टू होल सेक्स स्टोरी में मैंने अपनी माँ को पराये मर्दों से सेक्स करते देखा तो मेरे दिल में भी सेक्स भर गया. मेरी शादी के बाद मैं भी अपनी बीवी को किसी गैर से चुदवाना चाहता था.
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और यह बदला हुआ नाम है.
मैं उत्तर प्रदेश से हूँ.
ये मेरी सच्ची टू होल सेक्स स्टोरी है.
मैं बचपन से ही अश्लील बातों में बड़ी रुचि रखता था.
अश्लील बातों से मतलब मुझे सेक्स में काफी रुचि थी.
मैं किशोर अवस्था से ही अपने घर में मां पापा की चुदाई देखता था.
मेरी मां चरित्रहीन हो गई थीं क्योंकि शायद पापा उन्हें सही से संतुष्ट नहीं कर पाते थे.
इसी लिए वे गांव के दो लोगों से सैट हो गई थीं और पापा की गैर मौजूदगी में उन्हें अलग अलग बुला कर खूब मस्ती से चुदवाती थीं.
बाद में जब पापा को मालूम चला तो मेरे पापा भी उनका साथ देने लगे थे.
मेरे पापा मां की चुदाई में क्यों साथ देने लगे थे, यह मुझे समझ नहीं आया था.
गांव के अलावा बाहर के भी चार पांच लोग मेरी मां को चोद चुके थे.
बाहर वाले कभी कभी ही चोदने आते थे, पर गांव के जो मर्द थे, वे बराबर चोदने आते थे.
मेरी मां बहुत बड़ी चुदक्कड़ हो गई थीं.
कुछ दिनों बाद वे एक साथ दो मर्दों से भी चुदने लगी थीं.
दो मर्द उन्हें आगे पीछे से एक साथ लंड पेल कर दबा कर चोदते थे.
एक बार मैं भी मां के पास सोया था.
उनकी गांड से लग कर मेरा लौड़ा भी खड़ा हो गया था.
मां को मेरे खड़े लंड का अहसास हुआ तो वे गुस्सा हो गई थीं हालांकि उस वक्त वे कुछ बोली नहीं थीं.
मैं तब जवान हो गया था और उस दिन के बाद से मैं रोजाना मां को याद करके मुट्ठ मारने लगा था.
एक दिन पड़ोस के गांव की एक लड़की मुझसे पट गई.
मैंने उसे पहली बार चोदा था. वह भी मुझसे खूब हचक कर चुदी थी.
उसे चोदने के बाद मेरा चुत चुदाई का मन बढ़ता गया.
मेरी एक बड़ी बहन थी, वह शादी शुदा थी और अपनी ससुराल में रहती थी.
मेरी बहन की दो ननदें थीं.
वे दोनों जवान थीं और उनके जिस्म काफी भरे हुए थे.
मैं जब बहन के घर गया तो मैं उनकी खिलती जवानी को देख कर गर्म हो गया और मैंने उन दोनों को पटा लिया.
वे भी गर्म माल थीं और उन्हें भी लंड की जरूरत थी, तो मैंने उन्हें भी चोदा.
फिर उन दोनों की मदद से एक लड़की और पट गई.
मैंने उसे भी चोद दिया.
वापस गांव आया तो दो लड़कियां और मेरे साथ सैट हो गईं तो मैंने उन्हें खेत में ले जाकर चोदा.
अब मैं गांव का एक नंबर का चोदू हो गया था और मेरे बड़े लंड की दीवानी लड़कियों व भाभियों में मेरी डिमांड बढ़ गई थी.
आए दिन कोई न कोई चुत मेरे लंड के नीचे आ ही जाती थी.
कुछ समय मेरी शादी हो गई.
मुझे मालूम था कि मेरी मां एक न एक दिन मेरी बीवी को किसी गैर मर्द से चुदवा ही देगी तो मैं अपनी बीवी को लेकर खेत वाले मकान में रहने आ गया था.
उधर मैं उसको खूब मस्ती से चोदता था.
वह तो पहली बार जब मेरे लौड़े से चुदी तो उसकी चुत का भोंसड़ा बन गया था.
उसके बाद वह भी मजे से मेरे लंड की माशूका बन गई और लटक लटक कर चुदवाने लगी.
बीवी के अलावा भी गांव की अनेक लड़कियां मेरे लंड से चुदवाने आती रहती थीं.
उन्हें मैं अपने खेत के किसी कोने में ले जाकर चोद देता था ताकि मेरी बीवी को पता न चले.
