हॉर्नी आंटी स्टोरी में मेरे पड़ोसी परिवार से अच्छे सम्बन्ध थे. उनका बेटा मेरा दोस्त था. आंटी ने मुझे अपनी वासना के जाल में कैसे फंसाया?
दोस्तो, आज मैं आपको एक रियल हॉर्नी आंटी स्टोरी से अवगत करा रहा हूं.
मेरे घर के सामने मतलब मेरे पड़ोस में अधिकतर दूसरे मजहब के परिवार ही हैं लेकिन जो मेरे घर के बाजू वाली फैमिली है, उनसे मेरे घर वालों का अच्छा व्यवहार चलता है.
वे लोग हमारे घर … और हम उनके घर आते जाते रहते हैं.
आंटी और मेरी माँ दोनों में अच्छी दोस्ती थी.
आंटी शुरू से ही मेरे घर आती जाती रहती थीं, तो वे मुझे बचपन से ही जानती थीं.
उनका एक लड़का मेरी ही उम्र का है, वह और मैं साथ ही खेला करते थे.
हालांकि अब वह बीमार रहता है तो वह सब खेल आदि बंद हो गए.
अब मैं 21 साल का हो गया हूं.
मैं नोटिस किया करता था कि आंटी मुझे बहुत ध्यान से देखती हैं.
विशेष रूप से जब मैं कभी उनके घर जाता था तो वे मुझसे बहुत बात करती थीं और मुझे किस्से कहानियां सुनाती थीं.
जब मेरे मॉम डैड कहीं चले जाते थे, तो मैं उनके यहां चला जाता था.
धीरे धीरे मैं आंटी को नोटिस करता रहा और मैंने पाया कि आंटी मेरे लंड को बहुत ध्यान से देखती हैं.
पहले मैं सोचता था कि यह नॉर्मल सी बात है.
पर बाद में मुझे लगा कि आजकल की लड़कियाँ मेरे सामान को ध्यान से देखती ही हैं क्योंकि मैक्सिमम टाइम मेरा सामान कुछ ज्यादा ही अलग सा दिखता है.
एक दिन की बात है मॉम डैड अचानक ही एक रिश्तदार के यहां चले गए थे, उनके यहां गमी हो गई थी.
मॉम आंटी को घर की चाबी देना भूल गई थीं.
जब मैं घर आया तो घर पर ताला लगा था.
मैंने आंटी से पूछा तो उनको बताया- तेरे मॉम डैड कहीं गए हैं.
मैंने सोचा कि अभी आ जाएंगे.
यही सोच कर मैं आंटी के यहां ही बैठ गया.
यह बात दोपहर की गर्मी की है.
मुझे प्यास लग रही थी तो मैंने आंटी से मांग कर पानी पिया और मॉम को कॉल किया.
उन्होंने कहा- अरे मैं जल्दी जल्दी में चाभी देना भूल गई हूँ और इधर हालत कुछ ऐसे हैं कि मैं तेरे डैड के साथ अब कल ही वापस आ पाऊंगी. तू आंटी से मेरी बात करवा दे.
आंटी ने मेरी मम्मी से बात की और कहा- कोई बात नहीं भाभी, सब हो जाएगा.
फिर आंटी ने फोन काटा और मुझसे कहा- अब तुम आज यहीं मेरे घर रुक जाओ.
आंटी का जो बेटा मेरी उम्र का है, वह कुछ कम दिमाग का हो गया है.
पहले वह ठीक था लेकिन पिछले साल एक एक्सीडेंट की वजह से उसके दिमाग पर चोट लगने की वजह से दिमाग का संतुलन कुछ ठीक नहीं है.
पहले वह मेरे साथ खेला करता था, पर अब वह घर में ही रहता है.
आंटी ने मुझे नाश्ता दिया, फिर आंटी और मैं बैठ कर बातें करने लगे.
आंटी ने मुझसे अपने बेटे को लेकर बहुत सी बातें कीं कि उनका बेटा और मैं कैसे शरारत करते थे.
वे दुखी न हो जाएं तो मैं उनके बेटे के साथ की गई शरारतों को कुछ ज्यादा ही बताने लगा.
अब वे हंसने लगी थीं.
फिर आंटी भी बताने लगीं कि वह और तुम साथ ही खेलते भी थे और साथ ही नहाया करते थे.
इन सब बातों ही बातों में आंटी को पता नहीं क्या सूझा, उन्होंने मेरे साथ अजीब अजीब सी बातें करना चालू कर दीं.
आंटी ने मुझे बताया कि मैं तुम दोनों को नंगा नहलाया करती थी. उस टाइम तुम दोनों 6 साल के रहे होगे. उस टाइम तुम दोनों की नुन्नू (लंड) 2 या 3 इंच की रही होगी.
