स्कूल में बनी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

Views: 50 Category: First Time Sex By s2845609 Published: March 31, 2026

लवर सेक्स कहानी में मैंने अपने जीवन की पहली चुदाई उसी लड़की के साथ की जिसे मैं प्यार करता था. उसका भी यह पहली बार का सेक्स था.

मेरा नाम सूर्या है। मैं रायपुर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूं।

आज आप सभी को अपनी और अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई की लवर सेक्स कहानी बताना चाहता हूं।

मेरी अभी तक शादी नहीं हुई है, पर मैं कुंवारा नहीं हूं।
जी हां दोस्तो, अब तक मैं कई लड़कियों की चुदाई कर चुका हूं।

मैंने पहली चुदाई उसकी की जिससे मैं सच्चे दिल से प्यार करता था।
उसका नाम अंजलि है।

अंजलि मेरे स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा में आई।
बहुत ही खूबसूरत थी वो, उसे देखते ही मुझे उससे प्यार हो गया।
उसकी हाइट 4 फीट 11 इंच थी, लंबे बाल, मस्त लग रही थी।

धीरे से अंजलि और मेरी बात शुरू हुई और धीरे-धीरे हम अच्छे दोस्त बन गए और मैसेज से रोज रात में बातें करने लगे।

अंजलि से मैंने पूछा- क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?

तो वो बोली- अभी तक तो नहीं है, पर मेरे पुराने स्कूल में मुझे बहुत सारे लड़कों ने प्रपोज किया है, पर मैंने सबको मना कर दिया।

जैसे-जैसे दिन बीतते गए मेरी और अंजलि की दोस्ती गहरी होती चली गई।
मैं उसे अपनी हर बात बताने लगा, वो भी मुझे हर बात बताती थी, हमारी रोज बात होने लगी।

मुझे उससे कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला।
पर मैंने उसे बताया नहीं… क्योंकि मुझे डर लगता था कि कहीं उसे बुरा ना लग जाए और वो मुझसे बात करना ना छोड़ दे।

कुछ दिन बाद स्कूल में 12वीं वालों को विदाई पार्टी देने का प्लान हुआ और दिन तय किया गया।

पार्टी में अंजलि ने डांस में भाग लिया था, वो मुझे पार्टी के एक दिन पहले बताई।

अंजलि- मैं कल डांस करूंगी और मैं कल साड़ी पहन के स्कूल आऊंगी!
मैं- ये तो बहुत अच्छी बात है… फिर तो मज़ा आएगा कल!

अंजलि- हां… और सुन, कल तू मेरे घर आना मुझे ले जाने के लिए।
मैं (बहुत खुश होते हुए)- हां जरूर!

फिर अगले दिन मैं समय से अंजलि के घर तैयार होकर पहुंच गया।
घर में गया तो अंजलि की मौसी की बेटी ने मुझे बैठने को कहा और पानी दिया।

वो भी बहुत ही खूबसूरत थी, वो 10वीं में थी पर किसी दूसरे स्कूल में।

10 मिनट बाद अंजलि तैयार होकर आई… लाल साड़ी में क्या मस्त लग रही थी!
मन तो कर रहा था कि मैं उसी वक्त उसे प्रपोज कर दूं।
पर मैंने अपने आप को रोका और अंजलि से बोला- तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो!

वो ‘थैंक्स’ बोली और मुस्कुरा दी।
फिर हम स्कूल पहुंचे।

अंजलि को मेरे साथ देख के मेरे दोस्त मुझे छेड़ने लगे।
थोड़ी देर बाद कार्यक्रम शुरू हुआ और अंजलि का डांस भी 10 मिनट बाद ही शुरू हो गया।

मैं तो उसे देखता ही रह गया, क्या मस्त डांस किया उसने! मुझे उससे और भी प्यार हो गया।
डांस करने के बाद वो क्लासरूम में गई जहां बाकी लोग तैयार हो रहे थे।

मैं भी उससे मिलने उसके बाद ही वहां पहुंच गया।
मैंने अंजलि को पानी पिलाया और उससे बात करने लगा।

मैंने बोला- यार, तू तो बहुत अच्छा डांस करती है, मज़ा ही आ गया तेरा डांस देख के!
वो कुछ नहीं बोली बस मुस्कुरा दी।

फिर मैंने उससे बोला- सुन मुझे तेरे से कुछ बात करनी है, बाजू वाले क्लास में चलें क्या? यहां बहुत लोग हैं।
अंजलि बोली- ठीक है चल।

फिर मैं और अंजलि दूसरे क्लास में चले गए।

वहां जाते ही अंजलि पूछने लगी- बोल क्या बात करनी है?
मैंने उसका एक हाथ पकड़ा और बोला- यार अंजलि, मैं तेरे से बहुत प्यार करता हूं, I love you!

