की ठान ली। एक दिन जब सेठजी और सेठानी बाहर गए तो मुझे मौका मिला!
मैंने इस साइट की सभी तरह की कहानियां पढ़ी हैं चाहे वह ससुर-बहू की चुदाई हो, मम्मी-बेटे की चुदाई, सास-दामाद की चुदाई, कपल सेक्स, दोस्त की बीवी की चुदाई हो, या लेस्बियन सेक्स स्टोरी हो।
आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक घटना बताने जा रहा हूं।
यह कहानी मेरे और सेठजी की जवान बेटी के बारे में है।
मैं सेठजी की दुकान पर काम करता था और उनकी जवान बेटी और मेरे बीच चक्कर चल गया।
आइए बताता हूं कैसे शुरू हुई जवान लड़की की कुवारी चूत सेक्स कहानी।
मेरा नाम राजू (बदला हुआ) है और मैं ओडिशा का रहने वाला हूं।
मेरी हाइट 5.6 फीट है।
मेरी उम्र 20 साल है और रंग सांवला है।
मेरा शरीर एकदम से सुडौल है और लंड 7 इंच लंबा है जिसकी मोटाई 3 इंच है।
मैं कसरत करता रहता हूं और शरीर की मालिश भी करता हूं इसलिए मैं देखने में सेक्सी बॉडी वाला लड़का हूं।
मैं सोनपुर में नौकरी करता हूं।
यह घटना कुछ महीने पहले की है जब मैं काम के सिलसिले में एक सेठजी के यहां रहता था।
मेरे साथ कुछ और लोग भी थे और हम दुकान में काम करते थे।
मैंने दूसरे कामगारों से सुना था कि सेठजी की एक जवान बेटी है।
लेकिन मैंने उसे कभी देखा नहीं था।
उसका नाम आनिया था।
मैंने जब उसको पहली बार देखा तो उसे देखकर पागल सा हो गया था।
उसकी सुंदरता के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।
उसका फिगर जैसे तराशा हुआ था।
कमाल की सेक्सी लगती थी वो।
टाइट कपड़ों में उसके स्तन, उसकी गांड किसी को भी उसकी ओर आकर्षित कर सकते थे।
उसी रात को मैंने मुठ भी मार डाली।
उसको याद करते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
मैंने उसको चोदने की ठान ली थी।
हालांकि सेठ की बेटी की चुदाई काफी मुश्किल काम था।
सेठ-सेठानी और उनके नौकर हमेशा ही घूमते रहते थे।
एक बार की बात है जब उसका और मेरा आमना-सामना हुआ।
सेठजी ने आनिया को मेरे कमरे में मुझे बुलाने के लिए भेजा।
मैं उस वक्त कमरे में कसरत कर रहा था और हाफ पैंट में था।
उसने मुझे बाहर से आवाज दी “भैया”
लेकिन मैंने अनसुना कर दिया।
फिर मैंने दंड लगाना शुरू कर दिया ताकि वो मुझे देख सके।
जब वो अंदर आई तो मैं दंड लगा रहा था।
वो आई तो मैंने कहा- अरे मैडम आप? क्या हुआ? सेठ जी बुला रहे हैं क्या?
वो बोली- हां, पापा बुला रहे हैं।
दोस्तो, मैंने देखा कि आनिया मेरे बदन को निहार रही थी।
मुझे पता चल गया कि यह मेरे कसरती बदन की तरफ आकर्षित हो सकती है।
इसी के चलते मैंने उसको चोदने का प्लान बनाया।
मैंने ठान ली थी कि मैं किसी भी तरह उसको चोदकर ही रहूंगा।
फिर एक दिन वो मौका भी मुझे मिला।
उस दिन सेठ और सेठानी कहीं बाहर गए हुए थे।
मैं उसके रूम में गया।
उस वक्त आनिया शायद नहा रही थी।
मैंने जल्दी से बाथरूम के दरवाजे के सामने मेज लगाई और उस पर चढ़कर देखने की कोशिश करने लगा।
अंदर आनिया पूरी नंगी नहा रही थी।
उसके बूब्स एकदम गोल-गोल थे और काफी गोरे थे।
उसकी चूत पर हल्के भूरे बाल थे।
उसे ऐसी हालत में देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया।
मेरे मुंह से आह्ह निकल गई।
आनिया ने मेरी आवाज सुन ली।
एकदम से वो सहम गई और उसने झट से अपने बदन पर तौलिया लपेट लिया।
तभी मैं नीचे उतरा और झट से टेबल हटाकर वहां से भाग गया।
मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं ये सेठजी को बता न दे।
मैं इसलिए अपने रूम का दरवाजा बंद करके सो गया।
कुछ देर बाद मैं पार्सल लेकर दोबारा से उसके रूम में गया।
वो एक नकली पार्सल था जिसका मैंने बहाना बनाया था।
उसने दरवाजा खोला।
मैंने देखा तो वो हाफ पैंट में खड़ी थी।
उसने ऊपर टीशर्ट पहन रखी थी।
कसम से वो गजब की माल लग रही थी और बाल उसके पूरे गीले थे।
मैं उसको देखता ही रह गया और लंड फिर से तन गया।
मेरा लंड लोअर में से दिखने लगा।
आनिया ने भी देख लिया कि मेरा लंड तन चुका है।
मैंने कहा- मैम पार्सल आया है।
वो बोली- हां कितना हुआ?
