूर थी.
दोनों बिना कपड़ों के ही बाहर पूल पर आ गये और शावर से अपने को साफ़ करके पूल में उतर गए.
चांदनी रात थी.
चमकीले तारों की छाँव में दोनों चिपटे हुए पानी में खड़े थे.
पानी ठंडा था और दोनों बिल्कुल बिना कपड़ों के थे, पर इसका भी अलग ही मजा था.
दोनों पांच दिन लक्षदीप में रहे.
वहां सिर्फ दो ही काम थे या तो चुदाई या फिर खाना.
सिम्मी ने कामसूत्र की हर पोसिशन में ब्राइड सेक्स किया, चुदाई का मजा लिया.
विनय पक्का चोदू था. थकता ही नहीं था चोदते चोदते.
रोज दिन में दो बार दीपा का फोन आता.
उसका मन नहीं लग रहा था वहां.
वापिस आकर जिन्दगी अपनी राह पर चलने लगी.
विनय तो सिम्मी को सेक्स का बहुत शौक था.
विनय उसके मम्मे छोड़ता ही नहीं था.
सिम्मी भी उसका लंड पकड़ कर खूब मसलती.
बेड पर भी सिम्मी खूब उछल कूद करती.
विनय उसे हर पोज़ में चोदता.
सिम्मी उसका भरपूर साथ देती.
एक बात जरुर थी … उनके सेक्स के दौरान कभी किसी और का जिक्र नहीं आया.
सिम्मी ने विनय को कभी अहसास नहीं होने दिया कि वो और दीपा लेस्बियन हैं.
दीपा को किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से आफर मिला था तो वो दो साल के लिए मिडल ईस्ट चली गयी.
इधर सिम्मी और विनय की दिन रात की चुदाई का रिजल्ट भी आ गया.
सिम्मी ने एक सुंदर स्वस्थ बेटे को जन्म दिया.
सिम्मी से ज्यादा खुश तो दूर बैठी दीपा थी.
दीपा का असाइनमेंट पूरा होने को था.
यूनिवर्सिटी उस पर समय बढ़ाने की खुशामद कर रही थी.
उसका पैकेज भी अच्छा खासा बढाने का ऑफर किया था उन्होंने.
दीपा ने दो महीने की छुट्टी ली और वापिस आ गयी.
अब उसके मां बाप को उसकी शादी की जल्दी थी.
सिम्मी को देख कर दीपा का मन भी अब गुदगुदाने लगा था.
विनय से उसका अपनापन पहले जैसा ही था.
पक्की एक नम्बर की साली बन गयी थी वो.
दीपा का व्यक्तित्व सिम्मी से ज्यादा प्रभावशाली था.
वो सुंदर होने के साथ साथ ज्यादा सलीकेदार थी और फर्राटेदार इंग्लिश बोलती थी.
उसका रिश्ता एक फौजी परिवार के बांके गबरू जवान लड़के सचिन से तय हुआ.
सचिन मर्चेंट नेवी में कप्तान था. साल में 6-8 महीने समुद्र में रहता.
दीपा और सचिन दोनों ने ही एक दूसरे को दिल से पसंद किया.
दोनों ने ये तय किया कि सचिन अपनी छुट्टी के दौरान दीपा के पास रहा करेगा और दीपा भी साल में दो बार 15–15 दिन के लिए सचिन के साथ शिप पर चली जाया करेगी.
अभी सचिन की दो महीने की छुट्टी थी.
घर वालों ने 15 दिनों में ही इनकी शादी खूब धूमधाम से हुई.
सिम्मी और विनय ने खूब धमाल किया शादी में.
सचिन दिलफेंक आशिक पहले से ही था और उसे रहा सहा बिगाड़ दिया दीपा ने अपनी अदाओं और गर्म जिस्म की संगत देकर.
सचिन और दीपा ने अपना हनीमून डेस्टिनेशन कश्मीर चुना.
दोनों ने तय किया कि सुहागरात भी काश्मीर में ही मनाएंगे.
मजे की बात यह कि दीपा ने सिम्मी और विनय को भी मना लिया कि वे भी उनके साथ चलें.
तो शादी के दो दिन बाद दोनों जोड़े फ्लाइट पकड़कर काश्मीर पहुंच गए.
वहां के खुले रूमानी और खुशनुमा माहौल में ये चारों ऐसे रंगे कि शर्म और लिहाज गयी तेल लेने.
जैसा तय था कि दीपा और सचिन की सुहागरात होटल में मननी थी.
तो सिम्मी और विनय ने सारा इंतजाम करवाया.
उनका रूम पूरा फूलों से सजा हुआ था.
काश्मीर की हसीन वादियों में हनीमून और सुहागरात, वाकई बहुत सेक्सी आइडिया था.
सिम्मी ने दीपा का मेकअप कश्मीरी ड्रेस में करवाया.
दीपा बहुत खूबसूरत लग रही थी.
सचिन के लिए भी काश्मीरी ड्रेस मंगवाई गयी.