मुझे बहुत डर लग रहा था पता नहीं क्या बोलेगी। कहीं नाराज ना हो जाए।

फिर अंजलि मुस्कुराई और मुझे गले लगा कर बोली- I love you too यार! मैं भी तेरे से बहुत प्यार करती हूं, तूने इतने दिन क्यों लगा दिए मुझे बोलने में पागल!

मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा, मैं उसे जोर से गले लगाने लगा।
और मैंने उसके गाल में किस भी किया।

पार्टी के बाद मैं ही उसे घर छोड़ने गया।

फिर रात में अंजलि का मैसेज आया, बोली- कल स्कूल जल्दी आना।
मैंने भी हां बोल दिया।

फिर मैं जल्दी तैयार होकर समय से पहले ही स्कूल पहुंच गया।
उस समय कोई भी हमारे क्लास में नहीं था।
मेरे पहुंचने के 2 मिनट बाद ही अंजलि भी आ गई।

आते ही उसने मुझे जोर से गले लगाया।
उसके गले लगाते ही मुझमें बिजली सी दौड़ गई।
मैंने भी उसे जोर से अपनी बाहों में कस लिया और उसके नर्म गुलाबी होंठों को किस करने लगा।

मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था।
करीब 5 मिनट तक हम किस करते रहे, फिर हम अलग होकर बातें करने लगे।

सभी के आने का भी समय हो गया था।
अब हम रोज जल्दी स्कूल आने लगे, हम रोज एक दूसरे को हग और किस करने लगे।

फिर मार्च में हमारी परीक्षा भी होने वाली थी।
अंजलि रोज मुझे पढ़ाई करने बोलती पर मैं उससे बात करने में ज्यादा ध्यान देता था।
हमारी परीक्षा होने के बाद अंजलि अपने मामा के गांव चली गई तो मुझे अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि उससे मिलना नहीं हो पा रहा था और ना ही फोन पर बात होती थी।

अंजलि भी अपने मामा गांव से 1 महीने में ही आ गई और वहां से आते ही मुझे कॉल किया और बोली- कल घर आना।

अंजलि- घर में मेरी बहन (उसकी मौसी की बेटी) के अलावा घर में कोई नहीं रहेगा, घर वाले बड़े पापा से मिलने गांव जा रहे हैं। कल रात तक ही आएंगे!

मैं बहुत खुश हुआ क्योंकि बहुत दिनों बाद मैं अंजलि से मिलने वाला था।

अगले दिन मैं खुशी-खुशी तैयार होकर 11 बजे अंजलि के घर पहुंचा।
मैंने घर पहुंच कर अंजलि को कॉल किया तो वो दरवाजा खोलने आई।

अंजलि उस वक्त शॉर्ट और टी-शर्ट पहनी थी, बहुत ही मस्त लग रही थी।

फिर हम उसके रूम में गए जहां उसकी बहन रिया पढ़ाई कर रही थी।
वह मुझे हाय बोली, मैंने भी हैलो बोल के रिप्लाई किया और फिर वो उठ कर दूसरे रूम में चली गई।

अंजलि मेरे लिए पानी लाई, मैंने गिलास उठा कर नीचे रखा और अंजलि को जोर से गले लगा लिया और अपने हाथों को कसने लगा।
फिर मैंने उसके पूरे चेहरे पर किस किया और उसके होंठों को चूसने लगा।

अंजलि को किस करते-करते मेरा हाथ उसके दूध पर चला गया पता ही नहीं चला।
मैं हल्के-हल्के उसके दूध दबाने लगा।

अंजलि ने उस वक्त ब्रा नहीं पहनी थी।
अब मैं दूसरे हाथ से भी उसके दूध को दबाने लगा और अंजलि को किस करता रहा।

उस समय हम एक-दूसरे को प्यार करने में ये भी भूल गए थे कि उसकी बहन भी घर में ही है।
फिर थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और बिस्तर में बैठ गए।