ऐसे ही चलता रहा.
मैं अपनी मां को दो लंड से चुदवाने वाली क्रिया को भूल नहीं पाता था तो मैंने एक बार अपनी बीवी को चोदते समय दो लौड़ों से एक साथ चुदाने के लिए कहा.
उस वक्त तो वह भी जोश में तैयार हो गई थी लेकिन बाद में झड़ कर वह ना बोलने लगी.
हालांकि उस दिन जब मैंने अपनी बीवी को थ्रीसम सेक्स के लिए कहा था तो वह बड़ी मस्ती से चुदवाई थी.
मुझे उसकी मस्ती रास आ गई और मैं उसे जब भी चोदता, तो दो लंड से चुदने की बात करता.
वह भी गर्म होकर किसी फिल्मी एक्टर की कल्पना करके मेरे लंड से मस्ती से चुदती थी.
मगर चुदाई हो चुकने के बाद जब उससे दूसरे लौड़े के लिए कहता तो साली हंस कर ना करने लगती थी.
मुझे अपनी इस फैन्टेसी को पूरा करने की ललक जाग गई थी और मैंने मन बना लिया था कि अपनी बीवी को एक साथ दो लंड से चोद कर रहूँगा.
एक दिन मैंने अपने एक दोस्त को रात में पीछे के दरवाज़े से घर में छुपा दिया.
हम दोनों दोस्त रोजाना दारू पीते थे.
उस दिन भी हम दोनों खूब दारू पी हुई थी.
कमरे में मेरी बीवी सो रही थी.
मैं उसके नजदीक गया और उसकी चूची चूसने लगा.
वह जाग गई और चुदने के लिए मस्त होने लगी.
फिर मैंने उसे नंगी किया और उसकी चूत को खूब चाटा, उसका खूब जोश बढ़ाया, उससे दो लौड़ों से चुदने की बात कही.
जब वह जोश में मस्त हो गई तो मैंने कहा- दोस्त को भी बुला लूं क्या? हम दोनों मिलकर आज तुम्हारी चूत गांड को मस्ती से चोदेंगे!
बीवी भी जोश जोश में बोल उठी- हां हां बुला ही लो. आज मैं भी चुद लूँगी!
मेरी बीवी के पूरे कपड़े निकल चुके थे और वह बिना कपड़ों के ही थी.
वह चित लेटी हुई थी और मेरे लौड़े से खेल रही थी.
मैंने अपने दोस्त को इशारे से बुलाया और बीवी के सिरहाने की तरफ खड़ा होने का इशारा कर दिया.
मेरी बीवी ने अभी मेरे दोस्त को देखा नहीं था.
मैं बीवी की चूत चाटने लगा, तो वह एकदम जोश में आ गई और बोली- आह क्यों तड़फा रहे हो जानू … अब चोद भी दो न मेरी चुत से बर्दाश्त नहीं हो रहा है!
मैं फिर से बोला- तुम कहो तो दोस्त को भी बुला लूं … बहुत जोश चढ़ रहा है क्या?
वह बोली- हां बुला लो न … कहते रहते हो कभी बुलाते तो हो नहीं!
शायद वह अभी इस बात को हमेशा की तरह मजाक समझ रही थी.
मैं उसके ऊपर चढ़ गया और चूची चूसने लगा.
मैंने उसकी आंखों को अपने आप से ढक लिया था और दोस्त को इशारा किया तो वह बेड के नीचे से निकल कर मेरी बीवी की टांगों के पास आ गया.
मैंने दोस्त को हाथ से ही समझाया कि इसकी चूत को चाटो.
उसने मेरी लुगाई की चूत में मुँह लगा दिया.
एक और मर्द की मौजूदगी का अहसास होते ही मेरी बीवी एकदम से हड़बड़ा गई.
वह समझ गई कि उसका पति तो उसका चुम्मा ले रहे हैं, तो चूत कौन चाट रहा है!
जब उसने मेरे दोस्त को चुत चाटते देखा तो वह अवाक हो गई.
लेकिन उस वक्त चुदास का जोश इतना ज्यादा था कि उसने मेरे दोस्त को रोका ही नहीं.
मेरा दोस्त अभी भी मेरी बीवी की चूत चाट रहा था.
कुछ ही पलों में मेरी बीवी का जोश इतना बढ़ गया था कि वह दोस्त को पकड़ कर खींचने लगी.
वह चुदास भरी आवाज में बोली- अब चोद दो न … मत तड़पाओ .. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है!
