ऑफिस के लौंडों ने मुझे होली के दिन चोदा

Views: 53 Category: Office Sex By ffor8397 Published: May 25, 2026

वाइल्ड Xxx कहानी में मेरे ऑफिस के सारे आदमी मेरी जवानी पर नजर रखते थे. होली वाले दिन ऑफिस में पार्टी थी. सब आये थे. सबने होली खेली मेरे जिस्म के साथ.

दोस्तो, मैं आपकी प्यारी पारुल आज आपको बताने जा रही हूँ कि कैसे मेरे ऑफिस की टीम के 5 लड़कों ने मुझे होली पर चोदा और मेरी चूत को फाड़ दिया.

यह वाइल्ड Xxx कहानी होली के दिन की ही है.
उस दिन मेरे ऑफिस में पार्टी रखी गई थी.

मेरे ऑफिस में तीन लड़के काम करते थे … आदित्य, विकास और अमन. इन तीनों से मेरी ठीक-ठाक बातचीत होती थी.

उनके अलावा मेरी टीम में 2 और लड़के भी थे … आदिल और मोहसिन.
ये शक्ल से ही मादरचोद लगते थे और हमेशा ही मुझे चोदने की फिराक में रहते थे.

उनकी गंदी नजर मैं अच्छे से पहचानती थी.
इसलिए मैं उनकी खूब क्लास लगाकर रखती थी ताकि वे दोनों अपनी औकात में रहें.

मैं एक बेहद खूबसूरत लड़की हूँ.
मेरा बदन गोरा है. मेरी गांड का उभार एकदम कातिलाना है … जिसे मेरे बॉयफ्रेंड अजय ने मेरी गांड मार मार कर एकदम गोल और सेक्सी बना दिया है.
मेरी चूत दूध जैसी गोरी और चिकनी है.

चूंकि मेरा बॉयफ्रेंड अपने 8 इंच के लंड से रोज मेरी चूत और गांड की गहराई कई कई घंटे तक नापता है, इस वजह से मैं पूरी चुदक्कड़ हो चुकी हूँ.
अब मुझे अपनी चुत में बड़े से बड़ा लंड लेने में जरा भी दिक्कत नहीं होती है.
मेरा बॉयफ्रेंड भी मेरे अलावा और भी कई लड़कियों को चोदता रहता है क्योंकि वह चुदाई में उस्ताद है और उसका लंड तो समझो बोरिंग करने की मशीन है.

हम दोनों चुदाई में एकदम खुले हैं … कोई रोक-टोक नहीं.
हमारे बीच बस एक शर्त है कि किसी की भी चूत चोदो, गांड मारो या मरवाओ, लेकिन किसी और से दिल मत लगाओ.

मतलब यह कि चुदाई चाहे मैं किसी से करूं या वह किसी को भी चोदे … बस हमारी मुहब्बत में फर्क नहीं आना चाहिए.

तो होली के दिन मैंने ऑफिस में खूब होली खेली.
ऑफिस के सारे मर्दों-लड़कों ने मुझे जमकर रंग लगाया.

मुझे रंग के बहाने लड़कों ने अपना लंड मेरी गांड पर चिपकाया.
मेरी चूचियों की गोलाई को कई हाथों ने हल्के हाथों से नापा और सहलाया.

इतने सारे मर्दों के स्पर्श से मैं गर्म हो गई थी और मेरी चुत लंड लंड करने लगी थी.

होली खेलकर मैं ऑफिस की छत पर थोड़ी देर के लिए सिगरेट पीने चली गई.
छत पर कोई आता-जाता नहीं था … पूरी सुनसान रहती थी.
वहां एक स्टोर रूम था, जिसमें कबाड़ पड़ा रहता था.

मैं सिगरेट एंजॉय कर रही थी, तभी ये तीनों (आदित्य, विकास और अमन) छत पर आ गए.
आदित्य बोला- हैप्पी होली पारुल!

उन्हें देखते ही समझ में आ गया था कि रंग लगाने के बहाने साले मेरे अंग छूने आए हैं … अभी अकेले में रंग लगाने आए हैं, बाद में मौका मिला तो मुझे चोद भी देंगे.
बाद में पता चला कि एक ने छत से नीचे जाने का दरवाजा भी लॉक भी कर दिया था.

मैं उनकी टीम लीडर थी.
जब तीनों ने मुझे ‘हैप्पी होली’ बोला, मैंने भी उन्हें बोला.

