सेक्स टॉय Xxx कहानी में एक महिला ने मुझे चुदाई के लिए बुलाया. वहां देखा तो उसकी नौकरानी भी मस्त माल थी. मैंने उसे भी चोदना चाहता था. मुझे मौक़ा भी मिला.
दोस्तो, मैं जैक आपको प्यासी मालकिन और उसकी नौकरानी की कामपिपासा शांत करने वाली मस्त चुदाई सुना रहा था.
कहानी के दूसरे भाग
रिच लेडी की चूत गांड में लंड पेला
में अब तक आपने पढ़ लिया था कि मैं संजना को भी चोद लेना चाहता था, पर कामिनी ने कल दिन में संजना को चोदने की सहमति दी थी.
उस वक्त कामिनी की बेटी पूजा घर पर होती तो मैं किस तरह से संजना को चोद सकता था, मेरे दिमाग में यही चल रहा था.
अब आगे सेक्स टॉय Xxx कहानी:
संजना कामिनी के पास से उठकर मेरे पास आई और उसने मेरा लंड पकड़ लिया जो अब तक तनकर खड़ा था.
वह मेरे लौड़े को आगे-पीछे करती हुई बोली- मैंने मेरे पति के अलावा दो लोगों से किया है. दीदी के सामने करीब दस बार किया होगा. मेरे पति ने मुझे तीन महीने में बस चार बार ही पेला है मेरे राजा … और रही बात कल सुबह की कि मुझे कैसे पेलोगे, तो दीदी ने पूजा को बताया है कि मेरा एक रिश्तेदार आने वाला है, जो हमारे गेस्ट रूम में रुकेगा. इस बंगले में छह रूम हैं. एक कमरे की आवाज दूसरे रूम में नहीं जाती है.
संजना मेरे लंड को हिलाती-हिलाती झुक गई और लंड चूसने लगी.
तभी कामिनी चिल्ला पड़ी- रंडी रहा नहीं जाता तुझसे?
संजना- बस दीदी, एक बार कर लेने दो ना … बहुत मन कर रहा है. आपकी चीखें सुन-सुनकर मैं बेताब हो रही हूँ.
कामिनी- चल, एक काम कर ड्रॉवर से आस प्लग और डिल्डो निकाल. हम तीनों एक साथ मस्ती करते हैं.
जैसे ही कामिनी ने ड्रॉवर से आस प्लग और डिल्डो लाने के लिए कहा, संजना ड्रॉवर के पास पहुंच गई.
तभी कामिनी ने आवाज दी- संजना, अपनी खास वाली टैबलेट भी ले आना.
संजना ने हां में जवाब दिया और सब लेकर वापस आ गई.
कामिनी- अब किसका इंतजार है? निकाल कपड़े!
संजना- दीदी, मुझे शर्म आती है.
कामिनी- भोसड़ी वाली, लंड चूसने को तैयार हो गई थी और अब शर्म आती है? जैक उठो और फाड़ दो इसके कपड़े … जरा कुछ वाइल्ड भी हो ही जाए.
मैं सीधा उठा और संजना के पास जाकर उसकी कमीज को फाड़ दिया.
संजना ने ब्रा नहीं पहनी थी, उसके बूबे एकदम उछलकर सामने आ गए.
ना ज्यादा बड़े, ना छोटे … एकदम सही शेप में थे.
आकर्षक दूध मेरे सामने बिल्कुल भी लटक नहीं रहे थे.
उसके निप्पल थोड़े काले थे और बूब्स पर जलने के निशान थे … शायद सिगरेट या बीड़ी के.
संजना ने दोनों वक्षों को अपने हाथों से ढक लिया.
मैंने सलवार का नाड़ा खोला और नीचे सरका दिया. उसने नीचे पैंटी भी नहीं पहनी थी.
मेरा लंड तो पहले ही सलामी दे रहा था, मैं घूमकर उसके पीछे गया.
उसकी गांड का उभार कामिनी से ज्यादा था, लेकिन एकदम फिगर में थी.
पर पीठ पर भी मार के निशान थे.
