मौसी ने रख दी मेरे लंड पे अपनी गांड

Views: 65 Category: Family Sex By reahana1008 Published: March 28, 2026

मौसी चुदाई कहानी में मेरी मौसी बहुत खुले मन की हैं. वे गाली देकर बात करती हैं. एक दिन वे अकेली थी तो मुझे बुला लिया. रात को मैं जल्दी लेट गया. मौसी बाद में आयी और …

मेरी काजल मौसी बेहद खूबसूरत, गोरी चिट्टी और अच्छे कद काठी वाली महिला हैं।
वे बहुत ही हंस मुख और चंचल स्वाभाव की हैं।
उनसे जो भी बात करता है वह उन्हीं का हो जाता है।
मौसी अपनी बातचीत से सबका मन मोह लेतीं हैं।

लेकिन हां उनकी बातों में कुछ गंदे और अश्लील शब्द जरूर होते हैं।
वे किसी को भी कभी बहन चोद, कभी मादर चोद कभी भोसड़ी वाले बोल ही देती हैं।
कभी गुस्से में कहती हैं
ले इसे अपनी गांड में डाल ले,
कभी मेड से कहती हैं कि माँ चुदा के आई है क्या तू?
कभी कहतीं हैं किसका लण्ड हिला कर आ रही है तू बुर चोदी ननद।
कभी मजाक में पड़ोसन से कहती हैं कि रात में किस किस का लण्ड पेलवाया तूने?

ये सब सुनकर मुझे बड़ा मज़ा आता है और मेरा लण्ड साला खड़ा हो जाता है।
मजे की बात यह कि मौसी ये सब मजाक में बोलतीं हैं और किसी को बुरा भी नहीं लगता।

लेकिन मेरा लण्ड साला फूल कर गरगज हो जाता है और फिर मुझे सड़का मारना पड़ता है।
मैं सच में मौसी का नाम लेकर कई बार सड़का मार चुका हूँ।

वैसे मौसी यह सब गुदगुदाने के लिए बोलतीं हैं किसी का दिल दुखाने के लिए नहीं।

इस मौसी चुदाई कहानी में मेरा नाम विजय है।
मैं मौसी का बड़ा चहेता लड़का हूँ।

वे मुझसे बहुत प्यार करतीं हैं और मेरा ख्याल भी बहुत रखतीं हैं।
मौसी का घर हमारे घर के पास ही है इसलिए मैं हर रोज़ उनके घर का एक चक्कर जरूर लगा लेता हूँ।

मेरी मौसी की उम्र यही कोई 35 साल की होगी और वे एकदम मस्त जवान हैं।
उनके दूध बहुत बड़े बड़े हैं।

मैं 21 साल का हूँ, मेरा मन करता है कि मैं उन्हीं दोनों दूध में अपना लण्ड पेल दूँ।
उसका गोरा रंग, गोल चेहरा, गुलाबी गाल, खुली हुई और गोलाईदार बाहें मुझे बहुत अच्छी लगतीं हैं।

वह हमेशा स्लीवलेस कपड़े ही पहनती हैं।
मुझे याद है कि वे बचपन में अक्सर मुझे बाथरूम में नंगा नहलाया करतीं थीं।
वह सब समय के अनुसार बंद हो गया।

मेरी इच्छा है कि एक दिन उसी तरह मौसी के सामने बाथरूम में नंगा हो जाऊं और वह मुझे नहलाएं।
वे मेरे लण्ड पर साबुन लगायें और उसे मस्ती से अपने दोनों हाथों से रगड़ें.

मेरी यह भी इच्छा कि मैं मौसी को एक दिन पूरी नंगी देखूं; उसके बड़े बड़े दूध मसलूँ, उसकी चूत चाटूँ, उसके बड़े बड़े चूतड़ों पर हाथ फिराऊँ और उसकी गांड में उँगली करूँ।

इसलिए मैं उसे कपड़े बदलते हुए देखा करता था।
एक बार मुझे उनकी चूचियों की झलक मिली थी तभी मेरा लौड़ा एकदम से टन्न हो गया था।

उस दिन के बाद मैं मौसी के घर हर रोज़ जाने लगा।

एक दिन रात में उनके घर में मैं रुक गया।
बल्कि मौसी ने ही मुझे रोक लिया था।

रात को मैं खाना खाने के बाद बिस्तर पर लेट गया।

उस दिन इत्तिफाक से घर में मौसी बिलकुल अकेली थीं।
मैंने सोंचा की इसीलिए मौसी ने शायद मुझे रात में रोक लिया।