मैंने सिगरेट बुझाते हुए कहा- यार, ज्यादा रंग मत लगाना, बहुत रंग लग चुका है!
आदित्य बोला- ऐसे कैसे? अभी तो आपके कई जगह रंग नहीं लगा!

यह कह कर वह मेरी चूचियों को ललचाई नजरों से देखने लगा.

तभी अमन ने पीछे से आकर मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए.
वह मुझे पीछे ले गया और अपने हाथों के घेरे में मुझे जकड़ लिया.

उसने मेरे पेट पर दोनों हाथ रखकर सहलाना शुरू किया और खुद से मेरी गांड को चिपका लिया.
मैं हाथ पीछे की हुई थी तो मेरे दोनों हाथ उसके लंड पर दब रहे थे और हिलने-डुलने के कारण मेरी गांड भी उसके लंड पर लग रही थी.

अब मेरे बूब्स उभर कर आगे को आ गए थे और विकास मेरे ठीक सामने था.

उसने मेरे गालों को सहलाते हुए रंग लगाना शुरू कर दिया.
वह बहुत हल्के हाथों से मेरे कोमल गालों को छू-छूकर रंग लगाने में लगा था.

अब आदित्य भी पास आ गया.
उसने मेरी गर्दन के नीचे और बूब्स के ऊपर मसल-मसल कर रंग लगाया और कान में कुछ अलग से अंदाज में बोला- हैप्पी होली, पारुल जी!

उधर मेरे हाथ अमन के लंड का कड़ापन महसूस करने लगे थे.
अमन मेरे पेट पर हाथ फेर रहा था और अपना लंड मेरी हथेली पर दबा रहा था.

मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी.
पहले से ही मैं गर्म थी और अब इनकी बेशर्मी ने मेरी चूत में तो आग ही लगा दी थी.

मैंने थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए कहा- बस बहुत हो गया … अब जाने दो, मुझे छोड़ो यार तुम लोग!

ये सुनते ही आदित्य मेरे बिल्कुल आगे आ गया.
उसने अपना लंड मेरी चूत पर चिपका कर दोनों हाथों से मेरे चेहरे पर रंग लगाना शुरू कर दिया.

मैं अमन और आदित्य के बीच में सैंडविच बन गई थी.
एक का लंड मेरी चूत पर सलवार के ऊपर से महसूस हो रहा था.

अमन ने टीम लीडर के सम्मान को एक तरफ रखते हुए बिंदास भाषा में कहा- पारुल, आज हम सब तेरी बुर को रंगेंगे!

ये बोलते ही उसने एक झटके में मुझे घुमा दिया.

अब मैं अमन की तरफ हो गई थी.
अमन का लंड मेरी चूत को छू रहा था.

आदित्य मेरे सूट के अन्दर हाथ डालकर मेरी पीठ को रंग रहा था.
उसके दोनों हाथ मेरी पीठ पर चल रहे थे.

मेरी ब्रा की वह डोर, जिसे हुक ने संभाला हुआ था, उसके नीचे से वह मेरी गर्दन तक रंग लगा रहा था.
इस वजह से मेरी ब्रा खिंच रही थी और बूब्स उसकी छाती पर चिपक रहे थे.

तभी विकास ने आदित्य को हटाया.
अब वह मेरी पीठ को सहला-सहला कर रंग लगाने लगा.

उधर अमन ने अपने दोनों हाथ मेरे दोनों चूतड़ों पर रख दिए थे.
वह अपने लंड पर मेरी चूत को दबा रहा था, मेरी गांड को अपनी तरफ खींच कर सलवार के ऊपर से लंड को चुत में घुसा देने की कोशिश कर रहा था.

मेरी चूत लंड की आस में रिस रही थी … इसका अहसास अमन का लंड अच्छे से कर रहा था.

उसने मेरे दोनों हाथ कंधों पर रखे.
एक हाथ से मेरे पेट पर गुलाल लगाया.

फिर दोनों हाथों में गुलाल लेकर आगे से मेरे कमीज में दोनों हाथ डाल दिए.
वह मेरी चूचियों को ब्रा के ऊपर से दोनों हाथों से पकड़ कर मसलने लगा.

जैसे आटा गूंथते हैं, वैसे वह मेरी चूचियों को गूंथ-गूंथ कर रंग लगाने लगा.

