भाभी सेक्स स्टोरी में हमारे घर में नई किरायेदार भाभी से मेरी दोस्ती हो गयी. मैं उन्हें चोदना चाहता था. उनकी आँखों में भी मुझे सेक्स का आमन्त्रण दिखता था.
मैं 24 साल का हूँ और मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है।
मुझे हर उस लड़की से प्यार हो जाता है जो मुझसे प्यार करती है।
मैं आप लोगों को अपनी कुछ ऐसी आपबीती बातें बता रहा हूँ जिसे सुनकर आपके जिस्म में आग लग जाएगी!
भाभी सेक्स स्टोरी 21 जून 2017 की है जब यह सिलसिला शुरू हुआ।
एक भाभी मेरे घर में नीचे किराये पर रहने आई थीं।
वह एक बहुत ही सुंदर और सुडौल, मात्र 32 साल की हाउसवाइफ थीं।
वह अपने पति के साथ उड़ीसा से लखनऊ रहने आई थीं।
मैं जब भी उनको देखता था, मुझे लगता था कि उनको मुझसे कुछ चाहिए, पर कभी उनसे बात करने की हिम्मत नहीं होती थी।
वह दिन भर अकेली रहती थीं।
फिर एक दिन अचानक वह मुझे पार्क में मिलीं।
उनसे बात हुई तो पता चला कि वह अच्छे से हिंदी नहीं बोल पाती हैं, इसी वजह से उन्होंने कभी मुझसे बात नहीं की थी।
हम रोज शाम को पार्क में मिलने लगे और इंस्टाग्राम पर भी एक-दूसरे को जॉइन कर लिया।
हम और बातें करने लगे।
मैं अक्सर उनकी फोटो देखता और उन्हें बिना कपड़ों के इमेजिन करता।
मैं रोज 3 से 4 बार हस्तमैथुन भी करने लगा।
उनके बारे में सोचकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
उनको भी मुझसे वही चाहिए था, पर शायद वह डर रही थीं।
एक बार शाम को उन्होंने मुझे घर पर बुलाया और बोला कि उनको मुझसे कुछ काम है।
मैं उनके पीछे-पीछे उनके घर गया।
उन्होंने मुझसे चाय के लिए पूछा तो मैंने बोला कि मैं चाय नहीं पीता।
इस बात पर वह मुस्कुराकर बोलीं, “दूध तो पीते हो ना?”
मैंने भी कहा, “हाँ, दूध मुझे बहुत पसंद है!”
उसके बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मेरी कोई जीएफ है?
मैंने मना किया, तो वह बोलीं, “तो कैसे रह लेते हो अकेले? तुम्हारा मन नहीं होता कुछ करने का इस उम्र में? हस्तमैथुन करते हो क्या?”
यह सुनते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा।
उसके बाद वह मेरे बगल में बैठ गईं।
वह बहुत गरम हो गई थीं और मुझे प्यार से छूने लगीं।
मेरे बालों में हाथ फेरकर धीमी आवाज में मुझसे पूछने लगीं, “बोलो, मन नहीं होता सेक्स करने का?”
यह बोलने के बाद वह मेरे लंड को ऊपर से छूने लगीं।
उनका यह रूप देखकर मैं जैसा पागल ही हो गया! मुझे समझ नहीं आया क्या करूँ।
वह मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगीं।
देखते ही देखते उन्होंने चैन खोलकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगीं।
मैंने भी अब उनको किस करना शुरू कर दिया था।
मैं उनके गले पर चुम्बन करते हुए उनके दूध दबाने लगा।
उनकी टी-शर्ट उठाकर उनके गुलाबी रंग के निप्पल चूसने लगा।
थोड़ी देर यह करने के बाद वह मेरा लंड चूसने लगीं।
मैं भी उनकी चूत ऊपर से सहलाने लगा।
उनकी चूत में पानी आ गया था।
मैंने दो उँगली अंदर डाल दीं और हिलाने लगा।
इसके बाद उन्होंने मुझे सोफे पर लिटाकर ’69’ करने को बोला और अपनी गीली चूत मेरे मुँह पर लेकर बैठ गईं और रगड़ने लगीं।
वह मानो पागल होने लगी थीं और ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड चूसने लगीं।
5 मिनट में मैंने उनके मुँह के अंदर ही झाड़ दिया!
वह भी मेरा सारा सदका (वीर्य) चाट-चाट के निगल गईं।
इतने में घंटी बजी, उनके पति आए थे। मैं तुरंत बिना कुछ बोले ऊपर भाग गया।
उस रात मैं भाभी के मैसेज का इंतज़ार करता रहा पर कोई मैसेज नहीं आया।
अगले दिन जब उनके पति ऑफिस गए तो उनका मैसेज आया।
वह बोलीं, “दूध पीना है तो आ जाओ और कंडोम लेकर आना!”
मैं तुरंत मेडिकल स्टोर से कंडोम लेकर आया और उनको मैसेज किया।
भाभी बोलीं, “दरवाजा खुला है, बेडरूम में आ जाओ!”