रात को सचिन जब कमरे में घुसा तो पूरा कमरा महक रहा था.
दीपा एक काश्मीरी दुल्हन की तरह सजी बेड पर बैठी थी.
सचिन ने डोर लॉक किया और बेड पर जा पहुंचा.
दीपा बेड से उतरी और अपनी बाहें फैला दीं.
सचिन ने आगे बढ़कर दीपा को अपने आगोश में ले लिया.
यूं तो शादी तय होने के बाद कितनी बार दोनों गले लगे थे पर आज के गले लगने में जकड़न कुछ और कह रही थी.
दो तड़फते जिस्म एक होने को बेताब थे.
दोनों के होंठ मिल गए.
पागलपन की सीमा तक दोनों एक-दूसरे को चूम रहे थे.
दोनों की जीभें आपस में टकरा रही थीं.
दीपा पर तो जैसे सेक्स का भूत चढ़ गया था.
उसने बेशर्म होते हुए सचिन से कहा- चलो चेंज कर लें, फिर बेड पर आते हैं.
सचिन ने मुस्कुराते हुए पूछा- फिर बेड पर क्या होगा.
दीपा ने उसका लंड मसलते हुए कहा- दंगल.
सचिन ने उसके कई फोटो खींचे.
दोनों ने सेल्फी भी लीं.
दोनों ने फटाफट कपड़े बदले.
बदले क्या, कहना चाहिए उतार दिए.
सचिन ने कमरे की लाइट बहुत ज्यादा धीमी कर दी थी.
दीपा ने एक झीनी सी नाईटी निकाली और बाथरूम में जाकर चेंज करके आ गयी.
अब तक सचिन भी सब उतार कर केवल एक लुंगी में आ गया था.
दोनों बेड पर आये और सूखी बेल की तरह लिपट गए.
दीपा बहुत सेक्सी थी, पर इतनी ज्यादा है ये खुद दीपा को अगली सुबह मालूम पड़ा.
सचिन ने हँसते हुए कहा- ऐसा वाइल्ड सेक्स अगर तुमने जहाज पर किया तो जहाज तो हिलते डुलते डूब ही जाएगा.
पर सचिन ने भी वाइल्ड सेक्स करते हुए दीपा की चूत मारने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी.
उसने दीपा की मखमली चूत की फांकों की इतनी जोरदार मालिश की थी ऊँगलियों से कि दीपा को लगा कि आज उसका छेद पूरा खुल जाएगा.
सचिन का लंड भी मोटा था.
सबसे बड़ी बात सचिन पता नहीं क्या खाकर आया था कि बार बार खाली होने पर भी उसका औज़ार जल्दी ही दोबारा तन जाता.
जो चुदाई रात 11 बजे शुरू हुई थी, सुबह 4 बजे तक चली.
वो भी तब रुकी जब दीपा थक कर निढाल हो गयी.
सुबह 10 बजे भी दोनों तब उठे जब सिम्मी ने रूम का दरवाजा पीटा.
फोन दोनों के बंद थे और चुदाई के घमासान में रूम का इण्टरकॉम लुढ़क कर एक ओर जा पड़ा था.
दीपा के मम्मे और चूत दोनों लाल हो गयी थी.
कमोबेश यही हाल सचिन का था.
उसने विनय को हँसते हुए बताया- दीपा ने उसकी पीठ पर लम्बे नाखूनों से इतनी धारियां बना दी हैं कि उन पर घुड़दौड़ हो सकती है. और लंड तो उसने ऐसा चूसा है कि उसे लग रहा है कि उसकी चमड़ी छिल गयी है.
वो लड़कियां जो जींस पहन कर घर से निकली थीं, पूरे हनीमून में फ्रॉक और शोर्ट ड्रेस से आगे बढ़ ही नहीं पायीं.
हाँ, इतना जरूर रहा कि अब इन चारों में ही आपस में एक दूसरे के प्रति स्नेह और सामंजस्य हो गया.
सिम्मी तो सचिन से ज्यादा नजदीक नहीं जा पाती थी.
कारण एक तो वो दीपा से बड़ी भी थी और दूसरे सचिन इस मामले में कुछ रिज़र्व सा था.
पर हाँ दीपा तो विनय से लिपटने चिपकने में पूरा साली धर्म अपनाती.
कई बार सचिन कहता भी कि सिम्मी को बुरा लगेगा.
इस पर सिम्मी ही कहती- सचिन ये तो इसका अहसान है मेरे ऊपर कि इसने मुझे मेरे कमरे से बाहर नहीं किया. वरना ये बेशर्म तो मुझसे हमेशा कहती थी जीजू से पहले मैं करुँगी फिर तुझे करने दूँगी.
सब हंस पड़ते.
दो तीन दिन दोनों जोड़ों ने जमकर मस्ती की.
फिर सिम्मी और विनय तो वापिस चले गए.
वो अपने बच्चे को छोड़ कर आये थे.
पर उनके बाद दीपा और सचिन 4-5 दिन और रुके और हनीमून का पूरा लुत्फ़ लिया.
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