वह कामुकता से बड़बड़ाने लगा था- बहनचोद रुई जैसी हैं तेरी चूचियां, चूस-चूस कर सारा रस पी जाऊंगा!

मेरी चुप्पी से वे तीनों समझ गए कि मैं भी चुदने के मूड में हूँ.

अब वे सब मुझे उठा कर स्टोर रूम में ले गए.

वहां एक गद्दा लगा था.
उस पर मुझे लुड़का दिया गया और वे सब एक एक करके मेरे ऊपर चढ़ गए.

आदित्य ने मेरे मुँह में लौड़ा पेल दिया और बोला- चूस साली.
वह मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुँह को चोदने लगा.

विकास ने मेरी सलवार को पैंटी सहित टांगों से निकाल कर बिना सोचे अपना लंड डाल दिया और चोदने लगा.

बारी-बारी से तीनों ने मेरी चूत को बजाया.

एक एक बार चोद लेने के बाद आदित्य बोला- चलो, अमन के फ्लैट पर चलते हैं. वहां आज तुझे जी भर चोदने का मन है. बहुत परेशान किया है तूने … आज काबू में आई हो मैडम टीम लीडर जी, आज की टीम मीटिंग को तेरी चूत बजाकर पूरी करेंगे.

इस कबाड़खाने में गर्मी भी बहुत लग रही थी तो मैं भी किसी एसी बेडरूम में अपनी प्यास बुझवाने के लिए रेडी हो गई थी.

अमन का फ्लैट ऑफिस से बिल्कुल बगल में था.
वे तीनों मुझे लेकर वहां आ गए.

उधर का माहौल देख कर हकीकत मेरी समझ में आ गई कि आज मेरी चुत गांड की जम कर चुदाई होनी तय है.

मैं भी पक्की रांड हूँ तो मन बना चुकी थी कि आज की होली पूरी मस्ती से खेलूँगी.

उधर मैंने देखा कि अमन के फ्लैट में आदिल और मोहसिन पहले से ही मौजूद थे.
मुझे देखते ही उनके चेहरे खिल उठे.

वहां दारू के पैग तैयार रखे थे.
अन्दर जाते ही उन तीनों ने फटाफट एक-एक पैग पी लिया.

मैंने भी एक पैग उठा कर गटक लिया.

आदिल बोला- हैप्पी होली पारुल, आज यहां कैसे?
आदित्य बोला- भाई, आज शेरनी खुद चल कर अपने शिकंजे में आई है!

उसने आदिल को छत वाली सारी बातें बता दीं.

ये सुनते ही मोहसिन मेरी तरफ हवस भरी नजरों से देखने लगा.
वह एक 6 फीट 5 इंच का लंबा-चौड़ा जंगली सांड जैसा था.

वह बोला- आज मैं इस शेरनी की चूत को अपने लंड से फाड़ूंगा और घमंडी साली को अपने लौड़े को चूसने वाली बिल्ली बनाऊंगा … बहुत तड़पाया है इसके नशीले हुस्न ने!

आदिल बोला- मोहसिन भाई, आप बाद में चोद लेना. अपनी टीम लीडर पर आज हुक्म चलाने का दिन हमारा है!

फिर आदिल मुझसे बोला- क्या पारुल जी, सही कहा कि नहीं?
मैं भी पूरी गर्म हो चुकी थी.
मैंने बोल दिया- दल्लो … अकेले दम नहीं था जो 5 को आना पड़ा. चलो अब मिल कर फाड़ ही देना मेरी चूत!

आदित्य बोला- साली छिनरी, बहुत बोल रही है हमारे लौड़ों से चुद कर उठ भी नहीं पाएगी साली रांड … जरा कम बोल बहन की लवड़ी!

उसके बाद सबने मुझे घेर लिया.
मैं पांच लोगों के बीच में थी.

सालों ने मेरे शर्ट को फाड़ दिया और सलवार को नोंच-नोंच कर निकाल दिया.
अब मैं उनके सामने सिर्फ काली ब्रा और पैंटी में थी.

मेरे गोरे बदन पर वह काली नेट वाली ब्रा और पैंटी देखकर वे सब पागल हो गए और मुझ पर टूट पड़े.

अगले ही पल मेरी ब्रा और पैंटी कैसे निकाली हरामियों ने … मुझे पता ही नहीं लगा.

मेरे शरीर का हर भाग, हर छेद एक साथ भोगा जा रहा था.

