स्टेप मॅाम फक कहानी में मेरी सौतेली मॅाम मस्त जवान थी. एक दिन वे मेरा लंड चूस चुकी थी और चूत देने के लिए मचल रही थी. मैं भी अपनी सौतेली मॅाम को चोदने के लिए आतुर था.
दोस्तो, आप सभी को मेरा सादर प्रणाम.
मेरा नाम प्रतीक गोयल है.
मैं आपको अपनी पिछली सेक्स कहानी
धर्म मॉम ने मेरा लंड चूसा
में अपनी सौतेली मॉम माया की चुदास से भरी हरकतों को सुना रहा था.
आप पढ़ चुके हैं कि मेरी मॉम ने मेरा लंड चूस-चूस कर लौड़े का सारा पानी पी लिया था.
अब आगे स्टेप मॅाम फक कहानी:
उस दिन लौड़े को सुख दिलवा कर मैं जल्दी से बाथरूम में घुस गया और नहा-धोकर नाश्ता करके वापस अपने कमरे में आकर बैठ गया.
तभी मैंने देखा कि मेरी छोटी बहन प्रियंका मुझे देख-देखकर स्माइल कर रही है.
मुझे पहले अजीब लगा, तो मैंने कुछ नहीं बोला.
सब काम खत्म होने के बाद मेरी बड़ी दीदी अपने प्रोजेक्ट वर्क करने के लिए अपने कमरे में चली गईं.
छोटी वाली ने अपना समर होमवर्क पहले से ही पूरा कर लिया था.
आज मॉम ने लंड चूसा था तो मैंने आज का सारा प्लान कैंसल कर दिया.
दोस्त भी आए तो मैंने उन्हें मना करके भगा दिया.
फिर मॉम कमरे में आईं और उन्होंने मुझसे पूछा- क्यों नहीं गए बाहर?
मैंने कहा- आप बोली थीं कि सरप्राइज़ दोगी आज बहुत सारा … तो नहीं गया!
तभी मॉम गेट उड़काती हुई बोलीं- हां वह तो है. मैं समझ गई थी कि तुमको वह सब अभी ही चाहिए … बल्कि अब तो मैं खुद ही तुम्हारे लौड़े से अपनी चुत चुदवाना चाहती हूँ!
इतना साफ साफ कह कर मॉम ने अपनी हिचक को खत्म कर लिया था और शायद उन्होंने मेरे अन्दर से भी झिझक को खत्म करने की कोशिश की थी.
मॉम दरवाजा बंद करके मेरे पास आईं और अपना हाथ मेरे पैंट के अन्दर डालकर लंड को निकालने लगीं.
मैंने पूछा- मॉम, पैंट खोल दूँ क्या?
मॉम ने हंसते हुए कहा- हां जल्दी खोलो!
मैं नीचे से पूरा नंगा हो गया. मेरा लंड मॉम को देखते ही खड़ा हो गया था.
मॉम ने लंड देखते ही घुटनों पर बैठ कर उसे चूसना शुरू कर दिया.
मैं मॉम के मम्मों को पहले उनके कपड़े के ऊपर से ही दबाने लगा.
बाद में मैंने उनकी कुर्ती के अन्दर हाथ डाल दिया.
मेरे दोनों हाथ अन्दर नहीं जा पा रहे थे, तो मॉम समझ गईं.
मॉम ने अपनी कुर्ती मेरे सामने ही उतार दी, उसके बाद पजामी ही हटा दी.
वे ब्रा पैंटी में मेरे सामने थीं और मैं उन्हें अधनंगी देखकर फ्रीज़ हो गया था.
इतना मस्त माल हैं मेरी मॉम … साला पता ही नहीं था.
मॉम ने ब्रा और पैंटी नहीं खोली तो मैंने भी कुछ नहीं बोला.
फिर मैंने ब्रा के ऊपर से ही मॉम के मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.