मैंने भी दोस्त को हटने नहीं दिया और उससे कहा- तू तो और चाट!
मेरी बीवी से सहन नहीं हुआ, तो वह जबरदस्ती लौड़ा पकड़ कर चुत में डालने की जिद करने लगी.
मैं समझ गया कि अब तड़पाना ठीक नहीं है.
मैं नीचे आ गया और बीवी को ऊपर लेकर उससे अपने लौड़े पर बैठा लिया.
मेरा लंड अपनी चुत में लेकर मेरी बीवी मस्ती से चुदने लगी.
फिर मैंने बीवी को खींच कर अपनी छाती से चिपकाया और दोस्त से बोला- तू भी लौड़ा डाल साथ में!
दोस्तो, जब मेरी बीवी की चुत गांड में एक साथ दो लौड़े घुसे तो वह दर्द से कराहने लगी.
मैंने अपनी बीवी की गांड चोदी हुई थी तो उसे गांड मरवाने में दर्द नहीं हो रहा था.
उसे तो एक साथ दोनों छेदों में लंड लेने के कारण दर्द हो रहा था.
जब दोनों लंड छेदों में घुसे तो उसकी चीख निकल गई.
कुछ देर तक उसने टू होल सेक्स में आ आ आ की, फिर उसे सैंडविच चुदाई में अच्छा लगने लगा.
उसने अपनी दोनों टांगें पूरी तरह से फैला दीं और मस्ती से चुदवाती हुई आह आह ओह कहने लगी.
मेरी बीवी ने अपने जीवन में पहली बार एक साथ दो लौड़े लिए थे तो उसे अच्छा लगा.
फिर कुछ मिनट बाद हम दोनों झड़ गए तो वह मस्ती से मेरे दोस्त के लंड से खेलने लगी.
मेरा दोस्त भी मेरी बीवी के चूचों को मस्ती से चूसने और दबाने लगा था.
मैं बीवी से बोला- एक बार लंड को फिर से खड़ा कर दो!
वह तुरंत तैयार हो गई.
मैं समझ गया कि इसका मन फिर से चुदवाने का हो गया है.
मेरी बीवी ने हम दोनों दोस्तों के लंड एक साथ पकड़े और चूसने लगी.
वह एक का लंड हाथ से हिलाती और दूसरे का चूसती. फिर लंड बदल कर मस्ती से चुसाई करने लगती.
कुछ ही देर में मेरा लंड खड़ा होने लगा.
मैंने बोला कि उसका भी जल्दी से खड़ा कर दो!
वह हंस दी और बोली- अब चूस तो रही हूँ, इनके लंड को खड़े होने में टाइम क्यों लग रहा है, मैं क्या जानू!
कुछ टाइम में दोनों के लंड खड़े हो गए.
मैं बोला- अब हम दोनों तुम्हारी गांड एक साथ मारेंगे.
वह बोली- नहीं, तुम गांड मार लो, उसे गांड में नहीं पेलने दूँगी. वह मेरी चूत चोद लेगा.
मैं तैयार हो गया.
हम दोनों ने पुनः एक साथ मेरी बीवी की गांड और चूत को दबा कर चोदा.
दूसरी बार में लंड जल्दी नहीं झड़ता है, इसलिए इस बार कुछ ज्यादा देर तक चुदाई हुई.
बीवी की दो लंड की चुदाई में मस्त मजा आया.
आज मेरा भी यह पहली बार वाला अवसर था कि मैं किसी लुगाई को एक साथ दो लौड़ों से चोद रहा था.
इस तरह की चुदाई में खूब मजा बहुत आया.
उसके बाद मेरी बीवी को दो मर्दों से चुदने में मजा आने लगा तो वह बिंदास होती गई और मैंने भी एक बार फिर से एक अलग दोस्त को बुला कर उसकी चुत गांड को एक साथ चोदा.
इसके बाद मेरी बीवी ने मना कर दिया.
वह बोली- गांव में कोई देख लेगा, तो बहुत बुरा हो जाएगा. मैं कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रह जाऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है कहीं किसी दूसरे शहर में देखेंगे.
वह भी मान गई.
उसके बाद हम दोनों शहर में जाकर थ्री सम सेक्स का मजा लेने लगे.
दोस्तो, ये मेरी अपनी सच्ची सेक्स कहानी है जो मेरे साथ हुआ है, मैं वही लिखा है.
आपको कैसी लगी यह टू होल सेक्स स्टोरी प्लीज जरूर बताएं.
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