सेमीन्यूड मॅाम स्टोरी में मेरी सौतेली मॅाम जवान और सेक्सी हैं. एक दिन उन्होंने सफेद सलवार कमीज पहना हुआ था कि तभी बारिश आ गयी और वे भीग गई पूरी तरह से.
नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम विक्रम है और मैं देहरादून में रहता हूँ.
मैं वहां पर जॉब करता हूँ.
मेरी उम्र 23 साल है.
मेरी बॉडी औसत लड़कों के जैसी ही है. लंड का साइज औसत से कुछ बड़ा है और यह सात इंच का है.
यह मेरी पहली सेक्स स्टोरी है जो मेरी मॉम के साथ घटित हुई थी.
मैं ज्यादातर अपने काम में ही व्यस्त रहता था और अकेला ही कमरे में रहता हूँ.
अपनी जॉब से लौटकर मुझे खाना भी खुद ही बनाना पड़ता था.
इसी कारण मेरी लाइफ काफी व्यस्त रहती थी.
मुझे अपने काम के चक्कर में इधर उधर दिमाग लगाने की फुर्सत ही नहीं मिलती थी.
अति व्यस्तता एक बड़ा कारण था कि मुझे कभी भी सेक्स के लिए समय ही नहीं मिल पाया.
बस रात को सोते समय ही सेक्स की तलब लगती थी तो मैं नेट पर सेक्स कहानी पढ़ लेता था.
सच कहूँ तो देहरादून में रहकर मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ना काफी अच्छा लगने लगा था.
उसी में मुझे मॉम एंड सन सेक्स कहानी पढ़ने की लत लग गई और कुछ ऐसा हुआ कि मुझे अपनी मॉम के साथ अपनी सेक्स भावनाएं भड़काने का अवसर मिल गया.
अब सेमीन्यूड मॅाम स्टोरी पर आते हैं.
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपनी फैमिली के बारे में बता देता हूँ.
मेरी फैमिली में मुझे छोड़ कर कुल चार सदस्य हैं.
मॉम-डैड, बहन और एक छोटा भाई. मैं डैड से पापा ही कहता हूँ और मेरे दोनों भाई बहन उन्हें डैड कहते हैं.
हम लोग लोअर मीडियम क्लास से हैं.
पापा की तबीयत सही नहीं रहती थी जिस कारण मुझे घर का खर्चा निकालने के लिए बाहर काम करने के लिए जाना पड़ा.
हमारी फैमिली गांव से है तो उधर गांव में हमारी एक टेलरिंग की शॉप है.
उसे पापा और भाई चलाते हैं.
मेरी बहन बारहवीं क्लास में पढ़ रही है.
इस सेक्स कहानी की मुख्य नायिका मेरी सौतेली मॉम हैं.
उनकी उम्र अभी 40 साल है जबकि पापा की उम्र पचपन साल है.
मेरी सगी मम्मी की मृत्यु मेरे जन्म के ठीक बाद हो गई थी तो पापा ने दूसरी शादी कर ली थी.
दूसरी मॉम की शादी काफी कम उम्र में मेरे पापा से हो गई थी, जिसके कारण वे काफी जवान हैं.
उनके जवान लगने का एक कारण हिल एरिया भी है.
मेरे भाई बहन मेरी दूसरी मॉम के ही हैं.
मेरी मॉम का फिगर भी काफी मस्त है. वे थोड़ी भरे हुए बदन की हैं.
उनकी उठी हुई गांड और तने हुए बूब्स देखने में काफी सेक्सी लगते हैं.
यह घटना उस वक्त घटित हुई जब मैं देहरादून से घर वापस आया था.
मैं तीन दिन की छुट्टी लेकर आया था.
पापा को डॉक्टर के यहां पर दिखाना था तो मैं घर आ गया.
मैं जैसे ही अपने गांव में घर पर आया, तो मेरे घर के सभी लोग काफी खुश हुए.
मैं सबके लिए गिफ्ट लाया था जिसके कारण सब ही काफी खुश थे.
मैंने सबसे पहले अपनी मॉम को गले से लगाया और काफी खुश हुआ.
उन्हीं से पापा की हेल्थ के बारे में जाना.
फिर मैं अपने कमरे में गया.
मेरे घर में तीन कमरे हैं.
मैं अपने रूम में आया, मेरे ही कमरे में मेरी मॉम रहती थीं.
उनका सारा सामान मेरे कमरे में ही थे.
जैसे ही मैंने अलमारी को खोला, तो उसमें से मॉम के काफी सारे कपड़े नीचे गिर गए.
मैं एकदम से हड़बड़ा गया.
मैं कपड़े उठाने लगा तो मॉम की पैंटी-ब्रा भी नीचे पड़ी थी.