मेरी मॉम का फिगर कड़क लड़की के जैसा काफी मस्त था.
उनका फिगर साइज़ 32-28-34 का ही रहा होगा.
वे बहुत हेल्थ कॉन्शियस भी रहती हैं.
मैं मॉम की ब्रा के ऊपर से उनके मम्मों दबा रहा था, फिर मैं एक निप्पल को दो उंगलियों के बीच में रखकर मींजने लगा.
मैं- मॉम, ये बहुत प्यारे हैं … गोरे-गोरे हैं क्या मैं चूस लूँ?
माया मॉम- हां बेटा, तुम्हारे ही तो हैं!
मैं उनकी गोद में बैठ गया और एक-एक करके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा.
मस्ती से दूध दबा-दबाकर निप्पलों को भी काट-काट कर खाने लगा.
वे मेरे लंड को हाथ से हिलाने लगीं.
मैं करीब 20 मिनट तक मॉम के दूध चूसता रहा.
इतना ज्यादा चूसने से उनके दूध लाल नीले पड़ गए थे.
निप्पल एकदम टाइट-टाइट और लाल हो गए थे.
मेरा भी बस अभी निकलने वाला था.
मैंने कहा- मॉम, बाथरूम करके आता हूँ!
मॉम बोलीं- मैं हूँ ना … आ जाने दे अन्दर ही!
यह कह कर मॉम फिर से लंड चूसने लगीं.
कुछ ही सेकंड में मेरा वीर्य निकलने लगा और मेरा लंड झड़कर झुक गया.
मेरी मॉम बहुत खुश हो गईं.
मैंने देखा कि मॉम की पैंटी पूरी गीली हो गई थी.
मैंने कहा- मॉम, अब खोल दो न … मैं भी आपके लंड को चूस देता हूँ!
मैं अभी भी ऐसे बोला था, जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं है.
मॉम हंसकर बोलीं- मेरे पास लंड नहीं होता … तुम्हारे जैसे मर्द के लौड़े के लिए चूत होती है!
मैंने कहा- हां तो आप अपनी चुत दिखाओ ना … मुझे भी चूसना है!
मॉम बोलीं- खुद करो मेहनत!
यह कह कर मॉम चित लेट गईं, पैर मेरी तरफ़ करके चुत दिखाती हुई खुजाने लगीं.
मैं पहले मॉम के पैरों के बीच में गया, उनके पैर फैलाए और पैंटी के ऊपर से ही चुत को चूसने व किस करने लगा.
मैं कुछ कुछ देर में मॉम की जांघों को भी चूम ले रहा था.
फिर धीरे-धीरे मैंने उनकी पैंटी को नीचे कर दिया.
मॉम की एकदम कांच सी चमचमाती बालसफा हल्की बैगनी से कलर की चूत दिखी तो मज़ा ही आ गया.
मैं तुरंत मॉम की चुत पर अपना मुँह लगा कर चूसने लगा.
पहले मैं उनकी चुत का दाना (क्लिटोरिस) चूस रहा था, फिर फांक को अपने होंठों से पकड़ कर खींचते हुए चूसने लगा था.
कभी मैं चुत के अन्दर जीभ डाल रहा था, तो कभी पूरी चुत को अपनी जीभ से चाट रहा था.
ऐसे ही मैं बार बार रिपीट कर रहा था.
साथ ही मैं अपने एक हाथ से मॉम के दोनों मम्मों को बारी बारी से दबा रहा था और दूसरे हाथ से चूत में उंगली कर रहा था.
मॉम बोलीं- रुक … मुझे बाथरूम जाना है, पानी निकाल आने दे!
मैंने कहा- मॉम, मैं हूँ ना … आप इधर ही निकालो न!
मैं यह कह कर बहुत ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूत चूसने लगा.
वे बस एक मिनट में ही मेरे मुँह पर अपनी चूत दबाने लगीं और एक साथ बहुत सारा पानी मेरे मुँह में निकाल दिया.
