ओल्ड यंग सेक्स कहानी में एक मौसी अपने साथ रह रहे अपने भानजे से चुदती थी. साथ में वह पड़ोसी से भी चुदती थी. उसने पड़ोसी की भतीजी को भी अपने भानजे से चुदवा दिया.
दोस्तो, मेरी सेक्स कहानी के पिछले भाग
मौसी, भानजा और गर्लफेंड की सेक्स गेम
में आपने जान लिया था कि निखिल की मौसी मीरा और निखिल के बीच सेक्स संबंध थे, उन दोनों के सेक्स गेम में रीमा भी शामिल हो गई थी.
अब मीरा खुश थी कि उसके पड़ोसी डॉक्टर रितेश और अपने भांजे निखिल दोनों के साथ सेक्स संबंध बन गए हैं.
वह एक साथ दो मर्दों से अपनी सैंडविच चुदाई करवाना चाहती थी.
यह सब आप ऊपर दिए लिंक को खोल कर अब तक के सभी भागों को बारी बारी से पढ़ कर जान सकते हैं.
अब आगे ओल्ड यंग सेक्स कहानी:
उस रात के बाद मीरा, निखिल और रीमा के बीच नए संबंध बन गए.
सुबह जब रीमा उठी तो नौकर आ चुके थे और घर में काम कर रहे थे.
मीरा ने पहले ही निखिल को गेस्ट रूम में सोने के लिए भेज दिया था.
रीमा दोपहर करीब 12 बजे उठी.
रात भर की चुदाई से उसका पूरा बदन टूट रहा था लेकिन मन बहुत खुश था.
अब वह कभी भी निखिल के साथ खुलकर प्यार कर सकती थी और कभी मन बदले तो मीरा के साथ भी मजे ले सकती थी.
सबसे ज्यादा खुशी इस बात की थी कि मीरा ने उसके और निखिल के रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार कर लिया था.
जब रीमा उठी तो मीरा ऑफिस जा चुकी थी.
शाम को रितेश अंकल भी वापस आने वाले थे.
रीमा ने फ्रेश होकर बाहर आते ही देखा कि नौकर किचन में लंच तैयार कर रहे थे.
मीरा अक्सर लंच करने घर आ जाया करती थी.
निखिल कॉलेज गया हुआ था और शाम को ही लौटने वाला था.
निखिल ने गुड मॉर्निंग मैसेज के साथ ही ये बात फोन पर मैसेज कर दी थी.
रीमा ने मीरा को कॉल लगाया और कहा कि वह अपने घर जा रही है.
मीरा ने बहुत प्यार से कहा- एक घंटे में आ रही हूँ, रुक जा!
रीमा मान गई.
वह हॉल में टीवी देखते हुए मीरा का इंतज़ार करने लगी.
लंच के समय मीरा घर आ गई.
रीमा उसे देखकर बहुत खुश हुई लेकिन थोड़ा शर्मा भी गई और आंखें झुका लीं.
मीरा ने मुस्कुरा कर कहा- शुभ दोपहर!
टेबल पर नौकर खाना लगा रहे थे, इसलिए रीमा ज्यादा कुछ बोल नहीं पाई.
लंच करने के बाद मीरा अपने कमरे में आराम करने चली गई और रीमा को भी बुला लिया.
जब रीमा कमरे में आई तो मीरा बिस्तर पर लेटी हुई थी.
उसने रीमा को अपने पास बुलाया और पूछा- कल रात कैसी रही?
रीमा- बहुत मज़ा आया दीदी, चुदाई की बात सोचते ही अभी भी मन बहक रहा है.
मीरा- हां, मुझे भी बहुत अच्छा लगा कि मुझसे तुम्हारा और निखिल का साथ मिला. मेरी तरफ से तुम दोनों को फुल ग्रीन सिग्नल है … खुलकर जवानी के मजे लो, लेकिन बस इतना ध्यान रखना कि बाहर किसी को पता नहीं चलना चाहिए और शादी से पहले प्रेग्नेंसी भी नहीं होनी चाहिए.