मुझे माजरा समझ में आ गया कि शायद इसी वजह से संजना ने उसके पति को छोड़ दिया था.
मैंने देर न करते हुए संजना को बांहों में उठाकर बेड पर पटक दिया.
तभी मुझे कामिनी ने रोका- ऐसे नहीं, मैं जैसा कहती हूँ, वैसे करो … संजना, मेरे अन्दर आस प्लग डालो.
संजना दुबारा उठी, टेबल से जैल की बोतल लेकर आई और कामिनी की गांड की तरफ गई.
वह गांड की हालत देख कर बोल पड़ी- दीदी, ये क्या? ये गांड का छेद बड़ा कैसे हो गया?
कामिनी- जैक की करामात है, उसने चौड़ा कर दिया.
दोनों खिलखिला कर हंसने लगीं.
संजना ने कामिनी की गांड में आस प्लग डाल दिया.
इधर कामिनी ने भी संजना की गांड पर जैल लगाकर संजना के अन्दर घुसा दिया और रिमोट से दोनों स्टार्ट कर दिए.
संजना और कामिनी दोनों की गांड वाइब्रेट करने लगी और वे मादक स्वर में सिसकारियां लेने लगीं.
अब कामिनी ने संजना को चूत चाटने के लिए कहा और खुद पैर पसार कर लेट गई.
संजना डॉगी पोज में मेरी तरफ गांड करके खड़ी थी.
कामिनी ने मुझसे कहा- जैक, शुरू हो जाओ, घुसा दो लंड संजना के अन्दर लेकिन उसके पहले ये टैबलेट खा लो!
मैंने टैबलेट खा ली और संजना की चूत की तरफ बढ़ा.
संजना की गोल गांड देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.
इसलिए मैंने पहले संजना की चूत को खोला … थोड़ी काली लेकिन अन्दर से गुलाबी चूत थी, एकदम मस्त.
मैंने संजना की चूत चाटना शुरू कर दिया.
अब संजना दोहरे मजे ले रही थी और कामिनी भी.
दस मिनट चूत चाटने के बाद मैंने कंडोम चढ़ाकर अपने लंड को चूत पर लगा दिया.
थोड़ा टाइम लंड को चूत पर रगड़कर एक झटके में संजना की चूत में घुसा दिया.
संजना बिलबिलाती हुई कामिनी पर जा गिरी और दोनों पैर पसारकर पेट के बल लेट गईं.
मेरा लंड एक झटके में चूत से बाहर आ गया.
संजना- हरामी धीरे-धीरे नहीं कर सकता क्या? कोई इस तरह से एक बार में अन्दर डालता है क्या? मेरी जान निकाल दी!
कामिनी वहां हंस रही थी और संजना से बोली- बहुत खुजली हो रही थी ना? अब झेल कुतिया!
फिर कामिनी ने मुझे इशारा किया.
मैं संजना पर लेट गया और दुबारा लंड संजना की चूत में घुसा दिया.
संजना थोड़ा तड़प रही थी … वह शायद बहुत दिनों बाद असली लंड ले रही थी.
थोड़ी देर बाद उसको मजा आने लगा.
वह नीचे से गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी और कामिनी की चूत चाटने लगी.
कामिनी ने डिल्डो उठाया और चूत पर रगड़ने लगी.
कामिनी को तिहरा मजा आ रहा था.
उसकी गांड में आस प्लग, ऊपर डिल्डो और बीच में संजना की जीभ.
कामिनी से ज्यादा संजना का शरीर मादक था, एकदम रसभरा.
दोनों के साथ मजा आ रहा था और एक बिस्तर में दो औरतें … जिंदगी में पहली बार हो रहा था … और ये बाइसेक्सुअल सेक्स.
संजना की ठुकाई करते-करते दस मिनट हो गए थे और संजना भरभरा कर झड़ गई.
उसका पानी मेरे गोटों से होते हुए चादर पर गिरने लगा.
अब संजना हाथ हिलाकर मुझे साइड में होने के लिए कह रही थी, लेकिन मैं चोदे जा रहा था.