मेरा पूरा मुँह पानी-पानी हो गया.
मॉम की आंखों में संतुष्टि साफ़ दिख रही थी.
मेरा लंड तब तक बहुत टाइट हो चुका था.
आज पहली बार 69, ऐस्स लिकिंग यह सब हो रहा था.
फिर मॉम ने मेरा कड़ा लंड देखते हुए कहा- अन्दर डालना चाहोगे?
मैंने कहा- आप तो मुँह में डलवाती ही हो!
मॉम बोलीं- नहीं … ले मेरा प्यारा बेटा, मेरी चूत में डालोगे क्या?
मैंने हां में सिर हिलाया.
मॉम ने मेरे लंड को अच्छे से चूसा और बोलीं- मैं चित लेट रही हूँ … मेरे ऊपर आ जाओ और अन्दर घुसा दो.
अब इतना कुछ हो रहा था कि मैं वह बात भूल ही गया कि मुझे ऐसा दिखना है मानो मुझे कुछ नहीं आता.
मॉम जैसे ही लेटीं और मुझे ऊपर बुलाया, मैं झपट कर उनके ऊपर चढ़ गया और ऊपर आते ही मैं उन्हें लिप किस करने लगा.
मॉम के कान की लौ चूसने लगा, उनकी गर्दन को चूसना शुरू कर दिया.
मेरा लंड उनकी चूत पर रगड़ने भी लगा था.
मैं लंड को चूत के ऊपर ज़ोर-ज़ोर से रगड़ रहा था और आंख बंद करके सैट करने का प्रयास कर रहा था.
मॉम ने भी में मदद की और लंड को चुत के छेद पर टिकवा लिया.
स्टेप मॅाम फक शुरू करते हुए मैंने एक ज़ोरदार धक्का मारा ताकि एक बार में ही पूरा लवड़ा मॉम की चुत के अन्दर चला जाए … पर हुआ नहीं, लंड फिसल गया.
मैंने फिर से ट्राई किया.
इस बार हल्का-हल्का प्रीकम निकल रहा था, तो धक्का मारने से मेरे लंड का सुपाड़ा ही अन्दर जा पाया.
चूंकि मेरा सुपारा ही बहुत मोटा है, तो मॉम को दर्द हुआ.
मैंने उसी पल फिर से एक और धक्का दे मारा.
इस बार मेरा 50% लंड अन्दर घुस गया और मॉम कराह उठीं.
हालांकि वे खेली खाई महिला थीं तो मेरे लौड़े को लील गईं.
अब मेरा लंड मॉम की चुत में धीरे-धीरे अन्दर जाने और बाहर आने लगा.
आधा लंड ही मॉम की चुत में मचल रहा था तो मैंने जैसे ही मैंने एक और तेज धक्का मारा, तो ऐसा लगा मानो मेरा लंड किसी दीवार से टकराया हो.
इस बार मेरी मॉम भी उछल पड़ीं.
मैंने पूछा- क्या हुआ मॉम?
तो मॉम कराह कर बोलीं- साले तूने मेरी बच्चेदानी तक हिला दी है … आह!
मैंने हंस कर उन्हें किस किया, कान चूसा … फिर जैसे ही वे नॉर्मल हुईं, मैंने वापस चुत चुदाई चालू कर दी.
मुझे मॉम की बॉडी में एक और छेद गर्म होता सा महसूस हो रहा था.
मैंने सोचा कि आगे के छेद से निपट लूं, फिर गांड की तरफ ध्यान दूंगा.
अब मैंने कभी ज़ोरदार, कभी धीमे शॉट मारने शुरू कर दिए.
उनके कान चूसते-चूसते मैं शॉट ज़ोर-ज़ोर से मारने लगा.
एक हाथ से मैं मॉम के मम्मों को दबा रहा था और दूसरे हाथ से कमर को सपोर्ट दे रहा था.