फिर वो बोलते हुए मेरे पास आ गई।
उसने एकदम से दरवाजा बंद कर दिया और मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी।
मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी और मैं एकदम से सहम गया।
मैंने कहा- मैडम ये क्या कर रहे हो?
वो बोली- चुप रहो तुम, मैं सब जानती हूं कि तुम मुझे पसंद करते हो। और मुझे पेलना चाहते हो।
दोस्तो, मैं तो ये सब सुनकर हैरान रह गया था।
मैं कहां उसको चोदने के प्लान बना रहा था और कहां वो खुद ही मुझसे चुदने के लिए आ रही थी।
मैंने भी गर्म लोहे पर हथौड़ा मार दिया।
मैंने उसको दीवार के साथ सटा दिया और लिप किस करने लगा।
वो भी मेरे होंठों को चूसते हुए गर्म होने लगी।
फिर उसने मुझे हटाकर बोला- मम्मी-पापा 10 बजे से पहले नहीं आएंगे और नौकर भी नहीं आने वाले। हमारे पास 3 घंटे का टाइम है।
मैंने पूछा- आनिया मैम, आपकी सील टूटी हुई है क्या?
उसने कहा- नहीं, मैं कुंवारी हूं।
मैं- मैम आज मैं आपकी सील तोड़ूंगा और आपको चरमसुख दूंगा।
तभी उसने कहा- ‘आप’ करके बात मत करो जान … सेक्स की फीलिंग नहीं आती।
मैंने कहा- ओके बेबी, तुम तो एक नम्बर की रंडी निकली! मैं तो सोचता था कि तुम बड़े घर की बेटी हो और बहुत अच्छी होगी।
दोस्तो, हर कोई जवानी में सेक्स के लिए तड़पता है।
आनिया की हालत भी ऐसी ही थी।
आग दोनों तरफ से बराबर की लगी हुई थी।
वो बोली- जान, मैं भी सेक्स के लिए तड़प रही हूं। मैं भी सेक्स मूवी देख रही थी। मेरी सेक्स की भूख बहुत बढ़ चुकी है। तुम इसे मिटा दो।
मैं बोला- ठीक है जान, तुम पीछे की ओर मुड़ जाओ।
तभी मैंने पीछे से उसकी टीशर्ट को निकाल दिया।
फिर उसकी हाफ पैंट को भी निकाल दिया।
नीचे से उसने लाल कलर की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी।
दोस्तो, क्या बताऊं उस लाल ब्रा-पैंटी में वो कितनी सेक्सी लग रही थी।
मैंने भी जल्दी से अपनी लोअर उतार दी और अंडरवियर में आ गया।
उसकी गांड को देखकर मेरा लंड झटके देने लगा था।
फिर मैंने उसकी ब्रा के अंदर हाथ डाल दिया और चूचों को धीरे-धीरे दबाने लगा।
क्या बताऊं दोस्तो, बहुत सुकून मिल रहा था।
उसके टाइट बूब्स बहुत ही मुलायम और गोल थे।
मैंने कहा- अरे तुम्हारे इतने बड़े कैसे हैं?
वो बोली- हम सब दोस्त अक्सर जब मिलती हैं तो एक दूसरे के बूब्स के साथ खेलती हैं। एक दूसरे के बूब्स दबाने में बहुत मजा आता है।
मैं- तो क्या तुम लेस्बियन सेक्स का मजा भी लेती हो?
वो बोली- नहीं, हम तो बस ऐसे ही सिर्फ खेलते हैं, मुझे चुदाई तो लंड से ही करवानी है।
मैं- कोई बात नहीं, आज तुम्हारी चूचियों को मर्द ही दबायेगा।
आनिया- तो तुम मेरे मर्द हो?
मैं- तुम्हारा मर्द नहीं हूं तो क्या हुआ, तुम्हारी चूत की सील तो मैं ही तोड़ूंगा।
वो बोली- नहीं, चूत की सील केवल उसका मर्द ही तोड़ता है।
मैं- तो फिर मर्द ही बना लो जान मुझे!