संजना के आंसू निकलने लगे और वह चिल्लाने लगी.
पांच मिनट बाद दुबारा संजना का पानी निकला. अबकी बार संजना जबरदस्ती उठी और मुझे किस करने लगी.
कामिनी खुद की आंखें बंद करके डिल्डो सेक्स का मजा ले रही थी.
संजना ने मेरा कंडोम उतारा और मेरा लंड मुँह में लेकर सिर आगे-पीछे करने लगी.
मैं संजना की चूत में उंगली कर रहा था और सहला रहा था.
दस मिनट चूसने के बाद थककर वह एक तरफ पैर फैलाकर पसर गई.
मैं सीधा उसके ऊपर चढ़कर बूब्स को चूसने लगा.
दोनों हाथों से उसके बूब्स दबा रहा था और उन दोनों को चूसते हुए किस कर रहा था.
उसके निप्पल को काट रहा था.
संजना ने उसके दोनों पैर हवा में उठा दिए थे और मेरे लंड को जगह हाथ से ढूँढकर चूत पर टिका दिया.
वासना में हमें ये भी याद नहीं रहा कि मैंने कंडोम नहीं पहना है.
मैंने वैसे ही मेरा लंड संजना की चूत में घुसा दिया.
अब तक संजना दो बार झड़ चुकी थी इसलिए इस बार कोई तकलीफ नहीं हुई.
चूत एकदम चिकनी थी.
मैं जोरदार शॉट लगा रहा था और संजना नीचे से कमर हिलाकर मेरा साथ दे रही थी.
हमारी ये जबरदस्त काम क्रीड़ा कामिनी देखकर चूत में डिल्डो जोर-जोर से अन्दर-बाहर कर रही थी.
करीब दस मिनट बाद मैं थकने लगा.
मैं हांफ रहा था लेकिन मेरी एक्सप्रेस चल रही थी.
इतने में संजना जोरदार हुंकार भरने लगी और मुझे कसकर पकड़ लिया.
पैरों से मेरी गांड को कसकर अपनी चूत की तरफ ढकेलने लगी और ‘मम्मी मर गई’ कहती हुई पानी छोड़ने लगी.
उसका ऑर्गेज्म इतना तगड़ा था कि चादर भीग गई.
मुझे लंड पर ऐसा महसूस हो रहा था जैसे शॉवर का पानी मेरे लंड पर आ रहा हो.
उसकी चूत फड़क रही थी और भारी कसाव महसूस हो रहा था, लेकिन मैं अभी नहीं निकला था … शायद गोली का कमाल रहा होगा.
मैं पांच मिनट वैसे ही पड़ा रहा और फिर लंड बाहर निकाला.
वैसे ही कामिनी मुझ पर चिल्ला पड़ी- अरे पागल तुमने कंडोम नहीं पहना? मैंने कहा था ना, तुम्हारा पानी तो अन्दर नहीं निकला न? संजना के कुछ ऊंच-नीच हो गई तो मैं उसके घर वालों को क्या जवाब दूँगी?
मैंने कहा- डोंट वरी, पानी नहीं निकला.
तब संजना होश में आ गई थी.
उसने कामिनी को पहले सॉरी कहा और फिर थैंक्स कहते हुए उसे गले से लगा.
वे दोनों एक-दूसरे को चूमने लगीं, एक-दूसरे के बूब्स से खेलने लगीं.
अब वे दोनों 69 की मुद्रा में आ गई थीं और एक-दूसरे की चूत को चाटने लगी थीं.
मैं थक गया था और लंड खड़ा का खड़ा था.
रात के दो बज रहे थे, इसलिए मैं एक बाजू में लेट गया और थकावट के कारण मेरी आंख लग गई.
उन्होंने करीब चार बजे मुझे उठाया.
अभी तक भी मेरा लंड खड़ा था.
अब संजना और कामिनी ने सेक्सी वाली पारदर्शी मैक्सी पहन ली थी, पर अन्दर कुछ नहीं था.
वे दोनों बहुत खूबसूरत दिख रही थीं.
संजना किचन में गई और हमारे लिए संतरे का जूस लेकर आई.