मेरी मॉम के नाखून बहुत बड़े थे और धक्कों की वजह से उन्होंने मेरी पीठ नोंचना शुरू कर दिया था.
नोंचने से मेरा लंड और भड़क जा रहा था और वह गुस्से से मॉम की चुत में और तेज़ी से धक्के मारने लगता.
करीब 25 मिनट से चुदाई के बाद मैंने मॉम से कहा- डॉगी स्टाइल में करते हैं, चलो!
वे मान गईं.
फिर मैंने उन्हें कुतिया की तरह बनाया और पीछे से पेलना शुरू कर दिया.
मॉम की चूत से सफेद मलाई निकल रही थी.
इतना पेलने के बाद मैंने मलाई को टेस्ट करके देखा तो नमकीन टेस्ट था, बहुत अच्छा था.
कभी आप लोग भी चखना, जब आप पेलो तो!
तभी मैंने उनकी गांड में एक उंगली डालने की सोची.
जैसे ही उंगली डाली, वह थोड़ी अन्दर तक गई और रुक गई.
मेरी मॉम की आ आह निकलने लगी.
मैं नीचे से मम्मों को दबाकर, तो कभी बम में चमाट मारते हुए हर शॉट बहुत तेज़-तेज़ मार रहा था.
ऐसे ही कुछ और मिनट तक चुदाई करने के बाद मेरा रस निकलने ही वाला था.
मैंने फिर से मॉम से कहा, तो मॉम बोलीं- इस बार अन्दर डाल दे, बहुत दिन से कुछ गया नहीं है!
मैंने ज़ोर-ज़ोर से पेलने के बाद सब अन्दर गिरा दिया और उनसे चिपक कर लेट गया.
उसी वक्त हमारी सबसे छोटी बहन प्रियंका अचानक अन्दर आ गई, फिर दरवाजा लॉक करके हम लोगों के पास नंगी होकर बैठ गई.
मेरी मॉम उसे नंगी देख कर बहुत गुस्सा हुईं.
वे उससे बोलीं- ये क्या हरकत है तुम्हारी?
प्रियंका अपना रांडपना दिखाती हुई बोली- मैंने आपको सुबह देखा था जब आप भैया का लंड चूस रही थीं. उसी समय से मेरे अन्दर भी कुछ कुछ होने लगा था. फिर जब आप रूम में आईं, तब से मैं आपको दोनों को देख रही थी. मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो यहां अन्दर आ गई. मेरी तो उंगली भी नहीं जा रही है … आपने भैया का इतना बड़ा लंड कैसे ले लिया?
मेरी माया मॉम को अब अपनी गलती का अहसास होने लगा.
सुबह रूम बंद नहीं किया था और अभी भी बंद करना भूल गई थीं.
अब उनकी बेटी मुझसे चुदवाना चाहती थी.
बाहर के लंड से मॉम को डर लगता था, तो उन्होंने भी यही सही समझा कि प्रतीक ही अपनी बहन को भी पेल दे.
यह सोचती हुई माया मॉम बोलीं- ठीक है प्रियंका … लेकिन तुम जब भी करोगी, प्रतीक से ही करना, किसी और से नहीं, समझी? और जब भी तुम दोनों करोगे, मुझसे पूछकर करोगे … ओके!
प्रियंका और मैं एक साथ बोले- जी मॉम.
इतना बोलने की देर थी कि प्रियंका ने अचानक आगे आकर मेरा यानि अपने भाई का लंड मुँह में ले लिया और किसी लॉलीपॉप की तरह लौड़े के सुपाड़े को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी.
वह इतनी ज़ोर से चूस रही थी कि लंड का सुपाड़ा लाल हो गया.
उसी समय मैंने अपनी बहन के मम्मों को पकड़ लिया था.
मॉम अपनी बेटी की चूत और गांड के छेद को ध्यान से देख रही थीं.
