देसी सेक्सी आंटी स्टोरी में मेरे पड़ोस में एक मस्त आंटी कमाल की आइटम थीं. मैं उन्हें चोदना चाहता था. मैं उनको बहाने से छूने लगा था, वे भी मेरी हरकतों को नोटिस कर रही थी.
हैलो मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम अजय है. मैं हरियाणा से हूँ. उम्र 34 साल है. वासना तो मुझमें कूट-कूट कर भरी हुई है.
आज मैं आपको अपनी पड़ोस की देसी सेक्सी आंटी स्टोरी सुनाने आया हूँ.
आंटी का नाम रोमिला है.
क्या मस्त आंटी हैं … सच में वे पूरी की पूरी कमाल की आइटम थीं.
उनके मोटे-मोटे गोरे चूचे, उठी हुई मोटी गांड.
जब वे चलती थीं, तो हर मर्द, लड़का हो या बूढ़ा … सबके लंड में आग लग जाती थी.
मैं तो दिन-रात रोमिला आंटी को चोदने के सपने देखता था और मन ही मन न जाने कितनी बार उन्हें चोद चुका था.
हमारे अंकल आंटी के मुकाबले में थोड़े हल्के ही थे.
शायद अंकल की ढीली पोली चुदाई के कारण आंटी तो शुरू से ही चालू हो गई थीं, ये बात मुझे बाद में पता चली.
जब आंटी की शादी हुई थी, तब उनका फिगर किसी हीरोइन से कम नहीं था.
बाद में वे और गदराई हुई माल होती चली गईं.
मुझे तो ऐसी ही गुदगुदी, मोटे मोटे अंगों वाली, जिसकी मस्ती से मालिश की जा सके, ऐसे बदन वाली लेडीज़ बहुत पसंद आती हैं.
कभी-कभी आंटी हमारे घर के पास भी आ जाती थीं.
मैं उन्हें देखता रहता था.
उस टाइम हमारे गांव के खेतों में बहुत काम घर हुआ करते थे.
घरों के बाहर काफी खाली जगह होती थी. हम वहां खूब क्रिकेट खेलते थे.
खेलते समय मैं आंटी को देखता रहता था, जब वे घर से बाहर आती थीं.
कसम से, मजा आ जाता था उन्हें देखकर.
फिर मैं उनके घर भी जाने लगा.
किसी बहाने से बातें करने जाता रहता था.
उस टाइम म्यूजिक की रील वाली टेप होती थी. आंटी को म्यूजिक का बहुत शौक था.
वे सुंदर तो बहुत थीं लेकिन कम पढ़ी-लिखी थीं.
कभी-कभी उनका म्यूजिक सिस्टम नहीं चलता था तो मैं जाकर चला देता था और उन्हें खुश कर देता था.
मुझे भी उन्हें चोदने की आग लगी हुई थी, कभी-कभी मैं उन्हें छू भी लेता था.
वे सब समझती थीं.
उनके घर में उनके सास-ससुर, पति, रोमिला आंटी और उनके दो छोटे ब.च्चे रहते थे.
सास-ससुर अलग पास में बने घर में रहते थे.
उनका घर थोड़ा पुराने टाइप का था.
एक दिन मैं शाम को उनके घर गया.
वे नहाकर आई हुई थीं.
खुले काले बाल, चूचों की लाइन साफ दिख रही थी.
मैं तो अन्दर तक हिल गया.
उनका रूम ऊपर था.
नीचे दो कमरे और आगे खुला आंगन था.
आंटी बोलीं- अजय, वह गाने नहीं चल रहे. देख तो क्या हो गया है?
फिर वे और मैं सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे.
आगे रोमिला आंटी चल रही थीं.
मैं तो उनकी गांड देखता ही रह गया.
मेरा लंड लोअर में तन्ना हुआ जा रहा था.
क्या मस्त कसा हुआ बदन था उनका!
रूम में जाकर उन्होंने अपनी चुन्नी उतार कर बेड पर रख दी.
फिर वे मेरे साथ खड़ी होकर देखने लगीं कि मैं कैसे ठीक करता हूँ.
कैसेट की रील थोड़ी उलझ गई थी.
मैंने उसे सही करके सिस्टम में चला दिया.
आंटी बहुत खुश हो गईं.
उनका फर्श कच्चा था.
ऊपर जो उनका रूम था, छोटा-सा रूम था. एक बेड, एक आईना और दीवार में से निकाली हुई दो शेल्फ थीं.
उन्हीं पर सिस्टम रखा हुआ था.
अचानक एक काफी मोटा चूहा पता नहीं कहां से आ गया और रूम में दाखिल हुआ.
जैसे ही वह आंटी की तरफ बढ़ा और उनके पैरों पर कूदा, आंटी जोर से उछल पड़ीं ‘आह्ह्ह्ह.’
क्या नजारा था भाई लोग!
वे एकदम से उछल कर मुझसे चिपक सी गईं.
