मेरी वर्जिन गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

Views: 49 Category: Jawan Ladki By ffor8397 Published: May 17, 2026

वर्जिन गर्ल फक कहानी में मेरे कॉलेज में मैंने एक मस्त माल लड़की सेट कर ली. मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता था. एक दिन हम मूवी देखने गए तो वहां पर पहली बार किस हुआ.

चलिए आज आपको बताता हूँ कैसे मैंने अपनी जान पारुल को पहली बार चोदा।

मैं एक लम्बा इंसान हूँ और खेलने वाला लड़का हूँ, पूरी तरह से फिट हूँ और स्मार्ट हूँ।
मेरे ऊपर लड़कियाँ मरती हैं और ये हकीकत है।

कॉलेज जाने से पहले मैं 2 लड़कियों को चोद चुका था।
मेरा लंड 7 इंच का है और बेहद आकर्षक है मेरे चेहरे की तरह। फिट होने की वजह से मेरा स्टैमिना बहुत है और मैं बड़े आराम से 3 घंटे चोद सकता हूँ।

मेरा लंड मोटा और बड़ा है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अपनी मकान मालकिन, जो 2 बच्चों की माँ है, उसको चोदा था तो पहली बार मेरा लौड़ा लेकर वो भी हिल गयी थी।
वर्जिन गर्ल फक कहानी आगे बढ़ाते हैं।

कॉलेज में मैंने लेट एडमिशन लिया।
पहले दिन क्लास में घुसा तो सबकी नज़र मुझपे थी क्योंकि मेरी पर्सनालिटी धांसू है।

सब मुझे देख रहे थे और मेरी नज़र पड़ी पारुल पे।
एक सुन्दर लड़की, नैन-नक्श बिलकुल तराशे हुए, पतली कमर, प्यारी आँखें और संतरे जैसी चूचियाँ थी।
हम दोनों ने एक-दूसरे को देखा और फिर नज़र हटा ली।

मैंने जाकर एक सीट खोजी और बैठ गया।

थोड़ी देर में हमारे सीनियर्स आ गए और उन्होंने बताया कि हमारा इंटरब्रांच स्पोर्ट्स स्टार्ट होने वाला है, जिसको नाम लिखाना है लिखा दे।
मैंने क्रिकेट, फुटबॉल और 100 मीटर रनिंग में नाम दिया और क्रिकेट में अपनी टीम को फाइनल तक ले गया जो आजतक एक भी मैच नहीं जीती थी।

फुटबॉल में सारे लुल लड़के थे फिर भी क्वार्टर खेला और 100 मीटर में गोल्ड लेके आया।
मेरा HOD मुझसे बेहद खुश हो गया और अब मैं अपनी ब्रांच का चहेता लड़का था।

मेरा सिलेक्शन यूनिवर्सिटी क्रिकेट और फुटबॉल टीम में हो गया और मैं प्रैक्टिस में बिजी रहने लगा और पारुल पे कम ध्यान देने लगा।

पारुल की खूबसूरती के चर्चे पूरे कॉलेज में थे और उसको हर कोई पटाना चाहता था लेकिन पारुल मेरी दीवानी थी।
धीरे-धीरे किसी ना किसी बहाने वो मुझसे बातें करने आ जाती थी।

इसी बीच मेरी एक सीनियर, जिसका नाम अंकिता था, मेरे पीछे पड़ गयी।
पारुल को ये पता लगा और उसने बिना मौका गंवाए एक दिन मुझे प्रपोज़ कर दिया और मैंने हाँ बोल दी।

हमारे रिलेशनशिप को 4 महीने गुज़र गए, हमने अभी तक एक-दूसरे को किश भी नहीं किया था।

एक दिन हम मूवी देखने गए और हॉल खाली था, 20 लोग के आस-पास होंगे।
मूवी के बीच पारुल मेरे कंधे पे सर रख के बैठ गयी।

मैंने भी उसको अपना एक हाथ खोला और उसको कंधे पे जगह दी।

थोड़ी देर बाद मैंने पारुल के माथे पे किश किया तो उसने पलट के मेरे गाल पे किश किया और बोला, “अजय, I LOVE YOU!”

थोड़ी इधर-उधर की बातों के बाद मैंने उसके होंठों पे होंठ रख दिया और हम दोनों पागलों की तरह एक-दूसरे को चूमने लगे।
हम दोनों एक-दूसरे को खा जाना चाहते थे।

थोड़ी देर बाद हम होश में आये और अलग होकर बैठ गए।

उसके बाद तो मूवी में किश आम हो गया।
एक दिन मैंने अपना हाथ उसकी टी-शर्ट में डाल दिया और उसके बूब्स को पकड़ लिया।
पारुल बोली, “अजय, ये नहीं प्लीज!”

लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था!
मैं 20 मिनट उसके बूब्स दबाता रहा, वो पूरी गरम हो गयी।
मूवी खत्म हुई और उसी दिन हमने दोबारा मूवी की टिकट ली और दोबारा मैंने 3 घंटे उसकी चूचियाँ को पिया।
पारुल गरम होके तप रही थी।

मैं पारुल को 1 महीने तक ऐसे ही गरम करता रहा।

एक दिन मेरे दोस्त अर्पित का बर्थडे था।
उसने हम दोनों को अपने फ्लैट पे इनवाइट किया और उस दिन हमें उसके फ्लैट पे रुकना पड़ा।

चूँकि हम दोनों हॉस्टल में थे तो मौका नहीं मिल रहा था एक-दूसरे को अच्छे से प्यार करने का।

पार्टी खत्म हुई और फ्लैट पे सिर्फ मैं, पारुल, अर्पित और उसकी गर्लफ्रेंड बची।
अर्पित का बर्थडे था, उसकी गर्लफ्रेंड उसको चुदाई का गिफ्ट देने उसको लेके सोने चली गयी और अब मैं और पारुल बचे।

हम दोनों ने रूम में आके गेट बंद किया और एक-दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे।
हम दोनों के ऊपर हवस का भूत सवार था।

एक-दूसरे से मैं और पारुल पेड़ पे किसी लता की तरह चिपक गए।
मैं पारुल के बूब्स को दबा-दबा के उसके होंठ आम की तरह चूस रहा था।

पारुल पूरा साथ दे रही थी।
थोड़ी देर बाद मैंने उसका टॉप उतार दिया और उसकी चूचियाँ लाल ब्रा के अंदर से मुझे झांक रही थी।

मैंने पहली बार उसको इतना खुला देखा था।

मैं बूब्स पे टूट पड़ा और ब्रा के साथ ही उनको खाने लगा।
पारुल मस्त होके मचलने लगी।

अब मैंने उसकी ब्रा को खोला और अलग किया और उसकी गोरी, कसी हुई गोल चूँचियाँ मेरे सामने थी।
बिना देर किये मैंने उनको मुँह में ले लिया और पारुल का दूध छोटे बच्चे की तरह पीने लगा।

पारुल की चूचियाँ बिल्कुल नमकीन थी, मैं उनको आधे घंटे तक निचोड़-निचोड़ के पीता रहा।

अब मैं बेशर्म हो गया था और पारुल को गन्दी-गन्दी बातें करके उकसाने लगा।
मैंने उसको उठा के अपनी जांघ पे बिठा लिया, उसका एक हाथ अपने कंधे पे रखा और एक हाथ से उसकी कमर पकड़ के अपनी तरफ खींच के चिपका लिया और बोला, “पारुल, पहले दिन से तुम्हें चोदना चाह रहा था, आज मौका मिला है मेरी जान, आज छोडूंगा नहीं! तुम्हे चोद-चोद के अपनी रानी बनाऊंगा!”

यह बोल के उसके बूब्स को निचोड़-निचोड़ के, पारुल की चूचियों को मसल-मसल के चूसने लगा।

अब मैंने उसकी जींस के बटन को खोलने की कोशिश की तो उसने पैरों को भींच लिया और मना करने लगी।
पारुल बोली, “अजय प्लीज ये मत करो! ऊपर जो चाहे कर लो बेबी, मेरी चूत तुम्हारी है सिर्फ तुम्ही लोगे, लेकिन अभी मत करो!”

मैंने उसको चूमा और बोला, “पारुल मेरी जान, जब तक नहीं बोलोगी लंड नहीं घुसाउँगा, लेकिन मुझे तुमको नंगा देखना है! तुम्हारे बदन के हर भाग को चूमना है, पूरा बदन चाटना है मेरी जान!”

थोड़ी आनाकानी के बाद वो मान गयी और मैंने उसको पूरी नंगी कर दिया।

पारुल की चूत एकदम साफ़ थी और दोनों फांकें बिलकुल चिपकी थी, मतलब आजतक लंड के दर्शन नहीं किये पारुल ने।
वो नहीं चुदी थी, सही बोल रही थी।

उसकी गोरी चूत देख के मेरी आँखें चौड़ी हो गयी।
अब मैंने पारुल की गोरी टांगों को चूमना स्टार्ट किया और चूमते-चूमते उसकी जांघों को चूसने लगा।
पारुल मस्ती में पागल हो चुकी थी और अपना सर मस्ती में नोच रही थी।

जैसे ही मैंने मुँह उसकी चूत के पास लगाया, वो दूर हट गयी और बोली, “प्लीज ये नहीं!”
मैं बोला, “डार्लिंग, चोदूंगा नहीं बस चूत चूसने दो! चूत का रस पीने दो जान। तुम्हारी चूत कमाल है मेरी जान, चूसने दो!”