एक मेरे होंठों को चूस रहा था, दो मेरी चूचियों को पी रहे थे, एक मेरी चूत को चाशनी की तरह चाट रहा था, एक मेरे गालों को काट रहा था, गर्दन चूम रहा था और उसके लंड को मैं अपने हाथ से पकड़ कर मसल रही थी.

मैं उस वक्त शराब का गिलास होंठों से लगा कर अलग ही मजे में डूबी हुई थी.

मैं पैग का घूंट भरती और शराब की कड़वाहट को खत्म करने के लिए वापस लंड को चूसने लगती.

कुछ देर बाद सबने अपने अपने कपड़े उतारे.
जल्द ही वे सब मेरे सामने नंगे खड़े थे.

मेरे मुँह पर पांच लंड लटक रहे थे और सारे के सारे ठीक साइज के, बस मोहसिन का लंड हाथी के लंड की तरह झूल रहा था.
उसका लंड मेरी आंखों में हल्का भय पैदा कर रहा था.

वे सब बारी-बारी से मुझे लौड़ा चुसाने लगे.

अमन मेरे एक दूध को मसलता हुआ बोला- साली रांड, तेरे होंठ तो जन्नत हैं … मेरा लंड कभी इतना कड़क नहीं हुआ … कमाल की छिनाल है तू बहनचोदी आह चूस.
आदिल नशे में बोला- हां भाई, साली की चूत देख … बहन की लौड़ी मलाई है एकदम … आज तो लौड़े को मजा आने वाला है.

अगले 35 मिनट में मैं उन पांचों हरामियों के लौड़े चूस-चूस कर थक गई थी.

मोहसिन … उस रंडी के बीज ने अपना लौड़ा सिर्फ चुसाया नहीं था … बहन के लौड़े ने मेरे मुँह में पूरा लौड़ा घुसाकर मेरी सांस रोक दी थी.
वह मादरचोद तो मुझे ऐसे ट्रीट कर रहा था, जैसे ऑफिस की डांट का बदला लेना चाह रहा हो.

अमन को छोड़कर सारे दल्ले शादीशुदा थे.
इसका बात का मतलब यह है कि वे सब रोजाना चूत चोदने की आदत में थे.
उनके सेक्स करने के ढंग से पता लग रहा था कि सब मंजे हुए खिलाड़ी हैं.

अब बारी थी लंड लेने की.
शुरुआत की आदिल, अमन और आदित्य ने … वे मेरे सामने आ गए.

आदिल ने सीधा लेटकर मुझे अपने लौड़े पर बिठा दिया. अमन ने आगे से आकर मेरे मुँह में लौड़ा पेल दिया.
आदित्य ने मेरी गांड में लंड घुसा दिया.

बाकी के दो मर्दों विकास और मोहसिन ने मेरी दोनों चूचियों पर कब्जा जमा लिया.

मैं हर एंगल से ठोकी जा रही थी
आदित्य लौड़े से मेरा मुँह चोद रहा था.
अमन और आदिल मेरी चूत और गांड बजा रहे थे.

विकास और मोहसिन ने चूस-चूसकर मेरी चूचियां लाल कर दी थीं.

वह तो शुक्र है मेरे बॉयफ्रेंड अजय का … जिसने चोद-चोदकर मुझे रंडी बना दिया था वरना आज तो बेहोश ही हो जाती.

करीब 25 मिनट तक वे पांचों ऐसे ही मेरे बदन से खेलते रहे.

अब विकास ने चूत फाड़ने का चार्ज ले लिया था.
अमन ने गांड को तबला बना दिया था.

वह मेरी गांड मारने के साथ-साथ उस पर चांटे भी बरसा रहा था.

लगातार बारी बारी से एक घंटा तक मुझे चोदकर अमन, आदित्य, आदिल और विकास झड़ गए.

मोहसिन अपनी बारी का इंतजार कर रहा था.
वह मेरी चुदाई देखकर बोला- कुतिया है तो तू रांड … साली 4 लंड खा गई और अभी भी लौड़े के लिए आंख मटका रही है!

मैं हंस दी और पास रखा अपना पैग उठा कर गटक लिया.

मोहसिन ने सिगरेट सुलगाई तो मैंने इशारा कर दिया कि मुझे पीने दो.
वह मेरे पास आया, मेरे मुँह में सिगरेट फंसा दी.
मैंने जल्दी जल्दी दो कश खींचे और सिगरेट बुझा दी.