मैंने भी उनके हिप्स को कमर पर जोर से पकड़ लिया और दोनों हाथ उनकी कमर पर डालकर उन्हें सीने से लगा लिया.
कसम से, मैं बता नहीं सकता कि मुझे उस पल कितना मजा आया था, उनके चूचे मेरी छाती से दब गए.
आंटी बोलीं- अजय, मूसा …
(चूहे को मूसा भी कहते हैं)
आंटी तो सब भूलकर मुझसे लिपट गई थीं.
उन्हें क्या पता मेरी क्या हालत थी उन्हें मेरे कड़े लंड का अहसास हो गया था क्योंकि लोअर में से मेरा लंड उनके पेट के नीचे, चूत के पास लग रहा था.
फिर वह चूहा बाहर भाग गया.
आंटी थोड़ी शांत हुईं.
मैं अभी भी उन्हें दबोचे हुए था.
तब आंटी बोलीं- बहुत मजे ले लिए अजय, अब तो छोड़ दो!
मैं डर गया और उनसे अलग हो गया.
मेरा चेहरा लाल हो गया था.
आंटी को भी अब वासना का अहसास होने लगा था.
जब वे बेड के पास जाकर चुन्नी उठाने लगीं, तब उनका शर्ट ऊपर हो गया और उनकी गोरी गांड दिखने लगी.
जी तो किया कि अभी वहीं चूम लूँ, चाट लूँ … लेकिन गांड में दम नहीं था.
फिर आंटी ने खुद को सही किया.
मैंने हिम्मत करके कहा- आंटी, एक बात कहूँ?
आंटी बोलीं- हां, बोल तो!
मैंने कहा- आंटी, आप बहुत सुंदर हो!
आंटी मुस्कुराने लगीं.
फिर उन्होंने कहा- अब घर जाओ, लेट हो रहा है.
मुझे लगा कि उन्होंने मेरी नियत जान ली थी.
जबकि उनके घर में सिर्फ हम दोनों ही थे.
मैंने हिम्मत करके कहा- आंटी, बस एक बार एक पप्पी दे दो.
तो वे गुस्सा हो गईं और मुझे वहां से जाने को कहा.
वे बोलीं- अजय, तुम चले जाओ, नहीं तो तुम्हारी मम्मी को बता दूँगी!
मैंने कहा- अच्छा जाता हूँ, पर किसी को बताना मत!
मैं वहां से आ गया.
फिर मैं काफी दिनों तक आंटी के घर नहीं गया.
बस खेलते हुए जब वे घर से बाहर आतीं, तभी देखता था.
वे तो ऐसे ही चूचे-गांड उछालती रहती थीं.
मैं अब उन्हें एक मर्द की नजर से देखने लगा था. रोज रात में लंड हिलाता था … रोमिला के नाम से.
फिर एक शाम रोमिला आंटी हमारे घर आईं.
मुझे उस दिन की याद आ गई, थोड़ा डर भी लगा.
आंटी मेरी मम्मी से बातें करती रहीं.
मैं भी पास में था.
जाते-जाते वे मम्मी से बोलीं- अजय की शादी करवा दो.
मम्मी बोलीं- अभी तो ये छोटा है, अभी कहां शादी होगी?
फिर आंटी स्माइल देकर, गांड हिलाती हुई चली गईं.
अब शाम को खेलते हुए जब भी आंटी घर से बाहर आतीं तो मैं उन्हें सेक्सी इशारे देने लगा था.
बड़ा मजा आता था मुझे खुद पर गर्व महसूस होता था कि जिसकी सब लेना चाहते हैं, क्या पता मैं ही पटा लूँ.
एक शाम को मैं आंटी के घर के बाहर ही अंकल से बातें कर रहा था.
तभी कुछ देर बाद आंटी आईं.
कसम से, क्या मोटे दूध हिल रहे थे.
फिर वे हमें देखकर अन्दर चली गईं.
जब अंकल जाने लगे तो मैं भी उनके साथ घर के अन्दर आ गया.
मैंने घर में देखा कि आंटी चारपाई पर लेटी हुई हैं, उनके ब.च्चे पास वाले बेड पर हैं और टीवी देख रहे हैं.
मैं अंकल के पीछे-पीछे चल रहा था.
जैसे ही अंकल थोड़ा आगे बढ़े, पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई कि मैंने आंटी के पास से गुजरते हुए उनकी कोहनी से थोड़ा ऊपर हाथ लगा दिया और आगे जाकर बैठ गया.
जैसे ही मैंने उन्हें छुआ और आंटी को देखा, तो वे अंकल की तरफ देखने लगी थीं.
उन्होंने मेरी तरफ नहीं देखा.
उनकी इसी बात से मुझे थोड़ा यकीन हो गया था कि बात बन सकती है.
जब अंकल दूसरे कमरे में चले गए तो मैं आंटी के पास, ब.च्चों वाले बेड पर बैठ गया.
आंटी मुझे गुस्से से देख रही थीं.