कमरे में धीमी धीमी लाइट जल रही थी।

मेरे हाथ में मोबाइल था और मैं उस पर ब्लू फिल्म म्यूट करके देख रहा था।
मेरा हाथ लुंगी में चला गया और मैं अपना खड़ा लण्ड सहलाने लगा।

मेरा दिल और दिमाग ब्लू फिल्म में लगा हुआ था।
संयोग से मेरे लण्ड के ऊपर से लुंगी कब हट गई मुझे पता ही नहीं चला।
मेरा चिकना लण्ड एकदम नंगा हो गया।

मेरी झांटें बिलकुल साफ़ थीं।
मेरी दोनों टाँगें फैली हुई थीं।

अचानक मुझे अहसास हुआ कि किसी ने मेरे लण्ड पर कुछ रख दिया।
मैंने मोबाइल फ़ौरन नीचे किया और ऊपर देखा कि मौसी एकदम नंगी मेरे लण्ड पर बैठने की कोशिश कर रही थीं.
मेरा लण्ड उसकी गांड से टकरा रहा था।

मैं कुछ बोला नहीं।
मैंने सोचा कि मौसी जो कर रही है, कर लेने दो।

मौसी ने लण्ड एक हाथ पकड़ा और उसे अपनी चूत गांड दोनों में रगड़ने लगीं।
मुझे मज़ा आने लगा।
मैंने उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया।

लेकिन जब उसने लण्ड अपनी गांड में घुसा कर बैठ गई तो मेरे मुंह से निकला- अरे मौसी, ये क्या कर रही हो?

वे बोली- भोसड़ी के विजय, देख नहीं रहा है तू? तेरे लण्ड पे मैं नंगी बैठ रही हूँ। जिस नूनी को मैं बाथरूम में नहलाया करती थी आज वह इतना बड़ा लौड़ा बन गया है। मैं कई दिनों से तेरे लण्ड पे बैठने के लिए प्लान बना रही थी, आज कामयाब हो गई। आज मैंने इसीलिए तुझे रोक लिया था। मैंने अभी अभी दूर से तेरा खड़ा लण्ड देखा। इतना मस्त और मोटा तगड़ा लण्ड देख कर मैं सच में ललचा गयी। मेरे मुंह में पानी आ गया। चूत मेरी गीली हो गई और गांड मेरी फुदफुदाने लगी। मैं फिर अपने आप ही नंगी हो गई और तेरे लण्ड पे बैठ गई। तेरा लण्ड गच्च से घुस गया मेरी गांड में। बोल अब तू क्या करेगा मादरचोद?

मैं भी बड़ी बेशर्मी से बोला- अब तो मैं तेरी गांड चोदूंगा मौसी और क्या? अब तो मैं बिना तेरी गांड चोदे यहाँ से हिलूंगा नहीं।
वे बोली- हां ठीक है भोसड़ी के, तू चोद ले मेरी गांड।

मैं अपनी कमर उचका उचका कर मौसी की गांड मारने लगा।
नीचे से जोर जोर के झटके मारने लगा।
वे भी मेरे लण्ड पे ऐसे कूदने लगीं जैसे उसे कोई मांगी मुराद पूरी हो गई हो।

फिर एक बार लौड़ा फिसल कर उसकी चूत में घुस गया तो मुझे ज्यादा मज़ा आया और उन्हें भी।
तो फिर वे झुक कर मेरे लण्ड पे और ज्यादा जोर जोर से कूदने लगी।

मैंने कहा- अरे मौसी ये क्या कर रही हो?
वे बोली- अब मैं तुमसे अपना भोसड़ा चुदवा रही हूँ। देखना अब मेरा भोसड़ा चोद चोद कर तेरा लौड़ा और ज्यादा मोटा हो जाएगा विजय। तू मेरा भोसड़ा चोद रहा है और मैं तेरा लौड़ा मोटा कर रही हूँ।

फिर मैं भी जुट गया उनका भोसड़ा चोदने में।
मैं एकदम निडर और ज्यादा बेशरम हो गया।
मैं झटके पे झटके मारे जा रहा था।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे पलट दिया।
यानी उन्हें नीचे पटका और मैं उसके ऊपर चढ़ बैठा, उनकी जांघों के बीच दोनों हाथ घुसेड़ कर लौड़ा सीधे उसके भोसड़ा में पूरा पेल दिया।