वे उंगली से इशारा करके बताने लगीं.
मुझको शर्म सी आ गई.
मैंने कहा- आंटी आप भी क्या बात कर रही हैं.
आंटी ने अपने बेटे के बारे में बताते हुए कहा- जब से इसका एक्सिडेंट हुआ है, तब से मैं ही इसको नहलाती हूं और इसका सब कुछ मैं ही करती हूं.
मैंने मजाक में पूछ लिया- आंटी आप इसको अंडरवियर कैसे पहनाती होंगी?
आंटी ने हंसते हुए बताया- मैं उसको नंगा करके ही पहनाती हूँ. कभी कभी उसका छोटा यानि 4 इंच का नुन्नू (लंड) भी तन कर 7-8 इंच का लंड बन कर खड़ा हो जाता है. शर्म तो आती है लेकिन बेटा है, तो सब करना पड़ता है.
मैंने सोचा कि आंटी तो कुछ ज्यादा ही अश्लील टाइप की दिख रही हैं.
लेकिन अगले ही पल यह भी सोचा कि आख़िर बेटा है उनका तो ये नहीं करेंगी, तो कौन करेगा?
आंटी ने तभी मुझे टहोकते हुए कहा- तू भी तो बचपन में नंगा नहाया करता था.
मुझे शर्म आ गई.
आंटी ने हंसते हुए कहा- अब नहा लो और खाना खा लो.
मैंने सोचा कि आंटी बहुत मज़ाकिया किस्म की हैं लेकिन थोड़ी गहरी बातें करती हैं.
मैं उठा और नहाने चला गया.
मेरे पास कपड़े तो थे नहीं, तो तौलिया लपेट कर ही बाहर आ गया.
मेरा लंड वैसे भी हर वक्त खड़ा ही रहता है, जिसे आंटी ध्यान से देखती हैं.
आज तो लंड तौलिये में एकदम साफ नजर आ रहा था.
आंटी भी शायद इसी फिराक में थीं कि कब मैं बाथरूम से बाहर आऊं और कब वे मेरे लौड़े को देखें.
वही हुआ, उनकी सीधी नजर मेरे लंड पर चली गई थी.
मुझे कुछ असहज सा महसूस हुआ.
फिर मैंने आंटी से उनके बेटे के कपड़े मांगे क्योंकि अंकल के कपड़े मुझे बहुत बड़े होंगे.
तब आंटी ने मुझे अपने बेटे का एक हाफ पैंट और टी-शर्ट दे दी.
उन्होंने मुझे अंडरवियर नहीं दी थी.
अब बिना अंडरवियर के हाफ पैंट पहनने से मेरा लंड एकदम साफ साफ दिख रहा था.
मैं उसी हालत में तैयार होकर उनके कमरे से बाहर खाना खाने आ गया.
आंटी मेरे लंड पर नोटिस किए जा रही थीं क्योंकि वह मेरे चलने के साथ हिलता हुआ दिख रहा था.
मैंने आंटी और उनके बेटे के साथ खाना खाया और कुछ देर बैठने के बाद में उनके बेटे को उसके रूम में ले गया.
आंटी ने किचन में जाकर बर्तन आदि साफ किए और कमरे में आ गईं.
उनका बेटा सो गया था तो उसे डिस्टर्ब न हो, इसी वजह से मैं और आंटी बाहर हॉल में आ कर बैठ गए.
अंकल अभी तक घर नहीं आए थे.
फिर करीब रात 10 बजे अंकल का कॉल आया- मैं आज घर नहीं आऊंगा, उन्हें दुकान पर कुछ ज्यादा काम है.
जैसे ही यह साफ हुआ कि अंकल आज दुकान पर ही सोने वाले हैं, आंटी के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई.
अब आंटी ने मुझसे बात करनी चालू की.
वे यहां वहां की बातें करती रहीं.
आंटी ने उसी दौरान मुझे उनके बेटे के बारे में बताया कि वह जब 1l साल का था जब उसका ख़तना हुआ था.
मैं समझ गया कि खतना का क्या मतलब होता है.
आंटी ने हंसते हुए कहा- तू जब मेरे घर आता था और मेरे बेटे के साथ नहाया करता था, उस वक्त तू उसकी नुन्नू (लंड) को देख कर कहता था कि मेरा और इसका अलग-अलग क्यों है! मुझे भी इसके जैसा कर दो. उस वक्त मुझे तेरी बातें सुनकर बहुत मजा आता था. फिर मैं तेरी नुन्नू में तेल लगा कर उसकी त्वचा को पीछे कर देती थी. तुझे दर्द होता था लेकिन फिर तू खुश हो जाता था. जब कुछ देर बाद खाल फिर से पलट जाती थी, तो तू खुद ही अपने सामान से खेलने लगता था.