मैंने एक पल को मुड़ कर देखा कि कोई देख तो नहीं रहा है, फिर मैंने ब्रा को उठाकर देखा, उसमें 34 नंबर का टैग लगा था.
मैंने पैंटी को देखा तो उसमें 36 नंबर लिखा था.
यह देखकर मैंने मॉम की फिगर को समझ लिया.
उनकी फिगर 34-32-36 के आस पास की होगी.
अब मैं मॉम के कपड़े अलमारी में रख ही रहा था कि उसी वक्त पीछे से मॉम आ गईं.
मेरे हाथ में पैंटी-ब्रा थी. मॉम को आया देखकर मैं घबरा गया.
मैंने जल्दी से उनके कपड़े अलमारी में वापस रख दिए और अलमारी बंद कर दी.
मॉम ने यह सब देखकर नजरअंदाज कर दिया था.
मैं अपना बैग एक किनारे रखकर बाहर आ गया.
मेरे रूम से अटैच एक छोटा सा बाथरूम भी है, उसमें ऊपर की ओर एक छोटा सा वेंटीलेटर है … जिसमें ऊपर से बाथरूम के अन्दर का थोड़ा सा नजारा दिख जाता है.
मैं जैसे ही अपने कपड़े अलमारी में रखने के लिए स्टूल के ऊपर चढ़कर रख रहा था, तो मैंने देखा कि मेरी मॉम बाथरूम में नहाने के लिए गई हैं.
वे खड़े-खड़े अपने कमीज को उतारने लगीं तो मुझे उनकी ऊपर की ब्लू कलर की ब्रा दिख गई.
उस ब्रा में उनकी बॉडी काफी सेक्सी लग रही थी.
फिर मॉम ने अपनी ब्रा भी उतार दी.
उनके दोनों दूध आजाद हो गए थे.
वह कामुक नज़ारा मेरी लाइफ का सबसे यादगार पल था.
जब मैंने मेरी मॉम के मोटे गोल-मटोल दोनों बूब्स देखे तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.
लेकिन वह नज़ारा थोड़ी ही देर के लिए था क्योंकि मॉम के नीचे बैठते ही बाथरूम का सीन दिखना बंद हो गया.
मैंने अपने खड़े लंड को जल्दी से लोअर में ऊपर की साइड किया और बाहर पापा के पास आ गया.
ये पहला इंसिडेंट था, जो मॉम के साथ हुआ था.
फिर अगले दिन सुबह के समय हल्की हल्की बारिश हो रही थी.
घर में और मॉम ही थीं.
उस दिन कुछ ऐसा हुआ कि मुझे मेरे ऑफिस का कुछ काम आ गया था तो मैं कंप्यूटर पर काम में लग गया और मेरा भाई पापा को डॉक्टर को दिखाने ले जाने की कहने लगा.
मैंने उसे पैसे दे दिए और संभल कर जाने का कह दिया.
भाई पापा को डॉक्टर के लिए ले गया और बहन स्कूल गई हुई थी.
उस वक्त घर पर मैं और मॉम ही थे.
जब सुबह बारिश होनी शुरू हुई तो मॉम ने सफ़ेद रंग का चिकन वाला सूट पहना हुआ था.
मॉम ने मुझे आवाज़ दी- छत पर आ जा, कुछ कपड़े और सामान उतारना है.
मैं छत पर चला गया और मॉम के साथ कपड़े उतारने लगा.
तभी बारिश काफी तेज़ होनी शुरू हो गई जिसके कारण मैं और मॉम दोनों पूरे भीग गए.
पहले तो मैंने मॉम पर इतना ध्यान नहीं दिया था.
वे रस्सी से जल्दी जल्दी कपड़े खींचती हुई उतार रही थीं.
फिर बारिश से सूखे कपड़ों को बचाने के लिए मॉम सारे कपड़े वहीं छत पर बने एक टिन शेड के नीचे रख कर पोटली बनाने लगीं.
वह काफी छोटी सी जगह थी.
मॉम ने मुझसे गेहूँ को उठाकर लाने का कहा था तो मैं जल्दी से गेहूँ को उठाकर लाया और वहीं रख दिया.
यह सब काम काफी जल्दी जल्दी में किया था तब भी बारिश में मॉम ऊपर से पूरी भीग गई थीं जिसके कारण उनकी सफेद रंग की चिकन वाली कुर्ती के ऊपर से ही उनकी ग्रे कलर की ब्रा दिखने लगी थी.
फिर जब मॉम को कुछ और याद आया तो वे भागकर बाहर की ओर गईं.
अब तक बारिश और तेज़ हो गई थी.
वे छत पर खुले में रखे मिट्टी के चूल्हे के ऊपर पानी गर्म करने वाले एक बड़े बर्तन को रखने लगी थीं.
उस चक्कर में मॉम पूरी भीग गईं और उनके कपड़े पूरे शरीर से चिपक गए थे.