फिर मैं उन्हें पागलों की तरह चोदने लगा और बोला- काजल मौसी, तेरी बहन का भोसड़ा साली छिनार तेरी बिटिया की बुर आज मैं तुझे चोद चोद कर रंडी बना दूंगा। फाड़ डालूंगा तेरा भोसड़ा। मेरी नज़र तेरे भोसड़ा पर बहुत दिनों से थी। मैं तेरे नाम का सड़का मारा करता था, आज मैं सच में तेरी चूत मार रहा हूँ, तेरा भोसड़ा फाड़ रहा हूँ।

मैंने स्पीड बढ़ा दी.
तो वे बोली- हाय हाय रे मादर चोद! बड़ा मज़ा आ रहा है यार! तू मुझे ऐसे ही रोज़ चोदा कर। तेरी माँ का भोसड़ा तू साला बड़ा हरामी हो गया है। पता नहीं तेरी माँ ने किस किस से चुदवाकर तुझे पैदा किया, किसी मोटे लण्ड वाले से चुदवाया होगा बुरचोदी ने तभी तू भी बड़े लण्ड वाला पैदा हो गया।

मौसी सिसकारियां निकालने लगीं- वाओ आआ होह होह ऊऊऊओ खूब पेल लौड़ा। अअ अअ अहां उउउउ होऊ ओ माय गॉड बड़ा मस्त लौड़ा है तेरा, हा हा हा ऐसे ही चोद, खूब चोद, चीर डाल मेरा भोसड़ा। पूरा घुसेड़ अंदर। बड़ा अच्छा लग रहा है। ऐसे तो मुझे आजतक किसी ने नहीं चोदा। तू भोसड़ी का बड़ा हरामी है और चोद मुझे!

मैं मौसी की चूँचियाँ दबा दबा कर पेले जा रहा था उसे!
वे भी एन्जॉय कर रही थी और मैं भी।
कुछ देर में ही मौसी का भोसड़ा बोल गया। ढीला हो गया भोसड़ा और पानी छोड़ने लगा भोसड़ा।

वे बोली- वाह बेटा विजय वाह, तूने मेरे भोसड़े की गर्मी निकाल दी। तेरा लौड़ा बड़ा दमदार है। मैं तो गुलाम हो गयी तेरे लण्ड की।

मैंने कहा- लौड़ा तो मौसा का भी दमदार होगा?
वे बोली- क्या ख़ाक दमदार है उसका लौड़ा। वो भोसड़ी का ठीक से चोद तो पाता नहीं। लण्ड मादरचोद का देर तक ठहर पाता नहीं, वो खलास हो के लेट जाता है और मैं चुदासी रह जाती हूँ।

फिर उसने लण्ड मुठ्ठी में लिया और दनादन आगे पीछे करने लगी.
तभी एकदम से लण्ड की पिचकारी छूट गई और सीधे मौसी के मुंह में जा गिरी।

मौसी ने उसे चाटा और खूब मज़ा लिया।
साथ ही साथ मेरे पेल्हड़ भी चाटे, फिर मेरे लण्ड पर एक थप्पड़ मार कर कहा- तू बड़ा प्यारा है बहन चोद! विजय और तुझसे ज्यादा प्यारा है तेरा लण्ड।
फिर हम दोनों नंगे नंगे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गए.

सवेरे जब मैं उठा तो मेरा लण्ड साला टन्नाया हुआ था.
मैंने देखा कि मौसी एकदम नंगी चित लेटी हुई सो रही हैं।

मैंने उनकी चुम्मी ली और उनके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए उनकी चूचियाँ मुंह में लेकर चूसने लगा।
फिर मेरी वासना जग गई।
मैं मौसी के चूतड़ चाटने लगा।
एक हाथ उसकी चूची पर … दूसरा हाथ उनके चूतड़ों पर।

मैं उसने नंगे बदन का पूरा मज़ा लेने लगा।
मैं समझ तो गया था कि मौसी जग तो गई हैं पर सोते रहने के बहाने के साथ साथ मज़ा ले रही थी।

फिर मैंने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों तो फैलाया तो मेरे सामने गांड पूरी तरह दिख गई।
मैं उनकी गांड चाटने लगा, गांड का छेद चाटने लगा।
मौसी खूब एन्जॉय करने लगी।