फिर उसे किसी नए नंबर से कॉल आया पर अंजलि ने नहीं उठाई।

2 मिनट बाद फिर उसी नंबर से कॉल आया तो मैंने अंजलि से कॉल उठाने को बोला।

कॉल उठाते ही वह जोर से फोन पर चिल्ला के बोलने लगी- तुझे बार-बार बोल चुकी हूं कि ना मतलब ना! फिर भी तुझे समझ नहीं आ रहा है क्या!
फिर वो कॉल कट करके मोबाइल बिस्तर पर पटक दी।

मैंने पूछा कि कौन था फोन पर और तुम किस चीज़ के लिए मना कर रही हो?
तब अंजलि गुस्से में बोली- वो मादरचोद रवि है मेरे मामा गांव का! पता नहीं उसे मेरा नंबर कहां से मिला, वो भोसड़ी वाला कॉल करके बार-बार प्रपोज करता है मेरे मना करने के बाद भी, साला बहनचोद!

मुझे भी गुस्सा आ गया, मैं अंजलि से बोला- मुझे दे उस लंड का नंबर मैं बात करता हूं!

पर उसने मना कर दिया, बोली- बात को और बढ़ाने से कोई मतलब नहीं है रहने दो।

थोड़ा देर हम शांत हो गए और एक दूसरे को देख के हंसने लगे क्योंकि हम एक-दूसरे के सामने पहली बार गाली दिए थे।

फिर मैंने हंसते हुए ही अंजलि से पूछा- अंजलि, लंड क्या होता है जानती हो?
अंजलि- हां… वो जो लड़कों के पास होता है।

मैं- कभी लंड देखा है?
अंजलि- नहीं।

मैं- देखोगी मेरा लंड?
अंजलि- छि… नहीं देखना है!”

मैं- मैं तो तुम्हारा ही हूं अंजलि, तो मेरा लंड देखने से क्यों मना कर रही हो?
अंजलि- रिया घर पर ही है, अगर वो आ गई तो बहुत परेशानी हो जाएगी।

मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और बोला- अब दरवाजा बंद है, वो नहीं आएगी। अब दिखाऊं अपना लंड?
अंजलि- ठीक है, अब दिखा!
मैं- अब तू ही खोल के देख।

अब अंजलि मेरे जींस को खोलने लगी और खोल कर नीचे मेरे घुटने तक ला दी।
फिर उसने मेरा चड्डी भी खींच कर उतार दी और बोलने लगी- अरे बाप रे! कितना बड़ा है तेरा लंड और टाइट भी हो गया है!

फिर मैंने बोला- हां तुझे देख के खड़ा हो गया है मेरा लंड। अब इसे सिर्फ देखोगी या इसे छू कर प्यार भी करोगी?

अंजलि ने एकदम से मेरा लंड अपने मुलायम हाथों से छूने लगी.
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, बहुत मजा आ रहा था।

वो अपने हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी, मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से दबाने लगी और किस करने लगी।
अब मुझे चोदने का मन करने लगा।

मैंने अंजलि से लंड चूसने को बोला, वो एकदम से मेरे लंड को चूसने लगी।
उसके मुलायम होंठों से टकराते हुए मेरा लंड उसके मुंह के अंदर चला गया।

अंजलि मेरे लंड को अंदर बाहर कर के लबालब लंड चूसने लगी।
अब मैं अपने दोनों हाथों से अंजलि के सिर को पकड़ कर उसके मुंह को चोदने लगा।

अंजलि भी अब पूरे जोश में आ गई थी।
5 मिनट अंजलि के मुंह को चोदने के बाद उसे खड़ा किया और उसकी टॉप को उतार दिया।

अब मैं उसके दूध को जोर-जोर से दबाने लगा।
अंजलि कराहने लगी, उसके दूध गोरे थे और बड़े भी थे।

अंजलि को दर्द हो रहा था तो वो बोली- प्लीज धीरे-धीरे दबाओ, बहुत दर्द हो रहा है!
पर मैं जोर-जोर से ही दबा रहा था।

फिर अंजलि जोर से चिल्ला के गाली देते हुए बोली- मादरचोद धीरे दबा! कहीं भागी नहीं जा रही हूं।
मैं बोला- तेरा दुदू बहुत मस्त है यार अंजलि, मज़ा आ रहा है!”