कहते हुए मैं उसके चूचों को जोर-जोर से दबाने लगा।
वो भी मधुर सिसकारियां भरने लगी- आह्ह … आह्ह … अम्म … आह्ह।
उसकी सिसकारियां सुनकर मेरा जोश दोगुना हो गया।
मैंने उसकी ब्रा को धीरे से खोल दिया, फिर उसकी पैंटी को भी निकाल दिया।
फिर मैंने उसके मेरी तरफ घूमने को कहा जिससे वो थोड़ा शरमा रही थी।
उससे मैंने कहा- बेबी, आज तो अपनी इच्छा पूरी कर लो, क्या पता कल हम लोग ये इच्छा पूरी कर पाएं या नहीं।
मेरी बात समझकर वो मेरी तरफ घूम गई।
हम दोनों के बदन नंगे हो चुके थे और दोनों एक दूसरे से लिपट गए।
मैं बोला- अगर तुम्हें अभी भी शर्म आ रही है तो तुम अपनी आंखें बंद कर लो।
तो उसने अपनी आंखें बंद कर लीं।
मैंने उसका हाथ अपने लौड़े पर रखवा दिया।
उसने एकदम से आंखें खोलीं और मुझे आश्चर्य से देखा।
मेरा सात इंच का लंड उसके हाथ में था।
उसने लंड को हाथ से सहलाते हुए कहा- इतना बड़ा लंड!
मैं बोला- मैं इसकी डेली मालिश करता हूं। तुम डरो नहीं, यह शेर तुम्हारी गुफा में घुसेगा और तुम्हें चरम सुख प्रदान करेगा।
मैंने कहा- बेबी, अब मेरे लौड़े को धीरे-धीरे आगे पीछे करो।
वो मेरे लंड की हल्की मुठ मारने लगी।
मैं उसकी निप्पल को चूसने लगा जिससे वो सिसकारियां भरने लगी।
मेरा लंड एकदम से कठोर हो गया था और चूत में जाने के लिए तैयार था।
लेकिन इससे पहले मैं उसकी चूत का स्वाद चखना चाहता था।
मैंने आनिया को बेड पर आने के लिए कहा।
मैंने उसे पीठ के बल लेटा लिया और उसकी टांगों को फैला दिया, बीच में मुंह लगाकर मैं उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा।
आह्ह क्या चूत थी उसकी, बहुत ही गजब का स्वाद आ रहा था।
उसकी चूत चाटते हुए मेरा लंड फुंफकारे मार रहा था और नसें जैसे फटने को हो रही थीं।
मैं भी आनिया को चोदने के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकता था।
मैंने उसकी चूत में थोड़ा थूक लगाया और अच्छी तरह मल दिया।
फिर मैंने लंड पर भी थूक लगाया और उसकी चूत पर टोपा रख दिया।
लौड़े का मोटा सुपाड़ा उसकी चूत पर सेट था और उसकी चूचियां पहाड़ों की तरह नुकीली होकर तन गई थीं।
वो भी इंतजार कर रही थी कि अगले पल क्या होने वाला है।
मैंने धक्का लगाया और हल्का सा टोपा चूत के अंदर सरक गया।
आनिया उचक गई।
फिर मैंने एक और धक्का मारा तो उसकी आह्ह करके चीख सी निकली।
एकदम से मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया ताकि आवाज बाहर न जाए।
फिर मैंने कुछ विराम दिया और धीरे-धीरे लंड के धक्के देने लगा।
लंड अंदर नहीं पहुंच रहा था।
मैंने मौका देखकर एक जोर का झटका दिया और कुवारी चूत सेक्स के दर्द से आनिया एकदम से दर्द में बिलबिला गई।
लेकिन मैंने मुंह को दबाया हुआ था तो चीख अंदर ही दब गई।
मैं उसके ऊपर लेट गया और धीरे से कान में कहा- हो गया बेबी … बस हो गया … अब दर्द नहीं होगा!
वो बड़ी मुश्किल से जाकर शांत हुई। मैंने लंड चलाना शुरू किया।
फिर नीचे देखा तो लंड पर खू.न लग गया था।
उसकी चूत की सील टूट गई थी।
फिर मैंने उसको चोदना शुरू किया।
पांच मिनट के अंदर ही वो मेरा साथ देने लगी।
अब दोनों एक दूसरे से लिपटने लगे।
वो आराम से चूत खोलकर अब चुदने का मजा लेने लगी।
कुछ ही देर में वो मुझे अपने ऊपर खींचने लगी।
उसके मुंह से लगातार सिसकारी निकल रही थी- आह्ह … आह्ह … आईईई … आह्हह … फक मी जान … आह्ह फक मी … चोदो मुझे!
उसका जोश देखकर मेरी स्पीड भी दोगुनी हो गई।
मैं तेजी से उसको पेलने लगा।
करीबन 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा निकलने को हो गया।
मैंने कहा- आनिया जान … मेरा निकलने वाला है।
वो बोली- अंदर नहीं निकालो, बाहर गिराना।
फिर जैसे वीर्य छूटने को हुए मैंने लंड को बाहर निकाल लिया।
हम दोनों एक दूसरे से लिपट गए।
मेरी वीर्य उसकी चूत के होंठों पर फैल गया था।
फिर मैंने उठकर उसे साफ किया।
हम दोनों साथ में नहाए और फिर मैं उसके रूम से आ गया।
इस तरह मैंने सेठजी की बेटी की चुदाई की।
उसके बाद वहां मैं जब तक रहा मैंने कई बार उसको पेला।
दोस्तो, आपको यह कहानी कैसी लगी, आप मुझे जरूर बताना।
मुझे आप लोगों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा।
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