रीमा- धन्यवाद दीदी, मैं आपका भी पूरा ध्यान रखूँगी.
ऐसा कहते हुए रीमा ने अपना सिर मीरा के सीने पर रख दिया.
मीरा की चूचियां रीमा के गालों से दबने लगीं.
मीरा का हाथ भी धीरे-धीरे रीमा की चूचियों पर चला गया और कपड़ों के ऊपर से ही उन्हें सहलाने लगी.
रीमा ने भी एक हाथ मीरा की चूत पर रख दिया और धीरे-धीरे दबाने लगी.
तभी मीरा को याद आया कि ऑफिस जाना है, लेकिन उसकी वासना जग चुकी थी.
रीमा की जवानी के मजे लेने की इच्छा भी भड़क उठी थी और मीरा के साथ रिश्ते को और गहरा करने की तलब भी.
उसने रीमा को एक जोरदार लिप-लॉक कर लिया और कहा- एक मिनट.
फिर उसने तुरंत ऑफिस को कॉल किया और तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर छुट्टी ले ली.
घर के दोनों नौकरों को बुलाकर बोली- तुम लोग अभी घर चले जाओ. मुझे घर बंद करके कहीं जाना है. शाम तक वापस आकर बाकी काम खत्म कर देना.
जब रीमा ने ये सब देखा तो उसकी चूत तो बस आगे क्या होने वाला है, इस सोचते ही गीली होकर पानी से भरने लगी.
नौकरों के जाते ही मीरा ने मुख्य गेट बंद किया और कमरे में आकर रीमा से लिपट गई.
वह उसके होंठ चूसने लगी.
रीमा ने भी पूरा साथ दिया.
वे दोनों एक-दूसरे की चूचियां और नितंब दबाती रहीं, चूमती रहीं.
पता ही नहीं चला कि कब दोनों पूरी तरह नंगी हो गईं.
अब रीमा मीरा के बादामी रंग के निप्पल चूसने लगी.
दोनों बिस्तर पर लेट गईं.
मीरा रीमा की पीठ सहला रही थी और अपने एक घुटने से उसकी चूत को रगड़ रही थी.
रीमा भी अपनी चूत मीरा के घुटने पर जोर-जोर से रगड़ रही थी.
बीच-बीच में वह मीरा के निप्पल काटती और चूसती भी जा रही थी.
थोड़ी देर बाद मीरा ने फिर से रीमा की चूचियां चूसनी शुरू की.
एक हाथ से उसकी चूत सहलाने लगी.
रीमा ने आंखें बंद कर सिसकारियां भरनी शुरू कर दीं.
फिर वे दोनों 69 की पोजीशन में आ गईं और एक-दूसरे की चूत चाटने लगीं, साथ ही अपनी-अपनी चूचियां खुद दबाने लगीं.
रीमा को एक शरारत सूझी.
उसने अपनी एक उंगली मीरा की चूत में डाल दी और दूसरी उंगली से उसकी गांड के सुंदर छेद को सहलाने लगी.
मीरा दोहरी उत्तेजना बर्दाश्त नहीं कर पाई, उसने रीमा का सिर अपनी जांघों में जोर से दबाया और जोर का झटका लेकर झड़ गई.
वह हम्फ-हम्फ करते हुए सिहर उठी.
जैसे ही रीमा का नंबर आया, मीरा ने उसे पलट लिया.
उसकी टांगें चौड़ी कीं और जीभ से उसकी चूत का सारा पानी चाटने लगी.
अंगूठे से चूत रगड़ती रही.
रीमा कमर उठा-उठा कर उसका साथ देने लगी.
फिर कुछ ही देर में रीमा भी जोर से झड़ गई और शांत होकर लेट गई.
दोनों थककर बिस्तर पर लेट गईं.