और फिर उसके एक दुदू को मुंह में लेके चूसने लगा, जोर-जोर से उसके दुदू को चूसने लगा।
अंजलि बस सिसकियां ले रही थी- अअ अअअह हह हहह ओओ ओहह हहह उउमम हह… मज़ा आ रहा है और जोर से चूसो!

फिर अचानक से दरवाजा खटखटाने की आवाज आई।
मैं और अंजलि डर गए और जल्दी से अलग होकर अपने-अपने कपड़े ठीक किए और अंजलि जा कर दरवाजा खोली।

वो रिया थी।
रिया अंदर आई और मेरे सामने ही बैठ गई।

अंजलि ने रिया से पूछा- क्या हुआ तू क्यों यहां आ गई?
रिया बोली- अभी पढ़ाई करने का मन नहीं कर रहा है इसलिए यहां आ गई।

मुझे आए भी काफी समय हो गया था तो मैंने जाने के लिए अंजलि को बोला और वहां से अपने घर आ गया।

उस दिन के बाद मैं और अंजलि एक दूसरे से गाली देकर ही बात करते थे।
अब हम 12वीं में आ गए थे, हम हमेशा की तरह समय से पहले ही स्कूल पहुंच जाते थे और एक-दूसरे को खूब किस करते थे।
मैं रोज उसके दुदू को मसलता था।
रोज-रोज उसके दूध को दबाने की वजह से उसके दूध बहुत बड़े हो गए थे।

अंजलि के दूध अब एकदम अलग से गोल और टाइट दिखने लगे।
मेरे दबाने के कारण उसके दूध बड़े हुए हैं इसलिए अंजलि मुझे हमेशा बोलती थी कि- मादरचोद! तेरे वजह से मेरा दूध बड़ा हो गया है, बड़ी साइज की ब्रा पहननी पड़ती है!

समय बीता और 12वीं पास करने के बाद मैं और अंजलि अलग-अलग कॉलेज में जाने लगे।
पर हम रोज मिलते, मेरा और उसका कॉलेज 5 किलोमीटर की दूरी पर ही था।

कभी-कभी हम साथ में ही कॉलेज जाते थे।
हम मूवीज भी जाते थे और वहां चुम्मा-चाटी करना, उसके दूध दबाना ये होता ही रहता था।

अब हमारी चुदास बढ़ने लगी।
अब हम दोनों एक-दूसरे को चोदना चाहते थे पर हमें जगह नहीं मिल रही थी।

अंजलि बोलती थी- मेरा तो मन करता है कि तुझे लिटा कर तेरे लंड पे बैठ कर उछल-उछल के चोदूं!
और मैं उसे बोलता- तुझे कुतिया बना कर तेरे लंबे बालों को हाथ से खींच कर चोदूंगा, तुझे मादरचोद अंजलि!

हमारे कॉलेज को चार महीने हो गए थे।
नवंबर का महीना चल रहा था और ठंड भी बढ़ गई थी।

दोपहर के 3 बजे अंजलि का कॉल आया और बोली- मुझे कुछ काम है मेरे कॉलेज आके मुझे पिक कर लेना।
मैंने ‘ठीक है’ बोला और 5 बजे उसे कॉल करके उसके कॉलेज पहुंच गया।

आज उसके कॉलेज में कुछ इवेंट था इसलिए वो साड़ी पहन कर गई थी।

लाल रंग की साड़ी में खुले बाल बहुत ही मस्त लग रही थी अंजलि आज।
मैं तो उसे देखता ही रह गया।

अंजलि बोली- खा जाएगा क्या?
मैं बोला- इरादा तो कुछ ऐसा ही है!