अब मोहसिन ने अपने दोनों हाथों से मुझे उठा लिया और मेरे होंठों को चूसने लगा.
उसके काले-बड़े होंठ ऐसे चल रहे थे, जैसे मेरे होंठों का सारा रस पी जाएंगे.

वह मुझे अपनी गोदी में लेकर कुर्सी पर बैठ गया.
मैं भी टांगें फैलाकर उसकी गोद में सीने से सीना लगा कर बैठी थी.

उसका सांड के लौड़े जैसा लंड मेरे पेट की नाभि तक तना हुआ था.
उसके बड़े बड़े टट्टे मेरी चूत के छेद पर टकरा रहे थे.

वह मेरी चूचियां दबा-दबाकर ऐसे चूस रहा था, जैसे आम को चूसते हैं.

फिर उसने मेरी कमर पकड़ कर मुझे जरा सा उठाया, अपना लोहे जैसा खड़ा लंड मेरी चूत के छेद में सैट कर दिया.

फिर उसने अपनी गांड भींचकर नीचे से एक जोर का झटका मारा और मेरी कमर छोड़ दी.
मैं ऊपर से उसके लौड़े पर गिरी और लंड मेरी चुत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.

मुझे सच में ऐसा लगा जैसे मैं एक मोटी लोहे की गर्म रॉड पर गिर गई.
धप की आवाज के साथ मेरी चूत ने सांड का लंड निगल लिया.

मेरे साथ मोहसिन की भी चीख निकल गई.
मुझे तो ऐसा लगा कि इसके लौड़े ने मेरी चूत फाड़ ही दी है.
भयंकर दर्द हुआ … चुत चिर गई थी.

तभी मोहसिन ने मुझे कमर से पकड़ कर उठाया और नीचे जमीन पर लिटाकर धमाकेदार तरीके से चोदना शुरू कर दिया.
उस राक्षस ने मेरी चूत और गांड को न जाने कितनी देर तक बजाया, मुझे होश ही नहीं रहा था.

जब होश आया तो देखा कि आदिल मेरे होंठों पर दारू का गिलास लगाए हुआ था.

मैंने दारू का गिलास खाली कर दिया तो एकदम आग सी उतरती चली गई थी मेरी अंतड़ियों में … बहन के लौड़े ने नीट दारू पिला दी थी.

मैं मुँह का स्वाद ठीक करने की सोच ही रही थी कि तभी आदिल ने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया.
मैंने उसके लौड़े को चूस कर अपने मुँह की कड़वाहट को सही किया और मुँह से लंड निकाल कर उसे शुक्रिया की नजरों से देख कर मुस्कुरा दिया.

इधर नीचे मेरी चुत में खूंटा धंसा हुआ था.
मोहसिन रुका हुआ था.

हम दोनों थक चुके थे लेकिन मेरे सामने चार मर्दों के लंड फिर से मेरी चुत की मां चोदने के लिए तैयार थे.

कुछ देर बाद मोहसिन ने मेरी चूत में सारा माल निकाला और वह मुझे चूमकर बोला- कमाल की चूत है तेरी पारुल, मान गया तुझे … कमाल की चीज है तू!
यह बोलकर उसने मेरी चूत को चाट-चाट कर पूरा साफ कर दिया.

उसके लौड़े ने मेरी चुत को चबूतरा बना दिया था.

मोहसिन के लंड के बाद बाकी के चारों लौड़े मुझे पतले पतले से लगे … कुछ असर ही नहीं हुआ.

उस दिन मैं सुबह के 12 बजे से रात के 10 बजे तक सिर्फ और सिर्फ चुदी.

उन सब में तगड़ा लंड बस मोहसिन का था जिसको मैंने बाद में भी कई बार चूत दी.

छत पर उस कबाड़खाने के गद्दे पर मोहसिन ने मुझे कई बार बजाया.

मैंने अपनी इस चुदाई का बदला अजय और उसके दोस्तों से उन चारों की पत्नियों को और अमन की गर्लफ्रेंड को चुदवा कर लिया.

मोहसिन की बीवी को मेरे बॉयफ्रेंड अजय का लंड इतना पसंद आया कि वह एक हफ्ते अजय के पास सिर्फ चुदने के लिए रुकी.

दोस्तो, मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी यह सामूहिक चुदाई वाली वाइल्ड Xxx कहानी पसंद आई होगी.
प्लीज अपने मेल व कमेंट करके जरूर बताएं.
ffor8397@gmail.com

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