थोड़ी देर बाद रीमा ने कहा- दीदी, शाम को रितेश चाचा आ जाएंगे तो ये खेल तो रुक जाएगा ना!
मीरा ने उसे अभी यह नहीं बताया था कि रितेश तो पहले ही उसकी चूत में समा चुका है.
लेकिन बनावटी चिंता जताते हुए बोली- हां रीमा, तुम्हारी बात तो सही है.
फिर थोड़ा रुककर कहा- कुछ तो सोचना पड़ेगा.
मीरा के मन में पहले से ही योजना थी कि कैसे रितेश से रीमा की चुदाई करवाए और उसे भी इस ग्रुप में शामिल कर ले.
फिर मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा- मैं प्लान बनाऊंगी कि रितेश को खुद से चोदने आने के लिए तैयार किया जाए!
रीमा यह सुनकर बहुत खुश हो गई. लेकिन उसने कहा- तो आपको मेरी मदद भी करनी पड़ेगी!
मीरा ने तुरंत हामी भरी- हां बिल्कुल मैं पूरी मदद करूँगी.
कुछ देर बाद रीमा अपने घर चली गई.
शाम को निखिल कॉलेज से वापस आ गया और रितेश भी वापस लौट आए.
निखिल रात होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था कि कब रीमा ट्यूशन पढ़ने के बहाने आए और वह उसकी जोरदार चुदाई कर सके.
आज पूरा दिन उसका मन कॉलेज में भी नहीं लगा था.
रितेश ने आते ही मीरा को कॉल किया और कहा- तुम्हें पूरा एक दिन चोदा नहीं, चूसा नहीं … बहुत तकलीफ हो रही है!
मीरा ने हंसते हुए जवाब दिया- मेरा भी यही हाल है!
तो रितेश ने कहा- रात को डिनर के बाद छत पर मिलते हैं.
शाम को रितेश घर आ गया.
डिनर से पहले बाथरूम गया, फ्रेश हुआ और डिनर का इंतज़ार करने लगा.
डिनर के बाद रीमा ने रितेश से कहा- अंकल, निखिल को गणित में कुछ पढ़ना है. उसका एग्ज़ाम आने वाला है. मीरा आंटी ने कहा है कि मैं 1-2 घंटे उसे हेल्प कर दूँ.
रितेश ने उसे जाने दिया और कहा- ठीक है, लेकिन गेट बाहर से लॉक करके जाना. मैं अपने कमरे में सोऊंगा तो दरवाज़ा खुला छोड़ दूँगा, कहीं गड़बड़ न हो जाए.
लेकिन दोनों का सच कुछ और था, यह बात सिर्फ मीरा जानती थी.
रीमा के जाते ही रितेश ने मीरा को कॉल किया और कहा- छत पर आ जाओ!
जब रीमा निखिल के घर के ड्रॉइंग रूम पर पहुंची तो उस समय निखिल और मीरा सॉफ्ट सेक्स कर रहे थे.
मीरा निखिल की गोद में बैठी थी, निखिल उसके निप्पल चूस रहा था और दोनों हाथों से मीरा की चूचियां सहला रहा था.
रीमा ने निखिल को कॉल किया- दरवाज़ा खोलो!
निखिल ने दरवाज़ा खोला.
रीमा आते ही निखिल से लिपट गई, उसे जोर-जोर से चूमने और चाटने लगी, ऊपर से उसका लंड दबाने लगी.
निखिल का लंड तो पहले से ही पूरा खड़ा था.
मीरा भी उन दोनों में शामिल हो गई.
थोड़ी देर बाद मीरा ने कहा- कल सुबह जल्दी ऑफिस जाना है, मैं सोने जा रही हूँ. तुम दोनों मजे करो मैं कल जॉइन करूँगी.
ऐसा कहकर उसने दोनों को निखिल के कमरे में छोड़ दिया और खुद छत पर चली गई.