प्रियंका की चूत कसी हुई थी और उसमें से पानी निकल रहा था.
माया मॉम के मन में आया कि एक बार चूसकर देखूँ … और बस, उन्होंने अपनी बेटी की चूत को चूसना शुरू कर दिया.
कुछ देर बाद अचानक प्रियंका उछली और उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया.
फिर प्रियंका मेरे लंड को दबाने लगी.
माया मॉम ने उससे कहा- तू चित लेट जा … प्रतीक अब तुझे चोद देगा!
प्रियंका लेट गई.
मैं उसके ऊपर आया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
प्रियंका का बुरा हाल हो गया.
मैंने उसके छेद में लंड रखा और धक्का मारा … लेकिन लंड फिसल गया.
यह सब माया मॉम देख रही थीं.
उन्होंने कहा- ये क्या बकचोदी है … इस तरह से नहीं पेलना. मैं जब बोलूँगी तब धक्का मारना!
मैं बोला- ठीक है मॉम!
माया मॉम ने प्रियंका की चूत में लंड को अच्छे से सैट कर दिया और बोलीं- मार अब शॉट!
मैंने एक ज़ोरदार झटका मारा.
प्रियंका की चीख निकल गई.
उसकी चीख इतनी ज़ोर से निकली थी कि पूरे घर में आवाज़ गई होगी.
हम दोनों ने जल्दी से एक्शन लिया.
मैंने उसका मुँह अपने मुँह से दबा दिया और चूसा ताकि सपना न सुन ले.
माया मॉम मॉम ने प्रियंका के नीचे झांक कर देखा तो पता चला कि प्रियंका की चूत से खू.न निकल रहा है.
मेरा अभी तक सिर्फ़ सुपाड़ा ही अन्दर गया था.
मैं अब बिना रुके ज़ोर-ज़ोर से धक्का मारने लगा.
प्रियंका का मुँह होंठों से बंद था.
आखिरी में मैंने इतनी ज़ोर से धक्का मारा कि प्रियंका बहन ने मेरे होंठ ज़ोर से काट लिए और मेरी पीठ में नाखून गड़ा दिए.
मेरे होंठों से खू.न निकल गया था, लेकिन उस वक्त तो मुझे कुछ पता ही नहीं चला.
माया मॉम यह सब देखकर हैरान थीं.
फिर मैंने नीचे देखा तो पता चला कि लंड पूरा अन्दर तक घुस गया है, बाहर सिर्फ़ मेरे टट्टे दिख रहे हैं.
प्रियंका दर्द से कराहती हुई बोलने लगी- प्लीज़ निकालो!
तभी माया मॉम ने मेरे कान में कहा- इसको तब तक चोदना, जब तक इसका दर्द कम न हो जाए. धीरे-धीरे से शुरू करो, फिर तेज़ होते जाना!
बस फिर क्या था … मैं पिल पड़ा.
पहले धीरे-धीरे चुत चोदने लगा.
माया मॉम प्रियंका के मम्मों चूसने लगीं और उसकी क्लिट को भी रगड़ने लगी.
हम तीनों चुदाई में चूर होकर यह सब कर रहे थे.
हमें होश भी नहीं था कि गेट के बाहर कोई खड़ा है या नहीं.
मैंने मस्ती से अपनी बहन को तीस मिनट तक चोदा और लौड़े को चुत से बाहर निकाल कर झाड़ने को हुआ तो मॉम ने उसे कपड़े से पौंछ कर अपने मुँह में ले लिया.
मैंने देखा कि कपड़े पर खू.न लगा था, जो मेरी कुंवारी बहन की सील टूटने से निकला था.
दोस्तो, इस सेक्स कहानी को फिलहाल यहीं रोक रहा हूँ.
अगली कहानी में देखेंगे कि कैसे मैंने अपनी दोनों बहनों और मॉम को एक साथ पेला.
यह स्टेप मॅाम फक कहानी कैसी लगी आपको?
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