जैसे ही बेडरूम में घुसा, वह पूरी नंगी लेटी हुई थीं!
उनका नंगा शरीर देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा।
वह मेरा हाथ पकड़कर अपने बिस्तर पर ले गईं और मुझे किस करने लगीं।
मैं भी उनकी चुचियाँ दबाने लगा और चूत मलने लगा।
फिर भाभी ने मेरे कपड़े खोले और लंड पकड़कर बोलीं, “मुझे ये अपने अंदर चाहिए!”
वह जो भी बोल रही थीं, मैं बस ‘हाँ-हाँ’ में जवाब दे रहा था।
फिर वह धीमे-धीमे मेरी टाँगों के बीच में आ गईं और चुचियों की नाली में मेरा लंड मलने लगीं।
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मेरे लंड से भी थोड़ा-थोड़ा पानी निकलने लगा था।
लंड से पानी निकलता देख वह लंड के सुपाड़े को चूसने और चाटने लगीं और फिर लंड के नीचे चाटते हुए मेरी गोलियों को चूसने लगीं।
5 मिनट तक यह करने के बाद मेरा लंड चोदने के लिए तैयार था।
भाभी ने मुझसे कंडोम माँगा और मुँह से पैकेट फाड़कर मेरे लंड पर खुद कंडोम चढ़ाया।
वह ऊपर बैठकर लंड अंदर डालने लगीं।
मेरे हाथ अभी भी उनकी चुचियों पर थे, मैं दोनों हाथों से उनके निप्पल खींच रहा था।
लंड अंदर लेने के बाद वह मेरे लंड पर धीमे-धीमे कूदने लगीं।
फिर कुछ देर बाद मैंने उनको कसके अपने सीने से लगा लिया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा!
किस करते हुए लंड अंदर पेलने में बहुत मज़ा आ रहा था।
पर चूत बहुत गीली होने की वजह से लंड बाहर निकलने लगा।
वह मेरे ऊपर से हटकर बगल में लेट गईं।
मैं समझ गया कि इनको ‘मिशनरी’ में चोदना है अब।
मैंने उनकी दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखीं और लंड उनकी चूत के ऊपर मलने लगा।
उनको बहुत मज़ा आ रहा था, वह बार-बार बोल रही थीं, “फक मी! फक मी!”
मुझे भी सुनकर जोश जग रहा था।
शेव्ड चूत पर लंड रगड़ने की वजह से कंडोम फट गया था।
मैंने उनको जब यह बताया तो वह गुस्से में आ गईं और बोलीं, “तुम बस डालो कैसे भी!”
मैंने कंडोम निकाला और लंड उनके अंदर पेल दिया और गुस्से में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।
उनकी चूत से आवाज भी आने लगी क्योंकि चूत पानी से लबालब भर गई थी।
वह झड़ने वाली थी और चिल्ला रही थी, “और चोदो! ओह चोदो!”
उनकी आवाज से मैं जोश में था।
फिर भाभी ने अपनी दोनों टाँगें ज़ोर से मेरी कमर से चिपका लीं।
मैं समझ गया कि इनका पानी निकल गया है और ये झड़ चुकी हैं।
पर मैं अभी भी बरकरार था।
2 मिनट तक मैं चुप रहा, वह भी पलट चुकी थीं।
पर अब मैं रुक नहीं सकता था।
मैं पीछे से उनके ऊपर लेट गया और मैंने उनके कान में बोला, “मुझे आपकी गांड मारनी है!”
वह सर घुमाकर बोलीं, “दर्द होगा मुझे!”
मैंने बोला, “चूत में डालूँगा तो अंदर ही झड़ जाऊँगा, मुझे आपकी गांड मारनी है!”
भाभी ने धीमे से “हम्म” बोला और तकिये पर सर रख लिया।
मैंने गांड के छेद में थूक लगाया और लंड पर भी, फिर लंड को अंदर डालने लगा।
वह बोल रही थीं, “आह आह! नहीं… प्लीज नो!”
पर मैं पूरे जोश में था!
मैंने ज्यादा टाइम ना लेते हुए गांड दोनों हाथों से चीरकर लंड का सुपाड़ा अंदर पेल दिया और धक्का लगाने लगा।
अभी लंड आधा ही अंदर जा रहा था, मैंने उनको कमर से पकड़कर उठा लिया और घोड़ी बना लिया।
कमर को पकड़कर पूरा लंड अंदर डाल दिया!
पहले तो वह चिल्लाईं, फिर बोलीं, “जल्दी अपना माल निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है!”
मैं पूरा लंड अंदर पेलने लगा और 3 मिनट बाद अपना सारा माल उनकी गांड के अंदर ही निकाल दिया!
लंड बाहर निकलने के बाद भाभी ने मेरा माल भाभी की गांड के अंदर से बाहर धकेला।
वह देखकर मज़ा आ गया, वह मेरे लिए एक नया अनुभव था।
मेरी भाभी सेक्स स्टोरी कैसी लगी आपको?
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