अंजलि हंस दी।

और फिर हम चौपाटी गए, वहां कुछ खाया और वहीं पार्क में बैठ गए और बातें करने लगे।

बात करते-करते 7 बज गए।
फिर अंजलि बोली- चलो चलते हैं, मुझे पायल के घर भी जाना है कुछ काम है।

पायल अंजलि की कॉलेज फ्रेंड है जो मध्य प्रदेश की रहने वाली है और वह रायपुर छत्तीसगढ़ में पढ़ाई करने आई है।

हम पार्क से निकले और पायल के घर पहुंचे।
मैंने बाइक बाहर रखना चाहा पर अंजलि बोली- अंदर ले लो बाइक, हमें थोड़ा ज्यादा समय लगेगा।

फिर मैंने बाइक अंदर पार्क कर दी, वहां पहले से ही एक बाइक खड़ी थी।
मेरे पूछने पर अंजलि बताई कि वो दूसरी बाइक पायल के बॉयफ्रेंड की है, वो भी आया है।

एक बात बता दूं दोस्तों कि पायल एक इंडिपेंडेंट घर में किराये से रहती है।
फिर अंजलि बिना बेल बजाए दरवाजा को धक्का देकर खोला।

दरवाजा खुलते ही किसी लड़की के चिल्लाने और ‘फच-फच’ की आवाज आने लगी जो पायल की आवाज थी।

हमारे अंदर जाते ही अंजलि ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और बोली- ये पायल की आवाज है और अभी उसकी चुदाई हो रही है।
तो मैंने बोला- तो तुम्हें इस वक्त क्या काम है उससे?
अंजलि बोली- तू पहले रूम में चल फिर बताती हूं।

हम रूम में गए तो अंजलि बोली कि- मुझे पायल से नहीं, तेरे से काम है! आज रात हम यहीं रुकने वाले हैं।

लवर सेक्स का पता लगते ही मैं खुश हो गया और अंजलि को जोर से हग कर लिया और उसे किस करने लगा और उसे बोलने लगा- आज तो तुझे कुतिया बना के चोदूंगा!
अंजलि बोली- तू जैसे चाहे वैसे चोद लेना, मैं तेरी ही तो हूं!

मैं अंजलि के पीछे आकर उसके बालों को सामने किया और उसके गर्दन पर किस करते हुए उसके दुदू को दबाने लगा।
उसके दूध एकदम टाइट हो गए थे।

अब मैं पीछे से ही उसके साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया और उसके ब्लाउज के बटन को खोल दिया और ब्रा के ऊपर से उसके दूध दबाने लगा।

अंजलि चिल्ला कर बोलने लगी- सूर्या! और जोर से दबाओ, मेरे दुदू को मसल डालो इसे!
मैं- हां मादरचोद! इसीलिए तो तू मुझे यहां लेके आई है!

अंजलि- हां मेरे पुदी के मालिक! कब से चुदना चाहती थी तेरे लंड से पर आज मौका मिला है, आज तो जी भर के चुदूंगी तेरे लंड से!
मैं- मैं भी तुझे कुतिया बना के चोदूंगा साली!

मैं अंजलि के दुदू को जोर-जोर से दबा रहा था और वो सिसकारी ले रही थी।

अब मैंने अंजलि की साड़ी को उतार दिया और उसके ब्लाउज को भी उतार कर फेंक दिया।
मैंने उसके ब्रा का हुक निकाल कर ब्रा भी उतार दी।
अब अंजलि के दुदू बिल्कुल नंगे लटके हुए थे।

अंजलि के खुले बाल उसके दुदू के ऊपर आ गए थे जो उसके दुदू को और भी खूबसूरत बना रहे थे।

लाल लिपस्टिक के साथ खुले बाल अंजलि को और ज़्यादा खूबसूरत बना रहे थे।

अब मैं सीधे अंजलि के दुदू चूसने लगा और एक हाथ से उसके दूसरे दुदू को मसलने लगा।
बारी-बारी से उसके दुदू को एक-एक कर के मसलने और चूसने लगा।

अब अंजलि ने मेरे पूरे कपड़े उतारे और अपने भी बाकी के कपड़े उतार दिए।
मेरा लंड पूरा कड़क हो गया था मानो लोहा हो।

अंजलि घुटने पर आ गई और मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी।
वो एकदम लॉलीपॉप समझ कर मेरे लंड को लपालप चूस रही थी।

अब मैं उसके सिर को पकड़ कर उसके मुंह में अपने लंड को पेलने लगा।
बहुत ही मज़ा आ रहा था यार!

मैं अपने लंड को उसके गले तक ले जा रहा था।

2 मिनट उसके मुंह को चोदने के बाद अंजलि को गोद में उठाया और बिस्तर में पटक दिया।
उसके पैर को पकड़ कर उसे बिस्तर के किनारे लाया और उसके पैर को फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा।

अंजलि सिसकारी लेने लगी- अअ अहह उउउ उउ उफ ओओ ओओ! सूर्या जोर-जोर से चाट मेरी चूत को, पूरा रस पी जा मेरी चूत का!