मैंने गटागट दो ग्लास पी लिए.
मुझे एनर्जी की बहुत जरूरत थी.
एक तो शराब से डिहाइड्रेटेड हो चुका था, दूसरा गोली के असर की वजह से मेरा लंड बैठ नहीं रहा था.
उसमें इतना तनाव था कि लग रहा था अभी मेरा लंड फट जाएगा और कामिनी-संजना की जोड़ी में मुझे निचोड़ लिया था.
मैंने और एक ग्लास जूस मांग लिया.
संजना- अभी लाती हूँ.
यह बोलकर वह किचन में चली गई और कामिनी मेरे पास आकर बैठ गई.
वह एक हाथ से मेरे बालों को सहला रही थी और एक हाथ से मेरे लंड को ऊपर-नीचे कर रही थी.
मैंने भी उसे किस करना शुरू कर दिया और अपने एक हाथ से उसकी मैक्सी ऊपर कर दी.
मेरा हाथ उसकी चूत पर चला गया.
मैं उसके दाने को सहलाने लगा.
कामिनी के हाथों की गर्मी से मेरे लंड को सुकून मिलने लगा.
इतने में संजना जूस लेकर कमरे में आई और अपने हाथों से मुझे जूस पिलाने लगी.
आधा जूस मेरे मुँह में जा रहा था और आधा मेरे लंड पर गिर रहा था.
उसके वजह से मेरा लंड और गीला होने लगा.
जूस खत्म होते ही संजना मेरे दोनों पैरों के बीच बैठ गई और मेरा लंड चूसने लगी.
नीचे कामिनी का हाथ था, ऊपर संजना मेरा लंड चूसती जा रही थी.
मैं स्वर्ग की अनुभूति ले रहा था. एकाएक मेरे लंड ने संजना के मुँह में पिचकारी छोड़ दी, जो शायद उसके गले के अन्दर तक चली गई.
बहुत देर से मेरा वीर्य नहीं निकला था इसलिए इस बार बहुत सारा वीर्य निकला था.
संजना को उबकाई सी आई.
वह खाँसने लगी और उसके खाँसने से मेरा रहा-सहा वीर्य कामिनी के हाथ पर जा गिरा.
उधर संजना ने मेरे लंड पर थूक दिया और वॉशरूम की तरफ भागी.
कामिनी ने उसके हाथ पर लगा वीर्य चाट लिया और मेरा लंड मुँह में लेकर चाटने लगी.
अब मेरा लंड धीरे-धीरे बैठने लगा और मुझे आराम मिलने लगा.
अब मुझे जोर की पेशाब लगी थी.
आप लोगों को पता होगा, जब लंड खड़ा होता है तो मूत नहीं निकलता.
मेरा लंड जैसे ही बैठा, मैं वॉशरूम में गया.
वहां संजना टॉयलेट सीट पर बैठी थी.
मुझे कंट्रोल नहीं हो रहा था. मैंने सीधा संजना के चेहरे पर मूत की धार छोड़ दी.
संजना शॉक में थी.
वह उठने लगी तो मैंने उसे कंधे दबाकर बैठा दिया.
उसका मुँह खुला हुआ था तो मेरी मूत की धार उसके बालों से लेकर पैर तक फिंकती चली गई.
वह मेरे मूत से भीग चुकी थी और मेरा मूत उसके मुँह में भी चला गया था.
मेरे मूत की गर्म धार से वह कुछ अलग फील कर रही थी.
मैं पूरे दो मिनट तक मूतता रहा था.
वह शांत बैठी थी.
उसे ये सब अच्छा लग रहा था.
जब मेरा पूरा हुआ, तब मैंने उसे सॉरी कहा, लेकिन उसने हंसकर आंखें नीचे कर लीं.
कामिनी ये सब दरवाजे में खड़ी रहकर देख रही थी. उसे भी ये सब देखकर अच्छा लग रहा था.
दोस्तो, आपको सेक्स टॉय Xxx कहानी के इस भाग में कितना मजा आया, प्लीज मुझे जरूर बताएं मेरी मेल आईडी पर.
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