छत पर जाते ही रितेश ने उसे दबोच लिया, नाइटी के ऊपर से ही उसकी चूचियां और चूत दबाने लगा.
मीरा को रितेश का खड़ा लंड अपनी गांड पर महसूस हो रहा था.
उसने नाइटी के नीचे कुछ नहीं पहना था.
रितेश ने और तेज़ी से उसकी नाइटी को शरीर से अलग किया और पूरे शरीर को ऊपर से चूसना-चाटना शुरू कर दिया.
उसने कहा कि इतनी देर से ऊपर क्यों आई?
मीरा ने जवाब दिया- रीमा आई थी निखिल को पढ़ाने, उसके साथ देर हो गई.
रितेश तुरंत उसकी चूत चूसने लगा.
मीरा ने उसका लोहे जैसा सख्त लंड सहलाना शुरू किया और चूमने लगी.
रितेश इस तरह उसकी चूत और गांड चाट रहा था, कभी जोर-जोर से चूस रहा था जैसे उसे अपने में पूरी तरह समा लेना चाहता हो.
मीरा को रितेश की हर हरकत से जोश और गर्मी भर रही थी.
वह कभी उसका लंड मुंह में ले लेती, कभी उसकी गोलियां चाटती, तो कभी गांड चाटती.
फिर रितेश ने अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ा और तेज़-तेज़ चोदना शुरू कर दिया.
मीरा इस चुदाई के शुरुआती दौर में ही इतनी गर्म हो चुकी थी कि महज 5-6 मिनट में ही जोर से पानी छोड़ दिया.
जबकि रितेश उसे लगातार चोद रहा था.
थोड़ी देर बाद वह भी हम्फ-हम्फ करते हुए झड़ गया.
क्योंकि उसे भी जल्दी था कि कहीं रीमा यूँ ही घर में न पहुंच जाए और छत पर न आ जाए.
थोड़ी देर बाद जब दोनों सामान्य हुए तो मीरा ने जान-बूझकर रितेश से कहा- क्या तुम्हारा मन नहीं करता कि जब मन करे तब मुझे चोद दो?
रितेश चुप रहा.
‘कब तक हम दोनों ऐसे डर-डर के 1-2 घंटे की चुदाई करेंगे? क्यों न ऐसा कुछ किया जाए कि जब मन करे, हम खुलकर चुदाई का खेल खेल सकें?’
रितेश बोला- हां मैं भी यही चाहता हूँ.
अब मीरा को सोचना था कि कैसे सबको एक साथ, एक-दूसरे को चोदने के लिए तैयार किया जाए.
तो मीरा ने आगे कहा- क्यों न रीमा और निखिल के बीच भी चुदाई का खेल शुरू किया जाए?
शुरू में रितेश कुछ झिझका, जी-हुजूर में दिखा, लेकिन मीरा की चूत चोदने की आदत और मीरा के लॉजिक के सामने उसे झुकना ही पड़ा.
मीरा ने कहा- रीमा अब जवान हो गई है. वह कहीं बाहर चुदवाएगी तो अच्छा है कि हमारी जानकारी में ही चुदवाए.
रितेश बोला- ठीक है … लेकिन हम दोनों उन्हें कैसे मनाएंगे?
मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा- लंड और चूत को मिलना ही होता है … और तुम तो डॉक्टर हो, तुम कल मुझे वह गोली लाना, जो तुमने मुझे पहली चुदाई के लिए राजी करने के लिए खिलाई थी!
रितेश मान गया और अपने कमरे में चला गया.
जाते-जाते उसने देखा कि रीमा के कमरे में अभी भी लाइट जल रही है.
रीमा भी अभी कुछ ही देर पहले निखिल के लंड का मजा लेकर आई थी और कपड़े बदल रही थी.
दोस्तो, ओल्ड यंग सेक्स कहानी में फिलाहल इतना ही लिख रही हूँ, आगे नया मोड़ आने पर पुनः लिखूँगी.
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