मैं जीभ से ही उसकी चूत चोदने लगा और वो अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी।

अंजलि बोलने लगी- प्लीज सूर्या अब रहा नहीं जा रहा है, डाल दो अपने लंड को मेरी चूत में!

फिर क्या था, मैंने अंजलि के पैर को अपने कंधे पे रखा और उसकी चूत में अपना लंड सेट किया और जोर से पेल दिया।
मेरे पेलते ही अंजलि दर्द से चिल्लाने लगी- अ अअअ अआ आआआ आआआहह हहहह! सूर्या बहुत दर्द हो रहा है, निकालो इसे प्लीज निकालो!

पर मैंने नहीं निकाला।
अभी मेरा आधा ही लंड अंदर गया था.

ये बात मैंने अंजलि को बताई तो अंजलि दर्द में ही बोली- अगर अभी आधा गया है, जब पूरा जाएगा तो मैं तो मर ही जाऊंगी! प्लीज सूर्या निकालो अपने लंड को बाहर!

अंजलि के इतना कहते ही मैंने एक और धक्का दे दिया।
अब मेरा पूरा लंड अंजलि की चूत के अंदर था।

अब अंजलि और जोर से चिल्लाने लगी और बोलने लगी- ओ ओओ ओओहह हहह मम्मा मर गई! बहुत दर्द हो रहा है सूर्या मादरचोद! निकाल अपने लौड़े को बहनचोद!
मैं- चुप हो जा मेरी जान, थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। पहली बार चुदाई में दर्द होता ही है।

और मैं अंजलि के लिप्स पर किस करने लगा और उसके दुदू को भी चूसने लगा।

जब अंजलि का दर्द कम हुआ तो अंजलि बोली- अब ठीक है, अब धीरे-धीरे करो।

फिर मैंने लंड बाहर निकाला और फिर से उसकी चूत में पेल दिया।
पर अभी भी अंजलि को हल्का दर्द हो रहा था पर वो बोली नहीं।
मैं लंड आगे-पीछे कर-कर के अंजलि को चोदने लगा।

पूरे रूम में हमारी चुदाई की आवाज और हर धक्के में ‘फच-फच’ की आवाज गूंजने लगी।

थोड़ी देर बाद अंजलि का दर्द खत्म हो गया और उसे मज़ा आने लगा।

अंजलि- सूर्या और जोर! जोर-जोर से चोद मुझे, फाड़ दे मेरी चूत! चोद-चोद के भोसड़ा बना दे मेरी चूत का!
मैं- हां मेरी जान क्यों नहीं! तेरी इस पुदी को ऐसा चोदूंगा कि तू हमेशा याद रखेगी साली मादरचोद!

मैं अंजलि को जोर-जोर से चोद रहा था, वो भी खूब मजे से चुद रही थी।

अब मैंने अंजलि को कुतिया बनने के लिए बोला।
वो मान गई और कुतिया बन गई।

फिर मैंने उसकी चूत में लंड रखा और उसके लंबे बालों को हाथ में खींच कर पकड़ लिया और जोर से धक्का मारा।

मेरा लंड एक ही बार में पूरा अंदर चला गया।

अब मैं इसी पोज में अंजलि की चुदाई कर रहा था और उसकी गांड को भी थप्पड़ मार रहा था।

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उसकी चूत में ही झड़ गया और बिस्तर में ही लेट गया।

अंजलि भी मुझसे लिपट कर लेट गई और मेरे लंड को सहलाते हुए बोली- सूर्या, ये रूम मैंने और पायल ने मिलकर किराये से लिया है। अब हम जब मर्जी तब यहां आ सकते हैं और चुदाई कर सकते हैं!
ये बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ।

अब जब भी मुझे या अंजलि को चुदाई का मन करता हम रूम में आकर खूब चुदाई करते।

करीब 3 साल तक मैंने अंजलि को अलग-अलग पोज में चोदा।

दोस्तो, कैसी लगी मेरी और मेरी लवर सेक्स कहानी?
मुझे मेल करके जरूर बताइएगा।
अगली कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे अंजलि की गांड मारी और ऐसा क्या हुआ कि मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली पायल मुझसे चुद गई।
s2845609@gmail.coms

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