उस दिन आंटी ने मस्त सूट-सलवार पहना हुआ था.
कुछ मिनट बाद अंकल वापस आ गए और आंटी से खाना देने को बोले.
आंटी रसोई में जाकर खाना लगाने लगी थीं और मैं, ब.च्चे व अंकल टीवी देखने लगे.
आंटी खाना लाईं तो अंकल को बेड पर थाली दे दी.
फिर मुझे देखती हुई आंटी अपनी गांड हिलाती हुई रसोई में चली गईं.
थोड़ी देर बाद अंकल ने आवाज दी- रोटी लाना!
इस बार मैं बोल उठा- अंकल, मैं लाता हूँ.
मैं भागकर रसोई में चला गया और आंटी से बिल्कुल सटकर खड़ा हो गया.
मैंने आंटी के हिप्स पर हाथ रख दिया.
आंटी अंकल के लिए रोटी में घी लगा रही थीं, तो वह मेरे लंड पर अपनी गांड की रगड़ लगाने लगीं.
फिर वे खुद ही रोटी लेकर अंकल को देने चली गईं.
आंटी रोटी देकर वहीं बैठ गईं.
मैंने उन्हें आने का इशारा किया कि एक बार अन्दर आ जाओ.
पर आंटी वहीं बैठी रहीं और अंकल से बातें करती रहीं.
जब मुझे आंटी की तरफ से कोई खास भाव नहीं मिला.
तो मैं भी घर चला आया.
उस टाइम सीडी प्लेयर होते थे.
मैं स्कूल के दोस्त से मूवी लाकर देखता था.
एक दिन अंकल ने भी कहा कि कुछ दिनों के लिए प्लेयर दे दूँ!
तो मैंने उनके घर जाकर टीवी से प्लेयर जोड़ कर लगा दिया और मूवी देखने लगा.
यह देख कर आंटी मुझे काफी इंप्रेस हो गई थीं.
थोड़ी कम पढ़ी होने की वजह से उन्हें इन चीजों का ज्यादा पता नहीं था.
इस बात का मुझे फायदा मिला.
एक शाम को मैं और आंटी के ब.च्चे उनके घर टीवी देख रहे थे.
तभी अंकल आ गए.
उनके साथ एक टेंपो आया था, उन्हें उस टेंपो के साथ जाना था.
अंकल ने आंटी से कहा- मैं टेंपो के साथ बाहर जा रहा हूँ, इधर ब.च्चों को देखना.
यह कह कर वे 2-3 दिनों के लिए चले गए.
उनके जाने के बाद हम सब मूवी देखने लगे.
मूवी देखते-देखते रात हो गई थी.
आंटी भी पूरा मज़ा ले रही थीं, एंजॉय कर रही थीं.
मैं आंटी के पास बैठ गया और उनकी जांघ सहलाते हुए बोला- आंटी, मूवी कैसी लगी? आज तो आपको बड़ा मज़ा आ गया होगा!
मेरा हाथ रोककर आंटी बोलीं- ज्यादा मस्ती में मत आ अजय, अच्छा ये बता, और फिल्में भी हैं क्या तेरे पास?
मैंने कहा- सब तरह की फिल्में हैं आंटी, आप बताओ क्या देखोगी?
आंटी बोलीं- कोई अच्छी-सी ले आ घर से. आज रात को देखते हैं!
मैं समझ गया और जल्दी से घर आ गया.
कुछ हॉट-हॉट सीन वाली मूवी की सीडी ले लीं और साथ में एक सीडी पुराने सेक्सी गानों की भी ले आया.
घर में मैंने कह दिया कि आज रात अंकल के घर ही रुक जाऊंगा.
खाना खाकर मैं आंटी के घर पहुंच गया.
जैसे ही आया, देखा आंटी बेड पर लेटी हुई थीं और ब.च्चे पास वाली चारपाई पर हैं.
ब.च्चे ज़िद करने लगे- भैया, कोई अच्छी फिल्म लगाओ ना!
तो मैंने गोविंदा की कोई फिल्म लगा दी और खुद भी आंटी के पास जाकर बैठ गया.
हाथ में रिमोट लेकर आंटी मुझसे पूछती रही थीं कि ये रिमोट कैसे काम करता है?
मैं उन्हें बताने लगा था.
देसी सेक्सी आंटी के मोटे चूचे देख-देखकर मेरा दिमाग खराब हो रहा था.
फिल्म में सेक्सी गाना आया.
उसे देखकर हम दोनों ही मस्त हो गए.
आंटी को रिमोट के बारे में बताने के बहाने मैं धीरे-धीरे चादर में आ गया.
आंटी के बदन की गर्मी मुझे उत्तेजित करने लगी थी और शायद आज आंटी भी चुदने के मूड में थीं.
दोस्तो, इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको आंटी की चुदाई की कहानी का वर्णन विस्तार से लिखूँगा.
आपको मेरी यह देसी सेक्सी आंटी स्टोरी कैसी लग रही है, प्लीज जरूर बताएं.
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