मैं हंस दिया और मैंने कहा- फिर क्या होता था आंटी?
आंटी- फिर तू दोबारा कहता था कि देखो न आंटी ये फिर से वैसी हो गई!
ये सब सुन कर मुझे शर्म भी आ रही थी और हंसी भी आ रही थी.
इन सब बातों से मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.
मुझे सुसु (टॉयलेट) लगी थी लेकिन लंड कुछ ज्यादा ही टाइट हो गया था, जिस कारण से वह निक्कर में साफ साफ उभरा हुआ दिख रहा था.
मैं सोचने लगा कि आंटी उठ कर कहीं जाएंगी, तब मैं उठ कर बाथरूम में चला जाऊंगा.
लेकिन आंटी कहीं जा ही नहीं रही थीं.
फिर मैंने आंटी से पानी मांगा तो वे किचन में चली गईं.
मौका पाकर मैं बाथरूम में घुस गया और सुसु करने लगा.
सुसू के बाद भी मेरा लंड शांत होने का नाम नहीं ले रहा था.
लगभग 5 मिनट तक बाहर ना आने की वजह से आंटी ने आवाज दी- सब ठीक है ना!
मैंने कहा- हां.
फिर बड़ी मुश्किल से मैं अपने लंड को एडजस्ट करके बाहर आया.
लेकिन वह अब भी साफ साफ नजर आ रहा था.
आंटी एकदम टकटकी लगा कर मेरे लंड को ही देखे जा रही थीं.
मैं आकर सोफ़े पर बैठ गया और मैंने अपने लंड के ऊपर एक कुशन रख कर उसे छुपा लिया.
आंटी ने कहा- छुपाओ मत, इसे तो मैं बचपन से देख रही हूँ. अभी पीछे कुछ साल में ही इतना बड़ा हुआ है.
आंटी की ऐसी बात सुन कर मैं समझ गया कि आंटी अब फुल मूड में हैं.
उन्होंने अपनी बांहें फैला कर मुझे अपने पास बुलाया.
मैं उठा और आंटी की गोद में जाकर बैठ गया.
आंटी ने मुझे सीने से लगा लिया.
आंटी के मोटे व बड़े बड़े मम्मे साफ साफ समझ में आ रहे थे.
तभी आंटी ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसको मसलने लगीं.
उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा और उठ कर मुझे अपने कमरे में ले जाने लगीं.
वे कहने लगीं- तेरा लंड बहुत कड़क है!
वे अब उसको लंड बोलने लगी थीं और मसलती जा रही थीं.
मैंने आंटी की मैक्सी की चैन को खोला तो वे मेरी तरफ चुदासी नजरों से देखने लगीं.
मैंने इशारा किया तो आंटी ने अपनी मैक्सी को अपने जिस्म से उतार कर अलग कर दिया.
वे मैक्सी के नीचे कुछ नहीं पहनी थीं तो एकदम से नंगी हो गई थीं.
मैं आंटी की नंगी बॉडी देख कर शॉक्ड था.
आंटी ने अपनी चूत के बाल भी शेव किए हुए थे और वे अपनी चुत पर हाथ फेरती हुई मुझे अश्लीलता से देखने लगीं.
मैंने अपना हाथ बढ़ाया और उनकी चूत को छुआ तो आंटी की चुत एकदम गीली थी.
हॉर्नी आंटी मेरे हाथ के स्पर्श से जोश में आ गईं और कराहती हुई बोलीं- लंड तो तेरा जब तू छोटा था, तब से देख रही हूं, लेकिन आज तेरा लंड इतना बड़ा हो गया है … ये मेरे बेटे के लंड से कड़क और मोटा है. आज तुम मुझे चोद दो.
आंटी का इतना कहना था कि मैंने उनको पलंग पर लिटा लिया और उनकी चूत में उंगली डालने लगा.
वे गर्म तो पहले से ही थीं, अब चुत में उंगली करने से वे और गर्म होने लगीं और आह … आह … की आवाज करने लगीं.
मैंने अपनी उंगली को तेजी के साथ चुत में हिलाया और एक हाथ से उनके मम्मे मसलने लगा.
फिर मैंने आंटी को चूमना शुरू कर दिया, तो आंटी ने पानी छोड़ दिया.
अगले ही पल मैंने बिना देर किए आंटी के मुँह में अपना लंड दे दिया.
आंटी को मजे से मेरे लौड़े को चूसने लगीं.
कुछ देर बाद मैं झड़ गया और आंटी ने सारा माल मुँह में भर कर उसे खा लिया.
अब आंटी और मैं कुछ देर ऐसे ही नंगे पलंग पर पड़े रहे.
दोस्तो, हॉर्नी आंटी स्टोरी के अगले भाग में मैं पड़ोसन आंटी की चुदाई को लिखूँगा.
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