पारुल नहीं मानी।

अब मैं उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूँचियाँ पीने लगा, उसकी गर्दन, उसके बूब्स, पेट को चूमने लगा।
पारुल को घुमा के उसकी पीठ चाटने लगा, उसके चूतड़ को दबा-दबा के हल्का-हल्का चांटा बरसाने लगा, उनको काट-काट खाने लगा और लंड को उसकी चूत पे रगड़ने लगा।

पैंट के ऊपर से मेरा लंड उसकी चूत की गर्मी महसूस कर रहा था।
पारुल के चेहरे पे चुदाई का नशा झलकने लगा।

पारुल चूत देने में नाटक कर रही थी और मैं उसको बिना चोदे छोड़ना नहीं चाहता था।
मैं नहीं चाहता था कि मुझसे पहले ये खूबसूरत चूत कोई और ले।

अब मैंने अपने पूरे कपड़े उतारे और पारुल के सामने पूरा नंगा हो गया।
मेरा लम्बा मोटा लंड देख के पारुल का मुँह खुला का खुला रह गया,बोली, “बाप रे! कितना बड़ा है आपका, अजय!”

मेरा लंड तन के लोहे सा कड़क हो रखा था और पारुल की चूत में घर बनाने को बेताब था।
मैं बोला, “जान, इसको चूत चाहिए, दे दो ना!”

पारुल कुछ नहीं बोली, बस मेरा लंड देखती रही और हाथ से उसको छू के देखने लगी।

मैंने बोला, “मुँह में लोगी?”
तो ना में सर हिलाया.

लेकिन मैं अपना लंड उसके होंठों पे रगड़ने लगा और थोड़ी देर में पारुल उसको चूसने की कोशिश करने लगी और बोली, “बहुत नमकीन है, नहीं चूसना!” और मुँह बनाने लगी।

मैं बोला, “मुझे चूत चूसने दो अपनी बाबू प्लीज!”

उसने कुछ नहीं बोला और मैं उसकी टांगों के बीच आ गया और जीभ से उसकी मुलायम मखमली गोरी चूत चाटने लगा।
बिल्कुल नया अनुभव था उसके लिए, वो मस्ती में पागल हो गयी और आँखें बंद करके मेरे सर पे हाथ चलाने लगी।

पारुल पूरी गरम थी।
अब मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी नंगी चूत पे मेरे लंड का टोपा तैनात था और उसको टक्कर मार रहा था उसको खोलने के लिए।
पारुल की आवाज में ‘ना’ था मगर मन ‘हाँ’ का था।
वो बोल रही थी, “मत घुसाना अजय!” और अपनी चूत को मेरे लंड पे दबा रही थी।

जलती हुई भट्टी थी उसकी चूत। मेरा गरम लोहा उस भट्टी में जाने को तैयार था।
मैंने उसके दोनों हाथों को पकड़ के उसके सर के पीछे कर दिया और लंड को चूत में हल्का सा धक्का दिया।

मेरा एक तिहाई लंड उसकी चूत में घुस गया, वो दर्द से बिलख उठी।
इससे पहले संभल पाती, आधा लंड उसकी टाइट चूत फाड़ के अंदर था।

वर्जिन गर्ल फक में हुआ दर्द से पारुल तड़पने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी।

मैंने अब आखिरी झटका मारा और पूरा 7 इंच का लंड उसकी चूत में गाड़ दिया!
दर्द से मेरी भी आह निकल गयी और मैं उसके ऊपर गिर गया।

वर्जिन चूत अभी तक नहीं ली थी, आज पता लगा वर्जिन चोदना क्या होता है।

पारुल मेरी पीठ को खुरचने लगी।
“माफ़ नहीं करुँगी तुम्हे अजय, छोड़ दो दर्द हो रहा है!” ऐसा बड़बड़ाने लगी।

मेरा लंड उसकी चूत में फंस गया था।
पारुल मुझे गालियाँ देने लगी, “कमीना है तू! हरामी, तुझे सिर्फ चोदना है, मुझसे कोई मतलब नहीं है तुझे!”