मेरी जबान बीच बीच में उसकी चूत में भी घुस जाती थी।
तब मौसी थोड़ा उचक जाती थी।
उनकी चिकनी गांड चिकनी चूत दोनों मुझे बड़ा मज़ा दे रहीं थीं।

मेरा लण्ड उसके जिस्म में इधर उधर टकरा रहा था।
एक मस्त नंगी औरत को देख कर मेरा लण्ड साला काबू के बाहर हुआ जा रहा था।
मुझे मौसी के दूध दबाने में खूब मज़ा आ रहा था।

अचानक मौसी उठ कर बैठ गईं बोली- अरे भोसड़ी का विजय, ये तू क्या कर रहा है?
मैंने मुस्कराते हुए कहा- अरे मौसी, आज मुझे पता चला कि एक मस्त जवान औरत के जिस्म में कितनी गर्मी होती है, कितना मज़ा होता है, कितना आनंद आता है।
वे बोली- विजय तू सही में एक पक्का मर्द है। तुझे औरत के जिस्म से खेलना आता है। तूने मेरी गांड चाटी है, अब मैं तेरा लाँड़ चाटूँगी।

बस वे उठ कर सोफे पर बैठ गई और बोली- तेरा लौड़ा तो खड़ा है मादरचोद।
मौसी मेरा लण्ड पकड़ कर प्यार से हिलाने लगीं तो लण्ड और ज्यादा तन गया।

मेरी निगाह मौसी की दोनों चूचियों पर थी तो मैंने लण्ड उन्हीं के बीच घुसेड़ दिया।
मैं चोदने लगा मौसी की चूचियाँ।

मौसी ने दोनों तरफ से पकड़ कर अपनी चूचियाँ दबायीं तो बीच में सुरंग बन गई.
मैंने लौड़ा उसी में पेल दिया।

मैं बार लौड़ा आगे पीछे करने लगा, ठीक उसी तरह जैसे बुर चोदी जाती है।

मुझे मौसी के बड़े बड़े दूध चोदने में मज़ा आने लगा।
वे भी बड़े मजे से अपने दूध चुदवाने लगीं।

फिर मैंने बड़ी देर तक बड़ी मस्ती से मौसी के दूध चोदे।
उन्होंने भी खूब एन्जॉय किया।
उसके बाद मैंने उसका भोसड़ा भी चोदा।

मौज़ी को चोदने के बाद मैं अपने घर आ गया।
फिर इधर उधर घूमा, शाम को फिर मौसी के घर में घुस गया।
मौसी मुझे देख कर खुश हो गई और मेरा वेलकम किया शायद वे मेरा इंतज़ार कर ही रही थी।

थोड़ी बातचीत के बाद मौसी ने मेरा हाथ पकड़ा और बेडरूम में ले गईं।

सामने टी वी था।
मौसी ने उस पर एक ब्लू फिल्म लगा दी और मुझसे कहा- विजय, तुम फिल्म देखो. मैं थोड़ा काम करके आती हूँ।

वो दरवाजे तक गई और फिर मेरे पास आ गई, बोली- भोसड़ी के विजय, ये फिल्म नंगे होकर देखी जाती है।

उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिये और मैं नंगा नंगा फिल्म देखने लगा।

आधे घंटे के बाद मौसी आ गई, बोली- सड़का तो नहीं मारा अपने लण्ड का तूने?
मैंने कहा- अरे मौसी, घर में जब एक मस्तानी चूत हो, मटकती नंगी गांड हो तो सड़का कौन मादरचोद मारेगा?

फिर उन्होंने भी अपने सारे कपड़े उतारे और मेरे बगल में नंगी लेट गयी।

टी वी बंद करके मौसी मेरा लण्ड हिलाते हुए बोली- विजय, एक दिन तुमको एक काम करना है? बोलो करोगे?
मैंने कहा- अरे मौसी, तुम कहो और मैं न करूँ? ये तो कभी हो नहीं सकता।

वे मेरे गाल की चुम्मी लेती हुई बोली- तुमको एक दिन अपनी माँ चोदनी है विजय!
मैंने कहा- अरे मौसी ये क्या कह रही हो तुम? मैं भला अपनी माँ कैसे चोदूंगा?