मैंने देखा कि उनकी पूरी बॉडी उन भीगे हुए कपड़ों में से साफ साफ दिख रही थी.
फिर जैसे ही मॉम बर्तन सैट करके उठीं तो उनका सूट पीछे से ऊपर उठकर चिपक गया.
इस कारण से उनकी मोटी सी गांड पूरी तरह से साफ साफ दिखने लगी थी.
मैंने देखा कि उन्होंने अन्दर पैंटी नहीं पहनी थी.
उनकी भूरे रंग की गांड को देख कर मेरा लंड कपड़ों में ही पूरा खड़ा हो गया था.
मैंने भी उस दिन लोअर के नीचे अंडरवियर भी नहीं पहना था.
अब मैं अपने खड़े लंड को छुपाने के लिए उसे ऊपर की ओर सैट करने लगा कि कहीं मॉम न देख लें.
तभी मॉम वहां से वापस टिन शेड में आ गईं.
वे पूरी भीग गई थीं, मैं उन्हें ही देख रहा था.
उस व्हाइट कलर के सूट में उनकी चूचियां ब्रा में कसी हुई एकदम साफ दिख रही थीं.
फिर वे मेरे आगे की तरफ खड़ी हो गईं और उन्होंने अपने चेहरे को बाहर की तरफ कर लिया था.
वे बारिश को देखने लगीं.
मैं उनके पीछे खड़ा उनकी गांड देख रहा था और वे मुझसे बातें कर रही थीं.
मेरा खड़ा लंड बार-बार कपड़े में सीधा खड़ा हुआ जा रहा था.
तभी अचानक से मॉम ने पीछे देखा तो उन्होंने मेरा खड़ा लंड देख लिया.
मैंने एक तौलिया अपने आगे कर लिया.
मॉम ने कहा- विक्रम बेटा, यहां बारिश तेज़ हो रही है तो ये कपड़ों की पोटली नीचे उठा ले चल!
कपड़े ज्यादा थे तो पोटली भारी हो गई थी. जैसे ही मैंने उसे उठा कर अपने सिर के ऊपर रखना चाहा, तो मुझे नहीं उठ सकी.
ये देख कर मॉम ने नीचे से पोटली को सहारा दिया और उसे मेरे सर के ऊपर चढ़ाने लगीं.
एकदम से मेरी शर्ट के ऊपर उठने से मेरा खड़ा लंड मॉम को साफ दिख गया.
शायद वे मेरे कड़क लंड को देख कर थोड़ी अचकचा गईं.
तब तक मेरे सिर पर बैग आ गया था तो वे उस वक्त अपने हाथ ऊपर किए हुए मेरे सामने हो गई थीं.
उनके दोनों हाथ ऊपर उठे हुए थे और तोप से तने उनके दूध मेरी आंखों के सामने थे.
उस वक्त मुझे उनकी ब्रा पूरी दिख रही थी और लंड और ज्यादा टाइट हो गया था.
मॉम ने एकदम से अपने हाथ नीचे किए और मेरे खड़े लंड को देख कर अपनी चूचियों को पास पड़ी एक चुनरी से ढक लिया.
वे पानी में ही शेड से बाहर चली गईं और मुझसे बोलीं- जरा संभल कर आ जाना, कहीं फिसल न जाना!
वे जाने लगीं और मेरे लंड को उनकी नंगी गांड दिखने लगी.
सेमीन्यूड मॅाम को देख मैं खुद को रोक न सका और जल्दी जल्दी नीचे आ गया.
नीचे कमरे में आते ही मैं सीधे बाथरूम में आ गया और अन्दर जाकर अपनी मॉम की गांड याद करके मुठ मारने लगा.
जल्दी ही लंड ने पानी फेंक दिया और मैं शांत हो गया.
उस दिन शाम तक मॉम मेरे पास नहीं आईं.
कमरे में मैं और मॉम अलग-अलग बेड पर लेटने वाले थे.
मैं लेट गया और उन्हें याद करने लगा.
देर रात में मॉम कमरे में आईं और चुपचाप सो गईं.
फिर अगले दिन सुबह ही मुझे अपने काम पर देहरादून जाना पड़ा तो बात आगे न बढ़ सकी.
अगली कहानी में आपको पता चलेगा कि मेरी सौतेली मॉम ने मुझसे किस तरह से सेक्स संबंध बनाए और मॉम एंड सन सेक्स स्टोरी का क्या अंजाम हुआ.
आपको मैंने अपनी अधूरी सेक्स कहानी सुनाई, पर मैं जानना चाहता हूँ कि क्या आप लोग मेरी मॉम एंड सन सेक्स कहानी को आगे पढ़ना पसंद करेंगे.
सेमीन्यूड मॅाम स्टोरी पर प्लीज अपने मेल जरूर लिखें.
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