मैं पारुल की बात अनसुनी करके लंड को जोर-जोर से उसकी चूत में पेलने लगा।

5 मिनट बाद चूत हलकी ढीली हुई और लंड धीरे-धीरे चूत में जगह बनाने लगा।
अब पारुल भी नार्मल हो रही थी।

मैंने उसको चूमने की कोशिश की तो उसने मुँह घुमा लिया।

मैं मुस्कुराया और बोला, “मेरी जान सारा गुस्सा मजे में बदल दूँगा डार्लिंग! मेरी जान, तुम्हारी मखमली चूत की मलाई पेल-पेल के निकालूँगा!”
और ये बोल के उसका गाल कस के काट लिया।

अब मैंने पारुल की टांगों को दोनों हाथों से पकड़ के खोल दिया और लंड की उसपे बरसात कर दी।
हम भूल चुके थे कि हम दूसरे के फ्लैट पे हैं।

पारुल चिल्ला-चिल्ला के चुद रही थी और मैं उसकी चूत को खोलने में लगा था।

चूत पे पड़ रहे थपेड़ों की आवाज से पूरा घर गूंज रहा था।

अब मैं बेड पे घुटनों के बल आधा खड़ा था और पारुल को कमर से पकड़ के उसकी चूत को लंड पे गाड़ रहा था।
पारुल अब खुल के चुदाई के मजे ले रही थी।

तभी बाहर से अर्पित की गर्लफ्रेंड सुरुचि की आवाज आयी, “आराम से गाइस! नहीं तो बाहर से लोग आ जायेंगे तुम्हारी लाइव चुदाई देखने!”

अब हम दोनों ने खुद की भावनाओं पे कण्ट्रोल किया और आराम से चुदाई करने लगे।

अब मैंने पारुल को घोड़ी बनाया और उसका बाल पकड़ के उसके ऊपर चढ़ के उसकी सवारी करने लगा।
इतनी मस्त चूत थी पारुल की, लगा जन्नत मिल गयी।
मैं खूँखार मोड में था, पारुल को जल्लादों की तरह चोद रहा था और पारुल अबतक 2 बार झड़ चुकी थी।

मैंने उस दिन पारुल को लगभग ढाई घंटे चोदा और फिर हमने चुदाई को विराम दिया।
मैंने पूरा वीर्य पारुल की चूत में भर दिया।

चुदाई की संतुष्टि हम दोनों के चेहरे पे थी।
मैं खुश था पारुल की चूत लेके और पारुल खुश थी कि उसे तगड़ा लंड मिला है। चुदाई के बाद हम दोनों एक-दूसरे को 10 मिनट चूमते रहे। उस रात मैंने पारुल को एक बार और चोदा।

पारुल ठीक से चल नहीं पा रही थी, उसकी चूत फूल गयी थी।
मेरा लंड पूरा लाल हो चुका था, उसकी चूत खोलने में बहुत मेहनत लगी थी।

अब हमें 1 दिन और रुकना पड़ा पारुल की चाल ठीक करने के लिए।

उस दिन मैंने उसको 3 बार चोदा और अब पारुल चुदी-चुदाई लड़की बन चुकी थी।

जिस दिन हम अर्पित के घर रुके हमने चुदाई के अलावा खूब एन्जॉय भी किया।
सुरुचि ने पारुल के खूब मजे लिए।

उसके बाद मैं अर्पित के फ्लैट पे रेगुलर जाने लगा और पारुल को ऑलमोस्ट हफ्ते में 4 दिन ठोकने लगा।

उसी बीच एक दिन जब मैं पारुल के साथ अर्पित के फ्लैट गया वहां सिर्फ सुरुचि थी।
उस दिन मैंने पारुल को खूब ठोका और उसकी गांड फाड़ दी।

मैंने देखा सुरुचि ने उस दिन मेरी पूरी चुदाई ललचाई नज़र से देखी लेकिन कोई रिएक्शन मैंने नहीं दिया।

अब पारुल को मैंने चोद-चोद के पूरा ट्रेंड कर दिया है।
वो कॉलेज में मेरी चुदाई के बाद और हॉट हो गयी है और उसके बदलते बदन को देख के सबको पता लग चुका है कि मैंने उसको ठोक-ठोक के हॉट कर दिया है।

कैसी लगी आपको वर्जिन गर्ल फक कहानी? जरूर मेल करें!
ffor8397@gmail.com

You May Also Like

साउथ की हॉट लड़की प्लान बनाकर चुद गई- 1
Views: 150 Category: Jawan Ladki Author: yadavtarak847 Published: March 12, 2026

हॉट तमिल गर्ल X स्टोरी में मैं चेन्नई में किराये पर रहता हूँ. मकान मालिक की जवान बेटी सांवली पर बहुत सेक्सी है. लेकिन मैं ड…

मेरी मासूमियत का अंत और जवानी की शुरुआत-1
Views: 233 Category: Jawan Ladki Author: suhani.kumari.cutie Published: February 25, 2026

कॉलेज में पहुँचने से पहले मैं अनछुई, कुंवारी अक्षतयौवना रही. लेकिन कॉलेज़ हॉस्टल में पहुँचते ही मेरी रूममेट ने मुझे सेक्स क…

Comments