वे बोली- जब तू अपनी माँ की बहन चोद सकता है तो माँ क्यों नहीं चोद सकता भोसड़ी के? तेरी माँ मेरी बड़ी बहन है। वह बिचारी लण्ड की जबरदस्त प्यासी है। तेरे पापा विदेश में में काम करते हैं। साल में 3-4 बार ही आते हैं। आतें है तो तेरी माँ को कभी कभार चोदते हैं वरना बिना चोदे ही वापस चले जाते हैं। ऐसे में तेरी माँ की जवानी बर्बाद हो रही है। उसे वह सुख नहीं मिल रहा जो उसे चाहिए, जिसकी वह हक़दार है। अब घर में एक तुम ही हो जो अपनी माँ को वह सुख दे सकते हो। एक बात और सुन लो बरखुरदार, तेरी माँ की जगह कोई और औरत होती तो अब तक वह कई मर्दों से चुदवा चुकी होती. इसलिए मैं तुमसे कह रही हूँ कि अपनी माँ चोदा करो। मेरे सामने चोदा करो।

मैंने कहा- तो क्या मेरी माँ मुझसे चुदवाने के लिए तैयार होगीं?
उन्होंने कहा- हां, मैंने बात कर की है। वह तैयार है। लो तुम उसकी बात सुन लो।

मौसी ने मुझे मम्मी का ऑडियो सुनाया।

मम्मी बोल रही थी- हां बेटा विजय, मैं सच में लण्ड के लिए तरस रही हूँ। मेरी चूत बिलकुल सूखी पड़ी हुई है। मेरी चूत में कोई लण्ड पेलने वाला नहीं है। जबसे मुझे काजल से पता चला कि तेरा लौड़ा बड़ा जबरदस्त है तबसे मैं तेरे लण्ड के लिए तड़प रही हूँ बेटा। जल्दी आओ और अपनी माँ की चूत में घुसेड़ दो अपना लण्ड। चोद डालो अपनी माँ का भोसड़ा। फाड़ डालो अपनी माँ की गांड बेटा। मैं तुमसे चुदने के लिए बड़ी व्याकुल हो रही हूँ विजय – तेरे लण्ड के इंतज़ार में तेरी माँ मेघना।

यह सुनकर मेरे लण्ड में आग लग गयी।
मैंने कहा- मौसी मैं माँ को तो बाद में चोदूंगा, पहले मैं अभी इसी वक्त तुम्हें चोदूंगा, हरामजादी भोसड़ी वाली मेरी काजल मौसी तू साली बड़ी मस्त चीज है।

नंगा मैं भी था, नंगी मौसी भी थी.
मैंने मौसी को घसीट कर नीचे खड़ी कर दिया।

मैं उनके पीछे चला गया, उन्हें आगे झुका दिया और घोड़ी बना दिया।
मैंने उनके बड़े बड़े चूतड़ों पर प्यार से कई थप्पड़ मारे, उसकी चूची नोच नोच कर मज़ा लिया।

फिर मैंने लण्ड पीछे से उसकी चूत में घुसेड़ दिया।
मैंने उसकी कमर दोनों हाथ से पकड़ लिया था।

वे अपने दोनों हाथ बेड पर रख कर चुदवाने लगी।
मैं लौड़ा पूरा घुसा घुसा कर चोदने लगा और उसकी गांड में उंगली भी करने लगा।
फिर मौका देख कर लण्ड चूत से निकाल कर गांड में ठोक दिया।

अब मुझे गांड मारने में ज्यादा मज़ा आने लगा क्योंकि गांड उसकी बड़ी टाइट थी।
मैंने लण्ड दोनों गांड चूत में पेल पेल कर खूब चोदा।

अगले दिन मौसी ने मम्मी को अपने घर में ही बुला लिया।
पहले मौसी खुद नंगी हुई, फिर मम्मी को नंगी किया और फिर मुझे नंगा कर दिया।

मेरा खड़ा लण्ड देख कर मम्मी का चेहरा खिल उठा।
फिर मौसी ने ही मेरा लण्ड पकड़ कर मेरी माँ की चूत में पेला।

मैंने भी बड़ी मस्ती से मम्मी का भोसड़ा चोदा।
एक बार नहीं कई बार चोदा।

फिर उसकी गांड में भी पेला लण्ड और कई बार पेला।
मम्मी के आगे मौसी को भी चोदा।

यह सिलसिला आज भी चल रहा है।
मौसी चुदाई कहानी कैसी लगी आपको?
मुझे बताएं.
reahana1008@gmail.com

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